ब्रेकिंग न्यूज़
यूआईडीएआई ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक सदृढ़ता को बढ़ाने के लिए एनएफएसयू के साथ हाथ मिलाया

यह सहयोग साइबर सुरक्षा ऑडिट, फोरेंसिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण सहित छह प्रमुख क्षेत्रों में केन्द्रित है

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) ने डिजिटल फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्रों में एक संरचित, पांच वर्षीय सहयोग स्थापित करने के लिए हाथ मिलाया है।

यह समझौता ज्ञापन सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करता है और भारत के डिजिटल पहचान इकोसिस्टम को आधार प्रदान करने वाले यूआईडीएआई के डिजिटल इकोसिस्टम में साइबर सदृढ़ता को और मजबूत करने के लिए दो प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों को एक साथ लाया है।

यूआईडीएआई के सीईओ श्री विवेक चंद्र वर्मा और एनएफएसयू गुजरात परिसर के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) एस.ओ. जुनारे के बीच इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इस समारोह में यूआईडीएआई के उप महानिदेशक श्री अभिषेक कुमार सिंह और दोनों पक्षों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

यह सहयोग छह रणनीतिक स्तंभों पर केंद्रित होगा: शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास, सूचना सुरक्षा और प्रणाली अखंडता, फोरेंसिक अवसंरचना और प्रयोगशाला उत्कृष्टता, साइबर सुरक्षा गतिविधियों के लिए तकनीकी सहायता, तकनीकी परामर्श और अनुसंधान (जिसमें एआई, ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन और क्रिप्टोग्राफिक प्रौद्योगिकियों जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान शामिल है) तथा रणनीतिक प्लेसमेंट और आउटरीच, जिसमें एनएफएसयू के छात्रों के लिए प्लेसमेंट और आउटरीच के अवसर शामिल हैं।

यूआईडीएआई के सीईओ श्री विवेक चंद्र वर्मा ने कहा कि यह सहयोग भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का समर्थन करने वाली सुरक्षा, सदृढ़ता और फोरेंसिक क्षमताओं को और मजबूत करने तथा भारत की डिजिटल पहचान प्रणालियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

केंद्रीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा का नाईपर, मोहाली में दौरा

मोहाली / सत्ता संदेश

श्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ने शुक्रवार, 01 मई 2026 को राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईप), मोहाली का दौरा किया।

माननीय मंत्री नाईपर कन्वेंशन सेंटर पहुंचे जहां उनके साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग (DoP), भारत सरकार से सचिव श्री मनोज जोशी, अवर सचिव सुश्री गीता अशोक एवं उप सचिव डॉ. किन्नी सिंह भी उपस्थित रहे।

इसके बाद बोर्ड रूम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नाईपर, मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने संस्थान की दृष्टि, प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) तथा स्ट्रेटेजिक रोडमैप प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में उत्कृष्टता केंद्रों जैसे COE-AVAB एवं COE-बायोफार्मास्यूटिकल्स, संस्थान के नवाचार तंत्र तथा लाइसेंसिंग अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला गया।

प्रो. पांडा ने बताया कि नाईपर, मोहाली शोध उत्कृष्टता के लिए समर्पित है, जिसने उत्कृष्ट एलुमनाई   तैयार किए हैं और नाईपर, मोहाली राष्ट्रीय विकास में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान भारत सरकार के बायोफार्मा शक्ति मिशन को सुदृढ़ करने के लिए सेल एवं जीन थेरेपी, बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स, चिकित्सा उपकरण, एआई आधारित फार्माकोइन्फॉर्मेटिक्स तथा उन्नत औषधि वितरण प्रणालियों के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इस दिशा में संस्थान ने बायोफार्मास्यूटिकल्स और रेगुलेटरी अफेयर्स में दो नए स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी प्रारंभ किए हैं।

