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संसद से वंदे मातरम बिल को मिली मंजूरी, राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी हुआ पास

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

संसद ने बुधवार को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के अपमान को क्रिमिनल अपराध बनाने वाले विधेयक को पारित कर दिया. राज्यसभा में पारित होने के बाद गुरुवार लोकसभा ने थोड़ी बहस के बाद शोर-शराबे के बीच यह विधेयक पारित कर दिया गया. यह बिल — द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026 एक दिन पहले ही राज्यसभा से पास हो चुका था. लोकसभा में इसके पारित होने के साथ, प्रस्तावित संसोधन अब कानून बनने के करीब पहुंच गया है.

लोकसभा में, विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच बिल को ध्वनि मत से पारित किया गया, जो NEET पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग कर रहे थे. सदन में कानूनी काम होते रहने के बावजूद शोर-शराबा जारी रहा.

वंदे मातरम बिल को संसद से मिली मंजूरी

यह कानून राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम एक्ट, 1971 में बदलाव करके राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को इसके दायरे में लाने की कोशिश करता है. अभी, यह कानून संविधान, राष्ट्रीय झंडे और राष्ट्रगान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है. एक बार यह लागू हो जाने के बाद, वंदे मातरम के गाने के दौरान बेइज्जती करने, रुकावट डालने या गड़बड़ी करने पर वही सजा होगी — तीन साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों.

यह बिल केंद्र सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है, जिससे वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह मनाई जा सके. वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में लिखा था और यह पहली बार 1882 में उनके नॉवेल आनंदमठ में छपा था. पिछले कुछ महीनों में, केंद्र सरकार ने राज्यों को सरकारी कामों में राष्ट्रीय गीत गाने के बारे में निर्देश जारी किए हैं.

29 जुलाई को राज्यसभा में, यह बिल एक बहस के बाद पारित हुआ, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के सदस्यों ने चर्चा के दौरान वॉकआउट किया.

24 जुलाई को पेश हुआ था बिल

राज्यसभा में बहस का जवाब देते हुए, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बिल का मकसद देश के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना है, और वंदे मातरम को भारत की आज़ादी की लड़ाई और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया.

अलग-अलग पार्टियों के कई सदस्यों ने बिल पर बात की. कुछ ने राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान रोकने के लिए कड़े नियमों का समर्थन किया, तो कुछ ने इस पर आम सहमति और बहस की जरूरत पर चिंता जताई.

यह बिल 24 जुलाई को राज्यसभा में पेश किया गया था और 29 जुलाई को पास हुआ था. बिल को 30 जुलाई को लोकसभा ने मंजूरी दी थी। इसे पास करना ऐसे समय में हुआ है जब दोनों सदनों में NEET पेपर लीक मामले को लेकर लगातार रुकावटें आ रही हैं, जिससे एक हफ्ते से ज्यादा समय से कार्यवाही रुकी हुई है.

Punjab Paper Leak : दिल्ली में BJP ने AAP दफ्तर का किया घेराव, बैंस के इस्तीफे की मांग की

दिल्ली / सत्ता संदेश

पंजाब में कथित पेपर लीक के मामले को लेकर दिल्ली बीजेपी ने गुरुवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला. पार्टी दफ्तर का घेराव करने की कोशिश की. इसके साथ ही पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा मांगा. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के कहा कि आदमी पार्टी राजनीति में दोहरे मानदंड़ अपना रही है. पंजाब में हुए अनेक परिक्षा पेपर लीक मामलों में पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस की बर्खास्तगी होनी चाहिए. इन्हीं मांगों को लेकर नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के कैनिंग लेन स्थित ऑफिस पर प्रदर्शन किया और कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी. पुलिस मंदिर मार्ग थाने लेकर गई जहां से एक घंटे बाद चेतावनी देकर छोड़ा.

