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जालंधर में दिन-दहाड़े बड़ी वारदात: बैंक के बाहर पति-पत्नी से ₹19 लाख की लूट, तलवार दिखाकर फरार हुए नकाबपोश लुटेरे

पंजाब डेस्क : शहर के पॉश इलाके अर्बन एस्टेट फेज-2 में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को HDFC बैंक के बिल्कुल बाहर बाइक सवार दो नकाबपोश लुटेरों ने एक दंपति को निशाना बनाया और ₹19 लाख की नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

वारदात का तरीका: पीड़ित महिला के अनुसार, वह और उनके पति किसी पार्टी को भुगतान करने के लिए बैंक पहुंचे थे। जब उनके पति कार पार्क कर रहे थे, तब महिला नकदी वाला बैग लेकर बैंक के बाहर खड़ी थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश लुटेरे वहां पहुंचे और तलवार जैसे तेजधार हथियार से डराकर पलक झपकते ही बैग छीनकर भाग निकले।

लाखों की नकदी और कारोबार: पीड़ित परिवार का आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार है। उन्होंने बताया कि वे सुबह ही फुटबॉल चौक के पास स्थित एक अन्य बैंक से ₹17.10 लाख निकलवा कर लाए थे और ₹2 लाख उन्होंने घर से बैग में रखे थे। कुल ₹19.10 लाख की यह राशि उन्हें किसी को पेमेंट के तौर पर देनी थी।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही थाना 7 के एसएचओ बलविंदर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित दंपति के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बरनाला-बठिंडा हाईवे पर रणक्षेत्र बना तपा: किसानों और पुलिस में हिंसक झड़प, बैरिकेड्स उखाड़े; 53 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

पंजाब डेस्क : पंजाब के बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे पर तपा के पास शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को किसानों और पुलिस के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला,। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

झड़प का मुख्य कारण: बीकेयू (एकता उगराहां) के जिला अध्यक्ष चमकौर सिंह नैनेवाल के अनुसार, यह पूरा विवाद बठिंडा जिले के गांव जींद में लगभग 700 एकड़ जमीन से जुड़ा है। किसानों का आरोप है कि इस मामले में उन्हें न्याय दिलाने के बजाय प्रशासन द्वारा परेशान किया जा रहा है। किसान नेताओं ने दावा किया कि सरनदीप सिंह और बलदेव सिंह जैसे किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं और जेल में बंद सरनदीप को उसकी मां की मृत्यु के बाद भी रिहा नहीं किया गया, जिससे किसानों में गहरा रोष है।

बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़े किसान: प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के आह्वान पर किसानों ने बरनाला में डीसी कार्यालय के बाहर बड़े प्रदर्शन की घोषणा की थी। हाईवे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम की मौजूदगी में वॉटर कैनन और बैरिकेडिंग के जरिए किसानों को रोकने की कोशिश की गई।

हालांकि, प्रदर्शनकारी किसानों, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे, ने पुलिस के बैरिकेड्स उखाड़ फेंके और बाजार क्षेत्र की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ते हुए बठिंडा की ओर कूच किया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां: हंगामे और झड़प के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए करीब 53 किसानों को गिरफ्तार कर लिया है,। पुलिस द्वारा रोकने के प्रयासों के बावजूद किसानों का जत्था आगे बढ़ता रहा, जिससे पूरे इलाके में देर शाम तक तनाव का माहौल बना रहा। किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके खिलाफ दर्ज मामले रद्द नहीं होते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

जालंधर में AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या: DGP का पाकिस्तान कनेक्शन पर बड़ा खुलासा, गैंगस्टर जोगा ने ली जिम्मेदारी

पंजाब डेस्क : पंजाब के जालंधर के मॉडल टाउन इलाके में शुक्रवार सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लकी ओबेरॉय की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे राज्य में सनसनी फैल गई है। वारदात के तुरंत बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने घटनास्थल का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

ISI और गैंगस्टरों का गठजोड़: मीडिया से बातचीत के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI स्थानीय गैंगस्टरों के साथ मिलकर पंजाब को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। डीजीपी के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जमीनी रास्ते की तुलना में ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी में 400 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

