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राहुल गांधी से मिले स्वामी प्रसाद मौर्य, INDIA गठबंधन में शामिल होगी अपनी जनता पार्टी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में गठबंधन और दल-बदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने शनिवार, 3 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगी और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया गया है।

राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद रहे। बैठक के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी की विचारधारा कांग्रेस और INDIA गठबंधन के साथ मेल खाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार दलितों और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।

‘भाजपा हटाओ’ को बताया लक्ष्य

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि INDIA गठबंधन में शामिल होने का फैसला समान विचारधारा के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए गठबंधन के साथ काम करना है। मौर्य ने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है। मौर्य ने कहा है कि चुनाव में कितनी सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी, इस पर बाद में चर्चा होगी।

कई नेताओं की कांग्रेस से मुलाकात

इसी बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के साथ अन्य नेताओं की मुलाकातें भी चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा समेत कुछ अन्य नेता भी कांग्रेस नेतृत्व से मिले हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क के बीच उनकी पार्टी के गठबंधन में शामिल होने की घोषणा को आगामी यूपी चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कई दलों में रह चुके हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ काम किया है। 2016 में उन्होंने BSP छोड़कर BJP का दामन थामा था और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रहे।

2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में प्रवेश किया था। बाद में सपा से अलग होकर उन्होंने अपनी पार्टी बनाई। अब उनकी पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने के ऐलान से यूपी की चुनावी राजनीति में एक और गठबंधन अध्याय जुड़ गया है। (

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में गठबंधन, सीटों के बंटवारे और नेताओं के पाला बदलने से जुड़े और फैसले सामने आ सकते हैं।

सपा और कांग्रेस में भारत की आस्था के प्रति सम्मान नहीं : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 16 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि आक्रांताओं का महिमामंडन और देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी करना किसी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है तथा इन दलों की प्रवृत्ति यह दिखाती है कि उनमें ‘भारत की आस्था’ के प्रति कोई सम्मान नहीं है।

योगी ने विधान परिषद में अपने संबोधन में कहा कि ‘भारत की आस्था’ उत्तर प्रदेश में निवास करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ प्रदेश अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है और विरासत से युक्त विकास ही एक उज्जवल भविष्य की आधारशिला होता है, लेकिन अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अगर कोई उन आक्रांताओं का महिमामंडन करता है, जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और ‘भारत की आस्था’ को रौंदने का कार्य किया तो आज का नया उत्तर प्रदेश इसको स्वीकार करने को तैयार नहीं है।’’

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ”आक्रांताओं का महिमामंडन करना, देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी करना और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना किसी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है।”

योगी ने कहा, ”अगर हम आक्रांताओं का महिमामंडन कर रहे हैं और राष्ट्र के प्रतीकों यानी तिरंगे और राष्ट्रीय गीत का अपमान कर रहे हैं, तो एक प्रकार से हम संविधान की अवहेलना कर रहे हैं।”

उन्होंने सवाल किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं और दूसरी तरफ वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय गीत का विरोध कर रहे हैं।

योगी ने आरोप लगाया, ‘‘ सपा और कांग्रेस के सदस्य धड़ल्ले से बोल रहे हैं कि वह वंदे मातरम के लिए नहीं खड़े होंगे। यानी हिंदुस्तान में रहोगे और भारत के राष्ट्रगान तथा राष्ट्रीय गीत को गाने में दिक्कत होती है? यह चीज नहीं चल सकती हैं।’’

उन्होंने कहा, ”मुझे आश्चर्य होता है कि समाजवादी पार्टी के लोग गाजी (सूफी संत सैयद सालार गाजी) के मेले का समर्थन करते हैं। गाजी भारत की परंपरा और संस्कृति को रौंदने के लिए आया था। श्रावस्ती के तत्कालीन नरेश महाराजा सुहेलदेव के नेतृत्व में हिंदू राजाओं ने उसको रौंद डाला। सम्मान तो सुहेलदेव को मिलना चाहिए था और हमें आनंद की अनुभूति होती है कि हमारी ‘डबल इंजन’ की सरकार ने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर बहराइच में उनका भव्य स्मारक बनाया है।”

योगी ने समाजवादी पार्टी पर लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी के बाद लोकमाता अहिल्याबाई को ‘डबल इंजन’ की सरकार ने सम्मान दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ काशी विश्वनाथ धाम में लोकमाता अहिल्याबाई की एक भव्य प्रतिमा स्थापित कराई गई है लेकिन समाजवादी पार्टी लोकमाता के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। यह लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का विरोध करते हैं या उसी तरह के तत्वों को प्रश्रय देते हैं। यह प्रवृत्ति दिखाती है कि इनके मन में भारत की आस्था के प्रति कोई सम्मान नहीं है।’’

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर अपने शासनकाल में जन्माष्टमी के आयोजन, कांवड़ यात्रा और अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोकने का आरोप लगाया और साथ ही कहा कि कांग्रेस ने तो उच्चतम न्यायालय में कहा था कि राम और कृष्ण दोनों मिथक हैं।

योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने समय में राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थी और मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधा पैदा करने के लिए अपने अधिवक्ता तैयार किए थे, लेकिन हिंदुस्तान में कोई भारत की आस्था को कैद करके नहीं रख सकता। वह आखिरकार विजयी हुई और अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो गया।