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चंडीगढ़ में (24-26 अप्रैल 2026) आयोजित चिंतन शिविर में स्माइल-बेगरी सर्वे मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 24 से 26 अप्रैल 2026 तक चंडीगढ़ में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित चिंतन शिविर के दौरान स्माइल-बेगरी सर्वे मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया।

यह मोबाइल एप्लिकेशन स्माइल-भिक्षावृत्ति उप-योजना (भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों का व्यापक पुनर्वास) के अंतर्गत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य वास्तविक समय डेटा संग्रह और बेहतर निगरानी के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को मजबूत करना है। यह एप्लिकेशन कार्यान्वयन एजेंसियों और जिला अधिकारियों को सर्वेक्षण डेटा को डिजिटल रूप से एकत्रित करने में सक्षम बनाएगा, जिससे सटीकता, पारदर्शिता और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित होगी।

मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ देर से और अनियमित डेटा रिपोर्टिंग जैसी चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, साथ ही यह शहरों में वास्तविक समय की निगरानी, ​​डेटा विश्लेषण और प्रदर्शन ट्रैकिंग के लिए मंत्रालय की क्षमता को भी बढ़ाती है।

इस अवसर पर बोलते हुए, यह बताया गया कि यह पहल सरकार के “भिक्षावृत्ति मुक्त भारत” के लक्ष्य के अनुरूप है। यह मोबाइल एप्लिकेशन योजना के समग्र निगरानी ढांचे को और मजबूत करेगी। मंत्रालय ने चिन्हित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल करने और उन्हें गरिमा और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों का लाभ उठाने और संस्थागत तंत्रों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

पीएयू में नागरिक सुरक्षा हवाई हमले/अंधकार अभ्यास के दौरान 30 लोगों को बचाया गया

लुधियाना/सत्ता संदेश

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में शुक्रवार शाम 8:00 बजे से 8:15 बजे तक नागरिक सुरक्षा हवाई हमले और अंधकार अभ्यास का सफल आयोजन किया गया।

इस अभ्यास का उद्देश्य नकली हवाई हमले की स्थिति में आपातकालीन तैयारियों, प्रतिक्रिया समन्वय और जन सुरक्षा उपायों का आकलन करना था।

अभ्यास के दौरान, पंजाब होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा टीमों, एनडीआरएफ और संबंधित आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं द्वारा कुल 30 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। इस अभियान ने बचाव दल, चिकित्सा कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों सहित विभिन्न प्रतिक्रिया इकाइयों के बीच त्वरित कार्रवाई, प्रभावी संचार और समन्वित प्रयासों का प्रदर्शन किया।

नकली अभ्यास सायरन के माध्यम से प्रसारित हवाई हमले की चेतावनी के साथ शुरू हुआ। यथार्थता और तैयारी सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए, निर्धारित क्षेत्र में अंधकार का अनुकरण किया गया। सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, होम गार्ड, एनसीसी और अन्य कर्मियों ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मॉक ड्रिल में सक्रिय रूप से भाग लिया।

घटना कमांडर और नायब तहसीलदार रणजीत सिंह ने मॉक ड्रिल के परिणाम पर संतोष व्यक्त किया और वास्तविक आपात स्थितियों के दौरान तैयारियों को बढ़ाने और जोखिमों को कम करने में ऐसे अभ्यासों के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में एमसी सहायक आयुक्त जसदेव सिंह सेखों, पंजाब होम गार्ड्स और सिविल डिफेंस जिला कमांडर दिलबाग सिंह, स्टोर अधीक्षक गुरप्रीत सिंह, कंपनी कमांडर सुखविंदर सिंह, जसप्रीत सिंह, हेमंत कुमार, हरनेक सिंह और कई अन्य शामिल थे।

MoSJE ने सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के चंडीगढ़ में तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का उद्घाटन

