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लुधियाना ब्लॉक कांग्रेस प्रधान मर्डर केस: बिहार से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार; पंचायती जमीन खाली कराने की रंजिश में कुल्हाड़ी से उतारा था मौत के घाट

पंजाब डेस्क: लुधियाना के कूमकलां इलाके में हुए कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की सनसनीखेज हत्या के मामले को पंजाब पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी अजय कुमार उर्फ विजय कुमार और उसके साथी लक्की को बिहार के मुंगेर जिले से गिरफ्तार किया है।

नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी: दोनों आरोपी बिहार के जमालपुर (मुंगेर) से नेपाल सीमा में घुसने की योजना बना रहे थे, तभी पंजाब पुलिस ने बिहार पुलिस की मदद से उन्हें दबोच लिया। अदालत ने उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

हत्या का कारण: पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का परिवार पिछले 25 साल से पांच मरले पंचायती जमीन पर घर बनाकर रह रहा था। कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी इस जमीन को पंचायत को वापस दिलाने का प्रयास कर रहे थे, जिसे लेकर आरोपी का परिवार उनसे रंजिश रखता था

वारदात का तरीका: 29 मार्च की शाम जब परमिंदर तिवारी अपने क्वार्टर के बाहर कुर्सी पर बैठे थे, तब आरोपियों ने उन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इलाज के दौरान उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

पहले हो चुकी गिरफ्तारियां: पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी अजय के पिता जय सिंह, भाई रवि कुमार, अमरीश और एक अन्य साथी सुनील को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

बरामदगी: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और बाइक भी बरामद कर ली है।डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस जसकिरणजीत सिंह तेजा ने बताया कि मुख्य आरोपी का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है और लंबे समय से लुधियाना के गांव खोखरा में रह रहा था।

चंडीगढ़ भाजपा दफ्तर ब्लास्ट: दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार; पाकिस्तान-ISI की बड़ी साजिश का पर्दाफाश, जर्मनी-पुर्तगाल से जुड़े तार

पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय पर हुए हमले के मामले में पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हमले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हुए हैं।

मुख्य आरोपियों की पहचान: पुलिस ने मोरिंडा के रतनगढ़ निवासी अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अमनप्रीत ने भाजपा दफ्तर पर बम फेंका था, जबकि गुरतेज ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया था। इनके पास से एक पिस्टल भी बरामद की गई है।

अब तक 7 गिरफ्तारियां: इन दो मुख्य आरोपियों से पहले पुलिस 5 अन्य मददगारों— बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह, चरणजीत सिंह, रूबल चौहान और मनदीप शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

विदेशी हैंडलर्स का हाथ: पंजाब डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, इस हमले की साजिश पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स ने रची थी। पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर इस आतंकी मॉड्यूल को संचालित किया जा रहा था।

पाकिस्तानी ग्रेनेड का इस्तेमाल: जांच में सामने आया है कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था, जो पाकिस्तान में निर्मित है। यह ग्रेनेड 5 से 10 मीटर के दायरे में जानलेवा साबित हो सकता है।

पुलिस को ऐसे दिया चकमा: वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी सेक्टर-24 से CTU की बस में बैठकर फरार हो गए थे। दिलचस्प बात यह है कि उनके पास बस का किराया देने के लिए कैश नहीं था, तो उन्होंने बस में सवार एक व्यक्ति को गूगल-पे के जरिए पैसे भेजकर उससे नकद पैसे लिए और कंडक्टर को किराया दिया।

पुलिस लंबे समय तक बाइक सवार संदिग्धों की तलाश में उलझी रही, जबकि आरोपी बस से खरड़ निकल गए थे।डीजीपी ने स्पष्ट किया कि इस हमले का मुख्य उद्देश्य पंजाब में अफरातफरी फैलाना था, जिसे ISI और विदेशी संगठनों द्वारा स्पॉन्सर किया गया था।

राघव चड्ढा का ‘आप’ को करारा जवाब: बोले- ‘यह छोटा सा ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है’; पंजाब को बताया अपनी आत्मा

पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच चल रही जुबानी जंग और तेज हो गई है। चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए उन आरोपों का जवाब दिया है जिनमें कहा गया था कि वे संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में विफल रहे हैं।

पिक्चर अभी बाकी है‘: राघव चड्ढा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि उनके उन साथियों के लिए, जिन्हें यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि वे पंजाब के मुद्दे उठाने में विफल रहे, यह सिर्फ एक छोटा सा ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।

