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दिल्ली वाले चिड़ियाघर में 500 रुपये में एक दिन के लिए जानवर को ले सकते हैं गोद

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) दिल्ली के लोग अगले महीने से राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में किसी जानवर को एक दिन के लिए गोद लेकर अपना जन्मदिन, शादी की सालगिरह या अन्य खास मौके मना सकेंगे। पशु को गोद लेने की संशोधित योजना के तहत छोटे जानवरों के लिए शुल्क 500 रुपये से शुरू होगा, जबकि बाघ को एक दिन के लिए गोद लेने के लिए 50,000 रुपये देने होंगे।

इस योजना के तहत, पशु को गोद लेने वालों को चिड़ियाघर द्वारा निर्धारित लागत वहन करनी होगी, जिसका उपयोग जानवर के भोजन और दैनिक देखभाल के लिए किया जाएगा। चुने गए पैकेज के आधार पर, व्यक्ति को स्मृति चिन्ह के रूप में प्रमाण पत्र और तस्वीरें भी मिलेंगी।

चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार ने कहा कि जानवरों को अल्पकालिक रूप से गोद लेने की व्यवस्था शुरू करने के प्रस्ताव को इस महीने के अंत तक मंजूरी मिलने की संभावना है, जिसके बाद यह पहल मार्च से शुरू की जाएगी।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक दिन के लिए गोद लेने की लागत प्रत्येक जानवर की वार्षिक गोद लेने की दर के आधार पर तय की गई है।

कुमार ने कहा, “यदि किसी जानवर को गोद लेने की वार्षिक लागत 50,000 रुपये है, तो उसे एक दिन के लिए गोद लेने का शुल्क लगभग 500 रुपये होगा।”

संशोधित दरों के अनुसार, चित्तिदार हिरण को गोद लेने की वार्षिक लागत 18,000 रुपये है, और उसे एक दिन के लिए 500 रुपये में गोद लिया जा सकता है। इसी प्रकार, स्‍लॉथ बियर को गोद लेने की वार्षिक दर 45,000 रुपये है और उसे भी एक दिन के लिए 500 रुपये में गोद लिया जा सकेगा।

कुमार ने बताया कि बाघ को गोद लेने की वार्षिक लागत छह लाख रुपये है, जो एक दिन के लिए लगभग 50,000 रुपये होती है।

उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर इस योजना को अधिक सुलभ बनाने के लिए अल्पकालिक और ऑनलाइन गोद लेने के विकल्प पेश कर रहा है, जो पहले पूरी तरह से ऑफलाइन थे, खासकर उन व्यक्तियों के लिए जो पूरे वर्ष के लिए किसी जानवर को गोद नहीं ले सकते हैं।

अधिकारी ने कहा कि इस पहल से पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

साल 2022 में शुरू किए गए पशु को गोद लेने के कार्यक्रम का उद्देश्य पशु संरक्षण को बढ़ावा देना और लोगों का वन्यजीवों के साथ जुड़ाव मजबूत करना है। फिलहाल, चिड़ियाघर एक या दो साल के लिए जानवरों को गोद लेने की अनुमति देता है, जिनमें से अधिकांश कॉर्पोरेट संस्थाएं होती हैं।

कुमार ने कहा, “इस वर्ष भागीदारी में गिरावट देखी गई है, अब तक केवल चार कंपनियां ही आगे आई हैं। इसीलिए हम अधिक व्यक्तियों को आकर्षित करने के लिए प्रक्रिया को अधिक सुलभ बना रहे हैं।”

पहलगाम हमले के पीड़ित की बेटी को सरकारी नौकरी का वादा 10 महीने बाद भी नहीं हुआ पूरा

पुणे/मुंबई, 16 फरवरी (भाषा) पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने पिता की मौत के दस महीने बाद भी, असावरी जगदाले महाराष्ट्र सरकार द्वारा किये गए सरकारी नौकरी के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं।

असावरी ने सोमवार को पुणे में अपनी चिंता व्यक्त की। इस संबंध में भाजपा नेता नवनाथ बान ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस देरी का मुद्दा उठाने का वादा किया।

असावरी के पिता संतोष जगदाले उन 26 पीड़ितों में से एक थे जिनकी मौत पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में हुई थी।

इस नरसंहार के बाद, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के छह पीड़ितों के परिवारों को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी।