जोगा फोलड़ीवाल ने ली हत्या की जिम्मेदारी: इस बीच, सोशल मीडिया पर जोगा फोलड़ीवाल नामक व्यक्ति ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है,। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि यह हत्या किसी राजनीतिक रंजिश के कारण नहीं, बल्कि निजी दुश्मनी के चलते की गई है। पोस्ट में मृतक लकी ओबेरॉय पर नशा तस्करी से जुड़े होने और खुद भी नशे का आदी होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

कॉलेज प्रधानी का विवाद बना मुख्य कारण: दावे के अनुसार, खालसा कॉलेज की प्रधानी को लेकर चल रहा विवाद इस खूनी रंजिश की मुख्य वजह बना। हमलावरों का आरोप है कि लकी ओबेरॉय विरोधी गुट के साथियों को नुकसान पहुँचा रहा था और उनके बारे में आपत्तिजनक बातें फैला रहा था, जिसका बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की जांच: डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस इस मामले की गैंगवार, निजी दुश्मनी और राजनीतिक साजिश जैसे हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने पंजाब के युवाओं से अपील की है कि वे गैंगस्टरों के प्रलोभन और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी बातों से बचें। दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिया गया है।

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर रिकॉर्ड छठी बार जीता खिताब

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय अंडर-19 टीम ने आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रनों से मात देकर छठी बार विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। इस जीत के साथ ही भारत इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम बन गई है, जिसने अब तक सबसे ज्यादा बार यह टाइटल जीता है।

वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन: फाइनल मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और 50 ओवरों में 411/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 80 गेंदों पर 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को एकतरफा कर दिया। उन्होंने अपनी इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के लगाए। वैभव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कारों से नवाजा गया। उनके अलावा कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रन और अभिज्ञान कुंडू ने 40 रनों का अहम योगदान दिया।

इंग्लैंड की हार और भारतीय गेंदबाजी: 412 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर्स में 311 रनों पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजी में आरएस अंबरीश ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए, जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट हासिल किए। इंग्लैंड की ओर से बेन मेयस ने 66 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।

प्रधानमंत्री और दिग्गजों ने दी बधाई: भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लिखा कि “भारत का क्रिकेट टैलेंट चमका! हमारी U-19 टीम पर गर्व है जिसने वर्ल्ड कप घर लाया”।

पूर्व कप्तान विराट कोहली ने भी टीम की सराहना करते हुए कहा कि क्रिकेट के जूनियर स्तर पर हमारा दबदबा जारी है। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी युवा खिलाड़ियों को उनकी मेहनत और जीत के लिए शुभकामनाएं दीं।

पश्चिमी दिल्ली में जल बोर्ड के 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से मोटरसाइकिल सवार की मौत

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में निर्माण कार्य के लिए खोदे गए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि घटना के सिलसिले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।

वर्मा ने बताया कि परियोजना पर काम करने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जल बोर्ड पीड़ित परिवार को मुआवजा देगा।

घटना की सूचना शुक्रवार को मिलने के बाद जल मंत्री ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया।

सिंह ने पत्रकारों को बताया, ‘‘हम तीन अधिकारियों – कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर रहे हैं। इन तीनों अधिकारियों का कर्तव्य था कि वे यहां जारी काम की प्रगति की निगरानी करते।’’

उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों से निर्माण स्थल पर काम जारी है लेकिन गड्ढा बृहस्पतिवार को खोदा गया था।

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल भयानी (25) के रूप में हुई है, जो एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था।

दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) शरद भास्कर दराडे ने बताया, ‘‘सुबह करीब आठ बजे एक महिला ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन करके सूचना दी कि लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में एक व्यक्ति पड़ा है और हिल-डुल नहीं रहा है। पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची।’’

डीसीपी ने बताया, ‘‘दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में कमल भयानी गिर गए और दुर्भाग्यवश उनकी मृत्यु हो गई।’’

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दिल्ली जल बोर्ड के निर्माणस्थल पर यह गड्ढा खोदा गया था और वहां अवरोधक लगाए गए थे।

डीसीपी ने कहा, ‘‘हम घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। यह सड़क पिछले कुछ दिनों से बंद है और गड्ढा बृहस्पतिवार को खोदा गया था। संभव है कि वह व्यक्ति प्रतिदिन इस मार्ग से आता-जाता था और उसे गड्ढे की जानकारी नहीं थी।’’

