बिना दवा ठीक होगा ग्रेड-2 फैटी लिवर: डॉक्टर ने बताए लाइफस्टाइल के 2 जादुई बदलाव, 6 महीने में दिखेगा असर
हेल्थ डेस्क : आज के समय में फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) एक आम समस्या बनती जा रही है, जिसे अगर समय रहते न सुधारा जाए तो यह लिवर सिरोसिस या फाइब्रोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि इसके लिए उम्र भर दवाएं खानी पड़ेंगी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. हर्ष व्यास ने एक मरीज का उदाहरण देते हुए बताया है कि बिना किसी दवा या महंगे सप्लीमेंट के, केवल लाइफस्टाइल में दो बदलाव करके इसे 6 महीने में लगभग नॉर्मल किया जा सकता है।
1. साप्ताहिक उपवास (24-36 घंटे का वॉटर फास्ट) डॉक्टर के अनुसार, पहला बड़ा बदलाव डाइट में संतुलन और उपवास है। मरीज को उसकी कैलोरी बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) के अनुसार लेने को कहा गया। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव हफ्ते में एक बार 24 से 36 घंटों का ‘वॉटर फास्ट’ रखना था। उपवास के दौरान लिवर में जमा ग्लाइकोजन और ट्राइग्लाइसेराइड (जमा हुआ फैट) टूटना शुरू हो जाता है, जिससे लिवर का फैट कम होता है।
2. हफ्ते में 4-5 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दूसरा प्रमुख बदलाव शारीरिक व्यायाम है। फैटी लिवर के मरीज को हफ्ते में 4 से 5 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने की सलाह दी गई। इससे मांसपेशियों में इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है और शरीर में मौजूद अतिरिक्त ग्लूकोज लिवर में नए फैट में बदलने के बजाय ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल होने लगता है। शोध बताते हैं कि एक्सरसाइज और फास्टिंग के मेल से मात्र 8-12 हफ्तों में ही लिवर स्कोर और बीएमआई (BMI) में सुधार दिखने लगता है।
शुरुआत कैसे करें? डॉक्टर की सलाह है कि सीधे लंबे उपवास के बजाय पहले 8 से 12 घंटे की फास्टिंग से शुरुआत करें और धीरे-धीरे इसे 16 से 24 घंटे तक ले जाएं। इसके साथ ही डाइट से चीनी (Sugar) और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
चेतावनी: फैटी लिवर एक ‘साइलेंट’ बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण जैसे थकान या पेट के दाईं ओर दर्द अक्सर सामान्य लगते हैं। किसी भी बड़े बदलाव से पहले विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

