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नाईपर मोहाली में 11 से 22 मई तक आईटेक (ITEC) कार्यक्रम 2026 का आयोजन

“ग्लोबल साउथ में चिकित्सा उपकरण नीतियों को सक्षम बनाना” विषय पर  होगी चर्चा

मोहाली/सत्ता संदेश

राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर), मोहाली के चिकित्सा उपकरण विभाग द्वारा भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के अंतर्गत “ग्लोबल साउथ में चिकित्सा उपकरण नीतियों को सक्षम बनाना” विषय पर दो सप्ताह का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 से 22 मई तक नाईपर,मोहाली, पंजाब के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना तथा विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इस पहल के अंतर्गत 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा, जहाँ वे चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों, नियामक ढाँचों, विनिर्माण प्रक्रियाओं, ट्रांस्लेश्नल रिसर्च तथा इनोवेटिव इकोसिस्टम पर विचार-विमर्श करेंगे।

कार्यक्रम का उद्घाटन 11 मई 2026 को प्रातः 10:30 बजे नाईपर, मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा द्वारा कन्वेंशन सेंटर, में किया जाएगा। बारह दिवसीय इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्र, संस्थागत भ्रमण, फील्ड विजिट तथा नेटवर्किंग अवसरों का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम के प्रमुख विषय निम्नलिखित हैं :

• स्टेम सेल इंजीनियरिंग एवं बायो मेडिकल  उपकरण
• 3डी बायोप्रिंटिंग एवं टिश्यू इंजीनियरिंग
• बायोसेंसर एवं पैथोजन डीटेकशन  प्रौद्योगिकियाँ
• चिकित्सा उपकरणों का स्टेरिलाइजेशन एवं गुणवत्ता नियंत्रण
• रोबोटिक पुनर्वास उपकरण एवं बायोमैकेनिक्स
• ऑर्थोपेडिक नवाचार एवं जैव-चिकित्सीय फोटोथर्मल अनुप्रयोग
• कैंसर सेंसिंग एवं इमेजिंग प्रौद्योगिकियाँ
• भारत एवं वैश्विक स्तर पर चिकित्सा उपकरणों के नियामक ढाँचे
• जीएमपी-अनुपालक सुविधा संचालन एवं क्लीनरूम प्रक्रियाएँ
• पॉलिमर सामग्री एवं टिश्यू कंस्ट्रक्ट उपकरण
• चिकित्सा उपकरणों में बौद्धिक संपदा अधिकार एवं नीतिगत रणनीतियाँ

कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं संगठनों से आए विशिष्ट विशेषज्ञ अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।

प्रतिभागियों को एडवांस अनुसंधान एवं औद्योगिक संस्थानों का शैक्षिक भ्रमण भी कराया जाएगा, जिसमें सीएसआईआर-सीएसआईओ चंडीगढ़, नाबी मोहाली, नाईपर की केंद्रीय उपकरण प्रयोगशाला (सीआईएल) तथा नाईपर ,मोहाली की जीएमपी-अनुपालक क्लीनरूम सुविधाएँ शामिल हैं।

यह कार्यक्रम नवाचार-आधारित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा विकासशील देशों में किफायती एवं सुलभ चिकित्सा उपकरण इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह 22 मई 2026 को नाईपर, मोहाली में आयोजित किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा का नाईपर, मोहाली में दौरा

मोहाली / सत्ता संदेश

श्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ने शुक्रवार, 01 मई 2026 को राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईप), मोहाली का दौरा किया।

माननीय मंत्री नाईपर कन्वेंशन सेंटर पहुंचे जहां उनके साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग (DoP), भारत सरकार से सचिव श्री मनोज जोशी, अवर सचिव सुश्री गीता अशोक एवं उप सचिव डॉ. किन्नी सिंह भी उपस्थित रहे।

इसके बाद बोर्ड रूम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नाईपर, मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने संस्थान की दृष्टि, प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) तथा स्ट्रेटेजिक रोडमैप प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में उत्कृष्टता केंद्रों जैसे COE-AVAB एवं COE-बायोफार्मास्यूटिकल्स, संस्थान के नवाचार तंत्र तथा लाइसेंसिंग अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला गया।

प्रो. पांडा ने बताया कि नाईपर, मोहाली शोध उत्कृष्टता के लिए समर्पित है, जिसने उत्कृष्ट एलुमनाई   तैयार किए हैं और नाईपर, मोहाली राष्ट्रीय विकास में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान भारत सरकार के बायोफार्मा शक्ति मिशन को सुदृढ़ करने के लिए सेल एवं जीन थेरेपी, बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स, चिकित्सा उपकरण, एआई आधारित फार्माकोइन्फॉर्मेटिक्स तथा उन्नत औषधि वितरण प्रणालियों के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इस दिशा में संस्थान ने बायोफार्मास्यूटिकल्स और रेगुलेटरी अफेयर्स में दो नए स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी प्रारंभ किए हैं।

सचिव श्री मनोज जोशी ने संकाय एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उद्योग सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया तथा एक्सटर्नल फंडिंग प्राप्त करने वाले संकाय के लिए प्रोत्साहन एवं उद्योग-प्रायोजित अनुसंधान बढ़ाने की बात कही। उन्होंने “पेपर पेटेंट” से आगे बढ़कर वास्तविक अनुप्रयोग एवं कमर्शियलाइजेशन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अपने संबोधन में माननीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने भारत को बायोफार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, विशेष रूप से एपीआई, प्रमुख प्रारंभिक सामग्री, सिंथेसिस इंटरमीडिएट्स एवं बायोलॉजिक्स में। उन्होंने नाईपर, मोहाली में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर  को सुदृढ़ करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा संस्थान द्वारा उद्योग जगत के लिए तैयार पेशेवरों की सराहना की। अंत में उन्होंने नवाचार  एवं इनोवेशन  को गति देने के लिए निरंतर वित्तीय सहायता एवं नीतिगत सुधारों का आश्वासन दिया।

इसके उपरांत, दोपहर कन्वेंशन सेंटर के फोयर में एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जहां माननीय मंत्री जी ने ट्रांसलेशनल रिसर्च के परिणामों को दर्शाते पोस्टर एवं प्रोटोटाइप का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में नाईपर द्वारा किए जा रहे उद्योग सहयोग, पेटेंट तथा क्लिनिकल ट्रायल से संबंधित पहलु प्रदर्शित किये गए ।

माननीय मंत्री ने नाईपर, मोहाली के औषधीय रसीले पौधों (Medicinal Succulents) गार्डन का उद्घाटन भी किया तथा इसके पश्चात संस्थान की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का दौरा किया, जहां उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं से संवाद भी किया।

यह दौरा भारत सरकार की औषधि शिक्षा को सुदृढ़ करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा बायोफार्मास्यूटिकल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।