ब्रेकिंग न्यूज़
पंजाब में 13 टैक्स बकायेदारों की संपत्तियां होंगी नीलाम, 30 सितंबर तक बढ़ी OTS योजना

पंजाब में वित्त मंत्रालय की सख्ती के बाद बकाया कर न चुकाने वाले 13 उद्यमियों की संपत्तियां अगस्त में नीलाम की जाएंगी। इस संदर्भ में प्रस्ताव को वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंजूरी दे दी है। यदि संबंधित उद्यमी नीलामी प्रक्रिया से पहले अपनी बकाया कर राशि चुका देता है तो उनकी संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।

चीमा ने साफ कहा कि राज्य सरकार जहां जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने हेतु प्रतिबद्ध है वहीं लगातार कर बकाया रखने वालों के विरुद्ध भी समान रूप से कठोर रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने वैट के पुराने बकायेदारों के विरुद्ध संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई तेज कर दी है। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के ‘समाधान’ अभियान के तहत भी अब तक 12 बड़े कर विवादों का समाधान किया जा चुका है व चार अन्य विवाद भी समाधान के अंतिम चरण में हैं।



उधर वित्तमंत्री ने जीएसटी लागू होने से पूर्व के कर बकायों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब एकमुश्त निपटान (वन टाइम सेटलमेंट) योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। योजना के अंतर्गत अब तक करदाताओं द्वारा 167.23 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं जबकि सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है।

वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार पात्र करदाताओं को लंबे समय से लंबित कर विवादों का समाधान करने तथा व्यापक कानूनी राहत प्राप्त करने का एक अंतिम अवसर दे रही है। इसी उद्देश्य से तारीख को बढ़ाया गया है। आंकड़ों के तहत 30 जुलाई तक आबकारी एवं कराधान विभाग को 9,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 437.51 करोड़ रुपये की कुल कर मांग शामिल है। इन आवेदनों के विरुद्ध करदाताओं ने 167.23 करोड़ रुपये जमा किए हैं जबकि राज्य सरकार ने उन्हें 534.54 करोड़ रुपये की कर राहत प्रदान की है।

वित्तमंत्री के अनुसार इन सख्ती के परिणामस्वरूप 12.39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है। कई करदाताओं ने अपने विरुद्ध कार्रवाई या नीलामी शुरू होते ही ओटीएस योजना के तहत अपना बकाया चुकता कर दिया है। शेष 9,386 पात्र करदाताओं से अपील करते हुए मंत्री ने कहा कि वे 30 सितंबर से पहले योजना का लाभ अवश्य उठाएं ताकि उन्हें ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट के साथ-साथ अपनी निर्धारित स्लैब के अनुसार मूल कर में भी पर्याप्त राहत प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वैच्छिक कर निपटान कारोबारियों के लिए सबसे किफायती और लाभकारी विकल्प है।

बैंक खाते सील करने की चेतावनी

मंत्री ने साफ किया कि योजना की अवधि में किया गया यह विस्तार अंतिम है और इसके बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग कर कानूनों तथा पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम के अंतर्गत बैंक खाते सील करने, संपत्तियों की कुर्की एवं नीलामी जैसी कठोर वसूली कार्रवाई तेज करेगा।

बठिंडा रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल के बाद हाई अलर्ट पर पुलिस

बठिंडा / सत्ता संदेश

बठिंडा रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। धमकी मिलने के तुरंत बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई तथा व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया।


जानकारी के अनुसार यह धमकी एक ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुई थी। इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा जांच शुरू कर दी। इस दौरान डॉग स्क्वॉड की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं और स्टेशन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की गई।

शुक्रवार को बड़ी संख्या में पुलिस बल ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर पहुंचकर यात्रियों के सामान की जांच की। डॉग स्क्वॉड की सहायता से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई। प्लेटफॉर्म और उसके आसपास पड़े लावारिस सामान की भी बारीकी से जांच की गई तथा आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई।


