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फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटा रही है पुलिस

जम्मू, 12 मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की हत्या का प्रयास करने के आरोपी कमल सिंह जामवाल के बारे में पुलिस पूरी जानकारी एकत्र कर रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की घटना का मकसद क्या था इसका पता लगाने के लिए वह 63 वर्षीय जामवाल के निजी, सामाजिक और संभावित संगठनात्मक संबंधों सहित उसकी पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष अब्दुल्ला बुधवार रात को जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में एक विवाह समारोह से निकलते समय उस वक्त बाल-बाल बच गए जब आरोपी ने कथित तौर पर उन पर पीछे से गोली चला दी।

अब्दुल्ला के साथ तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास को विफल कर दिया। जामवाल के पास से कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्तौल बरामद की गई।

घटना के वक्त उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी भी नेकां प्रमुख के साथ मौजूद थे।

जम्मू के पुरानी मंडी निवासी जामवाल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से अब्दुल्ला को निशाना बनाने की ताक में था। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस हमले से पहले उसकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फिलहाल जामवाल से पूछताछ कर रहे हैं। जामवाल ने जांच अधिकारियों को बताया कि वह अपनी दुकानों से प्राप्त किराए से अपनी आजीविका चलाता है।

अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी हथियार लेकर समारोह में प्रवेश करने में कैसे कामयाब रहा।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जहांजैब सिरवाल ने अब्दुल्ला पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा, ‘‘हिंसा के ऐसे कृत्य अस्वीकार्य हैं तथा एक लोकतांत्रिक और सभ्य समाज में इनकी कोई जगह नहीं है।’’

सिरवाल ने कहा, ‘‘आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसे में अधिकारियों को पूरी तरह से और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि हमले के सभी तथ्य सामने आ सकें और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा सके।’’

पहलगाम हमले के पीड़ित की बेटी को सरकारी नौकरी का वादा 10 महीने बाद भी नहीं हुआ पूरा

पुणे/मुंबई, 16 फरवरी (भाषा) पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने पिता की मौत के दस महीने बाद भी, असावरी जगदाले महाराष्ट्र सरकार द्वारा किये गए सरकारी नौकरी के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं।

असावरी ने सोमवार को पुणे में अपनी चिंता व्यक्त की। इस संबंध में भाजपा नेता नवनाथ बान ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस देरी का मुद्दा उठाने का वादा किया।

असावरी के पिता संतोष जगदाले उन 26 पीड़ितों में से एक थे जिनकी मौत पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में हुई थी।

इस नरसंहार के बाद, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के छह पीड़ितों के परिवारों को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी।

असावरी ने मीडिया कर्मियों से कहा, “मुझे सरकार में नौकरी दिये जाने का वादा किए हुए 10 महीने हो गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है।”

उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य सरकार के आश्वासनों से अवगत कराया है।

असावरी ने कहा, “मैंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालयों से संपर्क किया है। अधिकारियों ने हमें केवल यही बताया है कि वे इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि पिता की मृत्यु के बाद से परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है और उनकी सारी बचत खत्म हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आग्रह किया।

असावरी की अपील के बारे में पूछे जाने पर, महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रभारी बान ने कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा का रुख आतंकी हमले से प्रभावित जगदाले परिवार और अन्य परिवारों का समर्थन करना है। मैं आश्वासन देता हूं कि मैं व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री और राज्य पार्टी नेतृत्व के साथ इस मामले को उठाऊंगा।”

भाजपा नेता ने कहा कि फडणवीस एक संवेदनशील नेता हैं जो इस मामले की जांच करेंगे और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।