कमल के परिवार के अनुसार, वह बृहस्पतिवार देर रात को रोहिणी स्थित अपने कार्यालय से घर लौट रहा था और लगातार उनके संपर्क में था।

हालांकि, जब वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो उसके रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू की और जनकपुरी, सागरपुर, विकास पुरी एवं रोहिणी सहित कई थानों का दौरा किया।

परिवार ने बताया कि उन्होंने पूरी रात कमल की तलाश की लेकिन उन्हें सुबह करीब आठ बजे गड्ढे में उसका शव मिलने की सूचना मिली।

कमल के जुड़वां भाई करण ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मैंने अपने भाई के फोन पर जब कॉल किया तो पुलिस ने फोन का जवाब दिया। उन्होंने हमें बताया कि उन्हें उसका (कमल का) शव मिला है। जब हम वहां पहुंचे तो हमने उसका शव और मोटरसाइकिल गड्ढे में पड़े देखे। वहां सुरक्षा के इंतजाम थे, इसलिए मेरी समझ से परे है कि वह गड्ढे में कैसे गिरा।’’

करण ने बताया, ‘‘हम तीन भाई हैं, जिसमें कमल और मैं जुड़वां हैं। हम कल रात से ही उसकी तलाश कर रहे थे, अलग-अलग इलाकों में घूम रहे थे। पुलिस ने हमारी मदद नहीं की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम कम से कम सात-आठ थानों में गए, लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की। सुबह जब मैंने फिर उसके फोन पर कॉल किया तो पुलिस ने हमें बताया कि वह मृत पाया गया है।’’

कमल के बचपन के दोस्त मयंक ने अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे जुड़वां भाई थे। अब जब उनकी मां जीवित बचे बेटे का चेहरा देखेंगी, तो उन्हें कैसा महसूस होगा? हमने उनसे झूठ बोला है कि हम उससे अब तक नहीं मिले हैं और उसका इलाज हो रहा है।’’

मयंक ने कहा, ‘‘यह सरासर लापरवाही है। भले ही यह एक हादसा था, अगर वे उसे समय पर ढूंढ लेते, तो हम उसे अस्पताल ले जा सकते थे और उसकी जान बचा सकते थे। उसके पिता का क्या होगा, जो सात घंटे से अधिक समय से उसे तलाश रहे थे?’’

मयंक ने बताया कि कमल से आखिरी बार रात करीब साढ़े 11 बजे बात हुई थी।

मयंक ने बताया, ‘‘उसने हमें बताया कि वह ‘डिस्ट्रिक्ट सेंटर’ के पास है और 15 मिनट में घर पहुंच जाएगा। जब आधे घंटे बाद भी वह नहीं लौटा, तो हमने उसकी तलाश शुरू कर दी। सबसे पहले हम जनकपुरी थाने गए और उनसे फोन ‘ट्रेस’ करने का अनुरोध किया, जो अब भी बज रहा था।’’

मयंक ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने हमें एक जगह के बारे में बताया लेकिन वह कमल के बतायी जगह से मेल नहीं खाता था। हमने उनसे शिकायत दर्ज करने को कहा, लेकिन उन्होंने बताया कि यह केवल सुबह ही किया जा सकता है और रात में तलाशी संभव नहीं है। हमने जिन सात थानों का दौरा किया, उनमें से किसी ने भी शिकायत दर्ज नहीं की।’’

मयंक ने बताया कि कमल की किसी से दुश्मनी नहीं थी। वह रोहिणी सेक्टर 10 स्थित अपने कार्यालय से लौट रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘वह बहुत अच्छा इंसान था और काम से सीधे घर आता था। मेरा मानना ​​है कि किसी ने उनकी हत्या कर उनके शव को गड्ढे में फेंक दिया है। लोगों को इस रास्ते से आने से रोकने के लिए उचित अवरोधक लगाए जाने चाहिए थे।’’

हालांकि, पुलिस ने किसी भी प्रकार की साजिश की आशंका से इनकार किया है और इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ बताया है, लेकिन वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