दिल्ली/सत्ता संदेश

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने आज चंडीगढ़ में तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया, जिसमें भारत की सामाजिक न्याय वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाया गया है। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने राज्य मंत्री बीएल वर्मा की उपस्थिति में संयुक्त रूप से इस शिविर का उद्घाटन किया। शिविर का विषय है “अंत्योदय का संकल्प, अमृत काल का प्रतिबिंब – विकसित भारत@2047”, जिसमें अंतिम छोर तक कार्यान्वयन, प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन और हाशिए पर पड़े समुदायों के समावेशी सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा; हरियाणा सरकार में सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अंत्योदय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी; दिल्ली सरकार में सामाजिक कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण एवं सहकारिता मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह; मिजोरम सरकार में सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री पी लालरिनपुई और उत्तर प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर, मंत्रालय की प्रमुख पहलों, अग्रणी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा की उपस्थिति में किया।
इस अवसर पर बोलते हुए पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि राष्ट्रीय चिंतन शिविर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और समावेशी विकास की दिशा में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक न्याय भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल है और "अंत्योदय का संकल्प, अमृत काल का प्रतिबिंब - विकसित भारत @2047" का संकल्प तभी साकार हो सकता है जब सबसे गरीब और सबसे कमजोर लोगों की चिंताओं को नीति और शासन के केंद्र में रखा जाए।
कटारिया ने कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन, केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच घनिष्ठ समन्वय और सक्रिय सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ बिना किसी भेदभाव या देरी के प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर से सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, बहिष्कार और अभाव जैसी चुनौतियों का समाधान करने और जमीनी स्तर पर गरिमा, समावेश और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक, समयबद्ध सिफारिशें प्राप्त होंगी। उन्होंने आगे कहा कि 2047 के विकसित भारत के सपने को तभी साकार किया जा सकता है जब समाज के हर हाशिए पर रहने वाले वर्ग को विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जाए। उन्होंने समावेशी नीतियों, अवसरों की समान पहुँच और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया ताकि राष्ट्र के विकास पथ में कोई भी पीछे न छूट जाए।
अपने उद्घाटन भाषण में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने रेखांकित किया कि चिंतन शिविर नीति निर्माताओं और प्रशासकों की एक सामान्य बैठक नहीं है, बल्कि विचारों, प्रतिबद्धता और साझा राष्ट्रीय उद्देश्य का एक सामूहिक मंच है। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत का सपना न्याय, समानता, गरिमा और अवसर की नींव पर टिका है, और समावेशी विकास को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रगति उन लोगों तक भी पहुँचे जो ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिविर के दौरान नीतिगत विचार-विमर्श तीन मुख्य स्तंभों - गरिमा, सुगमता और निरंतरता - द्वारा निर्देशित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे वह शिक्षा की आकांक्षा रखने वाला विद्यार्थी हो, देखभाल चाहने वाला वरिष्ठ नागरिक हो या आत्मनिर्भरता के लिए प्रयासरत दिव्यांग व्यक्ति हो, सार्वजनिक नीति को कल्याण से आगे बढ़कर सशक्तिकरण की ओर बढ़ना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्यवस्थाएं मानवीय, उत्तरदायी और समावेशी हों।
सुगमता और निरंतरता के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि जनता के लिए निर्धारित लाभ केवल नीतिगत दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए और प्रक्रियात्मक बाधाओं के बिना लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचने चाहिए। उन्होंने सरलीकृत छात्रवृत्ति प्रणाली, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवा सुलभता और वंचित युवाओं के लिए सहायता संरचनाओं सहित प्रौद्योगिकी-सक्षम और एकीकृत दृष्टिकोणों को दीर्घकालिक और परिवर्तनकारी सशक्तिकरण के आवश्यक तत्व बताया।
इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि चिंतन शिविर माननीय प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसके तहत केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कल्याणकारी योजनाओं के वितरण को मजबूत करने के लिए एक टीम के रूप में एकजुट होते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार के "विकसित भारत @2047" के संकल्प का प्रतीक है, जिसके मूल में सामाजिक न्याय है, और इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से वंचित और कमजोर वर्गों के लोगों के लिए समानता, गरिमा और समावेश सुनिश्चित करना है। श्री वर्मा ने रेखांकित किया कि मंत्रालय इस दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में बदलने के लिए सुनियोजित नीतियों, लक्षित कार्यक्रमों और प्रभावी सेवा वितरण तंत्रों के माध्यम से पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
वर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय के क्षेत्र में मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकताएं वंचितों तक पहुंचना, सेवाओं की सुलभता में सुधार करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और लाभार्थी-केंद्रित शासन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं है, बल्कि विषयगत समूह कार्य, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और कार्रवाई योग्य सिफारिशें तैयार करने के माध्यम से कार्यान्वयन योग्य परिणाम प्राप्त करना है।

सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि यह चिंतन शिविर सर्वोपरि विकास सुनिश्चित करने और विकास को समावेशी एवं परिवर्तनकारी बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण विभाग की सचिव सुश्री वी. विद्यावती ने कहा, “समावेशी भारत के बिना विकसित भारत 2047 का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता, जहाँ दिव्यांगजनों सहित समाज के सभी वर्गों को पूर्णतः शामिल किया जाए और विकास के सभी पहलुओं में सहभागिता करने के लिए सशक्त बनाया जाए।”
उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण सुलभता, पारदर्शिता और सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई डिजिटल प्लेटफॉर्म और ज्ञान संसाधनों का शुभारंभ था। इनमें सशक्तिकरण और सामाजिक सद्भाव के विभिन्न क्षेत्रों के लिए एक एकल पहुँच तंत्र के रूप में SAMAVESH पोर्टल, नशा मुक्त भारत अभियान को सुदृढ़ करने के लिए NMBA 2.0 ऐप, छात्रवृत्ति संबंधी सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए SETU ऐप और कमजोर समूहों तक पहुँच और पुनर्वास के लिए SMILE ऐप शामिल हैं।
इस अवसर पर, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संस्थागत देखभाल, पुनर्वास ढांचे और सेवा गुणवत्ता को मजबूत करने में सहायता प्रदान करने के लिए, मनोभ्रंश देखभाल गृहों के लिए न्यूनतम मानक और भिखारी गृहों के लिए आदर्श दिशानिर्देश जारी किए गए। सामाजिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और अनुसंधान पहलों का विस्तार करने के लिए राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (एनआईएसडी) और सहयोगी संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नशा मुक्ति मित्रों को भी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा जागरूकता फैलाने और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से निपटने में उनके सराहनीय प्रयासों और जमीनी स्तर पर योगदान के लिए सम्मानित किया गया। नशामुक्त समाज के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में उनके समर्पण और सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया।
चिंतन शिविर अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक सिफारिशों पर केंद्रित विषयगत चर्चाएं, सत्र और समूह प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
 
 
 
विधायक छीना ने वार्ड संख्या 33 में RMC सड़कों के निर्माण कार्य का किया उद्घाटन

लुधियाना/सत्ता संदेश

लुधियाना दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने वार्ड संख्या 33 के अंतर्गत करमजीत नगर और सतगुरु नगर में लगभग 72 लाख रुपये की लागत से निर्मित आरएमसी सड़कों के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर क्षेत्रवासियों ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से ये सड़कें बेहद खराब हालत में थीं और किसी भी सरकार या प्रतिनिधि ने इस पर ध्यान नहीं दिया। खुशी जताते हुए लोगों ने कहा कि यह काम केवल विधायक राजिंदरपाल कौर छिना ने करवाया है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस दौरान लोगों ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी वास्तव में आम जनता की सरकार है, जो जमीनी स्तर पर काम करके जनता की अपेक्षाओं को पूरा कर रही है।
विधायक छिना ने कहा कि जहां वर्षों से लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे, वहां अब विकास की एक नई शुरुआत हुई है। यह महज एक परियोजना नहीं, बल्कि पुरानी उपेक्षा का करारा जवाब है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे इस विश्वास पर खरा उतरते हुए क्षेत्र की हर गली और मोहल्ले में लगातार विकास कार्य करवा रहे हैं।
इस अवसर पर व्यापार शाखा के ब्लॉक समनव्यक राजिंदर शर्मा, महिला शाखा की ब्लटक समनव्यक ममता शर्मा, करमजीत नगर के मोहल्ला अध्यक्ष धरिंदर शाह, मोहम्मद आशिक, रिंकू, ललिता, मनीषा, शांति और महिला शाखा की टीम के साथ-साथ स्थानीय निवासी भी उपस्थित थे।
अमेरिका में H-1B वीजा पर 3 साल के ‘ब्रेक’ की तैयारी: नया बिल पेश, सैलरी और नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव

इंटरनेशनल डेस्क : रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने अमेरिकी वीजा प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन करने के उद्देश्य से एक नया विधेयक पेश किया है। ‘End H-1B Visa Abuse Act of 2026’ नाम के इस बिल में H-1B वीजा जारी करने पर तीन साल की रोक लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उनके लिए नौकरी के अधिक अवसर पैदा करना बताया गया है।सांसद एली क्रेन द्वारा पेश किए गए इस बिल को ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स जैसे कई रिपब्लिकन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। क्रेन का तर्क है कि वर्तमान प्रणाली बड़ी कंपनियों के मुनाफे को प्राथमिकता देती है, जबकि योग्य अमेरिकी नागरिकों को उनके हक की नौकरियों से बाहर कर दिया जाता है।

इस प्रस्तावित कानून में कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो H-1B वीजा की पूरी प्रक्रिया को बदल सकते हैं:

कोटा में भारी कटौती: सालाना H-1B वीजा की सीमा को 65,000 से घटाकर मात्र 25,000 करने और सभी मौजूदा छूटों को खत्म करने का प्रस्ताव है।लॉटरी सिस्टम का अंत: वर्तमान लॉटरी प्रणाली की जगह वेतन-आधारित चयन प्रक्रिया लागू की जाएगी। इसके तहत वीजा धारक का न्यूनतम वार्षिक वेतन कम से कम $200,000 होना अनिवार्य होगा।

सख्त भर्ती नियम: नियोक्ताओं को यह प्रमाणित करना होगा कि वे किसी योग्य अमेरिकी कर्मचारी को नहीं खोज पाए हैं और उन्होंने हाल ही में छंटनी नहीं की है।अन्य प्रतिबंध: बिल में थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियों पर रोक, H-1B कर्मचारियों द्वारा एक से अधिक नौकरी करने पर पाबंदी और उनके आश्रितों (dependents) को साथ लाने पर प्रतिबंध का प्रस्ताव है।

OPT और नागरिकता पर रोक: यह विधेयक ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग’ (OPT) कार्यक्रम को समाप्त करने और वीजा धारकों को स्थायी नागरिकता (Green Card) प्राप्त करने से रोकने की भी बात करता है।

सांसद पॉल गोसर के अनुसार, इस बिल का लक्ष्य उस व्यवस्था को रोकना है जहाँ अमेरिकी कर्मचारियों की जगह “सस्ते विदेशी कर्मचारियों” को रखा जाता है। यदि यह बिल कानून बनता है, तो यह भारतीय आईटी पेशेवरों और अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

लुधियाना के एनएसटीआई में सौर ऊर्जा उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

लुधियाना/सत्ता संदेश

राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान लुधियाना में 16 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक नौ दिवसीय सौर ऊर्जा उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम का आयोजन कर्नल अजय कोहली, कमांडिंग ऑफिसर, 3 पंजाब बटालियन एनसीसी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल जेपी शर्मा और सूबेदार मेजर करनैल सिंह के सक्रिय सहयोग से किया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडेटों और स्थानीय युवाओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों, स्थापना, रखरखाव और व्यावसायिक मॉडलों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान और उद्यमिता कौशल प्रदान करना था। इस पहल का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत स्वरोजगार के अवसर पैदा करना था।

इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। व्यावहारिक सत्र, उद्योग से संबंधित संवाद और परियोजना आधारित शिक्षण प्रशिक्षण के मुख्य घटक थे।
कार्यक्रम के सफल समापन के अवसर पर कर्नल अजय कोहली ने कहा, “यह पहल हमारे युवाओं को हरित ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए सशक्त बनाती है। एनसीसी कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्ध है।” प्रशिक्षण का समापन 24 अप्रैल 2026 को सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ।
लुधियाना जेल में आजीवन कारावास के कैदी राजू की इलाज के दौरान मौत, परिजनों से संपर्क की अपील