पुलिस ने रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों, पार्किंग क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठे लोगों के सामान की भी जांच की। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों का निरीक्षण किया गया तथा डिब्बों में मौजूद यात्रियों के सामान की भी तलाशी ली गई।


पुलिस अधिकारियों ने रेलवे यात्रियों से अपील की कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या लावारिस सामान दिखाई दे तो उसे हाथ न लगाएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही यात्रियों को यह भी जागरूक किया गया कि वे किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति का सामान अपने पास न रखें।

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी शरारती तत्व से सख्ती से निपटने के लिए तैयार है। फिलहाल जांच एजेंसियां धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

PM मोदी के AI वीडियो पर मेटा के इंडिया प्रमुख के खिलाफ दर्ज हुई FIR

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फर्जी और एआई-जनरेटेड वीडियो वायरल होने के मामले में हैदराबाद पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 

यह पूरी कार्रवाई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाए गए एआई-मॉर्फ्ड यानी तकनीक के जरिए बदले गए वीडियो के संदर्भ में की गई है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी खबरें और भ्रामक सामग्री फैलाना अब महंगा पड़ सकता है।

कैसे शुरू हुआ विवाद और क्या है पुलिस की थ्योरी?

जांच अधिकारियों के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर पीएम मोदी से जुड़े फर्जी वीडियो इस तरह तैयार और शेयर किए जा रहे थे, जिससे आम जनता के गुमराह होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था। पुलिस इस समय पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इन फर्जी वीडियो को सबसे पहले कहां से और किसने अपलोड किया, इन्हें किन खातों के जरिए आगे बढ़ाया गया और किस इरादे से फैलाया गया। इसके अलावा, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन हरकतों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी अधिनियम के किन-किन प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।

क्या टेक कंपनियों के सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं?

यह एफआईआर ऐसे समय में आई है, जब कुछ ही दिन पहले हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा के प्रतिनिधियों को समन जारी किया था। पुलिस ने कंपनी से यह पूछा था कि उनके पास एआई से बने फर्जी विज्ञापनों, घोटालों और भ्रामक कंटेंट को पकड़ने और हटाने का क्या सिस्टम है। समन मिलने के बाद मेटा का एक प्रतिनिधि जांच अधिकारियों के सामने पेश भी हुआ था और उन्होंने अपनी कंपनी की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों और नियमों के अनुपालन की जानकारी दी थी। हालांकि, इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होना यह दिखाता है कि पुलिस टेक कंपनियों द्वारा किए जा रहे दावों और उनके प्लेटफॉर्म पर असल में मौजूद कंटेंट के अंतर को बेहद गंभीरता से ले रही है।

जंतर-मंतर पर टिप्पणी से जुड़ी दूसरी बड़ी कानूनी कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक और अलग मामला सामने आया है, जो जंतर-मंतर पर हुए उसी विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह नाम की महिला के खिलाफ पीएम मोदी पर बेहद आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह की शिकायत पर गौतमबुद्ध नगर के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला ने सार्वजनिक रूप से देश के सांविधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और ऐसे शब्द कहे जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और नफरत फैलने का अंदेशा था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मानहानि और शांति भंग करने की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया है।

फिलहाल हैदराबाद पुलिस और यूपी पुलिस दोनों ही मामलों में डिजिटल सबूत जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और जैसे-जैसे डिजिटल साक्ष्य सामने आएंगे, आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Garhshankar Accident : बंगा चौक पर ट्रक की चपेट में आने से NRI की मौत, कतर से छुट्टी पर आया था

गढ़शंकर के बंगा चौक पर ट्रक की टक्कर से स्कूटर सवार NRI गुरदयाल राम की मौके पर मौत हो गई। मृतक कतर से छुट्टी पर गांव आया था। पुलिस ने ट्रक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

Report : Amrik Kumar

होशियारपुर/ सत्ता संदेश

गढ़शंकर के बंगा चौक पर मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटर सवार NRI गुरदयाल राम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूटर सवार गुरदयाल राम पुत्र दौलत राम, निवासी गांव अकालगढ़, बंगा की ओर से गढ़शंकर शहर की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्रक ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गुरदयाल राम ट्रक की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि गुरदयाल राम कतर (Qatar) से छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे। हादसे की खबर से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

घटना की सूचना मिलते ही गढ़शंकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक को कब्जे में लिया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल गढ़शंकर के शवगृह में रखवा दिया।

मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर सरीन चेची ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

इस मौके पर कांग्रेस के चुनाव क्षेत्र इंचार्ज अमरप्रीत सिंह लाली और कंडी संघर्ष कमेटी के कन्वीनर दर्शन सिंह मट्टू ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दोषी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Hoshiarpur : बंद के दौरान मिनी सेक्रेटेरिएट खुलने पर विरोध, चेतावनी के बाद प्रशासन ने कराया खाली

होशियारपुर बंद के दौरान मिनी सेक्रेटेरिएट खुलने पर विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुतला फूंकने की चेतावनी के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेक्रेटेरिएट खाली कराया।

Report : Amrik Kumar

होशियारपुर / सत्ता संदेश

विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए होशियारपुर बंद के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब मिनी सेक्रेटेरिएट खुला मिला। इसे लेकर प्रदर्शनकारी संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए मुख्य कार्यालय के बाहर धरना दिया और कुछ समय के लिए जाम लगा दिया।

प्रदर्शन कर रहे नेताओं का कहना था कि बंद के आह्वान के बावजूद सरकारी कार्यालयों का खुला रहना आंदोलन की भावना के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि आधे घंटे के भीतर मिनी सेक्रेटेरिएट खाली नहीं कराया गया, तो वे प्रशासन का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यालयों को खुला रखना बंद का समर्थन कर रहे संगठनों के साथ अन्याय है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रशासन का एक्शन

प्रदर्शनकारियों की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।

इसके बाद प्रशासन ने मिनी सेक्रेटेरिएट को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि परिसर में मौजूद कर्मचारियों को बाहर भेज दिया जाएगा, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

Machhiwara : पंजाब बंद का माछीवाड़ा में व्यापक असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहे बाजार

माछीवाड़ा में सफाई कर्मचारियों के पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार और सब्जी मंडी बंद रही, जबकि पुलिस प्रशासन पूरे दिन मुस्तैद रहा। बैंक, स्कूल और यातायात सामान्य रहे।

माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश

सफाई कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर 30 जुलाई को बुलाए गए पंजाब बंद का माछीवाड़ा में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के समर्थन में शहर के मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे। सुबह लगने वाली सब्जी मंडी भी बंद रही, जबकि व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सड़कों पर रेहड़ियां भी नजर नहीं आईं। हालांकि, बंद के दौरान बैंक और स्कूल सामान्य रूप से खुले रहे, जबकि यातायात भी बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चलता रहा।

सफाई सेवक यूनियन के नेता धर्मवीर पामे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले व्यापारियों और शहरवासियों का आभार जताया। उन्होंने सरकार से मांग की कि केवल आश्वासन देने के बजाय सफाई कर्मचारियों को नियमित (पक्का) करने संबंधी अधिसूचना जल्द जारी की जाए।

बंद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। डीएसपी मुख्यालय गब्बर सिंह और थाना प्रभारी चरणजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों और प्रमुख स्थानों पर लगातार गश्त की, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

डीएसपी गब्बर सिंह ने बताया कि माछीवाड़ा में बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और सफाई कर्मचारियों ने भाईचारे और आपसी सहयोग का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा।

Rajpura : पंजाब बंद का राजपुरा में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहा बाजार

सफाई सेवक यूनियन के पंजाब बंद को राजपुरा में व्यापक समर्थन मिला। दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों और सामाजिक संगठनों ने कारोबार बंद रखा। पुलिस ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा।

