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शरणपाल सिंह ने AAP के विजन को साकार करने के लिए पंजाब महिला विंग को दी बधाई

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब मीडियम इंडस्ट्रीज़ के सीनियर वाइस चेयरमैन और लुधियाना लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी शरणपाल सिंह मक्कर ने पंजाब महिला विंग को उनके समर्पित और प्रभावशाली संगठनात्मक कार्यों के लिए बधाई दी। उन्होंने महिला विंग की स्टेट सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, स्टेट जॉइंट सेक्रेटरी खुशबू बंसल और डिस्ट्रिक्ट वाइस प्रेसिडेंट (ग्रामीण-1) पूर्व सरपंच गुरप्रीत कौर ग्रेवाल के प्रयासों की बहुत सराहना की।

उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और ज़मीनी स्तर पर सक्रियता से पंजाब में आम आदमी पार्टी का विज़न और मिशन और मज़बूत होगा। उनके काम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, ज़मीनी स्तर पर नेतृत्व सशक्त होगा और पूरे राज्य में संगठन की पहुँच बढ़ेगी।

नेतृत्व ने भरोसा जताया कि उनके समर्पण, एकता और लगातार प्रयासों से पार्टी पूरे पंजाब में जनसेवा और सामाजिक विकास के कामों में और बड़ी सफलता हासिल करेगी।

इंडिया गठबंधन की बैठक में खरगे ने कौन-कौन से मुद्दे उठाए?

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक आज दिल्ली में आयोजित की गई है। जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव के बाद की रणनीति समेत कई मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है। वहीं, इस बार विधानसभा चुनावों में पार्टियों के बीच मतभेद का असर भी देखने को मिला।इसके साथ ही डीएमके और आप ने बैठक से दूरी बना ली है।

इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े कई मुद्दों को उठाया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों के संशोधन को लेकर भी चिंता जताई। संविधान क्लब में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि देश कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने महंगाई, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति समझौता करने वाली रही है और इससे देश के हित प्रभावित हुए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद में विपक्षी एकता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के दलों ने मिलकर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को संसद में पराजित करने में सफलता हासिल की। उन्होंने इसे विपक्ष की एकजुटता का बड़ा उदाहरण बताया। खरगे ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रिया और जनता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को एक साथ मिलकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने गठबंधन के सभी दलों से समन्वय और एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की।

पंजाब निकाय चुनाव के नतीजे आज होगें घोषित, सुबह 8 बजे से शुरु हुई वोटों गिनती

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में शुक्रवार को 8 नगर निगमों बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली के नतीजे घोषित होंगे। इसके साथ ही 75 नगर कौंसिल, 20 नगर पंचायतों के नतीज भी आएंगे। निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली में कांटे की टक्कर थी। 26 मई को इन चुनावों के लिए मतदान हुआ था।

आपको बता दें कि ईवीएम की जगह इस बार बैलेट पेपर से चुनाव कराया गया था। 35 लाख 45 हजार 567 वोटरों में से करीब 64% ने इस मतदान में हिस्सा लिया है। इस बार निकाय चुनाव में कुल 7555 उम्मीदवार मैदान में प्रत्याशी के तौर पर खड़े हुए। इसमें 1613 नगर निगम 5142 नगर कौंसिल और नगर पंचायत के लिए 800 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

मतगणना के लिए 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए

बता दें कि पंजाब में 26 मई को 8 नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों समेत कुल 104 निकायों के लिए वोट डाले गए थे।मतगणना के लिए राज्यभर में 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर सुबह 8 बजे से गिनती शुरू हो गई है। आयोग का अनुमान है कि दोपहर 12 बजे तक अधिकांश निकायों के परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।

राजनीतिक दलों के लिए सत्ता का सेमीफाइनल

ये निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के लिए सत्ता का सेमीफाइनल है। ऐसे में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए ये इलेक्शन काफी अहम है।उधर, विपक्षी दलों ने भी इस बार पूरी ताकत झोंकी. चुनाव प्रचार के दौरान जमकर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से जमकर जुबानी जंग भी देखने को मिली। इस चुनाव में मुकाबला आम आदमी पार्टी की डबल इंजन सरकार की चाह और विपक्ष की घेराबंदी के बीच नजर आया।

रणनीतिकार की भूमिका में नजर आए AAP के नेता

आम आदमी पार्टी के लिए यह चुनाव परफॉर्मेंस टेस्ट से कम नहीं है क्योंकि करीब 7 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव के जरिए आम आदमी पार्टी ये भी देखना चाहती है कि उसके साढ़े चार साल के कार्यकाल के बाद शहरी वोटर्स के बीच पार्टी की पकड़ कितनी मजबूत है। यही वजह है कि पार्टी के कई बड़े चेहरे रणनीतिकार की भूमिका में नजर आए।