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पंजाब में बिजली संकट: सरकार ने शेड्यूल्ड कट किए रद्द, बढ़ती मांग और हड़ताल ने बढ़ाई मुसीबत

पंजाब डेस्क : पंजाब में भीषण गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में बार-बार लग रहे अघोषित कटों के कारण हो रही किरकिरी के बाद अब 30 अप्रैल तक सभी शेड्यूल्ड शटडाउन (Scheduled Shutdowns) रद्द कर दिए गए हैं। विभाग ने आदेश जारी किया है कि बिना जोनल ऑफिस की लिखित मंजूरी के 11 kV या उससे ऊपर का कोई भी काम (PTW) नहीं किया जाएगा ताकि सप्लाई बहाल रहे।

जनता का गुस्सा और प्रदर्शन: शुक्रवार रात को पूरे पंजाब में 2 से 4 घंटे के कट लगे, जिससे 40 डिग्री से अधिक तापमान में लोग सो नहीं सके। इसके विरोध में मानसा और बुढलाडा में लोगों ने बिजली दफ्तरों का घेराव किया, वहीं बठिंडा के कोटसमीर और तुंगवाली गांव में ग्रामीणों ने बिजली ग्रिड पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।

मांग और आपूर्ति का गणित: पंजाब में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ते हुए 12,130 मेगावाट तक पहुंच गई है। राज्य में उत्पादन केवल 5,100 मेगावाट है, जिसके चलते पावरकॉम ने सेंट्रल पूल से 7,000 मेगावाट बिजली खरीदी है, फिर भी मांग पूरी नहीं हो पा रही है।

हड़ताल और तकनीकी कारण: संकट के पीछे पावरकॉम के टेक्निकल स्टाफ की हड़ताल एक बड़ी वजह है। कर्मचारी केवल 8 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं और कोई अतिरिक्त काम नहीं कर रहे, जिससे फीडर ट्रिप होने पर उसे ठीक करने में घंटों लग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रीक्वेंसी (50 हर्ट्ज) में जरा भी उतार-चढ़ाव होने पर सिस्टम खुद ही ट्रिप हो जाता है। आज भी लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मोहाली और पटियाला के कई इलाकों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रंप ने रद्द किया इस्लामाबाद दौरा: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर लगा ब्रेक

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली ईरान के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल का दौरा रद्द कर दिया है। इस डेलिगेशन का नेतृत्व मध्य पूर्व मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर करने वाले थे। ट्रंप ने इस लंबी दूरी की यात्रा को ‘अनावश्यक और बेकार’ बताते हुए इसे रोकने का फैसला किया।

इस फैसले से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कराने की पाकिस्तान की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका और इजरायल के लिए अपनी मांगों की एक आधिकारिक सूची पाकिस्तान को सौंप दी है और अब ईरानी विदेश मंत्री अरगची ओमान और रूस के दौरे पर जाएंगे।

इससे पहले इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही थी।इसी बीच, ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह ईरान पर न्यूक्लियर बम का इस्तेमाल नहीं करेंगे और किसी को भी इसकी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने ईरानी सेना पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि वे अपना नेतृत्व खो चुके हैं और अब ‘कुत्ते-बिल्लियों’ की तरह लड़ रहे हैं। इसके अलावा, हालिया विवादों के बाद ट्रंप ने भारत की तारीफ करते हुए उसे एक ‘महान देश’ बताया है।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…25-04-2026

पंजाब डेस्क : पंजाब और चंडीगढ़ की आज की तमाम बड़ी और हलचल भरी खबरों के साथ हम हाजिर हैं। आज राज्य की राजनीति में उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने बागी तेवर दिखाते हुए पार्टी छोड़ दी, जिससे सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

वहीं, एक तरफ जहाँ कनाडा की नई इमीग्रेशन पॉलिसी ने विदेश जाने के चाहवानों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं, तो दूसरी तरफ बठिंडा में एक कारोबारी की खुदकुशी और सिरसा में पंजाब के एक्साइज इंस्पेक्टर की संदिग्ध मौत ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसके साथ ही, भीषण गर्मी के बीच पंजाब में गहराते बिजली संकट और चंडीगढ़ में ‘जॉम्बी ड्रग’ के बढ़ते खतरे ने आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं।आइए, विस्तार से जानते हैं पंजाब और चंडीगढ़ की दिनभर की वे 10 बड़ी खबरें, जो आज सुर्खियों में छाई रहीं।

