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Punjab : MGNREGA कर्मचारियों की मांगों पर विचार करेगी मान सरकार, मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दिया भरोसा

पंजाब के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में MGNREGA कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी जायज मांगों और लंबित मुद्दों के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।

खन्ना / चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने MGNREGA कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों को उनकी जायज मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने और लंबित मुद्दों का समयबद्ध समाधान करने का आश्वासन दिया है। खन्ना में यूनियन प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनकी जायज मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा की जाएगी और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

ग्रामीण विकास में MGNREGA कर्मचारियों की भूमिका अहम

कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को लागू करने और सरकारी सुविधाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में MGNREGA कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गांवों में लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में इन कर्मचारियों का योगदान अहम है।

उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में ग्रामीण विकास, रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने और नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

वित्तीय मामलों पर वित्त विभाग से होगी चर्चा

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर उचित कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिन मांगों का संबंध नीतिगत फैसलों या वित्तीय मामलों से है, उनके व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान तलाशने के लिए वित्त विभाग के साथ भी विचार-विमर्श किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार यूनियनों के साथ सकारात्मक बातचीत जारी रखते हुए जायज मांगों का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान करने की दिशा में काम करेगी।

यूनियन के पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में MGNREGA कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सेवक सिंह, चेयरमैन अमनदीप कुमार, वित्त सचिव रमनदीप सिंह, हरविंदर सिंह, बंटी बैंस, किशोर कुमार और जगदेव सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Ludhiana : खादयांवाला सरकारी स्कूल को अपग्रेड करने पर MLA ने CM मान का जताया आभार

लुधियाना के सलेम टाबरी स्थित खादयांवाला सरकारी हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में अपग्रेड किया गया। MLA मदन लाल बग्गा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार जताया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के सलेम टाबरी स्थित खादयांवाला सरकारी हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में अपग्रेड किया गया है। इस फैसले पर क्षेत्र के विधायक मदन लाल बग्गा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विशेष रूप से धन्यवाद किया।

विधानसभा सत्र के दौरान विधायक मदन लाल बग्गा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को अपग्रेड करने के साथ-साथ शिक्षा के स्तर में सुधार लाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

विधायक बग्गा ने कहा कि सलेम टाबरी के खादयांवाला सरकारी हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने इस फैसले पर स्थानीय निवासियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि इससे इलाके में शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों का अपग्रेडेशन विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

लुधियाना : 1984 के सिख नरसंहार के विवाद के बाद कांग्रेस नेता का विपक्ष पर पलटवार, गोधरा कांड को लेकर दिया बयान

पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद ने 1984 सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और भाजपा पर निशाना साधते हुए गोधरा कांड का भी जिक्र किया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

राहुल गांधी के पंजाब दौरे और 1 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के साथ-साथ 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों की ओर से भी कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर विरोध जताया जा रहा है। इस बीच लुधियाना से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

कुलदीप सिंह वैद ने कहा कि 1984 के सिख नरसंहार का दुख सभी को है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था। हालांकि, भाजपा पर पलटवार करते हुए वैद ने कहा कि भाजपा को गोधरा कांड को भी याद करना चाहिए।

राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने के सवाल पर कुलदीप सिंह वैद ने स्पष्ट किया कि वह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, कांग्रेस नेता परगट सिंह के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि पार्टी अध्यक्ष कोई निर्देश देते हैं, तो वह उनके फैसले से सहमत होंगे।

कुलदीप सिंह वैद के इस बयान के बाद 1984 के सिख नरसंहार, पीड़ित परिवारों की मांगों और कांग्रेस के 1 नवंबर के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है।

PM Modi Congratulates Lula: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को पीएम मोदी ने दी बधाई, भारत-ब्राजील संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता

पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा को चुनावी जीत पर बधाई दी। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और ग्लोबल साउथ के सहयोग पर जोर दिया गया।

अंतराष्ट्रीय समाचार / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा को दोबारा चुनाव जीतने पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और अधिक समावेशी, समान तथा टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में राष्ट्रपति लूला को अपना मित्र बताते हुए उनकी चुनावी जीत पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने की इच्छा व्यक्त की।

भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी पर जोर

पीएम मोदी के बधाई संदेश में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। भारत और ब्राजील विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की प्राथमिकताओं, आर्थिक सहयोग और टिकाऊ विकास जैसे मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में ग्लोबल साउथ की साझा जरूरतों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। ग्लोबल साउथ से आशय मुख्य रूप से उन विकासशील देशों से है, जो आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व और वैश्विक चुनौतियों से जुड़े कई समान मुद्दों पर सहयोग करते हैं।