असावरी ने मीडिया कर्मियों से कहा, “मुझे सरकार में नौकरी दिये जाने का वादा किए हुए 10 महीने हो गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है।”

उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य सरकार के आश्वासनों से अवगत कराया है।

असावरी ने कहा, “मैंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालयों से संपर्क किया है। अधिकारियों ने हमें केवल यही बताया है कि वे इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि पिता की मृत्यु के बाद से परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है और उनकी सारी बचत खत्म हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आग्रह किया।

असावरी की अपील के बारे में पूछे जाने पर, महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रभारी बान ने कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा का रुख आतंकी हमले से प्रभावित जगदाले परिवार और अन्य परिवारों का समर्थन करना है। मैं आश्वासन देता हूं कि मैं व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री और राज्य पार्टी नेतृत्व के साथ इस मामले को उठाऊंगा।”

भाजपा नेता ने कहा कि फडणवीस एक संवेदनशील नेता हैं जो इस मामले की जांच करेंगे और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

जैक्स की आक्रामक पारी से इंग्लैंड के सात विकेट पर 202 रन

 कोलकाता, 16 फरवरी (भाषा ) विल जैक्स की आक्रामक पारी के दम पर इंग्लैंड ने आखिरकार अपनी लय हासिल करते हुए इटली के खिलाफ सोमवार को टी20 विश्व कप में ग्रुप सी के करो या मरो के मुकाबले में सात विकेट पर 202 रन बनाये ।

टूर्नामेंट में खराब शुरूआत के बाद दो बार की चैम्पियन इंग्लैंड ने इस अहम मुकाबले में शानदार वापसी की लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गंवाने का सिलसिला जारी रहा ।

जैक्स ने 22 गेंद में छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन बनाये और टूर्नामेंट में पहली बार टीम को 200 रन के पार पहुंचाया ।

एक समय पर इंग्लैंड के पांच विकेट 105 रन पर गिर गए थे जिसके बाद जैक्स और सैम कुरेन (19 गेंद में 25 रन ) ने अच्छी साझेदारी की । दोनों ने छठे विकेट के लिये 25 गेंद में 54 रन जोड़े ।

पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के लिये फिल साल्ट ने 15 गेंद में दो चौकों और दो छक्कों के साथ 28 रन बनाये । पहले पांच ओवर में इंग्लैंड ने 50 रन बना लिये थे ।

अनुभवी जोस बटलर का खराब फॉर्म जारी रहा और वह तीन रन बनाकर तीसरे ओवर में ग्रांट स्टीवर्ट का शिकार हुए । पावरप्ले के बाद इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 54 रन था । साल्ट को छठे ओवर में अली हसन ने आउट किया जिनका शानदार कैच डीप स्क्वेयर लेग में एंथोनी मोस्का ने लपका ।

जैकब बेथेल ने 20 गेंद में 23 रन बनाये लेकिन वह भी साल्ट के जाने के बाद टिक नहीं सके ।

कप्तान हैरी ब्रूक नौ गेंद में 14 रन बनाकर जेजे स्मट्स की गेंद पर आउट हुए । इससे पहले उन्होंने इसी गेंदबाज को लांग आफ और स्क्वेयर लेग पर छक्का लगाया था । टॉम बेंटोन ने 21 गेंद में 30 रन बनाये ।

अबू सलेम ने अवैध हिरासत का दावा किया, न्यायालय का याचिका पर सुनवाई से इनकार

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को गैंगस्टर अबू सलेम की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसने दावा किया था कि उसे 10 महीने से अधिक समय से ‘‘अवैध हिरासत’’ में रखा गया है, जबकि वह 1993 के मुंबई विस्फोट मामले में उसे दी गई 25 साल की सजा पहले ही काट चुका है।

वर्ष 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी सलेम को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 11 नवंबर, 2005 को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था।

भारत और पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते की शर्तों के अनुसार, सलेम को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता और उसके कारावास की अवधि 25 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती।

सलेम ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी रिहाई की मांग की थी, जिसमें उसने दावा किया था कि अच्छे व्यवहार के लिए दी गई छूट को शामिल करने पर वह पहले ही 25 साल की कैद काट चुका है।

उच्च न्यायालय ने उसकी याचिका स्वीकार कर ली थी, लेकिन कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को सुनवाई के दौरान, सलेम के वकील को बताया कि उच्च न्यायालय ने उसे केवल अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। पीठ ने कहा, ‘‘जाइए और अंततः (उच्च न्यायालय के समक्ष) इस मामले पर बहस कीजिए।’’