सचिव श्री मनोज जोशी ने संकाय एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उद्योग सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया तथा एक्सटर्नल फंडिंग प्राप्त करने वाले संकाय के लिए प्रोत्साहन एवं उद्योग-प्रायोजित अनुसंधान बढ़ाने की बात कही। उन्होंने “पेपर पेटेंट” से आगे बढ़कर वास्तविक अनुप्रयोग एवं कमर्शियलाइजेशन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अपने संबोधन में माननीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने भारत को बायोफार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, विशेष रूप से एपीआई, प्रमुख प्रारंभिक सामग्री, सिंथेसिस इंटरमीडिएट्स एवं बायोलॉजिक्स में। उन्होंने नाईपर, मोहाली में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर  को सुदृढ़ करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा संस्थान द्वारा उद्योग जगत के लिए तैयार पेशेवरों की सराहना की। अंत में उन्होंने नवाचार  एवं इनोवेशन  को गति देने के लिए निरंतर वित्तीय सहायता एवं नीतिगत सुधारों का आश्वासन दिया।

इसके उपरांत, दोपहर कन्वेंशन सेंटर के फोयर में एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जहां माननीय मंत्री जी ने ट्रांसलेशनल रिसर्च के परिणामों को दर्शाते पोस्टर एवं प्रोटोटाइप का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में नाईपर द्वारा किए जा रहे उद्योग सहयोग, पेटेंट तथा क्लिनिकल ट्रायल से संबंधित पहलु प्रदर्शित किये गए ।

माननीय मंत्री ने नाईपर, मोहाली के औषधीय रसीले पौधों (Medicinal Succulents) गार्डन का उद्घाटन भी किया तथा इसके पश्चात संस्थान की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का दौरा किया, जहां उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं से संवाद भी किया।

यह दौरा भारत सरकार की औषधि शिक्षा को सुदृढ़ करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा बायोफार्मास्यूटिकल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

*पंजाब के मुख्य सचिव ने मिसाल कायम करके नागरिकों से जनगणना 2027 के स्व-गणना अभियान में शामिल होने का आग्रह किया*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 1 मई 2026: पंजाब के मुख्य सचिव, श्री के ए पी सिन्हा आईएएस, ने अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी की।

इस प्रक्रिया को श्री मंजीत सिंह ब्रार, प्रशासनिक सचिव, स्थानीय शासन विभाग, और डॉ. नवजोत खोसा, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, पंजाब एवं चंडीगढ़, द्वारा सुगम बनाया गया।

उन्होंने राज्य के सभी निवासियों से राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की, इसे एक नागरिक जिम्मेदारी बताते हुए, जो सार्वजनिक आवश्यकताओं का आकलन करने, संसाधनों के न्यायसंगत आवंटन को सुनिश्चित करने, और सुशासन को मजबूत करने में मदद करती है। उन्होंने आगे आग्रह किया कि हर परिवार की गणना हो, हर किसी से पहुंच बनाई जाए और कोई भी पीछे न छूटे।

मुख्य सचिव ने कहा कि सक्रिय जनभागीदारी एक अधिक मजबूत, अधिक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में मदद करेगी। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि विश्वसनीय जनगणना डेटा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, कल्याणकारी योजनाओं, और विकास नीतियों की योजना का आधार बनता है, जिससे स्व-गणना विकसित भारत के विज़न को साकार करने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन जाती है।

स्व-गणना, जनगणना 2027 की एक प्रमुख विशेषता है और इसे पंजाब राज्य में 30 अप्रैल, 2026 से 14 मई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह व्यक्तियों को अपने घरों में आराम से ऑनलाइन अपने जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विवरण सुविधापूर्वक प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है। इसके महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय और समावेशी जनगणना के संचालन के लिए स्व-गणना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह नागरिकों को अपने परिवार, समुदाय, और क्षेत्र के सटीक प्रतिनिधित्व के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में सीधे योगदान देने का अवसर देती है। यह पहल भौतिक संपर्क की आवश्यकता को उल्लेखनीय रूप से कम करती है, जबकि डेटा संग्रह की दक्षता, कवरेज, और विश्वसनीयता को बढ़ाती है। इसके बाद 15 मई, 2026 से 13 जून, 2026 तक गृह सूचीकरण चरण आयोजित किया जाएगा।