लुधियाना/सत्ता संदेश

मृतक कैदी राजू के वारिस/रिश्तेदार जेल विभाग – अधीक्षक केंद्रीय जेल से संपर्क कर सकते हैं।

  • पटियाला के एक अस्पताल में इलाज के दौरान कल उनका निधन हो गया।
  • लुधियाना केंद्रीय जेल में धारा 302/201 के तहत आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।

लुधियाना केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने सूचना दी है कि रांची जिले (झारखंड) के सरौदे निवासी डांडिया के पुत्र राजू उर्फ ​​राजा उर्फ ​​दादू (उम्र लगभग 40 वर्ष) का आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी का 23 अप्रैल, 2026 को पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।

उन्होंने बताया कि कैदी राजू केंद्रीय जेल लुधियाना में दिनांक 01.08.2006 के केस नंबर 92, धारा 302/201 आईपीसी, पुलिस स्टेशन कोतवाली कपूरथला, जिला कपूरथला के तहत आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और इस कैदी के वारिसों का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

केंद्रीय जेल अधीक्षक ने बताया कि यदि किसी के पास कैदी राजू उर्फ ​​राजा उर्फ ​​दादू पुत्र डांडिया के बारे में कोई जानकारी हो या वह उसका शव लेना चाहता हो, तो वे केंद्रीय जेल लुधियाना के नियंत्रण कक्ष (0161-266106) और लाइन ऑफिसर (90417-24472) से संपर्क कर सकते हैं।
Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द: करोड़ों ग्राहकों के लिए RBI का बड़ा अलर्ट, जानें आपके वॉलेट, UPI और फास्टैग का क्या होगा

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक कड़ा कदम उठाते हुए Paytm Payments Bank Limited (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई लंबे समय से नियमों की अनदेखी, ‘कम्प्लायंस’ (नियमों के पालन) संबंधी चिंताओं, KYC प्रक्रियाओं में गंभीर कमियों और डेटा सुरक्षा के मुद्दों के कारण की गई है। इस फैसले के बाद करोड़ों उपयोगकर्ताओं के मन में अपने पैसों और सेवाओं को लेकर कई सवाल हैं।

पेटीएम वॉलेट (Wallet): यदि आपके वॉलेट में बैलेंस है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप इस राशि का इस्तेमाल तब तक कर सकते हैं जब तक वह खत्म न हो जाए। हालांकि, अब आप वॉलेट में नया पैसा ‘ऐड’ (Top-up) नहीं कर पाएंगे।

UPI सेवाएं: पेटीएम ऐप के जरिए होने वाला UPI लेनदेन जारी रहेगा। चूंकि पेटीएम अब एक थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) के रूप में काम कर रहा है, इसलिए यदि आपका UPI हैंडल (@paytm) पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़ा था, तो आपको उसे किसी अन्य बैंक (जैसे SBI, HDFC या ICICI) के साथ री-लिंक करना होगा।

बैंक खाता (Savings/Current): आप अपने पेटीएम पेमेंट्स बैंक खाते में अब कोई नई राशि जमा नहीं कर पाएंगे। हालांकि, पहले से मौजूद बैलेंस पर ब्याज या रिफंड क्रेडिट हो सकता है और आप अपना पूरा बैलेंस कभी भी निकाल सकते हैं या दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं।

फास्टैग (Fastag) और NCMC कार्ड: पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा जारी किए गए फास्टैग अब काम नहीं करेंगे। इनमें टॉप-अप की सुविधा बंद हो गई है, इसलिए यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे किसी अन्य बैंक से नया फास्टैग ले लें।

RBI ने क्यों लिया यह फैसला? RBI के अनुसार, बैंक को बार-बार चेतावनी और समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद बैंक अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने में विफल रहा। बैंकिंग सिस्टम की शुद्धता और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाइसेंस रद्द करना अंतिम कदम था।

सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: एक हफ्ते में चांदी ₹10,000 हुई सस्ती, जानें सोने के ताजा भाव

बिजनेस डेस्क : भारतीय सर्राफा और वायदा बाजार (MCX) में इस हफ्ते बड़ी हलचल देखी जा रही है, जहाँ पिछले कुछ दिनों से आसमान छू रही कीमतों में अचानक आई गिरावट ने खरीदारों को राहत दी है। विशेष रूप से चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है, जहाँ महज एक हफ्ते के भीतर इसके दाम करीब ₹10,000 प्रति किलो तक गिर गए हैं।

चांदी की कीमतों में बड़ा क्रैश : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 20 अप्रैल को जो चांदी ₹2,54,000 प्रति किलोग्राम के पार निकल गई थी, वह अब गिरकर ₹2,44,321 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इस प्रकार एक हफ्ते से भी कम समय में चांदी की कीमतों में ₹9,679 की भारी कमी आई है।

सोना भी हुआ सस्ता : चांदी के साथ-साथ सोने के भाव में भी नरमी देखी गई है, जिससे शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी करने वालों को थोड़ी राहत मिली है। 20 अप्रैल को सोना ₹1,54,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया था, जो अब घटकर ₹1,52,700 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम करीब ₹1,300 की गिरावट दर्ज की गई है।

क्यों गिर रहे हैं दाम? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और ऊंचे स्तरों पर की गई मुनाफावसूली कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव में आई मामूली स्थिरता ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी से पैसा निकालने पर मजबूर किया है। जानकारों का मानना है कि गहने खरीदने वालों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है, हालांकि बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

जिला प्रशासन ने फ्यूचर टाइकून्स पुरस्कार समारोह में युवा उद्यमियों को सम्मानित किया

लुधियाना/सत्ता संदेश

जिला प्रशासन ने शुक्रवार को फ्यूचर टाइकून्स कार्यक्रम के पुरस्कार और सम्मान समारोह का आयोजन किया, जो नवाचार को बढ़ावा देने और नौकरी चाहने वालों को रोजगार सृजनकर्ताओं में बदलने के उद्देश्य से शुरू की गई एक उद्यमशीलता पहल की सफल परिणति का प्रतीक है।
जिला प्रशासन द्वारा 15 अगस्त, 2024 को स्टार्टअप पंजाब के सहयोग से शुरू किए गए इस कार्यक्रम को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और 4,600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। विचार स्क्रीनिंग, बूटकैंप और जूरी राउंड सहित एक कठोर बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद, 25 फाइनलिस्ट टीमें चुनी गईं, जो प्रतिभागियों के शीर्ष 0.5% का प्रतिनिधित्व करती हैं।

इस पहल में ओपन, छात्र, महिला, दिव्यांगजन (पीडब्ल्यूडी) और सतत कृषि जैसी कई श्रेणियां शामिल थीं। 16 अप्रैल, 2026 को आयोजित ग्रैंड फिनाले में फाइनलिस्टों ने अपने नवोन्मेषी विचार प्रस्तुत किए। ओपन श्रेणी में गौरव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, उसके बाद राजीव कुमार और मनप्रीत कौर दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिला श्रेणी में डॉ. नीलम सोढ़ी प्रथम रहीं, जबकि वासु सिंह और श्रुति गोयल क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। दिव्यांग श्रेणी में कौर सिंह ग्रेवाल प्रथम स्थान पर रहीं, उसके बाद चाहत गोयल दूसरे स्थान पर रहीं। छात्र श्रेणी में यशिक जैन प्रथम स्थान पर रहे, उसके बाद अरमानजोत सिंह और प्रिशा साही दूसरे स्थान पर रहे। सतत कृषि श्रेणी में अदिति प्रथम स्थान पर रहीं, जबकि अनमोल भाटिया और डॉ. रुचिका ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया और डॉ. विपाशा तीसरे स्थान पर रहीं। प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष तीन विजेताओं को क्रमशः 30,000 रुपये, 20,000 रुपये और 10,000 रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए। यह पुरस्कार राशि स्टार्टअप पंजाब द्वारा प्रदान की जा रही है।