वकील ने जब कहा कि संबंधित पक्षों ने उसकी याचिका पर उच्च न्यायालय के समक्ष पहले ही अपने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं, तो पीठ ने कहा, ‘‘हलफनामों पर विचार करने के बाद, उच्च न्यायालय फैसला करेगा।’’

शीर्ष अदालत ने पाया कि हलफनामे के अनुसार, सलेम 19 साल कैद की सजा काट चुका है।

सलेम के वकील ने जब दलील दी कि उनका मुवक्किल 10 महीने से अधिक समय तक ‘‘अवैध हिरासत’’ में रहा है, तो न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, ‘‘आपको (सलेम) समाज के लिए कुछ भी अच्छा न करने के लिए 25 साल की सजा दी गई है। आपको टाडा के तहत दोषी ठहराया गया है।’’

पीठ ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया और सलेम को लंबित मामले की शीघ्र सुनवाई और निपटारे के लिए उच्च न्यायालय में जाने की स्वतंत्रता दे दी।

सपा और कांग्रेस में भारत की आस्था के प्रति सम्मान नहीं : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 16 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि आक्रांताओं का महिमामंडन और देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी करना किसी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है तथा इन दलों की प्रवृत्ति यह दिखाती है कि उनमें ‘भारत की आस्था’ के प्रति कोई सम्मान नहीं है।

योगी ने विधान परिषद में अपने संबोधन में कहा कि ‘भारत की आस्था’ उत्तर प्रदेश में निवास करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ प्रदेश अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है और विरासत से युक्त विकास ही एक उज्जवल भविष्य की आधारशिला होता है, लेकिन अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अगर कोई उन आक्रांताओं का महिमामंडन करता है, जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और ‘भारत की आस्था’ को रौंदने का कार्य किया तो आज का नया उत्तर प्रदेश इसको स्वीकार करने को तैयार नहीं है।’’

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ”आक्रांताओं का महिमामंडन करना, देशद्रोही तत्वों के समर्थन में बयानबाजी करना और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना किसी राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है।”

योगी ने कहा, ”अगर हम आक्रांताओं का महिमामंडन कर रहे हैं और राष्ट्र के प्रतीकों यानी तिरंगे और राष्ट्रीय गीत का अपमान कर रहे हैं, तो एक प्रकार से हम संविधान की अवहेलना कर रहे हैं।”

उन्होंने सवाल किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं और दूसरी तरफ वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय गीत का विरोध कर रहे हैं।

योगी ने आरोप लगाया, ‘‘ सपा और कांग्रेस के सदस्य धड़ल्ले से बोल रहे हैं कि वह वंदे मातरम के लिए नहीं खड़े होंगे। यानी हिंदुस्तान में रहोगे और भारत के राष्ट्रगान तथा राष्ट्रीय गीत को गाने में दिक्कत होती है? यह चीज नहीं चल सकती हैं।’’

उन्होंने कहा, ”मुझे आश्चर्य होता है कि समाजवादी पार्टी के लोग गाजी (सूफी संत सैयद सालार गाजी) के मेले का समर्थन करते हैं। गाजी भारत की परंपरा और संस्कृति को रौंदने के लिए आया था। श्रावस्ती के तत्कालीन नरेश महाराजा सुहेलदेव के नेतृत्व में हिंदू राजाओं ने उसको रौंद डाला। सम्मान तो सुहेलदेव को मिलना चाहिए था और हमें आनंद की अनुभूति होती है कि हमारी ‘डबल इंजन’ की सरकार ने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर बहराइच में उनका भव्य स्मारक बनाया है।”

योगी ने समाजवादी पार्टी पर लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी के बाद लोकमाता अहिल्याबाई को ‘डबल इंजन’ की सरकार ने सम्मान दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ काशी विश्वनाथ धाम में लोकमाता अहिल्याबाई की एक भव्य प्रतिमा स्थापित कराई गई है लेकिन समाजवादी पार्टी लोकमाता के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। यह लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का विरोध करते हैं या उसी तरह के तत्वों को प्रश्रय देते हैं। यह प्रवृत्ति दिखाती है कि इनके मन में भारत की आस्था के प्रति कोई सम्मान नहीं है।’’