दिल्ली बीजेपी के महामंत्री विष्णु मित्तल ने प्रदर्शन का संचालन किया और कहा देश की जनता और युवा सब ही पंजाब में पेपर लीक पर अरविंद केजरीवाल की पहले चुप्पी फिर पेपर लीक नकारने के प्रयास से स्तब्ध हैं और केजरीवाल का दोहरा चरित्र पहचान गये हैं. आम आदमी पार्टी कार्यालय पर हुए प्रदर्शन को संबोधित करते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा की आज हम यहां आम आदमी पार्टी के दोहरे चरित्र और दोहरी राजनीति को बेनकाब करने आए हैं.

‘पंजाब में पिछले 4.5 साल में क्या हुआ?’

उन्होंने कहा कि केंद्र में जब पेपर लीक का मुद्दा आया तो “आप” ने सबसे पहले सड़क जाम की, हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की. उन्होंने नैतिकता का भाषण दिया, जवाबदेही का ढिंढोरा पीटा लेकिन मैं पूछता हूं- पंजाब में पिछले 4.5 साल में क्या हुआ? पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट लीक हुआ. 12वीं का अंग्रेजी का पेपर लीक हुआ. फार्मेसी ऑफिसर और PSSSB की भर्ती का पेपर लीक हुआ. हजारों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा और जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार हैं पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस.

‘पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब?’

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि केंद्र में नैतिकता मांगने वाली “आप”, पंजाब में आते ही चुप क्यों हो जाती है? अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि पेपर लीक हुआ तो इस्तीफा ले लेंगे. तो पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब? यह दोहरा मापदंड क्यों? दिल्ली में राजनीति और पंजाब में मिलीभगत? बच्चों के साथ खिलवाड़ करने वाले मंत्री को बचाना क्या यही कट्टर ईमानदार पार्टी का असली चेहरा है?

‘केजरीवाल और सिसोदिया कुछ बोल नहीं पाए’

सांसद योगेन्द्र चंदोलिया ने कहा कि लोकसभा में जब इस पेपर लीक को लेकर चर्चा करने की बात कही गई तो विपक्ष किसी भी प्रकार से तैयार नहीं हुआ. उल्टा प्रधानमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगा. जबकि पंजाब में पेपर लीक को लेकर ना तो विपक्ष की जुबान चली और ना ही शिक्षा क्रांति की बड़ी बड़ी बातें करने वाले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ही कुछ बोल पाए हैं. उल्टा सोशल मीडिया पर आप सब ने देखा कि पेपर लीक के बहाने किस प्रकार की अश्लील शब्दों का इस्तेमाल देश के प्रधानमंत्री के लिए किया गया जिसका बीजेपी पुरजोर विरोध करती है.

‘ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं छात्र’

सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि पंजाब में पिछले चार सालों के अंदर छात्र पीड़ित महसूस कर रहे हैं क्योंकि चार सालों में 5 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी है, लेकिन पंजाब की सरकार उसे इंकार कर रही है. सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि फॉर्मेसी एग्जाम के पेपर कॉम्प्रमाइज हुआ हैं लेकिन इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी दोगली नीति अपना रही है.

‘केजरीवाल पूरी तरह से एक्सपोज’

राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पेपर लीक मामले में पूरी तरह से एक्सपोज हो चुके हैं. इन्हीं की बनाई हुई कॉक्रोच जनता पार्टी है, जिसमें इनके लोग थे और आम आदमी पार्टी की ही फंडिंग थी लेकिन आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अभी तक नहीं ले पाए हैं. भगवंत मान से तो वैसे भी पंजाब के छात्रों को कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि 2023 में टीईटी का पेपर लीक हुआ तो उन्होंने खुद कहा था कि पेपर लीक हुआ है. या तो तब वह नशे में सत्य बोल रहे थे या अब वह झूठ बोल रहे हैं कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है.