सभी निवासियों से आग्रह किया जाता है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं और जनगणना 2027 की सफलता में पूरे मन से योगदान दें। उनकी सक्रिय भागीदारी एक व्यापक और विश्वसनीय राष्ट्रीय डेटाबेस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो सूचित निर्णय-निर्माण और भविष्य की योजना के लिए आवश्यक है।

संसदीय कार्य मंत्रालय ने सक्रिय भागीदारी और ठोस परिणामों के साथ स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का समापन किया

दिल्ली /सत्ता संदेश

संसदीय कार्य मंत्रालय ने 16 से 30 अप्रैल, 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसमें मंत्रालय के सभी विभागों/प्रकोष्ठों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप स्वच्छता, सफाई, अभिलेख प्रबंधन और कार्यस्थल सुधार पर ध्यान केंद्रित करना था।

यह पखवाड़ा 16 अप्रैल, 2026 को संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव द्वारा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाए जाने के साथ शुरू हुआ। स्वच्छता संबंधी संदेशों को मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जागरूकता को और बढ़ाया गया।

17 अप्रैल, 2026 को एक समर्पित अभिलेख प्रबंधन और डिजिटलीकरण अभियान चलाया गया। इस दौरान 92 फाइलों का डिजिटलीकरण किया गया, 60 फाइलों की समीक्षा की गई, अभिलेख प्रतिधारण अनुसूची के अनुसार 40 भौतिक फाइलों को हटा दिया गया और 38 ई-फाइलों को बंद कर दिया गया।

पूरे पखवाड़े में व्यापक स्वच्छता एवं रखरखाव कार्य किए गए। इनमें सीपीडब्ल्यूडी द्वारा सभी कमरों में बिजली के उपकरणों की सफाई और फ्यूज्ड बल्ब/ट्यूबलाइटों की मरम्मत के साथ-साथ कार्यालयों, गलियारों और सार्वजनिक क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान शामिल था। आवश्यकतानुसार कमरों की सफेदी भी कराई गई।

ग्रीन ऑफिस इनिशिएटिव के तहत, कार्यस्थल के वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सीपीडब्ल्यूडी के बागवानी विभाग ने इनडोर पौधे लगाए।

29 अप्रैल, 2026 को संसदीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मंत्रालय के विभिन्न विभागों/कार्यालयों में स्वच्छता और सफाई मानकों का आकलन करने के लिए निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के आधार पर ही स्वच्छता मानकों के अनुसार विभागों का वर्गीकरण भी किया गया।

यह स्वच्छता पखवाड़ा 30 अप्रैल, 2026 को एक समारोह के साथ संपन्न हुआ। इसमें संसदीय कार्य सचिव ने शीर्ष तीन प्रदर्शन करने वाले अनुभागों को स्मृति चिन्ह वितरित किए। इस अवसर पर अपर सचिव भी उपस्थित थे। समारोह के दौरान, सचिव ने अन्य अनुभागों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अनुभागों का अनुकरण करने और स्वच्छता मानकों तथा अपने कार्यस्थलों के समग्र वातावरण को बेहतर बनाकर और अधिक सुधार के लिए प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

संसदीय कार्य मंत्रालय ने स्वच्छता, कुशल अभिलेख प्रबंधन और एक स्थायी कार्य वातावरण को शासन के अभिन्न घटकों के रूप में संस्थागत रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

चिंतन शिविर में भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन संबंधी आदर्श दिशा – निर्देशों का अनावरण किया गया।

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक चंडीगढ़ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित चिंतन शिविर के दौरान भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन पर आदर्श दिशानिर्देशों का अनावरण किया।