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर अपने शासनकाल में जन्माष्टमी के आयोजन, कांवड़ यात्रा और अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोकने का आरोप लगाया और साथ ही कहा कि कांग्रेस ने तो उच्चतम न्यायालय में कहा था कि राम और कृष्ण दोनों मिथक हैं।

योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने समय में राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थी और मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधा पैदा करने के लिए अपने अधिवक्ता तैयार किए थे, लेकिन हिंदुस्तान में कोई भारत की आस्था को कैद करके नहीं रख सकता। वह आखिरकार विजयी हुई और अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो गया।

भिवाड़ी में अवैध पटाखा फैक्टरी में आग, सात मजदूरों की मौत, दो फंसे

जयपुर, 16 फरवरी (भाषा) राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी कस्बे में सोमवार को आतिशबाजी बनाने वाली एक अवैध फैक्टरी में आग लगने से सात लोगों की जलकर मौत हो गई और दो लोग अंदर फंसे रह गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सुमित्रा पारीक ने बताया, “इस घटना में सात लोगों की मौत हुई है। यह एक परिधान फैक्टरी थी, लेकिन अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।”
उन्होंने कहा कि फैक्टरी में दो लोग फंसे हुए हैं। यह हादसा भिवाड़ी के खुशखेड़ा-करोली औद्योगिक क्षेत्र में हुआ।
पारीक ने कहा, “परिसर को परिधान फैक्टरी के नाम पर किराए पर लिया गया था, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।”
उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी नियमित गश्त के दौरान मिली, इसके बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
जिला कलेक्टर आर्टिका शुक्ला और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुक्ला ने मामले की जांच के आदेश दिए।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार फैक्टरी में 20 से अधिक लोग मौजूद थे। आग लगते ही कई मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि नौ लोग अंदर फंस गए। इनमें से सात लोग जलकर मर गए। डेढ़ घंटे से अधिक समय बाद आग पर काबू पाया गया। कुछ अस्थियां भी बरामद हुईं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला प्रशासन को तुरंत राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए और वन मंत्री संजय शर्मा को अलवर भेजा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर मोदी के हवाले से कहा कि राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना, दुखद और बेहद अफसोसजनक है।
मोदी ने कहा, “जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और जांच की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त किया।

मणिपुर में प्रतिबंधित संगठनों की दो महिला उग्रवादी गिरफ्तार

इंफाल, 16 फरवरी (भाषा) मणिपुर में सुरक्षाबलों ने अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी दो महिला उग्रवादियों को राज्य में जबरन वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ये गिरफ्तारियां रविवार को इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्वी जिलों में की गईं।

बयान में कहा गया कि यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (कोइरेंग) की 29 वर्षीय उग्रवादी सनासम ओंगबी शांतिकुमारी देवी को इंफाल पूर्वी जिले के नोंगपोक इंकखोल इलाके से पकड़ा गया।

पुलिस ने बताया कि एक अन्य कार्रवाई में कांगलीपाक कम्यूनिस्ट पार्टी (अपुनबा) संगठन की महिला उग्रवादी मुतुम जोशिका चानू (19) को इंफाल पश्चिम जिले के लमदेंग स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

भारत कृत्रिम मेधा से आ रहे बदलाव के क्षेत्र में अग्रणी है: प्रधानमंत्री मोदी

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत कृत्रिम मेधा (एआई) से आ रहे बदलाव के क्षेत्र में अग्रणी है और एआई क्षेत्र में उसकी प्रगति महत्वाकांक्षा एवं दायित्व दोनों को दर्शाती है।

मोदी की यह टिप्पणी उस दिन आई है जब वह यहां भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के साथ किया जाएगा।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ एआई पर चर्चा करने के लिए दुनिया को एक साथ ला रहे हैं! आज से, भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी कर रहा है। मैं इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के नेताओं, उद्योगपतियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत करता हूं।’’

उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’’ है, जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम मेधा का उपयोग करने की ‘‘हमारी साझा प्रतिबद्धता’’ को दर्शाता है।

मोदी ने कहा कि आज एआई स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई क्षेत्रों में बदलाव ला रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ एआई के विविध पहलुओं जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदार उपयोग आदि पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेगा।

मोदी ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि शिखर सम्मेलन के परिणाम एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य को आकार देने में सहायक होंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत की 1.4 अरब जनता की बदौलत हमारा देश एआई से आए परिवर्तन में अग्रणी स्थान पर है। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना से लेकर जीवंत स्टार्टअप तंत्र और अत्याधुनिक अनुसंधान तक, एआई में हमारी प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है।”