राजपुरा / सत्ता संदेश

सफाई सेवक यूनियन के आह्वान पर 30 जुलाई को आयोजित पंजाब बंद का राजपुरा में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

बंद के दौरान सफाई कर्मचारियों ने शहर में रोष मार्च निकाला और व्यापारियों सहित आम लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि समाज का हर वर्ग उनके संघर्ष में साथ देगा, तो वे भी भविष्य में हर वर्ग के हितों की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।

यूनियन ने बरनाला में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए सरकार से मामले के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों, जिनमें एसपी, डीएसपी और एसएचओ शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की मांग की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

इस दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अशोक कुमार बिट्टू, हंसराज, जसबीर सिंह, जय भीम मंच के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुखी समेत कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वहीं, बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। थाना प्रभारी (एसएचओ) गुरसेवक सिंह ने बताया कि पूरे शहर में माहौल शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे दिन निगरानी जारी रही।

Rajpura : पंजाब बंद का राजपुरा में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहा बाजार

सफाई सेवक यूनियन के पंजाब बंद को राजपुरा में व्यापक समर्थन मिला। दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों और सामाजिक संगठनों ने कारोबार बंद रखा। पुलिस ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा।

Samrala : पंजाब बंद का समराला में असर, सफाई कर्मचारियों के समर्थन में बंद रहे बाजार

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर समराला में पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में बाजार बंद रहे और व्यापारियों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

समराला / सत्ता संदेश

सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुलाए गए पंजाब बंद का समराला में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश बाजार पूरे दिन बंद रहे और व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया।

यूनियन नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बरनाला में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक रूप से यह भी मांग की कि आम आदमी पार्टी से चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सफाई कर्मचारी और यूनियन से जुड़े सदस्य आम आदमी पार्टी का विरोध करेंगे।

बंद के दौरान समराला के मुख्य बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।

फिलहाल सरकार की ओर से यूनियन की मांगों और बंद को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Machhiwara: अकाली नेता की चोरी हुई स्कूटी बरामद, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

माछीवाड़ा पुलिस ने अकाली नेता दविंदर सिंह बवेजा की चोरी हुई स्कूटी बरामद कर महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी नशे की लत के कारण स्कूटी चोरी कर उसे बेचने की योजना बना रहे थे।

माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश

माछीवाड़ा पुलिस ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए अकाली नेता की चोरी हुई स्कूटी बरामद कर एक महिला और एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए स्कूटी चोरी कर उसे बेचने की फिराक में थे।

थाना प्रभारी चरणजीत सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले माछीवाड़ा शहर के अकाली नेता दविंदर सिंह बवेजा की स्कूटी दुर्गा शक्ति मंदिर के पास से चोरी हो गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

गश्त के दौरान पुलिस को एक महिला और एक युवक संदिग्ध अवस्था में उसी स्कूटी पर जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को रोककर पूछताछ की तो पता चला कि स्कूटी चोरी की है। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप कौर निवासी उधोवाल और रॉबिनप्रीत सिंह निवासी नानोवाल के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वे नशे के आदी हैं और नशे के लिए पैसे जुटाने की नीयत से स्कूटी चोरी की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी स्कूटी को बेचने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मौके पर अकाली नेता दविंदर सिंह बवेजा ने माछीवाड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी के कारण न केवल उनकी चोरी हुई स्कूटी बरामद हुई, बल्कि आरोपियों को भी समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों से आगे भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध अन्य चोरी की घटनाओं से तो नहीं है।


SEO Title:

Machhiwara News: अकाली नेता की चोरी हुई स्कूटी बरामद, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

Meta Description:

SEO Tags:

Machhiwara News, Machhiwara Police, Scooter Theft, Akali Dal Leader, Davinder Singh Baveja, Punjab Crime News, Ludhiana News, Punjab Police, Drug Addiction, Theft Case, माछीवाड़ा समाचार, स्कूटी चोरी, पंजाब पुलिस, अकाली नेता, लुधियाना समाचार, क्राइम न्यूज, नशा, सत्ता संदेश