CWG 2026: नीरज ने पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए किया क्वालिफाई

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने क्वालिफिकेशन राउंड में पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। क्वालिफिकेशन राउंड में 18 खिलाड़ियों को तीन-तीन अटैम्प्ट मिलने थे और नीरज ने सिर्फ दो प्रयास किए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 79.61 मीटर का रहा और वह पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि, सर्वश्रेष्ठ 12 थ्रो वाले खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई। नीरज का प्रदर्शन लेकिन पाकिस्तान के अरशद नदीम से बेहतर रहा, जो इस वक्त फॉर्म ढूंढ रहे हैं।

यह ध्यान देने वाली बात है कि 12 में से कोई भी खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मार्क पार नहीं कर सका। क्वालिफिकेशन मार्क 84 मीटर का था। नीरज के अलावा क्वालिफिकेशन मुकाबले में भारत के रोहित यादव और यशवीर भी उतरे थे। इन दोनों ने भी फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। तीन प्रयासों में से बेस्ट अटैम्प्ट को गिना गया। फाइनल मुकाबला 31 जुलाई (भारत में एक अगस्त) को देर रात 12:45 बजे के आसपास शुरू होगा।

शुरुआती चार स्थान पर कौन आया?

  • श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने अपने पहले प्रयास में 82.24 मीटर का थ्रो किया और इसके बाद उन्होंने अन्य दो प्रयास नहीं किए। उन्होंने पहले स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।
  • वहीं, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने तीनों अटैम्प्ट लिए। पहला प्रयास 76.09 मीटर का, दूसरा प्रयास 81.29 मीटर का और तीसरा प्रयास 76.70 मीटर का रहा। 81.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ वह दूसरे स्थान पर रहे।
  • वहीं, दक्षिण अफ्रीका के डू स्मिट ने अपने पहले प्रयास में 80.64 मीटर का थ्रो किया और अन्य दो प्रयास उनके फाउल रहे। हालांकि, वह तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे।
  • इंग्लैंड के बेन ईस्ट ने चौथे स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। उनका पहला प्रयास 73.50 मीटर का और दूसरा प्रयास 80.38 मीटर का रहा। 80.38 मीटर का प्रयास फाइनल में पहुंचने के लिए काफी था।

Neeraj Chopra Javelin Throw CWG 2026 Highlights: Commonwealth Games Javelin Indian Throwers Result Updates

नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन
 

  • नीरज का पहला प्रयास 76.28 मीटर का रहा, जो कि उतना अच्छा नहीं था।
  • हालांक, दूसरे प्रयास में नीरज ने 79.61 मीटर का थ्रो लिया और सीधे पांचवें स्थान पर पहुंच गए।
  • इस सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ वह फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहे। इसके बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं लिया।

रोहित यादव और यशवीर सिंह का प्रदर्शन

  • भारत के रोहित यादव का पहला प्रयास 77.04 मीटर का और दूसरा प्रयास 78.37 मीटर का रहा। उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं लिया। रोहित नौवें स्थान पर रहे।
  • वहीं, यशवीर का पहला प्रयास 73.89 मीटर का, दूसरा प्रयास 74.45 मीटर का रहा। ऐसा लग रहा था कि वह क्वालिफाई नहीं कर पाएंगे। लेकिन तीसरे प्रयास में यशवीर ने 78.36 मीटर का थ्रो किया और 10वें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे।

पाकिस्तान के अरशद नदीम का प्रदर्शन

  • पाकिस्तान के अरशद नदीम के लिए यह सीजन कुछ खास नहीं रहा है। उन्होंने यहां भी तीनों प्रयास लिए, लेकिन कुछ खास नहीं कर पाए।
  • उनका पहला अटैम्प्ट 78.63 मीटर का रहा, जो कि सीजन बेस्ट प्रदर्शन है उनका। दूसरे में उन्होंने फाउल किया। 
  • अरशद नदीम का तीसरा प्रयास 75.65 मीटर का रहा। वहां सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में तो पहुंचे, लेकिन नीरज से पीछे रहे।

Neeraj Chopra Javelin Throw CWG 2026 Highlights: Commonwealth Games Javelin Indian Throwers Result Updates

