ब्रेकिंग न्यूज़
भारत-साइप्रस रिश्तों को मिली नई मजबूती, रणनीतिक साझेदारी के साथ कई अहम समझौते

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार को Nikos Christodoulides के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान भारत और Cyprus ने अपने संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए उन्हें औपचारिक रूप से “रणनीतिक साझेदारी” में बदलने का ऐलान किया।

दोनों देशों के नेताओं ने व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, नौवहन, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही साझा परियोजनाओं और निवेश को गति देने के उद्देश्य से एक संयुक्त कार्यबल गठित करने का निर्णय भी लिया गया।

बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी विश्वास पर आधारित हैं तथा नई रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के आर्थिक और सामरिक सहयोग को और मजबूत करेगी।

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने भारत को वैश्विक स्तर पर उभरती महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने भविष्य में व्यापारिक और समुद्री संपर्क को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।

स्पेन में सोशल मीडिया पर बड़ी कार्रवाई: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप बैन

इंटरनेशनल डेस्क : ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और डेनमार्क के बाद अब स्पेन ने भी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। स्पेन की सरकार ने देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है,। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजित दुबई शिखर सम्मेलन के दौरान इस ऐतिहासिक फैसले की घोषणा की।

अश्लील कंटेंट और डीपफेक से सुरक्षा की वजह: प्रधानमंत्री सांचेज ने बताया कि उनकी सरकार जल्द ही इस प्रतिबंध का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर देगी। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अश्लील और भड़काऊ ऑनलाइन कंटेंट, बाल यौन शोषण, डीपफेक तस्वीरों और वीडियो के दुष्प्रभावों से बचाना है,। उन्होंने टेक कंपनियों की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए इन घातक सामग्रियों को प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने दे रही हैं और मूकदर्शक बनी हुई हैं।

सामाजिक मूल्यों का पतन और अकेलापन: सरकार का तर्क है कि सोशल मीडिया के कारण बच्चे अकेले जीवन जीने लगे हैं और उनमें सामाजिक, नैतिक और व्यवहारिक मूल्यों की कमी आ रही है,। सांचेज ने चेतावनी दी कि यदि इसे नहीं रोका गया, तो यह देश के विकास के बजाय पतन का कारण बनेगा,। स्पेन के इस फैसले को वहां के विपक्ष ने भी पूरा समर्थन दिया है।

इन देशों में पहले से है बैन: स्पेन ऐसा करने वाला पहला देश नहीं है। ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने वाला दुनिया का पहला देश बना था,। इसके अलावा डेनमार्क और फ्रांस ने भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

भारत की स्थिति :भारत में भी पिछले कुछ समय से बच्चों के लिए सोशल मीडिया को प्रतिबंधित करने की मांग उठ रही है,। हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से इस बारे में विचार करने को कहा था,। फिलहाल ब्रिटेन और भारत में इस मुद्दे पर विचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई कानून नहीं बना है।