इन दिशानिर्देशों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता, अवसंरचना और क्षमता, पोषण और खाद्य सुरक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास, कानूनी सहायता और जागरूकता, बाल और लैंगिक संवेदनशीलता, और जवाबदेही एवं निगरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा प्रदान किया गया है। ये दिशानिर्देश विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर भी जोर देते हैं ताकि उपरोक्त निर्देशों का सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।

मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे देश भर में भिखारियों/आश्रय गृहों में मानवीय और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए इन दिशानिर्देशों को अक्षरशः लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

न्याय विभाग ने स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया

न्याय विभाग ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का आयोजन किया, जिसमें सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और मानसिक कल्याण के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया।

विभाग द्वारा 2 अप्रैल, 2026 को सभी कर्मचारियों के लिए आधे घंटे का योग सत्र आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को योग को अपने जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। यह सत्र पखवाड़ा अवधि के दौरान आयोजित किया गया था ताकि कर्मचारियों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन:सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

स्वच्छता और साफ-सफाई पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए विभाग में 09 अप्रैल, 2026 को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हिंदी में एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।

10 अप्रैल, 2026 को जैसलमेर हाउस परिसर में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके बाद सचिव (न्याय) श्री नीरज वर्मा के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य अधिकारियों को अपने निवास स्थान के आस-पास या किसी उपयुक्त स्थान पर वृक्षारोपण में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है ताकि पर्यावरण को हरा-भरा बनाया जा सके। सचिव (न्याय) ने स्वच्छ, हरित और सतत पर्यावरण को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्वच्छता दिवस के अवसर पर न्याय विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के बच्चों के लिए 10 अप्रैल, 2026 को एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यह उनके लिए एक मजबूत प्रेरणा का स्रोत बना।

पखवाड़े के दौरान, विभाग ने 13 अप्रैल, 2026 को आईजीओटी मिशन एलआईएफई (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) पर एक सत्र/मॉड्यूल का आयोजन किया, ताकि सभी लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत दैनिक कार्यों को सीख सकें और अपना सकें, साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ‘पर्यावरण समर्थक लोगों’ का एक नेटवर्क विकसित कर सकें। सत्र का उद्देश्य ‘उपयोग करो और फेंक दो’ अर्थव्यवस्था को ‘चक्रीय अर्थव्यवस्था’ से बदलने के लिए जागरूकता पैदा करना था, जिसमें पर्यावरण स्थिरता के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर दिया गया था।

स्वच्छता पखवाड़ा समारोह के दौरान, न्याय विभाग ने भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती पर, मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा का ‘माल्यर्पण’ समारोह भी आयोजित किया। यह कार्यक्रम भारतीय संविधान के निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित करने और समानता, न्याय, सामाजिक सशक्तिकरण और महिलाओं, श्रमिकों और हाशिए पर पड़े समुदायों के सामाजिक सुधारों के उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए आयोजित किया गया था। विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने जैसलमेर हाउस परिसर के सामने स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

डॉ. अंबेडकर के समाज में किए गए अभूतपूर्व योगदान को याद करते हुए, न्याय विभाग के सचिव श्री नीरज वर्मा, विभाग के पूर्व सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस अवसर पर डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इन गतिविधियों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यस्थलों और अन्य स्थानों पर स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई। पखवाड़े के दौरान आयोजित स्वच्छता गतिविधियों/प्रतियोगिताओं की विभिन्न श्रेणियों में अधिकारियों को कई पुरस्कार दिए गए। विभाग स्वच्छ भारत मिशन के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध है और नियमित पहलों, अभियानों और गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता और स्थिरता को बढ़ावा देना जारी रखेगा।

हिसार में 20 अप्रैल से 1 मई तक पासपोर्ट मोबाइल वैन कैंप; बुकिंग के लिए रोज़ाना 40 अपॉइंटमेंट स्लॉट उपलब्ध
चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़/हिसार, 16 अप्रैल 2026: क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र, हिसार (प्रधान डाकघर, प्रियत चौक के पास, हिसार–125001) में 20 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक पासपोर्ट मोबाइल वैन कैंप का आयोजन किया जा रहा है।