जीत के बाद राष्ट्रपति लूला ने जताया जनता का आभार

चुनावी जीत के बाद राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने ब्राजील की जनता को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रयास करने वाले युवाओं और मतदान के माध्यम से देश के भविष्य में भागीदारी निभाने वाले नागरिकों के योगदान को सराहा।

लूला ने कहा कि यह जीत उन लोगों की है, जो विश्वास बनाए रखते हैं, संघर्ष करते हैं और अधिक न्यायपूर्ण, स्वतंत्र तथा लोकतांत्रिक ब्राजील के निर्माण के लिए प्रयास करना नहीं छोड़ते।

भारत और ब्राजील के संबंधों के लिए क्या मायने?

भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, कृषि, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और बहुपक्षीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं हैं। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद और रणनीतिक सहयोग से इन क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के संदेश से स्पष्ट है कि भारत ब्राजील के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने और वैश्विक मंचों पर साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग जारी रखने का इच्छुक है।

Bhagwant Mann News: धूरी में CM मान ने युवाओं को किया प्रेरित, बोले- मेहनत और पढ़ाई पर दें ध्यान

धूरी के देश भगत कॉलेज में युवा मेले को संबोधित करते हुए CM भगवंत मान ने 70 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां देने का दावा किया और युवाओं को मेहनत व शिक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी।

धुरी / पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं करियर के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने युवाओं को बिना रिश्वत और सिफारिश के योग्यता के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में आयोजित क्षेत्रीय युवा मेले में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने युवाओं को शिक्षा, कड़ी मेहनत और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसे जनप्रतिनिधियों की जरूरत है, जो लोगों की समस्याओं और उनके दुख-दर्द को समझें।

70 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां देने का दावा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं से कहा कि वे अपनी पढ़ाई और मेहनत पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और सिफारिश के योग्यता के आधार पर दी हैं।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर युवा मेले से जुड़ी अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि युवाओं का उत्साह और उनकी कलात्मक प्रतिभा देखकर उन्हें अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। जीतने वालों को विनम्र रहना चाहिए, जबकि हारने वालों को निराश होने के बजाय और मेहनत करनी चाहिए।

39 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

देश भगत कॉलेज में आयोजित युवा मेले में 39 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान चार चरणों में 60 विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

भगवंत मान ने कहा कि इन गतिविधियों के जरिए पंजाब की युवा पीढ़ी की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रतिभा सामने आती है। उन्होंने युवा मेले आयोजित करने में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और उसके युवा कल्याण विभाग के योगदान की भी सराहना की।

शिक्षा के साथ कला और संस्कृति भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। संगीत, नृत्य, थिएटर, साहित्य और लोक कलाओं जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, भावनात्मक समझ, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना विकसित करती हैं।

उन्होंने कहा कि एक प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए युवाओं का सर्वांगीण विकास जरूरी है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा को भी आगे बढ़ाना चाहिए।

‘रंगला पंजाब’ के निर्माण पर जोर

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने का सपना तभी साकार हो सकता है, जब युवाओं को ज्ञान, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जीवन में स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, लगातार मेहनत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को प्रोत्साहित करने वाले मंच युवाओं को भविष्य में सक्षम नेतृत्वकर्ता और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं।

मुख्यमंत्री के संबोधन में शिक्षा, रोजगार, युवा प्रतिभा और सांस्कृतिक गतिविधियों को पंजाब के विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया।

Khanna AAP News: दिलप्रीत बैनीपाल ने समर्थकों समेत थामा AAP का दामन, तरनप्रीत सिंह सोंड ने किया स्वागत

खन्ना में दिलप्रीत बैनीपाल अपने समर्थकों और युवाओं के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सोंड ने नए सदस्यों का स्वागत किया।

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब के खन्ना में आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय संगठनात्मक मजबूती मिली, जब दिलप्रीत बैनीपाल अपने समर्थकों और बड़ी संख्या में युवाओं के साथ पार्टी में शामिल हुए। यह कार्यक्रम कैबिनेट मंत्री एवं खन्ना के विधायक तरनप्रीत सिंह सोंड के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दिलप्रीत बैनीपाल और उनके साथी आम आदमी पार्टी की नीतियों तथा पंजाब सरकार की जनहितैषी पहलों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए। नए सदस्यों ने संगठन को मजबूत करने और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।

