एडीसी पूनम सिंह ने कटाई के अंतिम दिनों में किसी भी घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी के आदेश दिए हैं।
लुधियाना / सत्ता संदेश
जैसे-जैसे लुधियाना में गेहूं की कटाई का मौसम अंतिम चरण में पहुंच रहा है, अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) पूनम सिंह ने बुधवार को इन महत्वपूर्ण अंतिम दिनों में पराली जलाने की शून्य घटनाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विभिन्न विभागों—कृषि एवं किसान कल्याण, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB), राजस्व, पुलिस, पंचायत, मंडी बोर्ड, सहकारिता तथा अन्य हितधारकों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने बताया कि इस वर्ष लगभग 2.38 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई है, जिससे कटाई का अंतिम चरण सख्त निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
सिंह ने उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDMs) और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी बनाए रखें और पराली जलाने के किसी भी मामले पर तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने पर जोर देते हुए सभी विभागों के बीच समन्वित और तीव्र प्रयासों की आवश्यकता बताई।
उन्होंने अधिकारियों से किसानों के बीच जागरूकता अभियान को और तेज करने की अपील की, जिसमें कैंप, मोबाइल वैन और जानकारी सामग्री के माध्यम से पराली जलाने के दुष्प्रभावों—जैसे वायु प्रदूषण, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट, पोषक तत्वों की हानि तथा धुएं और सूक्ष्म कणों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम—के बारे में बताया जाए।
प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी। कृषि, प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व, सहकारिता और पंचायत सहित सभी विभागों को मिलकर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कटाई के अंत में पर्यावरण को कोई नुकसान न हो।