उपरोक्त तिथियों के लिए अपॉइंटमेंट पहले ही जारी किए जा चुके हैं और वर्तमान में बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं। इस कैंप के लिए प्रतिदिन कुल 40 पासपोर्ट अपॉइंटमेंट स्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं।

जो आवेदक सामान्य श्रेणी (टाट्काल आवेदन को छोड़कर) के तहत नया पासपोर्ट बनवाना या पुनः जारी करवाना चाहते हैं, वे अपनी अपॉइंटमेंट आधिकारिक वेबसाइट (https://passportindia.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।

*सीसीए पंजाब सर्कल कार्यालय ने जीवन प्रमाण पत्र शिविर का आयोजन किया*

लुधियाना/ सत्ता संदेश

संचार लेखा नियंत्रक (सीसीए), पंजाब सर्कल के कार्यालय ने पेंशनभोगियों की सुविधा और उनकी पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए 15 अप्रैल, 2026 को बीएसएनएल जीएमटीडी कार्यालय, भारत नगर चौक, लुधियाना में सफलतापूर्वक एक जीवन प्रमाण पत्र (LC) शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में लगभग 60 पेंशनभोगियों ने भाग लिया।

इस शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा प्रदान करना और पेंशनभोगियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा सामना की जाने वाली पेंशन संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने पेंशनभोगियों को मौके पर सहायता प्रदान की और पेंशन संबंधी मामलों, आवश्यक दस्तावेजों और पेंशन प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दिया।

शिविर में जीवन प्रमाण, ऑनलाइन पेंशन सेवाओं और डिजिटल इंडिया के तहत अन्य नागरिक-केंद्रित पहलों जैसी डिजिटल सेवाओं के बारे में भी जागरूकता पैदा की गई, जिससे पेंशनभोगी अपने घर बैठे सेवाओं का लाभ उठा सकें। इसके अलावा, प्रतिभागियों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी साझा की गई।

साथ ही, पेंशनभोगियों को साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया, जिसमें फर्जी कॉल/मैसेज, फिशिंग के प्रयासों से बचने और व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया गया।

पेंशनभोगी संघों ने संचार लेखा नियंत्रक (सीसीए) पंजाब, श्री विजेंद्र एन. टंडन के कार्य और नेतृत्व की सराहना की, क्योंकि उन्हें हमेशा अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान मिला है। भाग लेने वाले पेंशनभोगियों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होती है और सेवाएँ अधिक सुलभ, पारदर्शी और सुविधाजनक बनती हैं।

सीसीए पंजाब की टीम भविष्य में भी विभिन्न जिलों में इसी तरह के आउटरीच शिविर आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि पेंशनभोगियों के लिए समय पर, कुशल और सुरक्षित सेवाएँ सुनिश्चित की जा सकें।

*जनगणना 2027: हरियाणा में 16 अप्रैल, 2026 से स्व-गणना शुरू होगी**निवासियों की गोपनीयता और निजता सुनिश्चित की जाएगी*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

हरियाणा राज्य में, जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की मुहिम 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगा, जिससे लोग ऑफिशियल पोर्टल se.census.gov.in के ज़रिए अपनी स्वयं गणना का विवरण ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। ऑफिस ऑफ़ द रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर, इंडिया की यह डिजिटल पहल, नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे हरियाणा के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के परिवार मोबाइल फ़ोन, टैबलेट या कंप्यूटर का इस्तेमाल करके कहीं से भी हिस्सा ले सकते हैं।

