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तमिलनाडु में ‘अग्नि नक्षत्रम’ समाप्त, कई जिलों में बारिश का पूर्वानुमान; तापमान में गिरावट के आसार

चेन्नई / सत्ता संदेश

Tamil Nadu में भीषण गर्मी के चरम दौर ‘अग्नि नक्षत्रम’ के समाप्त होने के बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 15 से अधिक जिलों में आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

‘अग्नि नक्षत्रम’ को दक्षिण भारत में गर्मी का सबसे तीव्र चरण माना जाता है, जो आमतौर पर मई के महीने में होता है। इस वर्ष यह अवधि 4 मई से 28 मई तक रही। इस दौरान तापमान सामान्य से अधिक रहने और तेज गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस चरम गर्मी के बाद मानसून पूर्व गतिविधियां सक्रिय हो रही हैं, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि लंबे समय से जारी गर्मी से राहत भी मिलेगी।

पूर्वानुमान के अनुसार, तटीय जिलों के साथ-साथ आंतरिक क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, जिसे लेकर प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी सलाह जारी की है कि वे मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए अपनी कृषि गतिविधियों की योजना सावधानी से बनाएं। विशेष रूप से जिन क्षेत्रों में धान और अन्य खरीफ फसलों की तैयारी चल रही है, वहां बारिश लाभकारी साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के बाद होने वाली यह बारिश पर्यावरण संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे भूजल स्तर में सुधार और तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है।

फिलहाल राज्य में मौसम के इस बदलाव को राहत भरे संकेत के रूप में देखा जा रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी कि बारिश का यह दौर कितना प्रभावी रहता है।

प्रधानमंत्री ने देश भर में बढ़ते तापमान के मद्देनजर देशवासियों से सावधानी बरतने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के दौरान सतर्क रहने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संवेदनशील लोगों की देखभाल करने का आह्वान किया

प्रधानमंत्री ने लोगों से पशु-पक्षियों और भीषण गर्मी से प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तापमान के मद्देनजर देशवासियों से हर संभव सावधानी बरतने का आग्रह किया है।

श्री मोदी ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और अत्यधिक गर्मी की स्थिति में दूसरों को पानी देकर उनकी मदद करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने चक्कर आना, मतली और अत्यधिक थकान के लक्षणों के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ दिखाई दे, कमजोरी या सिरदर्द महसूस कर रहा हो तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाकर पानी और ओआरएस उपलब्ध कराएं।

श्री मोदी ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और बाहर धूप में काम करने वाले लोग भीषण गर्मी के दौरान विशेष रूप से प्रभावित होते हैं और चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज़ करना हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है।

श्री मोदी ने लोगों से इस दौरान बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी, नानी-नानी और अपने अन्य प्रियजनों का नियमित रूप से हालचाल पूछने तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त आराम करने की सलाह देने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने करुणा पर बल देते हुए, नागरिकों से अपील की कि वे इस गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए घरों, बालकनियों, छतों, दुकानों और कार्यालयों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखें।

श्री मोदी ने श्रृंखलाबद्ध ‘एक्स’ पोस्ट में कहा:

“देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है और इसके साथ कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। यह गर्मी हम सभी के लिए कष्टदायी है और मैं आप सभी से यथासंभव सावधानी बरतने का आग्रह करता हूं। कृपया पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, बाहर निकलते समय अपने साथ पानी जरूर रखें। दूसरों को भी पानी पिलाएं। ऐसे मौसम में ऐसी करुणा बहुत मायने रखती है।”

“गर्मी से होने वाली परेशानी जैसे चक्कर आना, मतली या अत्यधिक थकान पर ध्यान दें। अगर आपके आस-पास किसी को असामान्य रूप से अस्वस्थता, कमजोरी महसूस हो या सिरदर्द हो, तो उन्हें तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना सबसे अच्छा है। उन्हें पानी, ओआरएस आदि उपलब्ध कराएं जिससे उन्हें आराम मिले। बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इन चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है और यहां तक ​​कि हीटस्ट्रोक का कारण भी बन सकता है। ऐसे मौसम में, समय पर देखभाल और ध्यान देना बहुत जरूरी है।”

“जब भी संभव हो, इस भीषण गर्मी के दौरान अपने बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और प्रियजनों को फोन करके उनका हालचाल पूछें। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और जब भी संभव हो, आराम करने की सलाह दें।”

“आइए हम इस भीषण गर्मी में, अपने आसपास के पशु-पक्षी और जानवरों का भी ख्‍याल रखें। घर, बालकनी, छत, दुकान या दफ्तर के बाहर रखा एक छोटा कटोरा पानी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। इन कठिन दिनों में करुणा हमारा मार्गदर्शन करे।”

अमृतसर में हीट वेव का कहर, पारा 44 डिग्री के करीब पहुंचा

भीषण गर्मी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल, सड़कें सुनसान दिखाई दीं

दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी, पानी और पूरे कपड़ों का ले रहे सहारा

डॉक्टरों की सलाह — लू से बचने के लिए तरल पदार्थों का अधिक करें सेवन

अमृतसर में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित कर दी है। हीट वेव के कारण मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और शहर का तापमान आज करीब 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है।

दोपहर के समय सड़कों पर कम आवाजाही देखने को मिली। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को भयंकर गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी से बचने के लिए लोग पूरी बांहों वाले कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं और अपने साथ पानी की बोतलें भी रख रहे हैं। कई लोग समय-समय पर पानी पीकर खुद को डिहाइड्रेशन से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

लू के खतरे को देखते हुए लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शहर में जगह-जगह नींबू पानी, शिकंजी और तरबूज की दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।

स्थानीय निवासी लवप्रीत सिंह ने बताया कि गर्मी के कारण दिन के समय घर से बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बिना पानी के घर से बाहर जाना संभव नहीं है।

डॉ. हरजाप सिंह ने लोगों को सलाह दी कि तेज धूप में बाहर जाने से परहेज करें और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

वहीं मनदीप सिंह और राहुल ने कहा कि दोपहर के समय सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया है और लोग गर्मी से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।

बाइट:— डॉक्टर हरजाप सिंह, राहुल, मनदीप सिंह , लवप्रीत सिंह