ब्रेकिंग न्यूज़
नौकरीपेशा वालों की बल्ले-बल्ले: अब बेकार नहीं जाएंगी आपकी छुट्टियां, नए लेबर कोड 2025 के तहत हर साल मिलेगा नकद पैसा

बिज़नेस डेस्क: भारत सरकार के नए लेबर कोड 2025 (ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड- 2020) ने नौकरीपेशा वर्ग के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब कर्मचारियों को अपनी मेहनत के बदले मिलने वाली अर्न लीव (Earned Leaves) का पैसा पाने के लिए नौकरी छोड़ने या रिटायर होने का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा; वे हर साल इन छुट्टियों को नकदी में बदल सकेंगे।

हर साल होगी अतिरिक्त कमाई: नए नियमों के तहत कर्मचारी अब अधिकतम 30 दिनों की छुट्टियों को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। यदि किसी के पास इससे ज्यादा छुट्टियां जमा होती हैं, तो वह उन अतिरिक्त छुट्टियों के बदले सीधे नकद पैसे की मांग कर सकता है। कर्मचारी चाहें तो साल के अंत में अपनी सभी जमा छुट्टियों को कैश कराने का दावा भी कर सकते हैं।

सिर्फ 6 महीने में मिलेगा हक: पहले ‘अर्न लीव’ का हकदार बनने के लिए 240 दिनों तक काम करना जरूरी था, लेकिन नए लेबर कोड में इस सीमा को घटाकर सिर्फ 180 दिन (करीब 6 महीने) कर दिया गया है।

छुट्टी नामंजूर होने पर नुकसान नहीं: अगर कोई कर्मचारी छुट्टी मांगता है और कंपनी कामकाज का हवाला देकर उसे खारिज कर देती है, तो वे छुट्टियां अब खत्म (Lapse) नहीं होंगी। ऐसी छुट्टियों को बिना किसी ऊपरी सीमा के अगले साल के लिए जोड़ दिया जाएगा।

किसे मिलेगा फायदा: यह लाभ मुख्य रूप से उन वर्कर्स के लिए है जो तकनीकी, कुशल, अकुशल या क्लर्कियल काम करते हैं और जिनका मासिक वेतन 18,000 रुपये से कम है। मैनेजर, प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग या वे सुपरवाइजर जिनका वेतन 18,000 रुपये से अधिक है, उन्हें इस विशिष्ट कोड के लाभ नहीं मिलेंगे।

लागू होने की स्थिति: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह नियम तभी प्रभावी होगा जब संबंधित राज्य सरकारें इन नए लेबर कोड्स को अधिसूचित (Notify) करेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *