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टांडा में पंजाब सरकार के खिलाफ कर्मचारियों-पेंशनर्स का प्रदर्शन, AAP ऑफिस तक निकाला मार्च

टांडा उर्मुर मे पंजाब कर्मचारियों और पेंशनर्स के ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। कर्मचारियों ने DA, पुरानी पेंशन, नियमित भर्ती और खाली पद भरने समेत कई मांगें उठाईं।

होशियारपुर / सत्ता संदेश

Report : जसप्रीत सिंह सैनी

पंजाब सरकार के खिलाफ अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों और पेंशनर्स ने टांडा उर्मुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब कर्मचारियों और पेंशनर्स के ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक, PSPCL कर्मचारी, मिनिस्टीरियल स्टाफ, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा वर्कर्स, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ सामूहिक छुट्टी लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

कर्मचारियों और पेंशनर्स ने स्थानीय शिमला पहाड़ी पर एकत्रित होकर आम आदमी पार्टी के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

महंगाई भत्ता जारी करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की अनदेखी करने के आरोप लगाए। नेताओं ने दावा किया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स का 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) रोका गया है, जिससे महंगाई के इस दौर में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारी नेताओं ने सरकार से लंबित महंगाई भत्ते को जारी करने और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों का समाधान करने की मांग की।

पुरानी पेंशन योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना

प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी पंजाब सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन से संबंधित नोटिफिकेशन के बावजूद कर्मचारियों की मांगों को लागू नहीं किया जा रहा।

नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और भर्ती की मांग

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारी नेताओं ने एसोसिएट टीचर्स और फॉरेस्ट्री वर्कर्स को नियमित करने, कंप्यूटर टीचर्स को रेगुलर करने तथा मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की।

नेताओं ने कहा कि अलग-अलग विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए, ताकि पंजाब के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके।

शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक काम लेने का विरोध

प्रदर्शन में शिक्षक संगठनों ने शिक्षकों से चुनाव ड्यूटी, जनगणना, BLO और विभिन्न सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य करवाने का विरोध किया।

शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने के बजाय स्कूलों में पढ़ाई पर ध्यान देने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर भी विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग रखी।

मोहल्ला क्लीनिकों के डॉक्टरों और स्टाफ को नियमित करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने मोहल्ला क्लीनिकों में कार्यरत डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को पूरे ग्रेड के साथ नियमित करने की मांग उठाई।

नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों को स्थायी रोजगार और उचित वेतनमान दिया जाना जरूरी है।

‘डमी बेनिफिट स्कीमों’ के बजाय खाली पद भरने की मांग

प्रदर्शन के दौरान एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को आकर्षित करने वाली कथित डमी या डुप्लीकेट बेनिफिट स्कीमों के बजाय पंजाब के अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए।

नेताओं के मुताबिक, इससे लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकता है और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी भी दूर होगी।

इन नेताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व

टांडा उर्मुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन और मार्च का नेतृत्व टीचर लीडर रमेश होशियारपुरी, लेफ्टिनेंट अमर सिंह, गुरदीप सिंह खुनखुन, पेंशनर लीडर हरदीप खुदा और सुखदेव जाजा सहित अन्य नेताओं ने किया।

पंजाब रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अमृतसर बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

मांगें पूरी न होने पर 25 से 27 तारीख तक हड़ताल की चेतावनी

आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की उठी मांग

सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप, कर्मचारियों ने संघर्ष तेज करने का किया ऐलान

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा आज अमृतसर के केंद्रीय बस स्टैंड पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

यूनियन के प्रदेश नेता जोध सिंह ने बताया कि 18 तारीख को कर्मचारियों द्वारा एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई थी। इसके बाद पंजाब के वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक हुई, जिसमें मंत्री द्वारा कर्मचारियों की मांगें पूरी करने का भरोसा दिया गया था। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। चाहे पिछली सरकारें हों या मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार, कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यूनियन की मुख्य मांगों में आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करना, संघर्ष के दौरान दर्ज किए गए केस वापस लेना और कर्मचारियों को दोबारा बहाल करना शामिल है।

जोध सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों पर धारा 307 जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए थे, जिन्हें रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम वाली बसों को बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करती, तब तक बस स्टैंडों और बसों में सरकार के खिलाफ प्रचार अभियान जारी रहेगा।

वहीं यूनियन के प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि पहले 20 तारीख को संगरूर में बड़ा धरना-प्रदर्शन रखा गया था, जिसमें पूरे पंजाब से कर्मचारी पहुंचने वाले थे। लेकिन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक के बाद फिलहाल आंदोलन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। मंत्री द्वारा भरोसा दिया गया है कि कर्मचारियों पर दर्ज केस खत्म किए जाएंगे और जिन कर्मचारियों को पक्का किया जाना है, उन्हें जल्द रेगुलर किया जाएगा।

कर्मचारियों ने साफ किया कि अगर सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो 25, 26 और 27 तारीख को पूरे पंजाब में बड़ी हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों और विधानसभा में किए गए वादों को अब सरकार भूल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे और लोगों को सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करेंगे।

बाइट — जिला प्रधान जोध सिंह

बाइट — यूनियन जिला कैशियर बलजीत सिंह