इससे पहले रविवार को मोदी ने भारत को डिजिटल बुनियादी ढांचे और कृत्रिम मेधा के वैश्विक केंद्र के रूप में पेश किया और कहा कि भारत दुनिया के डेटा को संभालने एवं प्रौद्योगिकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

मोदी मुंबई में मंगलवार को मैक्रों से मुलाकात करेंगे

 नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे और इस दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने तथा उन्हें नए और उभरते क्षेत्रों तक विस्तारित करने पर केंद्रित रहेगी।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 फरवरी को मुंबई जाएंगे, जहां वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे।’’

इसमें कहा गया कि इस दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह भारत द्वारा आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेंगे और मुंबई में प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे।

यह उनकी भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा होगी।

कार्यक्रम के अनुसार, 17 फरवरी को अपराह्न लगभग सवा तीन बजे दोनों नेता मुंबई स्थित लोक भवन में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके बाद शाम लगभग सवा पांच बजे वे ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं तथा नवाचारकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

भारत-पाक मैच में आम मैच की तुलना में थोड़ा अधिक दबाव होता है: अक्षर पटेल

कोलंबो, 16 फरवरी (भाषा) ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने स्वीकार किया कि भारत और उसके चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के दौरान अतिरिक्त दबाव होता है, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ी सदियों पुरानी प्रतिद्वंद्विता को लेकर बाहर हो रही चर्चाओं पर गौर न करके शांतचित्त होकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करते हैं।

इन दोनों देशों के बीच रविवार को यहां खेले गए मैच में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से करारी शिकस्त देकर टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण में प्रवेश कर लिया।

अक्षर ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हां, दबाव तो होता है। आपके आस-पास के लोग, आपका परिवार या दोस्त इसके बारे में आपसे बात करते हैं। इसलिए हां, एक आम मैच की तुलना में थोड़ा अधिक दबाव होता है।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘पेशेवर क्रिकेटर होने के कारण हम केवल अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हम प्रतिद्वंद्विता के बारे में ज्यादा नहीं सोचते और न ही इसकी वजह से खुद पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं।’’

अक्षर ने कहा, ‘‘हम उसे एक अन्य टीम के रूप में ही देखते हैं। हम आपस की प्रतिद्वंद्विताओं आदि के बारे में नहीं सोचते। हम सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसलिए, जब भी मैं (पाकिस्तान के खिलाफ) खेलता हूं तो मैं इसे एक अन्य प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक मैच के रूप में लेता हूं।’’

ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रन बनाकर भारत को सात विकेट पर 175 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया और अक्षर ने इस सलामी बल्लेबाज की जमकर सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से उसने बल्लेबाजी की उसे देखते हुए मुझे लगता है कि यह बेहतरीन पारियों में से एक थी, क्योंकि यहां की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना इतना आसान नहीं था। गेंद स्पिन हो रही थी, कुछ गेंदें सीधी जा रही थीं, इसलिए यह आसान नहीं था। बात सिर्फ इतनी है कि घरेलू क्रिकेट में उसका जो फॉर्म रहा है, उसने उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में भी बरकरार रखा और फिर आखिरी मैच में भी अर्धशतक बनाया।’’

अक्षर ने कहा, ‘‘‘जब आपका आत्मविश्वास ऊंचा होता है तो आप अपने बारे में या विकेट के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। आत्मविश्वास के साथ-साथ कौशल भी जरूरी है। उसने अपने सारे शॉट एक ही जगह पर नहीं मारे, बल्कि कवर और स्लिप के ऊपर से भी शॉट खेले।’’

अक्षर ने कहा कि भारतीय टीम बाहर की बातों की बजाय अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम अपनी क्षमता अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और यह बाहरी चर्चा है (भारत की बल्लेबाजी बनाम पाकिस्तान की स्पिन गेंदबाजी)। हम इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी हम सिर्फ अपनी रणनीति पर अमल करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सिर्फ इस पर ध्यान दे रहे हैं कि अगर हमें पहले गेंदबाजी करनी है या फिर बाद में गेंदबाजी करनी है तो हमें क्या करना है और विकेट कैसा है। हम केवल इन्हीं बातों पर ध्यान दे रहे हैं।’’