स्व-गणना पूरी तरह से स्वयं घोषणा पर आधारित प्रक्रिया है और इसके लिए किसी दस्तावेज की ज़रूरत नहीं है। नागरिकों को मोबाइल नंबर और ओटीपी का इस्तेमाल करके पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा, डिजिटल मैप पर अपने घर या जगह को मार्क करना होगा, और घर के सभी सदस्यों के ब्यौरे के साथ-साथ घर की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी डालनी होगी।  इस फ़ॉर्म में लगभग 33 सवाल हैं, जिनमें घर की बनावट, घर का टाइप और स्थिति, पीने के पानी की उपलब्धता, बिजली, सफ़ाई, और सामाजिक-आर्थिक और पढ़ाई-लिखाई की जानकारी शामिल है। मोबाइल नंबर देना ज़रूरी होगा। सबमिट करने पर, एक यूनिक सेल्फ़-एन्यूमरेशन आई डी (SE ID) बनेगी, जिसे फ़ील्ड वेरिफ़िकेशन के दौरान एन्यूमरेटर के साथ साझा करना होगा।

स्वगणना चरण के बाद 1 मई से 30 मई 2026 तक हाउसलिस्टिंग और गृह गणना(HLO) की जाएगी। गृह गणना के दौरान, एन्यूमरेटर ऑनलाइन सबमिट की गई जानकारी को सत्यापित करने और उन घरों की गणना करने के लिए घरों में जाएँगे जिन्होंने स्वगणना नहीं की है।

सेल्फ़-एन्यूमरेशन की सुविधा हरियाणा के सभी ज़िलों में उपलब्ध है और इसे इस प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इस काम से इकट्ठा किया गया डेटा ज़िला-स्तर की योजनाबंदी और हरियाणा में राज्य के विकास और भलाई की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह सेवा को बेहतर बनाने में मदद करेगा।  नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से तथ्यों पर आधारित प्रबंधन मजबूत होगा और हरियाणा के विकास में तेज़ी आएगी।

निवासियों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित रहेगी। डेटा का इस्तेमाल सिर्फ़ स्टैटिस्टिकल मकसद और सेंसस एक्ट के नियमों के अनुसार डेवलपमेंट प्लानिंग के लिए किया जाएगा। नागरिकों को भरोसा दिलाया जाता है कि प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा सबसे ज़रूरी हैं।

हरियाणा के सभी निवासियों से अपील है कि वे 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रोसेस में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और जानकारी सही और पूरी तरह से जमा करें। उनकी भागीदारी एक मज़बूत, डेटा-ड्रिवन हरियाणा बनाने में मदद करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि देश के सबसे बड़े प्रशासकीय कार्यक्रम में हर घर की गणना हो।

हरियाणा के राज्यपाल ने जनगणना 2027 के लिए लोगों से स्व-गणना करने के लिए की अपील 

सभी हरियाणावासी अपने स्व-गणना करें — प्रो. असीम कुमार घोष

चंडीगढ़/सत्ता संदेश

 निदेशक, जनगणना एवं नागरिक पंजीकरण (हरियाणा), गृह मंत्रालय द्वारा आज माननीय राज्यपाल हरियाणा, प्रो. अशीम कुमार घोष से शिष्टाचार भेंट की गई तथा उन्हें जनगणना 2027 से संबंधित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर जनगणना गतिविधियों से संबंधित एक कैलेंडर भी जारी किया गया। हरियाणा राज्य में स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। सभी नागरिक मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे Self-Enumeration पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह एक सरल, सुरक्षित एवं आधुनिक पहल है। इसके पश्चात, 1 मई से 30 मई 2026 तक पूरे राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting Operations) के अंतर्गत प्रगणक प्रत्येक घर का दौरा करेंगे।
इस मौके पर माननीय राज्यपाल हरियाणा ने श्री ललित जैन, निर्देशक, जनगणना विभाग, हरियाणा तथा उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आंकड़ों के आधार पर हरियाणा के विकास की दिशा और नीति निर्धारित की जाएगी।

राज्यपाल ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्व-गणना का अधिक से अधिक उपयोग करें, क्योंकि यह अत्यंत सुविधाजनक एवं सुगम है। इससे समय और संसाधनों की बचत भी होगी।

अंत में, प्रो. घोष ने सभी हरियाणा निवासियों से अपील की कि वे जनगणना कर्मचारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, ताकि यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।