दिलप्रीत बैनीपाल के साथ कई समर्थकों ने ली सदस्यता

दिलप्रीत बैनीपाल के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल होने वालों में अदीव बैंस, जसकरण धालीवाल, तरनजोत समरा, हरमन मोहाली, दिलप्रीत मोहाली, सिमरन संधेर, नवजोत माजरा, जगमीत धीमान, प्रदीप गिल, मलकीत सिंह बैनीपाल, हरप्रीत सिंह बैनीपाल, भाटिया (लुधियाना) और गुरप्रीत सिंह बैनीपाल सहित कई अन्य समर्थक शामिल रहे।

पार्टी नेताओं के अनुसार, नए सदस्यों के जुड़ने से खन्ना क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

युवाओं की भागीदारी से संगठन को मजबूती मिलेगी: मंत्री सोंड

कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सोंड ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जनकल्याण, युवाओं के भविष्य और राज्य के विकास के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि दिलप्रीत बैनीपाल और उनके साथियों का आम आदमी पार्टी में शामिल होना पार्टी की नीतियों और सरकार के कार्यों में उनके भरोसे को दर्शाता है। मंत्री के मुताबिक, युवाओं की ऊर्जा, विचार और भागीदारी सामाजिक बदलाव तथा जनसेवा के प्रयासों को मजबूत कर सकती है।

सोंड ने नए सदस्यों को पार्टी में सम्मान और उचित भूमिका देने का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता मिलकर पंजाब की प्रगति और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करेंगे।

इस राजनीतिक घटनाक्रम को खन्ना में आम आदमी पार्टी के संगठन को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

Nabha : BJP नेता सुनील जे सिंघी का पंजाब सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

नाभा दौरे पर बीजेपी नेता सुनील जे सिंघी ने परमजीत कैंथ की मौजूदगी में पंजाब की कानून-व्यवस्था, नशे और व्यापारिक माहौल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्टर: चेतन मेहता

नाभा: भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील जे सिंघी अपने पहले नाभा दौरे पर पहुंचे। इस दौरान बीजेपी के नाभा इंचार्ज परमजीत कैंथ भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दौरे के दौरान सुनील जे सिंघी ने खेती और किसानों से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों का जायजा लिया और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ दिवाली की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर चर्चा की। उन्होंने भारत सरकार के नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की ओर से सभी व्यापारियों और उद्योगपतियों को दिवाली की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

सुनील जे सिंघी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 21 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में विकास के प्रयासों से पंजाब के व्यापारी भी बदलाव और तरक्की की उम्मीद कर रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार के जीएसटी सुधारों, 12 लाख रुपये तक की आय पर शून्य आयकर की व्यवस्था, एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव, ऋण सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने और उद्यम पोर्टल पर व्यापारियों को जोड़ने से संबंधित पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने जालंधर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों की भी सराहना की।

पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

पंजाब के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए सुनील जे सिंघी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और इसका असर व्यापार तथा औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि दिन-दहाड़े हत्याओं, फिरौती की मांग और नशे की समस्या के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उनके मुताबिक, ऐसे माहौल में कारोबारियों के लिए निवेश करना और उद्योगों का विस्तार करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने पंजाब पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का भी जिक्र करते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए।

सुनील जे सिंघी ने कहा कि पंजाब के आम लोग सुरक्षा और नशे की समस्या से राहत चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली की आलोचना की। साथ ही, उन्होंने आम आदमी पार्टी पर दिल्ली में त्योहारों के दौरान व्यापारियों और आम लोगों को परेशान करने तथा अव्यवस्था पैदा करने के आरोप लगाए।

पंजाब में राजनीतिक बदलाव का दावा

बीजेपी नेता ने कहा कि जिस तरह दूसरे राज्यों में राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं, उसी तरह पंजाब में भी बदलाव की संभावना है। उन्होंने आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब में डबल इंजन सरकार बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपने संबोधन के अंत में सुनील जे सिंघी ने कहा कि पंजाब को महाराजा रणजीत सिंह और हीरा सिंह के समय जैसी तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए विकास, सुरक्षा और उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है।

नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू पर केस दर्ज, भादसों थाने के बाहर BJP का धरना

नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू पर केस दर्ज होने के बाद बीबा जय इंदर कौर की अगुवाई में भादसों थाने के बाहर प्रदर्शन हुआ। BJP ने निष्पक्ष जांच की मांग की।मुख्य हेडिंग (H1)

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता, नाभा

पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में है। नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू और उनके कुछ साथियों के खिलाफ पुलिस की ओर से नया मामला दर्ज किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाना भादसों के बाहर धरना देकर विरोध जताया।