धनबाद में ED की कार्रवाई :कोयला माफिया 160 करोड़ का निवेश फ्रीज, 31 ठिकानों पर छापामारी

झारखंड / सत्ता संदेश

झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, अवैध परिवजन, कोयला उठाने पर जबरन वसूली, लेवी से जुड़े मामलों में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी की रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की 31 ठिकानों पर चल रही छापेमारी पूरी हो चुकी है। ईडी ने बुधवार को इससे संबंधित अधिकृत बयान जारी किया है।

यह छापेमारी अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान, गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, माधे सिंह व इनसे जुड़ी कंपनियों, सहयोगियों, रिश्तेदारों आदि से जुड़े सभी 31 ठिकानों पर चली है। इस छापेमारी में ईडी ने कोयला माफिया एलबी सिंह के माध्यम से म्यूचुअल फंड में किए गए लगभग 160 करोड़ रुपये के निवेश को फ्रीज कर दिया है।

छापामारी के दौरान क्या मिला?

छापामारी के दौरान ईडी को ठिकानों से 1.02 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद हुए हैं। निवेश से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं, जिनमें 200 से ज्यादा अचल संपत्तियाें से जुड़ी जानकारी, डेटा, डिजिटल डिवाइस, सेल डीड आदि शामिल हैं।

ईडी को शक है कि उक्त 200 अचल संपत्तियां अपराध की कमाई से खरीदी गई थी। इसकी कीमत 500 करोड़ रुपये हो सकती है। इसके अलावा आरोपितों के नियंत्रण की संस्थाओं के अकाउंट्स की किताबें आदि भी जब्त की गईं हैं।

ईडी ने सभी 31 ठिकानों पर पीएमएल अधिनियम के तहत मंगलवार की सुबह से छापेमारी शुरू की थी। बुधवार को अंतिम रूप से छापेमारी व जब्ती की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।

झारखंड पुलिस में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर ईडी ने की थी ECIR

झारखंड पुलिस में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर ईडी ने इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज की थी। दर्ज प्राथमिकियों में आरोपितों के विरुद्ध धनबाद व आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन, अवैध रूप से खनन किए गए या चोरी के कोयले की तस्करी, कोयला उठाने पर जबरन वसूली, लेवी और इससे जुड़ी अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।

पुलिस ने कई मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की थी। पीएमएल अधिनियम के तहत जांच में ईडी को पता चला कि उपरोक्त लोगों ने इस तरह के अपराध से बड़ी मात्रा में ‘अपराध से कमाई गई रकम’ जमा की थी।

इस प्रक्रिया में आरोपितों ने अवैध तरीके से अर्जित की गई राशि को इधर-उधर घुमाने (लेयरिंग) और इसे वैध दिखाने के लिए कई संस्थाओं, लोगों का इस्तेमाल किया। बाद में अपराध से कमाई गई इस राशि का इस्तेमाल चल और अचल संपत्ति खरीदने में किया था।

साल 2025 में भी की गई थी छापेमारी

ईडी ने जारी अधिकृत बयान में बताया कि गत वर्ष 21 नवंबर 2025 को भी ईडी ने इस मामले में अनिल गोयल, एलबी सिंह व उनसे जुड़े लोगों व संस्थाओं के ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह छापामारी धनबाद व दुमका के करीब 20 ठिकानों पर एक साथ हुई थी।

इस छापामारी में ईडी को डेढ़ सौ से अधिक जमीन के दस्तावेज और दो करोड़ 20 लाख रुपये नगदी मिले थे। ईडी को छानबीन में अवैध तरीके से कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से संबंधित साक्ष्य मिले थे। छानबीन में मिले तथ्यों के आधार पर ईडी ने एक बार फिर छापेमारी की है। ईडी की छानबीन व अनुसंधान अभी जारी है।