आम आदमी पार्टी में बड़ी टूट और सांसदों का दलबदल: पंजाब में आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 ने पार्टी छोड़ दी है, जिनमें से राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भाजपा जॉइन कर ली है। राघव चड्ढा का दावा है कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए दलबदल कानून लागू नहीं होगा, जबकि AAP सांसदों की सदस्यता रद्द कराने के लिए उपराष्ट्रपति को ज्ञापन देगी।

पंजाब में बिजली संकट और लंबे कट: गर्मी बढ़ने के कारण पंजाब में बिजली की मांग 12,130 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिससे राज्य में 2 से 4 घंटे के अघोषित कट लग रहे हैं। पावरकॉम का टेक्निकल स्टाफ हड़ताल पर है और केवल 8 घंटे ड्यूटी कर रहा है, जिससे फाल्ट ठीक करने में देरी हो रही है।

एक्साइज इंस्पेक्टर की कार में संदिग्ध मौत: मोगा में तैनात एक्साइज इंस्पेक्टर करमजीत सिंह चीमा का शव हरियाणा के सिरसा में एक कार के अंदर मिला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है, हालांकि मामले की जांच जारी है।

चंडीगढ़ में ‘जॉम्बी ड्रग’ का खौफ: चंडीगढ़ में एक युवक का वीडियो सामने आया है जो ड्रग्स के असर से सड़क किनारे ‘स्टैच्यू’ बनकर बैठा रहा। युवक ने बताया कि उसे दोस्तों ने इंजेक्शन वाले इस नशे की लत लगाई है, जिससे शरीर घंटों सुन्न हो जाता है।

कारोबारी का सुसाइड और पुलिस पर आरोप: बठिंडा में एक रेत-बजरी कारोबारी ने फेसबुक वीडियो पोस्ट करने के बाद आत्महत्या कर ली। उसने अपनी मौत के लिए सिटी डीएसपी-वन और कोर्ट रीडर समेत तीन लोगों को प्रताड़ना का जिम्मेदार ठहराया है।

लॉरेंस गैंग की बड़ी हस्तियों को धमकी: गैंगस्टर लॉरेंस पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगने से नाराज होकर गैंग ने पंजाब के DGP, सांसद राजा वड़िंग और सिद्धू मूसेवाला के पिता को ‘कफन तैयार रखने’ की धमकी दी है।

कनाडा की नई PR पॉलिसी 2026: कनाडा सरकार ने अपनी नीति बदलते हुए अब सालाना 70 लाख रुपए कमाने वाले लोगों को महज 1 हफ्ते में PR देने का फैसला किया है। सरकार का फोकस अब डॉक्टर, नर्स और इंजीनियरों को स्थायी निवासी बनाने पर है।

अमृतपाल सिंह को न्यायिक हिरासत: खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह को अजनाला कोर्ट ने 30 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस उनके रिमांड के दौरान अब तक कोई रिकवरी नहीं कर पाई है।

कनाडा में सिख कार्यक्रम के दौरान मारपीट: ओंटारियो में सिख हेरिटेज मंथ के दौरान एक युवती के साथ मारपीट और बाल खींचने की घटना सामने आई है। प्रदर्शनकारी ओंटारियो इमिग्रेंट नॉमिनी प्रोग्राम (OINP) की अर्जियां रद्द होने से नाराज थे।

अमृतसर में चलती बस की छत पर मारपीट: अमृतसर में गोल्डन गेट के पास एक चलती बस की छत पर कुछ प्रवासी युवकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले。 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू किया और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

IPL 2026: पंजाब किंग्स का ऐतिहासिक धमाका, दिल्ली के 265 रनों के विशाल लक्ष्य को बौना साबित कर दर्ज की रोमांचक जीत

स्पोर्टस डेस्क : आईपीएल 2026 के 35वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में इतिहास रच दिया है। पंजाब ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) द्वारा दिए गए 265 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य को मात्र 18.5 ओवरों में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने टूर्नामेंट में अपना विजयी अभियान जारी रखा है, जो उनकी 7 मैचों में छठी जीत है।

केएल राहुल का ऐतिहासिक शतक गया बेकार: इससे पहले, दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। दिल्ली ने केएल राहुल की रिकॉर्ड तोड़ पारी की बदौलत 20 ओवर में 264 रन बनाए। केएल राहुल ने नाबाद 152 रन बनाए और वे आईपीएल इतिहास में 150+ रन बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने नितीश राणा (91 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 220 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी भी की।