यहीं से शुरू हुआ था सुनहरा सफर

  • नीरज चोपड़ा के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स हमेशा खास रहे हैं। 2018 के गोल्ड कोस्ट खेलों में उन्होंने 86.47 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष भाला फेंक का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
  • उस जीत के बाद नीरज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। चार महीने बाद एशियाई खेलों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड (88.06 मीटर) के साथ स्वर्ण जीता। फिर टोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण, विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण और पेरिस ओलंपिक का रजत पदक जीतकर वह भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े सितारे बन गए।
  • बता दें कि 2018 के बाद यह नीरज का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। वह चोट के कारण 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। अब जब वह आठ साल बाद इसमें वापसी कर रहे हैं तो स्वर्ण के अपनी यादों को ताजा करने का वक्त होगा।

चोट ने बदला नजरिया, अब डर नहीं आत्मविश्वास है

  • पिछला एक साल नीरज के लिए आसान नहीं रहा। पीठ की लगातार परेशानी के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ और 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप उनके करियर की सबसे निराशाजनक प्रतियोगिताओं में से एक रही।
  • इसके बाद उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए अपने खेल की बुनियाद पर दोबारा काम किया। रन-अप, थ्रो का एंगल और तकनीक को निखारने पर पूरा फोकस किया। सबसे बड़ा बदलाव मानसिक रूप से आया। अब वह चोट के डर के साथ नहीं, बल्कि पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरते हैं।
  • बीबीसी के पॉडकास्ट ‘मोर दैन द स्कोर’ में नीरज ने बताया कि दोहा डायमंड लीग में खेलने का फैसला उन्होंने महज सात दिन पहले लिया था। उनका लक्ष्य सिर्फ ग्लास्गो के लिए क्वालिफाई करना था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब वह हर अभ्यास सत्र में खुद को पूरी तरह नहीं झोंकते, बल्कि जरूरत के मुताबिक ही शरीर पर दबाव डालते हैं।
Neeraj Chopra Javelin Throw CWG 2026 Highlights: Commonwealth Games Javelin Indian Throwers Result Updates
बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार ने श्री अकाल तख्त सचिवालय को सौंपा संशोधन मसौदा

अमृतसर / सत्ता संदेश

श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा।

Punjab government's draft on sacrilege law submitted to Sri Akal Takht

श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशानुसार बेअदबी कानून पर सरकार का मसाैदा तख्त सचिवालय को साैंप दिया गया।

पंजाब सरकार के प्रतिनिधि विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और अमृतसर के डीसी तलविंदरजीत सिंह ने बुधवार को बेअदबी रोकथाम कानून में आपत्तिजनक मानी गई धाराओं से संबंधित सरकार का पक्ष और संशोधन का मसौदा श्री अकाल तख्त सचिवालय में इंचार्ज सरदार बगीचा सिंह को आधिकारिक रूप से सौंप दिया। 

यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त द्वारा निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन की गई। श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा। इसके बाद जत्थेदार और संबंधित धार्मिक प्रतिनिधियों की ओर से आगे का फैसला लिया जाएगा। 

डाक विभाग द्वारा 28 अगस्त तक विशेष आधार नामांकन और अपडेट अभियान का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

नागरिकों को आधार सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने तथा इन सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डाक विभाग द्वारा चंडीगढ़ एवं मोहाली के 26 डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं।

वर्तमान में निम्नलिखित डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट की सेवाएं उपलब्ध हैं:
एयरोसिटी, एयरोड्रोम, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., डेरा बस्सी, हाई कोर्ट, खरड़, कुराली, मनीमाजरा, न्यू सेक्रेटेरिएट, सेक्टर-08, सेक्टर-12, सेक्टर-14, सेक्टर-19, सेक्टर-22, सेक्टर-26, सेक्टर-30, सेक्टर-36, सेक्टर-47, सेक्टर-55, सेक्टर-59, सेक्टर-60, सेक्टर-71, सोहाना, सियालबा माजरी, सनी एन्क्लेव एवं जीरकपुर डाकघर।