पंजाब से भावनात्मक जुड़ाव: चड्ढा ने कहा कि पंजाब उनके लिए केवल राजनीति या चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि वह उनका घर, कर्तव्य, मिट्टी और उनकी आत्मा है,।

सुनियोजित अभियान का आरोप: शनिवार को उन्होंने पार्टी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘झूठा और सुनियोजित अभियान’ का हिस्सा बताया। उन्होंने चुनौती दी कि संसद की कार्यवाही सीसीटीवी में रिकॉर्ड होती है और कोई एक भी ऐसा उदाहरण दिखाए जब उन्होंने विपक्ष के वॉकआउट में हिस्सा न लिया हो

काम का लेखा-जोखा: उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संसद में हंगामा करने या माइक तोड़ने नहीं जाते। उन्होंने संसद में जीएसटी, आयकर, दिल्ली का प्रदूषण, पंजाब का जल संकट, बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे उठाए हैं।

हस्ताक्षर विवाद पर सफाई: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता ने उनसे इस बारे में औपचारिक या अनौपचारिक रूप से संपर्क नहीं किया था,।यह विवाद तब शुरू हुआ जब पार्टी ने उन पर सदन में सक्रिय न रहने का आरोप लगाकर उन्हें पद से मुक्त कर दिया था।

IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने रचा इतिहास; सहवाग-गंभीर का बड़ा रिकॉर्ड 61 गेंद पहले ही किया ध्वस्त

स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की सलामी जोड़ी, वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। इस युवा जोड़ी ने दिग्गज भारतीय सलामी जोड़ी वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़कर खुद को आईपीएल की नंबर-1 भारतीय ओपनिंग जोड़ी के रूप में स्थापित कर लिया है।

सबसे तेज 500 रन का रिकॉर्ड: वैभव और यशस्वी की जोड़ी आईपीएल में सबसे तेज 500 रन जोड़ने वाली भारतीय ओपनिंग जोड़ी बन गई है। वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने बतौर ओपनिंग जोड़ी 309 गेंदों पर 500 रन पूरे किए थे, लेकिन वैभव और यशस्वी ने यह कारनामा उनसे 61 गेंदें कम खेलकर ही कर दिखाया।

248 गेंदों में रचा इतिहास: इस जोड़ी ने केवल 248 गेंदों में ही 500 रनों की साझेदारी पूरी कर ली। 4 अप्रैल को गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अपनी पारी की दूसरी गेंद खेलते ही उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। इस मैच से पहले तक उनके नाम 246 गेंदों पर 497 रन दर्ज थे।

सिक्सर किंग जोड़ी: पिछले सीजन से अब तक की बात करें तो पावरप्ले में यशस्वी जायसवाल 25 छक्के और वैभव सूर्यवंशी 20 छक्के जड़ चुके हैं। उनकी आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले इन दोनों के छक्कों की संख्या आईपीएल की पूरी टीमों जैसे चेन्नई सुपर किंग्स (21 छक्के) और दिल्ली कैपिटल्स (26 छक्के) के पावरप्ले रिकॉर्ड्स के लगभग बराबर है।

विस्फोटक स्ट्राइक रेट: वैभव और यशस्वी पिछले सीजन में 200 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाली आईपीएल की इकलौती ओपनिंग जोड़ी थी। उनकी इस बल्लेबाजी शैली ने उन्हें मौजूदा सीजन की सबसे खतरनाक जोड़ी बना दिया है।

नौकरीपेशा वालों की बल्ले-बल्ले: अब बेकार नहीं जाएंगी आपकी छुट्टियां, नए लेबर कोड 2025 के तहत हर साल मिलेगा नकद पैसा

बिज़नेस डेस्क: भारत सरकार के नए लेबर कोड 2025 (ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड- 2020) ने नौकरीपेशा वर्ग के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब कर्मचारियों को अपनी मेहनत के बदले मिलने वाली अर्न लीव (Earned Leaves) का पैसा पाने के लिए नौकरी छोड़ने या रिटायर होने का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा; वे हर साल इन छुट्टियों को नकदी में बदल सकेंगे।

हर साल होगी अतिरिक्त कमाई: नए नियमों के तहत कर्मचारी अब अधिकतम 30 दिनों की छुट्टियों को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। यदि किसी के पास इससे ज्यादा छुट्टियां जमा होती हैं, तो वह उन अतिरिक्त छुट्टियों के बदले सीधे नकद पैसे की मांग कर सकता है। कर्मचारी चाहें तो साल के अंत में अपनी सभी जमा छुट्टियों को कैश कराने का दावा भी कर सकते हैं।

सिर्फ 6 महीने में मिलेगा हक: पहले ‘अर्न लीव’ का हकदार बनने के लिए 240 दिनों तक काम करना जरूरी था, लेकिन नए लेबर कोड में इस सीमा को घटाकर सिर्फ 180 दिन (करीब 6 महीने) कर दिया गया है।

छुट्टी नामंजूर होने पर नुकसान नहीं: अगर कोई कर्मचारी छुट्टी मांगता है और कंपनी कामकाज का हवाला देकर उसे खारिज कर देती है, तो वे छुट्टियां अब खत्म (Lapse) नहीं होंगी। ऐसी छुट्टियों को बिना किसी ऊपरी सीमा के अगले साल के लिए जोड़ दिया जाएगा।

किसे मिलेगा फायदा: यह लाभ मुख्य रूप से उन वर्कर्स के लिए है जो तकनीकी, कुशल, अकुशल या क्लर्कियल काम करते हैं और जिनका मासिक वेतन 18,000 रुपये से कम है। मैनेजर, प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग या वे सुपरवाइजर जिनका वेतन 18,000 रुपये से अधिक है, उन्हें इस विशिष्ट कोड के लाभ नहीं मिलेंगे।

लागू होने की स्थिति: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह नियम तभी प्रभावी होगा जब संबंधित राज्य सरकारें इन नए लेबर कोड्स को अधिसूचित (Notify) करेंगी।

AI की रेस में कर्मचारियों पर गिरी गाज: 2026 में अब तक 51,000 से ज्यादा टेक नौकरियां खत्म; Amazon, Meta और Oracle में बड़ी छंटनी

इंटरनेशनल डेस्क : दुनियाभर की दिग्गज टेक कंपनियों में साल 2026 की शुरुआत के साथ ही छंटनी की एक नई और विनाशकारी लहर देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश बढ़ाने और परिचालन को अधिक कुशल बनाने के नाम पर Amazon, Meta, Oracle और Block Inc. जैसी बड़ी कंपनियों ने महज तीन महीनों के भीतर 51,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।

Oracle की ऐतिहासिक छंटनी: टेक दिग्गज ओरेकल (Oracle) ने 31 मार्च को अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी करते हुए करीब 20,000 से 30,000 कर्मचारियों को बाहर कर दिया है, जो इसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 18 प्रतिशत है। कंपनी इस कटौती से सालाना 8 से 10 अरब डॉलर बचाएगी, जिसे AI डेटा सेंटर्स में निवेश किया जाएगा।

मेटा का ‘ईयर ऑफ एफिशिएंसी‘: मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) ने अपने ‘ईयर ऑफ एफिशिएंसी’ प्लान के तहत रियलिटी लैब्स, फेसबुक और सेल्स जैसे विभागों से सैकड़ों लोगों को निकाला है। कंपनी का पूरा ध्यान अब Llama जैसे AI मॉडल्स पर है।

अमेजन और एटलसियन: अमेजन (Amazon) ने जनवरी में करीब 16,000 कॉरपोरेट नौकरियां खत्म कीं, खासकर अलेक्सा और रिटेल विभागों में। वहीं एटलसियन (Atlassian) ने अपने 10% स्टाफ यानी लगभग 1,600 कर्मचारियों की छंटनी की है।

ब्लॉक इंक का चौंकाने वाला फैसला: जैक डोर्सी की कंपनी ब्लॉक इंक (Block Inc.) ने अपने वर्कफोर्स का लगभग 40 से 50 प्रतिशत (4000 कर्मचारी) हिस्सा कम कर दिया है। डोर्सी ने AI के जरिए काम को अधिक एफिशिएंट बनाने को इसका मुख्य कारण बताया है।

भारत समेत दुनिया पर असर: 2026 के पहले तीन महीनों में ही 100 से ज्यादा कंपनियों ने छंटनी की है। इसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका (32,000+ नौकरियां) में देखा गया है, लेकिन भारत, कनाडा, मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों में भी हजारों लोगों की नौकरियां गई हैं।

कंपनियों की रणनीति: विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां मिड-लेवल कर्मचारियों को हटाकर उस पैसे का इस्तेमाल AI टूल्स और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम में कर रही हैं। हालांकि, इससे टेक सेक्टर में नौकरी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि कंपनियां मुनाफे में होने के बावजूद AI-फर्स्ट फ्यूचर की ओर बढ़ रही हैं।