उपायुक्त ने स्टार्टअप पंजाब, मुंजाल बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एमबीसीआईई), लुधियाना एंजल नेटवर्क, सीआईसीयू, हैप्पी फोर्जिंग, इनोवेशन मिशन पंजाब और पंजाब एंड सिंध बैंक सहित प्रमुख भागीदारों के सहयोगात्मक प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। पीएयू, सीटी यूनिवर्सिटी, पीसीटीई और स्टेप जीएनडीईसी जैसे शैक्षणिक संस्थानों ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देने और इनक्यूबेशन सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी भागीदारों ने मिलकर कार्यक्रम से उभरने वाले होनहार स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की सीड कैपिटल देने का वादा किया है। लुधियाना एंजल नेटवर्क ने सभी 25 फाइनलिस्टों को उनके व्यावसायिक विचारों को वाणिज्यिक स्तर तक ले जाने के लिए विशेष मार्गदर्शन की घोषणा की। सीआईसीयू ने इन सभी 25 फाइनलिस्टों को समर्थन और मार्गदर्शन देने के लिए एक विशेष सेल की घोषणा की। ओजस्वी अलंकार, आईएएस, एसीए, जीएलएडीए

उपायुक्त हिमांशु जैन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों, युवाओं, महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और आम जनता को नवोन्मेषी विचार प्रस्तुत करने और उन्हें सफल उद्यमों में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लुधियाना की औद्योगिक उत्कृष्टता की विरासत को अब नवप्रवर्तकों की नई पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। उन्होंने निरंतर मार्गदर्शन, वित्तपोषण और पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के माध्यम से इन स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए जिला प्रशासन और पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

जैन ने आगे घोषणा की कि प्रशासन जल्द ही फ्यूचर टाइकून्स का दूसरा सीज़न लॉन्च करेगा, जिसमें सरकारी स्कूल के छात्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आगामी संस्करण में सीड फंडिंग में वृद्धि होगी और 10,000 से अधिक आवेदन प्राप्त होने की उम्मीद है। प्रशासन का लक्ष्य लुधियाना को स्टार्टअप्स के लिए एक अग्रणी केंद्र में बदलना है।
पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने भी सभा को संबोधित करते हुए कृषि स्टार्टअप को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और नवाचार एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की उनकी क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों और युवा उद्यमियों को कृषि व्यवसाय और संबद्ध क्षेत्रों में अवसरों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि इस तरह की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

अपने संबोधन में, जीएलएडीए के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक ओजस्वी अलंकार ने भी युवा महत्वाकांक्षी उद्यमियों को स्टार्टअप को एक व्यवहार्य कैरियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में नवाचार, दृढ़ता और अनुकूलन क्षमता के महत्व पर बल दिया।

इस अवसर पर, सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए एवीजीसी-एक्सआर और एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के लिए जिला प्रशासन और एमबीसीआईई के बीच उदय (युवाओं में डिजिटल क्षमताओं को उजागर करना) के तहत एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पहले चरण में, 20 छात्रों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), गेमिंग, एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य के लिए तैयार कौशल प्राप्त कर सकेंगे और उनके करियर के अवसर बढ़ेंगे।

इस समारोह में हीरो ग्रुप से एस.के. राय, हैप्पी फोर्जिंग के सीएमडी परितोष गर्ग, सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार आहूजा, सीटी यूनिवर्सिटी के कुलपति हरप्रीत सिंह, स्टार्टअप पंजाब के स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर सलिल कपलाश, इनोवेशन मिशन पंजाब के सीओओ आशीष, डॉ. प्रेम कुमार, लुधियाना एंजेल नेटवर्क के सीईओ शिबानंदा दास, पीसीटीई के निदेशक डॉ. नरेश सचदेव, जीएनडीईसी के स्टेप के प्रोफेसर अरविंद ढिंगरा, हाईवे इंडस्ट्रीज लिमिटेड से उमेश मुंजल, हीरो इकोटेक लिमिटेड के चेयरमैन विजय मुंजल, रालसन टायर्स लिमिटेड के चेयरमैन संजीव मुंजल और पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।