डीसीपी ने बताया, ‘‘कमल के भाई नरेश भयानी रात करीब दो बजकर 45 मिनट पर जनकपुरी थाने आए थे और हमें बताया कि कमल रात से लापता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उसका पता लगाने की कोशिश की और हमें उसकी आखिरी लोकेशन ‘डिस्ट्रिक्ट पार्क’ के पास मिली। तलाश अभियान चलाने के बावजूद उसका पता नहीं चल सका।’’

पुलिस ने बताया कि उन्होंने मोबाइल फोन टावर के स्थान का पता लगाने की कोशिश की और रात भर तलाश अभियान चलाया, लेकिन उसे ढूंढ नहीं पाए। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों को परिवार के साथ तलाश अभियान में भेजा गया था।

इस बीच, दिल्ली जल बोर्ड ने घटना की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

दिल्ली जल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘घटनास्थल से इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूचना मिली है। मामले की जांच जल बोर्ड और पुलिस द्वारा की जा रही है।’’

यह घटना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) नोएडा के 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के कुछ हफ्तों बाद हुई है। नोएडा सेक्टर 150 में एक निर्माण स्थल के पास 16 और 17 जनवरी की दरम्यानी रात को मेहता की कार के पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद उनकी डूबने से मौत हो गई थी।

पुलिस ने लापता लड़कियों से जुड़ी खबरें बढ़ा-चढ़ कर फैलाने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी

नयी दिल्ली, छह फरवरी दिल्ली पुलिस ने लापता लड़कियों से जुड़ी खबरें बढ़ा-चढ़ा कर प्रसार करने वालों के खिलाफ शुक्रवार को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि पैसों के लिए दहशत फैलाने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 से 15 जनवरी के बीच कुल 807 लोग लापता हुए, यानी प्रतिदिन औसतन 54 लोग लापता हुए। इनमें से 509 महिलाएं और लड़कियां तथा 298 पुरुष हैं। लापता लोगों में से 191 नाबालिग और 616 वयस्क हैं।

दिल्ली पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कुछ सुरागों के आधार पर उन्हें पता चला कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या पैसे देकर बढ़ा-चढ़ा कर प्रचारित करायी गयी। पैसों के लिए दहशत फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस ने लोगों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि ‘‘घबराहट या भयभीत होने का कोई कारण नहीं है’’ क्योंकि आंकड़े असल में पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना में (गुमशुदगी के मामलों में) गिरावट को दर्शाते हैं।

इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमले में 12 लोगों की मौत, कई घायल

इस्लामाबाद, छह फरवरी (भाषा) पाकिस्तान की राजधानी में शुक्रवार की नमाज के दौरान शिया समुदाय की मस्जिद में आत्मघाती हमलावर द्वारा खुद को विस्फोट में उड़ा लेने से कम से कम 12 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

यह विस्फोट संघीय राजधानी के शहजाद टाउन इलाके में स्थित तरलाई इमामबाड़ा में हुआ।

पुलिस के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर को इमामबाड़ा के द्वार पर रोक लिया गया था, लेकिन उसने खुद को विस्फोट में उड़ा लिया। घटना में 12 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

फिलहाल किसी भी समूह ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है।

हालांकि, पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावर एक विदेशी नागरिक था और उसके संबंध ‘फ़ितना अल ख्वाराजी’ से थे। यह शब्द तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

बचाव टीम और पुलिस हमले वाली जगह पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। राजधानी के अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई।

यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव पाकिस्तान के दौरे पर हैं। वह बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर पहुंचे।

इस घटना से कुछ महीने पहले इस्लामाबाद में जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के बाहर हुए एक आत्मघाती विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई थी।

न्यायालय का बिहार चुनाव को चुनौती देने वाली जन सुराज पार्टी की याचिका पर विचार करने से इनकार

नयी दिल्ली, छह फरवरी उच्चतम न्यायालय ने पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी द्वारा दायर उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन के आधार पर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

पार्टी का आरोप था कि कर्ज में डूबी राज्य सरकार ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 15,600 करोड़ रुपये बांट दिए, जिससे अन्य राजनीतिक दलों को समान अवसर नहीं मिल पाया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव हारने के बाद लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल करने की कोशिश को लेकर पार्टी को फटकार लगाई और पटना उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक राज्य से संबंधित है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आपको कितने वोट मिले? जब लोग आपको नकार देते हैं, तो आप राहत पाने के लिए न्यायिक मंच का सहारा लेते हैं! किसी को तो उसी समय योजना को चुनौती देनी चाहिए थी। आप तो पूरे राज्य के चुनाव को अमान्य घोषित करने के लिए एक व्यापक निर्देश चाहते हैं।’’