पंजाब की धमाकेदार शुरुआत और अय्यर का फिनिश: लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम को प्रियांश आर्या (43) और प्रभसिमरन सिंह (76) ने तूफानी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 41 गेंदों में 126 रन जोड़े। बीच में कुछ विकेट गिरने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर (71)* ने मोर्चा संभाला और शशांक सिंह (19*) के साथ मिलकर टीम को 7 गेंद पहले ही जीत दिला दी।

हेड टू हेड: इस जीत के साथ ही दोनों टीमों के बीच आईपीएल का रिकॉर्ड अब 17-17 की बराबरी पर आ गया है।

चोट की खबर: फील्डिंग के दौरान दिल्ली के गेंदबाज लुंगी एन्गिडी बुरी तरह चोटिल हो गए, जिन्हें मैदान से सीधे एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

प्रभसिमरन का रिकॉर्ड: प्रभसिमरन सिंह ने एक ही ओवर में 6 चौके जड़ने का कारनामा किया, जो आईपीएल इतिहास में सिर्फ तीसरी बार हुआ है।

भाजपा में शामिल हुए सांसदों के खिलाफ कड़ा विरोध, ‘पंजाब के गद्दार’ करार

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

आप कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के आवासों की दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखा; पुतले जलाए

पवन टिनू: 2027 में आप की वापसी तय, भाजपा हताशा भरे हथकंडे अपना रही है

अरविंद केजरीवाल की कर्म-राजनीति से भाजपा घबराई हुई है और साजिशों का सहारा ले रही है: परमिंदर गोल्डी

पंजाबी इन ‘गद्दार’ सांसदों को मुंहतोड़ जवाब देंगे: आप नेताओं

चंडीगढ़, 25 अप्रैल

आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं और आम जनता में राज्यसभा सांसदों हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के खिलाफ कड़ा आक्रोश फैल गया है, जिन्होंने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए हैं। गुस्से का स्पष्ट प्रदर्शन करते हुए, उनके घरों और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) की दीवारों पर उन्हें “गद्दार” बताते हुए नारे लिखे गए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें “पंजाब के गद्दार” कहकर भी नारे लगाए, जो व्यापक जन आक्रोश को दर्शाता है।

पंजाब के लोगों ने राज्य के जनादेश के साथ विश्वासघात बताते हुए गहरी निराशा व्यक्त की है। कई लोगों ने विरोध के प्रतीक के रूप में अपने बच्चों का एलपीयू में दाखिला न कराने की भी बात कही है।

जालंधर में, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन कुमार टिनू ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार 2027 में पंजाब में फिर से सत्ता में आएगी, जिससे भाजपा के पास कोई राजनीतिक आधार नहीं बचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हताशा में आकर भाजपा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों को “हर तरह से” अपने पाले में कर रही है। टिनू ने आगे दावा किया कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक अपवित्र गठबंधन बनाया है, यही कारण है कि उनके नेता आम आदमी पार्टी के विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बारे में एक जैसे बयान दे रहे हैं।

इसी बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब युवा विंग के कार्यवाहक अध्यक्ष परमिंदर गोल्डी ने राजिंदर गुप्ता के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने “पंजाब दे गद्दार मुर्दाबाद” के नारे लगाए। गोल्डी ने कहा कि पंजाब की जनता विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल की विकास और सुशासन की राजनीति से भाजपा बेहद परेशान है और साजिशों के जरिए आम आदमी पार्टी को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि ये प्रयास विफल होंगे, क्योंकि आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता पार्टी नेतृत्व और उसके विजन के साथ मजबूती से खड़ा है।

आप नेताओं ने दोहराया कि पार्टी एकजुट है और पंजाब की जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है, और चेतावनी दी कि जो भी पंजाब के विश्वासघात करेगा, उसे पंजाब की जनता जवाबदेह ठहराएगी।

पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

बठिंडा/सत्ता संदेश

, 25 अप्रैल 2026: पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा के पंजाबी विभाग द्वाराइंटैक पंजाब चैप्टर और बठिंडा चैप्टर के सहयोग से श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत “श्री गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाएं और शहादत: सर्वकालिक सार्थकता” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 24 अप्रैल 2026 को किया गया। कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस संगोष्ठी में प्रसिद्ध पंजाबी चिंतक और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस डॉ. मनमोहन सिंह (पूर्व आईपीएस) ने मुख्य वक्तव्य दिया, जबकि पंजाबी यूनिवर्सिटी के सिख इनसाइक्लोपीडिया विभाग के प्रो. परमवीर सिंह ने विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। इंटैक पंजाब चैप्टर के संयोजक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बलविंदर सिंह तथा बठिंडा चैप्टर के संयोजक श्री कंवर भीम सिंह ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। इसके अतिरिक्त विभिन्न अकादमिक सत्रों की अध्यक्षता प्रो. सतनाम सिंह जस्सल, प्रो. राजिंदर सिंह तथा हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. नरेश कुमार ने की। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के डीन (अकादमिक) प्रो. रामाकृष्ण वुसिरिका ने की।

अपने मुख्य वक्तव्य में डॉ. मनमोहन सिंह ने शहादत की अवधारणा का ऐतिहासिक विश्लेषण करते हुए गुरु तेग बहादुर जी की अद्वितीय शहादत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह शहादत धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए दी गई थी तथा इसे केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी समझने की आवश्यकता है।

प्रो. परमवीर सिंह ने अपने विशेष व्याख्यान में कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने उपदेशों को व्यवहार में उतारा और समाज को निर्भयता का संदेश दिया। उनकी शहादत ने भारत में सम्मानपूर्वक जीवन जीने की चेतना को मजबूत किया और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा दी।

इंटैक के संयोजक मेजर जनरल (से.नि.) बलविंदर सिंह ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सिख इतिहास के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया तथा नई पीढ़ी को अपने समृद्ध विरासत से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

डीन (अकादमिक) प्रो. रामाकृष्ण वुसिरिका ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में इस संगोष्ठी के आयोजन के लिए पंजाबी विभाग की सराहना की तथा विश्वविद्यालय में स्थापित किए जा रहे “श्री गुरु तेग बहादुर सेंटर ऑफ स्टडीज़ इन इंडिक सिविलाइज़ेशन एंड रिलीजियस स्टडीज़” के बारे में जानकारी दी।

संगोष्ठी के लिए 70 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया और तीन अकादमिक सत्रों में चयनित शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। शोधकर्ताओं ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, बाणी और शहादत के विभिन्न पहलुओं पर शोधपरक विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. अमनदीप सिंह के स्वागत भाषण से हुई तथा प्रो. रमनप्रीत कौर ने संगोष्ठी का परिचय प्रस्तुत किया। मंच संचालन डॉ. सरबजीत सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सतप्रीत सिंह जस्सल और गुरप्रीत कौर ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रमुख, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे, साथ ही आसपास के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने भी संगोष्ठी में सक्रिय भागीदारी निभाई।

पोषण निगरानी ऐप: कुपोषण के समाधान के लिए डेटा का उपयोग

पोषण निगरानी ऐप: कुपोषण के समाधान के लिए डेटा का उपयोग

  • प्रो. लिंडसे जैक्स

हममें से कई लोग अपने डॉक्टरों को इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड में जानकारी दर्ज करते हुए देखते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ये डेटा समय के साथ हमारे स्वास्थ्य की निगरानी करने में मदद करेंगे, जोखिमों की शुरुआत में ही पहचान कर लेंगे और समय पर कार्रवाई को निर्देशित करेंगे। डिजिटल प्रणालियाँ केवल डेटा संग्रह के कारण ही नहीं, बल्कि जानकारी को निर्णय और बेहतर देखभाल में बदलने में मदद करने की वजह से सबसे बेहतर काम करती हैं। 

महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा 2021 में लॉन्च किए जाने के बाद, पोषण निगरानी ऐप ने पोषण सेवा अदायगी डेटा को अधिक कार्रवाई-योग्य बनाने का प्रयास किया है। इसका उद्देश्य केवल डिजिटलीकरण करना नहीं, बल्कि बाल विकास और पोषण सेवाओं को दर्ज करने और समीक्षा करने में अधिक गंभीरता और निरंतरता लाना है।