जनता की अधिकतम सुविधा को ध्यान में रखते हुए 28 अगस्त 2026 तक प्रत्येक रविवार एवं राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी चंडीगढ़ जी.पी.ओ., मनीमाजरा, जीरकपुर, खरड़, सेक्टर-19 डाकघर एवं सेक्टर-55 डाकघर में विशेष आधार सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।रविवार को आधार सेवाएँ सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।

इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., सेक्टर-17 स्थित आधार केंद्र में आधार सेवाएं विस्तारित कार्य समय के साथ प्रातः 7:30 बजे से सायं 8:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। इससे नागरिक सामान्य कार्यालय समय के बाद भी आधार सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

इस विशेष अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:

• निवासियों के लिए नए आधार का नामांकन।
• आधार विवरण का अपडेट, जिसमें नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आदि शामिल हैं।
• बायोमेट्रिक अपडेट, जिसमें उंगलियों के निशान, आइरिस स्कैन एवं फोटोग्राफ शामिल हैं।
• 5 वर्ष एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU)।

यह विशेष अभियान आधार सेवाओं को आम जनता के और निकट लाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इससे विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, कामकाजी लोगों तथा ऐसे निवासियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें सामान्य कार्यालय समय के दौरान आधार केंद्र पर जाना कठिन होता है।
माता-पिता, विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से अनुरोध है कि वे विद्यार्थियों के आधार विवरण को समय पर अपडेट करवाना सुनिश्चित करें, ताकि प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षाओं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करते समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निवासियों से अनुरोध है कि वे अपने निकटतम आधार-सक्षम डाकघर में जाकर आधार नामांकन एवं अपडेट की आसान सुविधाजनक सेवाओं का लाभ उठाएं।

सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रदर्शन, वॉटर कैनन पर चढ़े प्रदर्शनकारी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को वारिस पंजाब दे के नेताओं और पुलिस आमने सामने आ गए।

प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ बाॅर्डर पर रोक जाने के बाद बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो उन्होंने वाटर कैनन का मुंह मोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सीएम आवास की तरफ बढ़ गए हैं। 

वारिस पंजाब दे के नेता अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने बुधवार के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार सुबह से मोहाली बॉर्डर (बुड़ैल जेल के पीछे) से सेक्टर-50/51 चौक और वहां से सेक्टर-44/45 लाइट प्वाइंट तक सरोवर पथ पर वाहनों की आवाजाही आंशिक रूप से डायवर्ट और प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा सेक्टर-43/44/51/52 चौक (आईएसबीटी चौक) से सेक्टर-44/45 चौक (गौशाला चौक) होते हुए सेक्टर-45/46-49/50 चौक तक विकास मार्ग पर भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। सेक्टर-43/44 और सेक्टर-45/46 लाइट प्वाइंट पर भी यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।विज्ञापन

चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने अंतरराज्यीय बसों को सेक्टर-43 आईएसबीटी पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें और ट्रैफिक अपडेट के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखें। पुलिस ने लोगों से किसी भी तरह से शांति न भंग करने की अपील की है।

Neet Paper Leak मामले में CBI ने कोर्ट में पेश की 20 हजार पन्नों की चार्जशीट, 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

दिल्ली / सत्ता संदेश

नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए गठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. CBI ने कोर्ट को बताया कि 20 हजार पेज की चार्जशीट है. जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य नष्ट करना, भ्रष्टाचार और लोक परीक्षा अधिनियम के तहत अपराध की धाराएं लगाई गई हैं.

CBI के मुताबिक चार्जशीट में 360 गवाह, 422 दस्तावेज, 43 भौतिक साक्ष्य हैं. 12 मई 2026 को उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी. नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

92 ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने 8 साइबर विशेषज्ञ समेत 72 अधिकारियों की टीम बनाई थी और महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त कर फोरेंसिक जांच की गई. CBI ने बताया कि फोरेंसिक, हैंडराइटिंग और शैक्षणिक रिपोर्ट से लीक की पुष्टि हुई है.

