चंपत राय और अनिल मिश्रा की छुट्टी, राम मंदिर चंदा चोरी पर ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफा मंजूर
नई दिल्ली / सत्ता संदेश
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को हुई राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। ट्रस्ट की अहम बैठक में इन दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे पर फैसला लिया गया है। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद से चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे थे। एसआईटी जांच शुरू होने के बाद दोनों ने इस्तीफा दे दिया था जिसे आज स्वीकार कर लिया गया।
आज हुई ट्रस्ट की बैठक में चर्चा हुई है कि चढ़ावा चोरी की वजह से देशभर में बदनामी हो रही है। बैठक में दीनेन्द्र दास से कहा गया गया कि पहले चर्चा महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर हो बाद में आप अपना विषय रखें, उस पर भी चर्चा होगी। इस मीटिंग में गोपाल राव भी शामिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सदस्यों ने उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया।
नियुक्तियों में चंपत राय की अहम भूमिका
ट्रस्ट की मीटिंग में इस बात पर भी चर्चा हुई कि फिलहाल चंपत राय और अनिल मिश्रा को जिम्मेदारी लेनी होगी। चंपत राय की भूमिका ट्रस्ट में महासचिव की थी। ट्रस्ट में यह बात भी रखी गई कि ट्रस्ट में जितनी भी नई नियुक्तियां हुईं वो चंपत राय और अनिल मिश्रा के द्वारा ही की गई थी।
ट्रस्ट की बैठक में शामिल स्वामी परमानंद गिरी ने कहा कि धर्म की रक्षा करना हमारा पहला कर्तव्य है। जब लोग आस्था से जुड़ते है तो छोटी छोटी बातों का खयाल रखना चाहिए। चढ़ावा चोरी के जो आरोप लगे हैं उससे पूरा देश आहत है और इससे बदनामी भी हो रही है।
इस्तीफे पर सर्वसम्मित से फैसला
राम मंदिर ट्रस्ट की हुई बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर सर्वसम्मित से फैसला लिया गया। ये दोनों इन बैठक में शामिल नहीं हुए थे. दोनों को बाहर ही रोक दिया गया था। अब देखना है कि इन दोनों के इस्तीफे के बाद इन पर क्या एक्शन होता है? एसआईटी अभी भी मामले की जांच कर रही है, दोनों से पूछताछ भी कर चुकी है. ऐसे में सबकी निगाहें अगले कदम पर टिकी हैं।
ट्रस्ट की बैठक में कौन-कौन?
बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष हंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल शामिल रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (पदेन सदस्य) संजय प्रसाद और अयोध्या के जिलाधिकारी मौजूद रहे।


