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लुधियाना : 1984 के सिख नरसंहार के विवाद के बाद कांग्रेस नेता का विपक्ष पर पलटवार, गोधरा कांड को लेकर दिया बयान

पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद ने 1984 सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और भाजपा पर निशाना साधते हुए गोधरा कांड का भी जिक्र किया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

राहुल गांधी के पंजाब दौरे और 1 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के साथ-साथ 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों की ओर से भी कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर विरोध जताया जा रहा है। इस बीच लुधियाना से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

कुलदीप सिंह वैद ने कहा कि 1984 के सिख नरसंहार का दुख सभी को है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था। हालांकि, भाजपा पर पलटवार करते हुए वैद ने कहा कि भाजपा को गोधरा कांड को भी याद करना चाहिए।

राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने के सवाल पर कुलदीप सिंह वैद ने स्पष्ट किया कि वह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, कांग्रेस नेता परगट सिंह के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि पार्टी अध्यक्ष कोई निर्देश देते हैं, तो वह उनके फैसले से सहमत होंगे।

कुलदीप सिंह वैद के इस बयान के बाद 1984 के सिख नरसंहार, पीड़ित परिवारों की मांगों और कांग्रेस के 1 नवंबर के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है।

Rahul Gandhi Acquitted: अमित शाह मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस का जश्न

सुल्तानपुर की MP-MLA अदालत ने अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े 2018 के मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।

सुल्तानपुर / सत्ता संदेश

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को बरी कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने माना कि उनकी टिप्पणी मानहानिकारक नहीं थी। शिकायतकर्ता के मामले में शिकायत करने के अधिकार से जुड़े पहलू को भी फैसले में महत्वपूर्ण माना गया।

फैसले के समय राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे। निर्णय के बाद अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इसके बाद राहुल गांधी के लखनऊ रवाना होने की जानकारी सामने आई।

2018 के बयान से जुड़ा था मानहानि का मामला

यह मामला मई 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि लोग यह भूल जाते हैं कि भाजपा अध्यक्ष हत्या के मामले में आरोपी रहे हैं।

यह टिप्पणी सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले के संदर्भ में थी। अमित शाह को 2014 में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया था।

राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस बयान से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

करीब आठ साल तक चली कानूनी लड़ाई

सुल्तानपुर की अदालत ने नवंबर 2023 में राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। फरवरी 2024 में अदालत में पेश होने के बाद उन्हें जमानत मिल गई। जुलाई 2024 में राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज कराया और आरोपों से इनकार करते हुए मामले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए गए। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने का भाषण की रिकॉर्डिंग से मिलान कराने की मांग भी की थी। ट्रायल कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी आगे सफल नहीं हुईं।

अक्टूबर 2026 में दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने 26 अक्टूबर को फैसला सुनाया।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काफिले की गाड़ियों की टक्कर

सुल्तानपुर जाते समय राहुल गांधी के काफिले की कुछ गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गईं। शुरुआती रिपोर्टों में इस घटना की पुष्टि हुई, हालांकि टक्कर में शामिल वाहनों की संख्या और नुकसान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग-अलग रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं थी।

इस मामले में अदालत के फैसले से राहुल गांधी के खिलाफ इस आपराधिक मानहानि मुकदमे की ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही समाप्त हो गई है। फैसले को चुनौती देने के लिए शिकायतकर्ता के पास उच्च अदालत का रुख करने का विकल्प हो सकता है।

कुमारी शैलजा को जन्मदिन पर डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने दी शुभकामनाएं

कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा के जन्मदिन पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा के जन्मदिन के अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और समाजसेवी डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कुमारी शैलजा को पुष्पगुच्छ भेंट किया और केक काटकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि कुमारी शैलजा का सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सामाजिक सरोकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक वर्गों के साथ संवाद और जनहित से जुड़े मुद्दों पर कुमारी शैलजा की सक्रियता ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा कि कुमारी शैलजा का राजनीतिक अनुभव और संगठन के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. पंवार ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

जन्मदिन के मौके पर हुई इस मुलाकात के दौरान डॉ. पंवार ने कुमारी शैलजा के सुखमय और स्वस्थ जीवन की कामना की तथा कहा कि वह इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ जनसेवा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में योगदान देती रहें।

इंडिया गठबंधन की बैठक में खरगे ने कौन-कौन से मुद्दे उठाए?

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक आज दिल्ली में आयोजित की गई है। जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव के बाद की रणनीति समेत कई मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है। वहीं, इस बार विधानसभा चुनावों में पार्टियों के बीच मतभेद का असर भी देखने को मिला।इसके साथ ही डीएमके और आप ने बैठक से दूरी बना ली है।

इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े कई मुद्दों को उठाया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों के संशोधन को लेकर भी चिंता जताई। संविधान क्लब में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि देश कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने महंगाई, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति समझौता करने वाली रही है और इससे देश के हित प्रभावित हुए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद में विपक्षी एकता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के दलों ने मिलकर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को संसद में पराजित करने में सफलता हासिल की। उन्होंने इसे विपक्ष की एकजुटता का बड़ा उदाहरण बताया। खरगे ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रिया और जनता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को एक साथ मिलकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने गठबंधन के सभी दलों से समन्वय और एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की।

अमृतसर सिविल अस्पताल में कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई, तस्वीरें आईं सामने

अमृतसर / सत्ता संदेश

अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे के साथ मारपीट, अस्पताल के अंदर फिर भिड़े दोनों गुट

हमें निशाना बनाया जा रहा है — अकाली काउंसलर पंडोरी के गंभीर आरोप

पहले शहीदा साहिब के बाहर झगड़ा, फिर सिविल अस्पताल में दोबारा भिड़े दोनों पक्ष, पुलिस जांच में जुटी

अमृतसर के थाना बी डिवीजन क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर अकाली दल के काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी के बेटे और अन्य युवकों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे। घटना के बाद घायल युवकों को इलाज के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां दोनों गुट फिर आमने-सामने हो गए और अस्पताल के अंदर ही हाथापाई तथा गाली-गलौज होने की बात सामने आई है।

सिविल अस्पताल के अंदर कांग्रेसी और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की और बहस की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर माहौल शांत करवाना पड़ा।

इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए अकाली काउंसलर इंदरजीत सिंह पंडोरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और अकाली दल के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक रंजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा और अन्य युवक माथा टेकने गए हुए थे, जहां उन पर हमला किया गया।

पंडोरी ने दावा किया कि अस्पताल में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके साथ दोबारा हाथापाई की गई।

उधर थाना ए डिवीजन के एसएचओ जगजीत सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले झगड़ा हुआ था और घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवा दिया है और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी।

इसी दौरान थाना बी डिवीजन के एसएचओ बलजिंदर सिंह ने बताया कि शहीदा साहिब के बाहर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी और झगड़ा हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्ष इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां फिर दोनों गुट आमने-सामने आ गए, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

बाइट: इंदरजीत सिंह पंडोरी, अकाली काउंसलर

बाइट: जगजीत सिंह, एसएचओ थाना ए डिवीजन

बाइट: बलजिंदर सिंह, एसएचओ थाना बी डिवीजन