चीनी के दाम बढ़े तो महंगी होगी चाय? त्योहारों से पहले महंगाई ने बढ़ाई चिंता
चीनी की कीमत में करीब 20 रुपये प्रति किलो बढ़ोतरी से नाभा में चाय दुकानदार और ग्राहक परेशान हैं। त्योहारों से पहले मिठाई कारोबार पर भी महंगाई का असर पड़ने की चिंता है।
नाभा/पटियाला / सत्ता संदेश
देश में गैस और तेल की बढ़ती कीमतों से पहले ही आम लोगों और दुकानदारों की परेशानी बढ़ी हुई है। अब चीनी की कीमत में करीब 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंता और बढ़ा दी है। त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले चीनी के दाम बढ़ने का असर चाय की दुकानों से लेकर मिठाई कारोबार तक दिखाई देने की आशंका है।
नाभा-पटियाला रोड पर दशकों से चाय की दुकान चला रहे दुकानदारों के मुताबिक, महंगाई के कारण पहले ही चाय की कीमत बढ़ानी पड़ी है। कुछ समय पहले तक 10 रुपये में मिलने वाली एक कप चाय अब 15 रुपये तक पहुंच चुकी है। ऐसे में चीनी के दाम में और बढ़ोतरी होने के बाद चाय की कीमत 20 रुपये प्रति कप तक पहुंचने की चिंता दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को सता रही है।
चीनी महंगी हुई तो चाय भी पड़ेगी भारी
नाभा की मशहूर पार्वती चाय की दुकान पर चाय पीने वाले ग्राहकों का कहना है कि गरीब और मजदूर वर्ग के लिए 15 रुपये की एक कप चाय खरीदना भी आसान नहीं है। अगर चीनी की बढ़ती कीमतों के चलते चाय की कीमत 20 रुपये हो जाती है, तो इसका सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।
दुकानदारों का कहना है कि गैस, तेल और अन्य सामान की लागत पहले ही बढ़ चुकी है। ऐसे में चीनी महंगी होने से दुकान चलाने का खर्च और बढ़ जाएगा। अगर बढ़ी हुई लागत ग्राहकों से वसूली जाती है तो चाय महंगी होगी और अगर कीमत नहीं बढ़ाई जाती तो दुकानदारों के मुनाफे पर असर पड़ेगा।
पंजाबियों को पसंद है मीठी चाय
पंजाब में चाय के साथ मिठास का अपना अलग ही अंदाज है। चाय की दुकान पर पहुंचते ही कई ग्राहक चाय को ज्यादा मीठा करने की मांग करते हैं। ऐसे में चीनी की कीमत बढ़ने से दुकानदारों के लिए चाय में पहले की तरह चीनी डालना भी महंगा साबित हो सकता है।
चाय दुकानदारों के मुताबिक, कभी उनकी दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ रहती थी, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण अब ग्राहकों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ने से लोग बाहर चाय-नाश्ता करने से भी बच रहे हैं।
त्योहारों पर मिठाई भी हो सकती है महंगी
चीनी की बढ़ती कीमतों का असर आने वाले त्योहारों में मिठाई के कारोबार पर भी पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है और मिठाई बनाने में चीनी एक प्रमुख कच्चा माल है।
नाभा के मिठाई दुकानदार विवेक कुमार ने बताया कि रिफाइंड, गैस और तेल की बढ़ती कीमतों का असर पहले से ही कारोबार पर पड़ रहा है। अब चीनी की कीमत में भारी बढ़ोतरी होने से मिठाई तैयार करने की लागत और बढ़ सकती है। इसका असर अंततः दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी पड़ने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने से ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हो रही है। त्योहारों के दौरान लोग मिठाई खरीदना चाहते हैं, लेकिन अगर कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो उन्हें अपने बजट के अनुसार खरीदारी करनी पड़ेगी।
गरीब और मजदूर वर्ग पर ज्यादा असर
चाय पीने वाले ग्राहकों ने सरकार से गैस और चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने की अपील की है। उनका कहना है कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है।
अब देखना होगा कि चीनी की बढ़ी कीमतों का असर बाजार में कितनी तेजी से दिखाई देता है और क्या आने वाले त्योहारों से पहले आम लोगों को कीमतों में राहत मिलती है।