मिली जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले BJP नेता वरिंदर बिट्टू ने नाभा क्षेत्र में कथित ड्रग तस्करी के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया था। इस दौरान तीन लोगों को नशीले पदार्थों और नशीले कैप्सूलों के साथ पकड़े जाने का दावा किया गया था। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले में आम आदमी पार्टी से जुड़े एक नेता का नाम भी सामने आया था, जिसके खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की थी।

अब वरिंदर बिट्टू और उनके कुछ साथियों के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। BJP नेताओं का आरोप है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने और कथित तस्करों के मामले को सामने लाने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। नेताओं के मुताबिक, वरिंदर बिट्टू के विरोध प्रदर्शन के दौरान पानी की टंकी पर चढ़ने और BJP कार्यकर्ताओं की ओर से सड़क जाम किए जाने को लेकर पुलिस ने नया केस दर्ज किया है।

इस कार्रवाई के विरोध में BJP नेता बीबा जय इंदर कौर की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता थाना भादसों के बाहर एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में वरिंदर बिट्टू सहित अन्य BJP नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

प्रदर्शन के बाद थाना भादसों के प्रभारी ने विरोध कर रहे BJP नेताओं के साथ बैठक की। BJP नेताओं के अनुसार, थाना प्रभारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की दोबारा जांच SSP पटियाला के समक्ष करवाई जाएगी।

BJP नेता बीबा जय इंदर कौर और वरिंदर बिट्टू ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वरिंदर बिट्टू ने कथित ड्रग तस्करी का मामला सामने लाकर पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपा था, लेकिन अब उनके और उनके साथियों के खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया गया है। BJP नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस की भूमिका और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, BJP नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

अब देखना होगा कि SSP पटियाला के स्तर पर प्रस्तावित दोबारा जांच में क्या सामने आता है और इस मामले में पुलिस प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।

Punjab Assembly Passes Resolution Against SIR: पंजाब विधानसभा में SIR के खिलाफ प्रस्ताव पारित

पंजाब विधानसभा में SIR के खिलाफ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित। CM भगवंत मान ने मतदाता सूची, वोट कटने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब विधानसभा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सरकार की ओर से पेश किया गया प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव में मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। प्रस्ताव पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

मतदान के अधिकारों की सुरक्षा की मांग

पंजाब सरकार की ओर से सदन में पेश प्रस्ताव में कहा गया कि योग्य नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने की कथित घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। सदन ने मांग की कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।

प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय तंत्र स्थापित करने की मांग भी की गई। इसमें कहा गया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक उल्लंघन के ठोस सबूत मिलते हैं, तो लागू कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजा जाएगा प्रस्ताव

प्रस्ताव में केंद्र सरकार और संबंधित संवैधानिक प्राधिकारियों से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने की अपील की गई है। इसके साथ ही प्रस्ताव की प्रति भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजने की मांग की गई, ताकि मामले में उचित कार्रवाई की जा सके।

प्रस्ताव में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा नागरिकों को दिए गए समान मतदान अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा गया कि किसी भी योग्य नागरिक को अवैध रूप से वोट डालने के अधिकार से वंचित करना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

CM भगवंत मान ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि SIR के माध्यम से 13 करोड़ से अधिक लोगों के वोट काटे गए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से विपक्षी मतदाताओं के वोट कटवाती है और अपने समर्थकों के वोट जुड़वाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

हालांकि, मुख्यमंत्री द्वारा मतदाताओं के वोट काटे जाने और राजनीतिक पक्षपात को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। प्रस्ताव पारित होना अपने आप में इन आरोपों को प्रमाणित नहीं करता।

SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज

पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। राज्य सरकार ने प्रस्ताव के माध्यम से मताधिकार की सुरक्षा और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई है। अब इस मामले में संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

PMJJBY Fraud: मध्य प्रदेश में 9.5 करोड़ का बीमा घोटाला, फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों से क्लेम लेने का आरोप

मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 9.5 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े की जांच। CID ने दो FIR दर्ज कीं, 121 क्लेम और 482 से अधिक बैंक खाते जांच के दायरे में।

भोपाल / सत्ता संदेश

मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत कथित बीमा घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए करीब 9.5 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम हासिल किए गए। इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने दो FIR दर्ज की हैं। अब तक 121 संदिग्ध क्लेम मामलों की जांच की जा रही है, जबकि 482 से अधिक बैंक खाते जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, कथित गिरोह ने जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर बीमा कंपनियों से क्लेम लेने की कोशिश की। इस पूरे मामले ने बैंकिंग व्यवस्था, नगरीय निकायों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और बीमा क्लेम के सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