पीठ ने कहा कि यह याचिका पूरे राज्य के लिए एक समग्र चुनाव याचिका के अलावा और कुछ नहीं है।

पीठ ने कहा, ‘‘चूंकि यह मामला सिर्फ एक राज्य से संबंधित है, इसलिए कृपया संबंधित उच्च न्यायालय में जाएं। कुछ मामलों में मुफ्त योजनाओं का गंभीर मुद्दा है, जिसकी हम गंभीरता से पड़ताल करेंगे।’’

पार्टी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सी.यू. सिंह ने कहा कि जिस योजना के तहत मतदाताओं को भुगतान किया गया था, उसकी घोषणा चुनाव से ठीक पहले की गई थी और भुगतान तब किया गया था जब चुनाव आचार संहिता लागू थी।

वरिष्ठ वकील ने कहा, ‘‘जब किसी राज्य में गंभीर राजकोषीय घाटा हो और योजना की घोषणा के बाद तुरंत 10,000 लोगों को भुगतान कर दिया जाए तो ऐसे में इससे यही अर्थ जाता है कि मानो इसे खैरात में बांटा जा रहा है। इतना ही नहीं, चुनाव आचार संहिता की घोषणा के तुरंत बाद 35 लाख से अधिक लाभार्थियों को इस योजना में नामांकित किया गया।’’

पीठ ने कहा, ‘‘प्रत्यक्ष हस्तांतरण योजनाएं अलग हैं। यह मामला महिला स्वयं सहायता समूहों से संबंधित है।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 243-सदस्यीय विधानसभा में 202 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी और विपक्षी दलों के ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) ने 35 सीट हासिल की, जबकि जन सुराज पार्टी (जेएसपी) का खाता भी नहीं खुल पाया तथा उसके अधिकतर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। जन सुराज पार्टी ने बिहार में नये सिरे से चुनाव कराने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।

याचिका में राज्य सरकार पर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये हस्तांतरित करके चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया और संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत कार्रवाई की मांग की गई।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की प्रारंभिक आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

ईडी ने शबरिमला सोना चोरी मामले में धनशोधन की जांच के तहत पूर्व टीबीडी अधिकारी से पूछताछ की

कोच्चि, छह फरवरी शबरिमला में सोने की चोरी के मामले में धन शोधन के पहलू की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को यहां त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एस. श्रीकुमार से पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्ति से सोने की चोरी से संबंधित मामले में श्रीकुमार छठे आरोपी हैं। मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। उन्हें 29 जनवरी को कोल्लम की सतर्कता अदालत ने जमानत दे दी थी।

श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के चौखटों से सोने की चोरी से जुड़े दूसरे मामले में उन्हें आरोपी के रूप में पेश नहीं किया गया था।

ईडी सूत्रों ने बताया कि समन मिलने के बाद श्रीकुमार सुबह करीब 10 बजे एजेंसी के कार्यालय में उपस्थित हुए।

ईडी के अधिकारियों के अनुसार, जब द्वारपालक की मूर्तियों को सोने की परत चढ़ाने के लिए चेन्नई ले जाया गया था, तब श्रीकुमार शबरिमला में प्रशासनिक अधिकारी थे और उन्होंने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे।

हाल ही में ईडी ने टीडीबी के एक अन्य पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू से पूछताछ की थी।

ईडी सूत्रों ने बताया कि एसआईटी द्वारा जांच किए जा रहे दोनों मामलों में आरोपी धनशोधन की जांच का भी सामना कर रहे हैं और उनसे पूछताछ की जाएगी।

एसआईटी मामले में बृहस्पतिवार को वैधानिक जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हुए मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को जल्द ही समन जारी किया जाएगा।

गाजियाबाद में आत्महत्या करने वाली तीन बहनों के बेचे गए मोबाइल फोन की जांच करेगी पुलिस