कुल 13 लोगों को किया गिरफ्तार

CBI के मुताबिक पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को हुई थी. पेपर लीक मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें NTA के 3 सब्जेक्ट एक्सपर्ट भी शामिल हैं. इसके साथ ही बिचौलियों और कोचिंग से जुड़े 2 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया. CBI ने बताया कि मनी ट्रेल की जांच चल रही है. कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाता फ्रीज किया गया है.

अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी

राउज़ एवेन्यू कोर्ट स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने CBI की चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लिया है. कोर्ट ने CBI को चार्जशीट के एनेक्सचर (Annexure) दाखिल करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया है. कोर्ट ने नोट किया कि चार्जशीट में दस्तावेजों, बयानों और वस्तुओं की सूची संलग्न की गई है. कोर्ट ने CBI से पूछा कि चार्जशीट में जिन बयानों और अन्य दस्तावेजों का हवाला दिया गया है, वह कहां हैं.

CBI ने चार्जशीट के एनेक्स्चर दस्तावेज़ को दाखिल करने के लिए समय मांगा. CBI ने कोर्ट को बताया कि 20,000 पृष्ठों के एनेक्स्चर दस्तावेज़ को स्कैन किया जा रहा है. राउज़ एवेन्यू कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.

Tamilnadu : 100 करोड़ के पलानी मंदिर जमीन घोटाले में CBCID का एक्शन, 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

तमिलनाडु / सत्ता संदेश

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच जारी है, इस बीच देश के कई अन्य मंदिरों से ऐसे ही घोटालों और चोरी के मामले सामने आए है। इस पर कार्रवाई भी की जा रही है. लेकिन अब मंदिर की जमीन से जुड़ा धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया जिसमें तमिलनाडु के एक प्रतिष्ठित मंदिर से संबंधित मठ की कीमती जमीन का धोखाधड़ी के साथ रजिस्ट्रेशन ही करवा लिया गया है। आम जनता की नाराजगी देखते हुए सरकार में जांच के आदेश दिए और 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि CB-CID ने तमिलनाडु के डिंडीगुल शहर के मशहूर पलानी मुरुगन मंदिर से जुड़े एक मठ की कीमती जमीन के कथित धोखाधड़ी के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां मंदिर के पास तलहटी में स्थित 1.4 एकड़ के प्लॉट से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल केस में एक बड़ी कामयाबी हैं।

100 करोड़ कीमत, 2 करोड़ में रजिस्ट्री

यह प्रॉपर्टी, जिसका इस्तेमाल अभी श्रद्धालुओं के लिए फ्री पार्किंग के तौर पर किया जा रहा है और इसकी बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई, उसे इस महीने की शुरुआत में महज 2 करोड़ रुपये में निजी शख्स के नाम धोखाधड़ी से रजिस्टर करा दिया गया था।

धोखाधड़ी के साथ यह लेन-देन 6 जुलाई को किया गया था, जबकि 1888 का एक स्थायी बंदोबस्ती विलेख (Permanent Endowment Deed) मौजूद है। जिसमें इस जमीन को सिर्फ धार्मिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए समर्पित किया गया था और इस पर किसी भी तरह की व्यवसायिक बिक्री या ट्रांसफर करने पर रोक लगी थी। रजिस्ट्रेशन के दौरान हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (Hindu Religious and Charitable Endowments, HR&CE) विभाग की स्पष्ट, लिखित आपत्तियों पर भी ध्यान नहीं दिया गया।

रजिस्ट्री कराने वाले अफसरों पर गिरी गाज

राज्य सरकार ने पहले ही अवैध रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पलानी के ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन और जिला रजिस्ट्रार शशिकला को सस्पेंड कर दिया है। मणिकंदन, जो अभी मद्रास हाई कोर्ट से मिली अंतरिम अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। उनसे हाल ही में CB-CID की टीम ने 7 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी।

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच पहले ही इस केस में दखल दे चुकी है और विवादित बिक्री विलेख (Sale Deed) को अमान्य घोषित कर चुकी है।