पोषण निगरानी में नियमित रूप से एकत्र किए गए वृद्धि डेटा को अंतिम सिरे पर खड़े व्यक्ति के लिए सार्थक निर्णयों में बदलने की क्षमता है। मासिक वृद्धि निगरानी—यदि सही ढंग से मापी जाए और लगातार रिकॉर्ड की जाए—तो जोखिम के शुरुआती संकेत प्रदान कर सकती है। एक एकल, निरंतर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, वृद्धि रुझानों को पूरक पोषण उपायों से जोड़ने में मदद कर सकता है, जैसे घर ले जाने वाला राशन, देखभाल करने वालों का परामर्श और गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों को स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर करना आदि।

इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए, हमें डैशबोर्ड से निर्णय की ओर और गणना से देखभाल की ओर बदलाव करने की आवश्यकता है। अंतर्निहित संकेत, सरल चेकलिस्ट और चेतावनी; आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कमजोर या गंभीर कुपोषण के शिकार बच्चों के लिए बाद की कार्रवाई करने में मदद कर सकती है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा आरसीएच 2.0 पोर्टल के डेटा के साथ एकीकरण, समन्वय की साथ की गयी घर की यात्रा के जरिये रेफरल फॉलो-अप को और भी मजबूत कर सकता है।

वर्तमान में, एकत्रित वृद्धि डेटा एक महत्वपूर्ण शुरुआती बिंदु प्रदान करता है। मापन प्रथाओं और प्रणाली समर्थन में सुधारों के साथ, यह समय पर निर्णय लेने में भरोसेमंद जानकारी प्रदान कर सकता है। सटीक निर्णय मूलभूत चीज़ों को ठीक करने पर निर्भर करते हैं—भरोसेमंद मापन, सही तकनीकें और कार्यात्मक उपकरण। यदि किसी बच्चे की ऊँचाई या वजन एक महीने में असामान्य रूप से बदलता है, तो प्रणाली को सत्यापन या पुनः मापन का संकेत देना चाहिए। ऐप में शामिल छोटे माइक्रो-वीडियो देखभाल के स्थल पर वजन पैमाने और लंबाई बोर्ड के सही उपयोग को सुदृढ़ कर सकते हैं। समान रूप से महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में माप-संकेत वाले और कार्यात्मक उपकरण मौजूद हों। ये मूलभूत बातें वृद्धि निगरानी डेटा की उपयोगिता को मजबूत करने के लिए आवश्यक हैं।

पोषण निगरानी डेटा का विश्लेषण डैशबोर्ड से निर्णय लेने की प्रक्रिया में बदलाव का भी समर्थन कर सकता है। सबसे पहले, हमें पता होना चाहिए कि कुपोषण की सबसे अधिक संभावना कब होती है—किस उम्र में और वर्ष के किन महीनों में। क्या यह जन्म के समय होता है? या क्या 0 से 3 महीने या 3 से 6 महीने महत्वपूर्ण हैं, जब माताओं को केवल स्तनपान कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है? या यह 6 महीने से 1 साल के दौरान होता है, जब पर्याप्त, उचित और सुरक्षित पूरक आहार की आवश्यकता होती है?

पोषण निगरानी डेटा के विश्लेषण से हमें उन बच्चों के बारे में और ज़्यादा जानने में भी मदद मिल सकती है जो कुपोषण से ठीक हो जाते हैं। क्या कुछ खास ज़िलों के बच्चों में ठीक होने की संभावना ज़्यादा होती है? क्या खरीफ फसल की कटाई वाले महीनों के दौरान बच्चों के ठीक होने की संभावना अधिक होती है? इसी तरह, ऐसे विश्लेषण हमें उन बच्चों के बारे में और भी बहुत कुछ बता सकते हैं जो अपने पूरे बचपन के दौरान बार-बार या लगातार कुपोषण का शिकार होते रहते हैं। क्या ये वे बच्चे हैं, जो जन्म के समय से ही कुपोषण के शिकार थे और बाद में भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए? क्या ये वे बच्चे हैं, जिन्हें घर ले जाने वाला राशन नियमित रूप से नहीं मिल रहा है? इस तरह की  जानकारी होने पर, स्थानीय स्तर पर पोषण सेवा अदायगी को बेहतर बनाया जा सकता है।