गरीबों के लिए शुरू की गई योजना में कथित फर्जीवाड़ा

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना केंद्र सरकार की जीवन बीमा योजना है, जिसके तहत पात्र खाताधारकों को निर्धारित वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, कथित गिरोह ने लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग बीमा पॉलिसियां लीं। कुछ मामलों में शुरुआत में एक या दो प्रीमियम की किश्तें जमा कराई गईं। इसके बाद बीमित व्यक्ति की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से होने का दावा करते हुए कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर क्लेम हासिल किए गए।

ग्वालियर, मुरैना और राजस्थान तक जांच का दायरा

मामले की जांच केवल एक शहर तक सीमित नहीं है। ग्वालियर, मुरैना, रतलाम और मध्य प्रदेश के अन्य इलाकों के साथ राजस्थान के कुछ स्थानों से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि अलग-अलग बैंकों में खोले गए खातों और बीमा पॉलिसियों का इस्तेमाल कथित ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया।

जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि कुछ बीमित व्यक्तियों के पते, मृत्यु के कथित स्थान और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले निकायों के बीच मेल नहीं था। एक ही परिवार के कई सदस्यों की मृत्यु कम समय के अंतराल में दर्ज किए जाने के मामलों ने भी एजेंसियों का ध्यान खींचा।

एक मोबाइल नंबर और नॉमिनी से खुला शक

कथित फर्जीवाड़े की जांच के दौरान बैंक खातों और बीमा दस्तावेजों में कुछ असामान्य समानताएं सामने आईं। कई खातों में एक ही मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी दर्ज होने और अलग-अलग पॉलिसियों में समान व्यक्तियों को नॉमिनी बनाए जाने की जानकारी जांच का हिस्सा है।

इन समानताओं और मृत्यु प्रमाण पत्रों से जुड़े असामान्य पैटर्न के आधार पर संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बैंक खाते किसने खुलवाए, दस्तावेज किसने जमा किए और बीमा क्लेम की रकम किन लोगों तक पहुंची।

रतलाम के बैंक खातों से जुड़े दावों की जांच

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रतलाम स्थित फेडरल बैंक के 62 खातों से करीब 2.5 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम से संबंधित लेन-देन की जांच की जा रही है। इसके अलावा, 121 पॉलिसीधारकों में से 28 के मृत्यु प्रमाण पत्र राजस्थान के सवाई माधोपुर से जारी होने की बात सामने आई है।

अन्य प्रमाण पत्रों के संबंध में ग्वालियर नगर निगम, मालनपुर, भिंड, गोहद क्षेत्र के गांव लेचौरा, शिवपुरी जिले के पार्वती बड़ौदा और मुरैना के कैलारस से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों की वास्तविकता, जारी करने की प्रक्रिया और बीमा कंपनियों के समक्ष प्रस्तुत किए गए रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही हैं।

एक ही पते पर कई बैंक खाते मिलने का दावा

जांच में कुछ ऐसे पते भी सामने आए हैं, जहां कई बैंक खाते दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें मुरैना के जैन बगीची, रामनगर क्षेत्र के एक पते पर 12 खाते, ग्वालियर के थाटीपुर ग्रिड क्षेत्र के एक पते पर 12 खाते, मुरैना की गायत्री कॉलोनी में 9 खाते और ग्वालियर की नारायण विहार कॉलोनी में 3 खाते शामिल बताए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, इंदौर की पीपल्याहाना शाखा से 59 खातों के आवेदन पत्र, KYC दस्तावेज और लेन-देन के विवरण जब्त किए जाने की जानकारी है। बेंगलुरु स्थित पंजाब नेशनल बैंक की रामानगरम शाखा और अन्य राज्यों से जुड़े कुछ बीमा रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

क्लेम की रकम निकालने के तरीके की भी जांच

आरोप है कि बीमा क्लेम की रकम खातों में आने के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग इलाकों के ATM से नकदी निकाली गई। जांच एजेंसियां बैंक खातों, ATM निकासी, लेन-देन के रिकॉर्ड और संदिग्ध व्यक्तियों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि कथित नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।

मोहन यादव सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप

इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने की बात कही गई है। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर है और केंद्र सरकार की योजना भी इससे अछूती नहीं रही।

पटवारी ने सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसे ‘अलीबाबा और 40 चोर’ की सरकार कहा। उनके बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।

फिलहाल, CID की जांच का मुख्य उद्देश्य कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों की उत्पत्ति, बैंक खातों के संचालन, बीमा क्लेम के भुगतान और इसमें शामिल संभावित लोगों की भूमिका का पता लगाना है। जांच के नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि कथित घोटाले में कितने लोग शामिल थे और संबंधित संस्थाओं की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई थी या नहीं।