गलत तरीके से जमीन का रजिस्ट्रेशन कराए जाने को लेकर जनता और राजनीतिक हलकों में खासा आक्रोश दिखा. लोगों की नाराजगी को देखते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक ने पिछले दिनों 15 जुलाई को मामले की जांच क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) को सौंप दी थी।

चल रही जांच के तहत, जांचकर्ताओं ने घोटाले में शामिल बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए मंदिर के पूर्व अधिकारियों, रिटायर राजस्व अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन विभाग के कर्मचारियों सहित 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।

IND vs SL Test Match : श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान, किसकी हुई वापसी और किसको मिला मौका

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी। दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। टीम की कमान एक बार फिर शुभमन गिल के हाथों में सौंपी गई है, जबकि अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है।

India Announce Test Squad For Sri Lanka Tour, Saransh Jain Earns Maiden Call-Up

सारांश जैन टीम में नया चेहरा
 इस टीम में सबसे चौंकाने वाला चयन सारांश जैन का है, जिन्हें पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले इस ऑलराउंडर को पहली बार सीनियर टीम से बुलावा मिला है।

विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल संभालेंगे। बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल को भी जगह मिली है।

ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार टीम का हिस्सा हैं। 

बीसीसीआई ने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे, इसलिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया।

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बुमराह-सुदर्शन का चयन सब्जेक्ट टू फिटनेस
तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई जसप्रीत बुमराह करेंगे। उनके साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को भी टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से फिटनेस मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी।

किन खिलाड़ियों की हुई टेस्ट टीम में वापसी
भारत ने पिछला टेस्ट अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था। उस टीम से तुलना करें तो नीतीश रेड्डी, हर्ष दुबे, वॉशिंगटन सुंदर मौजूदा टीम का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, रवींद्र जडेजा और बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी हुई है। हालांकि, बुमराह का खेलना अभी तय नहीं है। इसके अलावा सारांश नया चेहरा हैं। जडेजा ने पिछला टेस्ट पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बरसापारा स्टेडियम में खेला था। वह काफी लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं। उनका पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच इस साल जनवरी में आया था।विज्ञापन

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श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम
 

  • कप्तान: शुभमन गिल
  • उपकप्तान: केएल राहुल
  • यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह*, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।


(*) साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह का चयन सब्जेक्ट टू फिटनेस है, यानी बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से फिटनेस मंजूरी मिलने के बाद ही खेल सकेंगे।

भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज 2026 का कार्यक्रम

मैचतारीखस्थान
पहला टेस्ट15-20 अगस्त 2026गॉल
दूसरा टेस्ट23-27 अगस्त 2026कोलंबो
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: NSNIS पटियाला के वेटलिफ्टरों ने भारत को दिलाए तीन पदक, संस्थान में जश्न का माहौल

पटियाला / सत्ता संदेश

नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS), पटियाला में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) पटियाला के तीन वेटलिफ्टरों ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए तीन प्रतिष्ठित पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 88 किलोग्राम स्नैच और 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल रहे।

वहीं अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया।

इसके अलावा बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन (87 किलोग्राम स्नैच और 112 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) उठाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

इन तीनों खिलाड़ियों ने वर्ष 2022 से NCOE, NSNIS पटियाला में लगातार कड़ी मेहनत, अनुशासन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के दम पर अपनी प्रतिभा को निखारा। उनकी वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार सफलता के रूप में सामने आया है।

इस उपलब्धि पर SAI NSNIS पटियाला के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (DDG/SED) श्री विनीत कुमार ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की अथक मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्होंने कोचों, सपोर्ट स्टाफ और तकनीकी टीम की भी सराहना की, जिनकी निरंतर मार्गदर्शन और पर्दे के पीछे की मेहनत ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को संभव बनाया।

उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल NSNIS पटियाला की उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण प्रणाली को दर्शाती है, बल्कि भारतीय खेल जगत के लिए भी एक प्रेरणादायक मील का पत्थर है।