डेटा पर भरोसा बढ़ाना, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के कार्यभार में कमी लाने के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। प्रणाली में विश्वास बढ़ने के साथ, अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्राथमिक रिकॉर्ड के रूप में ऐप का उपयोग करने की शुरुआत कर रहे हैं। हालांकि, कई जगहों पर, संचार-संपर्क की समस्याओं या अनुपालन आवश्यकताओं के कारण डिजिटल प्रविष्टि के साथ-साथ कागजी रजिस्टर भी रखे जाते हैं। ऑफ़लाइन कार्यक्षमता को मजबूत करना, डेटा की विश्वसनीयता में सुधार करना और डिजिटल-प्रथम कार्यप्रवाह पर स्पष्टता प्रदान करना, सेवा स्थल पर डेटा प्रविष्टि की ओर बदलाव को गति देने और दोहरी रिपोर्टिंग की आवश्यकता को कम करने में मदद कर सकता है। प्रणाली को परिष्कृत करने में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को शामिल करने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि ऐप उनके काम में सहायक हो। 

पोषण निगरानी ऐप समय पर और सोच-समझकर फ़ैसले लेने में मदद करने वाला एक भरोसेमंद उपकरण है। इसकी असली ताकत जोखिम की जल्द पहचान करने, तेज़ी से बाद की कार्रवाई करने और पोषण सेवाओं के बेहतर तालमेल को सक्षम बनाने में है। आखिरी छोर की ज़मीनी हकीकतों को ध्यान में रखकर बनाया गया और डेटा की गुणवत्ता व इसके इस्तेमाल में हुए लगातार सुधारों से और मज़बूत बनाया गया पोषण निगरानी ऐप, सिर्फ़ एक निगरानी उपकरण ही नहीं, बल्कि पोषण सेवा अदायगी को मज़बूत बनाने का एक सार्थक उपाय भी है।

पेक में विद्यार्थियों के लिए “परीक्षा तनाव प्रबंधन” विषय पर वर्कशॉप का हुआ आयोजनपंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी),

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ के स्टूडेंट काउंसलिंग सेल ने आज परिसर में कॉलेज विद्यार्थियों के लिए “परीक्षा तनाव प्रबंधन” विषय पर एक वर्कशॉप का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक दबाव से निपटने और परीक्षा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों से सुसज्जित करना था।

यह कार्यक्रम डॉ. डी.आर. प्रजापति (डीन छात्र कल्याण) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। वर्कशॉप का संचालन सुश्री दीप्ति कपिला द्वारा किया गया, जिन्होंने तनाव और चिंता को कम करने के प्रभावी उपाय साझा किए। इंटरैक्टिव गतिविधियों और विचारोत्तेजक चर्चाओं के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को रिलैक्सेशन तकनीक, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच जैसे उपायों के बारे में मार्गदर्शन दिया।

वर्कशॉप का समन्वय डॉ. सुलता भंडारी (प्रोफेसर इंचार्ज, स्टूडेंट काउंसलिंग सेल), श्री नवीन कुमार (स्टूडेंट काउंसलर) और सुश्री तन्वी शर्मा (स्टूडेंट काउंसलर) द्वारा किया गया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

इस वर्कशॉप में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने सत्र को अत्यंत लाभकारी और रोचक पाया। यह पहल पेक द्वारा अपने विद्यार्थियों के लिए सहयोगात्मक और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण विकसित करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

चिंतन शिविर में भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन संबंधी आदर्श दिशा – निर्देशों का अनावरण किया गया।

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक चंडीगढ़ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित चिंतन शिविर के दौरान भिखारियों/आश्रय गृहों की देखभाल, पुनर्वास और प्रबंधन पर आदर्श दिशानिर्देशों का अनावरण किया।

इन दिशानिर्देशों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता, अवसंरचना और क्षमता, पोषण और खाद्य सुरक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास, कानूनी सहायता और जागरूकता, बाल और लैंगिक संवेदनशीलता, और जवाबदेही एवं निगरानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा प्रदान किया गया है। ये दिशानिर्देश विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर भी जोर देते हैं ताकि उपरोक्त निर्देशों का सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।

मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे देश भर में भिखारियों/आश्रय गृहों में मानवीय और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए इन दिशानिर्देशों को अक्षरशः लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

दवाओं की मांग में कमी के लिए राष्‍ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के अंतर्गत निगरानी और संस्थागत समन्वय को मजबूत करने के लिए नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) 2.0 ऐप का शुभारंभ किया गया  

दिल्ली /सत्ता संदेश

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 15 अगस्त 2020 को 272 चिन्हित सबसे संवेदनशील जिलों में नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) शुरू किया था और अब इसे 15 अगस्त 2023 से देश के सभी जिलों में शुरू किया गया है। नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य जनसमुदाय तक पहुंचना और मादक पदार्थों के सेवन के बारे में जागरूकता फैलाना है।