गाजियाबाद (उप्र), छह फरवरी (भाषा) गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की कथित आत्महत्या मामले की जांच कर रही पुलिस ने उनके लिए पिता द्वारा खरीदे गए और बाद में बेच दिये गए दो मोबाइल फोन के ‘आईएमईआई’ नंबर हासिल कर लिए गए हैं तथा अब डेटा हासिल करने के लिए उन उपकरणों का पता लगाएगी। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

आईएमईआई (अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान) 15 अंकों का अनूठा कोड है जो प्रत्येक मोबाइल फोन में होता है।

अधिकारी ने बताया कि अब पुलिस इन मोबाइल फोन का पता लगाएगी, ताकि डेटा हासिल किया जा सके और यह सत्यापित किया जा सके कि क्या लड़कियां कोई ‘टास्क आधारित ऑनलाइन गेम’ खेल रही थीं।

अधिकारी ने बताया कि जांच के तहत घटनाक्रम को समझने के दौरान, बृहस्पतिवार को लड़कियों के माता-पिता से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई।

निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रांस-हिंडन क्षेत्र अंतर्गत भारत सिटी सोसाइटी में एक इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस का कहना है कि इस मामले को आत्महत्या के रूप में देखा जा रहा है और जांच कथित ऑनलाइन गेमिंग की लत से संबंधित पिता के दावों की पुष्टि करने और परिवार की परिस्थितियों सहित सभी संबंधित पहलुओं की जांच करने पर केंद्रित है।

प्रारंभिक तथ्य, जिनमें बृहस्पतिवार को बहनों के कमरे से बरामद नौ पन्नों की एक छोटी डायरी भी शामिल है, कोरियाई संस्कृति के प्रति उनके गहरे लगाव और कथित पारिवारिक कलह की ओर इशारा करते हैं।

ट्रांस-हिंडन क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निमिष पाटिल ने बताया कि लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने निशिका के लिए लगभग तीन महीने पहले एक मोबाइल फोन खरीदा था, जबकि प्राची के लिए लगभग 15 दिन पहले दूसरा मोबाइल फोन खरीदा था।

डीसीपी ने कहा, ‘‘कोरियाई संस्कृति के प्रति उनके बढ़ते लगाव को देखते हुए, पिता ने दोनों फोन जब्त कर बेच दिए थे। हमें उपकरणों के आईएमईआई नंबर मिल गए हैं।’’

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमारा पहला कदम खरीदारों का पता लगाना और मोबाइल फोन हासिल करना होगा, जिसके बाद हम उनसे डेटा निकालकर यह सत्यापित करेंगे कि वे किस प्रकार के ऑनलाइन गेम या ऐप का उपयोग कर रही थीं।’’

पुलिस को अभी तक पिता के दावे के अनुसार, कोरियाई ‘टास्क-बेस्ड’ ऐप के उपयोग की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है।

अधिकारियों ने बताया कि वे घटना से पहले की व्यापक परिस्थितियों को समझने के लिए परिवार की वित्तीय पृष्ठभूमि की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें कथित संपत्ति सौदे और ऋण शामिल हैं।

शुक्रवार सुबह ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा संपर्क किए जाने पर, टीला मोड़ पुलिस थाना प्रभारी रवि बलियान ने बताया कि पूछताछ जारी है और आवश्यकता पड़ने पर परिवार से दोबारा संपर्क किया जाएगा।

अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कुमार ने कहा कि उनकी बेटियां कोरियाई संस्कृति से बहुत प्रभावित थीं और देर रात तक, कभी-कभी आधी रात से सुबह 5 बजे तक ‘टास्क-बेस्ड’ ऑनलाइन गेम खेलती थीं।

उन्होंने दावा किया कि लड़कियों ने अपने-अपने नाम बदलकर कोरियाई नाम रख लिए थे और वे कोरियाई दोस्तों से ऑनलाइन संपर्क में थीं।

लड़कियों के पिता ने स्वीकार किया कि उन्होंने शुरू में उनकी गतिविधियों को हल्के में लिया था। कुमार ने मीडिया के माध्यम से सरकार से युवा पीढ़ी और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए इस तरह के ऑनलाइन गेमिंग ऐप पर प्रतिबंध लगाने का भी आग्रह किया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, लड़कियों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरने से उनकी पसलियां टूट गई थीं और अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचा था।

तीनों बहनों का बुधवार शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।