अब तक, जमीनी स्तर पर की गई विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से, देश भर में शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न स्तरों पर आयोजित 8.3 लाख से अधिक गतिविधियों के माध्यम से 26 करोड़ से अधिक लोगों को मादक पदार्थों के सेवन के प्रति जागरूक किया गया है, जिनमें 9.5 करोड़ से अधिक युवा, 6.47 करोड़ से अधिक महिलाएं और 28,000 से अधिक नशा मुक्ति मित्र (पूर्व में मास्टर स्वयंसेवक के रूप में जाने जाते थे) शामिल हैं।

दवाओं की मांग में कमी के लिए राष्‍ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के निगरानी एवं कार्यान्वयन ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के माननीय राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया और माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय और  अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 24 अप्रैल, 2026 को चंडीगढ़ में चिंतन शिविर के उद्घाटन सत्र में उन्नत नशामुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। यह उन्नत एप्लिकेशन राज्यों/जिलों और अन्य हितधारकों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल माध्‍यम के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो राष्ट्रीय, राज्य, जिला और संस्थागत स्तरों पर कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में रिपोर्टिंग, निगरानी और समन्वय को सुगम बनाएगा। उन्नत संस्करण में मौजूदा क्षमताओं को बढ़ाते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा-आधारित शासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई सुविधाओं को शामिल किया गया है।

एनएमबीए ऐप वर्तमान में अधिकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। यह ऐप राज्यों, जिलों, आध्यात्मिक संगठनों और अन्य हितधारकों को नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गतिविधियों को अपलोड करने और ट्रैक करने में सहायता करता है। यह ऐप एक समेकित डैशबोर्ड के माध्यम से लगभग वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करता है। यह नशा मुक्ति मित्रों के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सामग्री और बुनियादी संचार सहायता प्रदान करके जागरूकता प्रयासों को सुगम बनाने के लिए एक संसाधन मंच के रूप में भी कार्य करता है। ऐप में मास्टर स्वयंसेवकों (नशा मुक्ति मित्रों) को जोड़ने और उनके प्रबंधन के‍ लिए एक सरल प्रणाली शामिल है। और यह संस्थानों को अपने पहुंच के हिस्से के रूप में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने में सक्षम बनाता है। इसके अतिरिक्त, यह नशा मुक्ति हेल्पलाइन और मानस हेल्पलाइन जैसे प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों तक पहुंच प्रदान करता है, जिनमें नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाएं, साथ ही बुनियादी तकनीकी सहायता संपर्क शामिल हैं।

एनएमबीए 2.0 ऐप में नई सुविधाएँ

मौजूदा सुविधाओं के अतिरिक्त, एनएमबीए 2.0 ऐप को सुदृढ़ करने में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • अब नागरिकों के लिए ई-प्रतिज्ञा लेने, आईईसी सामग्री तक पहुंच, हेल्पलाइन सहायता और नशामुक्ति केंद्र के विवरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
  • अनुदान प्राप्त संस्थानों (जीआईए) के लिए समर्पित पहुंच: जीआईए को अब भूमिका-आधारित पहुंच के साथ प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जाएगा, जिससे नशामुक्ति केंद्रों पर गतिविधियों की वास्तविक समय में रिपोर्टिंग और निगरानी संभव हो सकेगी।
  • जीआईए संस्थानों के लिए अनुदान की वास्तविक समय स्थिति: इस ऐप में सभी जीआईए के अनुदान की स्थिति को शामिल किया गया है। यह सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता विभाग, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और जीआईए के लिए उपलब्‍ध है। इससे अधिक पारदर्शिता, सुव्यवस्थित निधि ट्रैकिंग और अनुदान उपयोग में बेहतर जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
  • ‘निकटतम नशामुक्ति केंद्र’ सुविधा: यह उपयोगकर्ताओं को निकटतम नशामुक्ति केंद्र की पहचान करने की अनुमति देती है, जिससे त्वरित रेफरल और उपचार सेवाओं तक बेहतर पहुंच संभव हो पाती है।
  • फीडबैक तंत्र: जनता को निरंतर सुधार के लिए फीडबैक साझा करने में सक्षम बनाता है।

एनएमबीए 2.0 ऐप का शुभारंभ दवाओं की मांग में कमी लाने के प्रयासों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने और डिजिटल प्लेटफार्मों का लाभ उठाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।