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राज्यसभा में उठी दिल्ली-पुणे के बीच सीधी प्रमुख ट्रेन चलाने की मांग

नयी दिल्ली, छह फरवरी राज्यसभा में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की एक सदस्य ने पुणे और दिल्ली के बीच अब तक कोई सीधी प्रमुख ट्रेन न चलने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यह सुविधा न होने के कारण छात्रों, पेशेवरों, व्यवसाइयों और सरकारी अधिकारियों समेत लाखों लोगों को परेशानी हो रही है।

भाजपा की मेधा विश्राम कुलकर्णी ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुणे न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश का शिक्षा केंद्र है और इसे ‘‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड’’ कहा जाता है। उन्होंने दिल्ली से पुणे के बीच तेज गति वाली ट्रेनों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पुणे आईटी, उद्योग, स्टार्टअप और रक्षा निर्माण का केंद्र है और वहां जल्द ही रक्षा गलियारा भी बनाया जा रहा है, जो कई उद्योगों को आकर्षित करेगा।

मेधा ने कहा कि वर्तमान में पुणे और दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनें 20 से 30 घंटे का समय लेती हैं, भीड़ वाली होती हैं और उनमें सुविधाओं की कमी रहती है।

उन्होंने कहा कि अन्य महत्वपूर्ण शहरों के बीच राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत और तेजस एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन दिल्ली–पुणे मार्ग इस सेवा से वंचित है। मेधा ने केंद्र सरकार से पुणे से दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, वंदे भारत जैसी ट्रेनों को चलाने की मांग की।

शून्यकाल में ही भाजपा के हर्ष महाजन, डॉ भीम सिंह, नागेन्द्र राय और डॉ अनिल सुखदेवराव बोंडे तथा मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति ने भी अपने अपने मुद्दे उठाए।

टी20 विश्व कप : खिताब की प्रबल दावेदार भारत की नजरें अमेरिका पर शानदार जीत के साथ आगाज पर

मुंबई, छह फरवरी (भाषा) सितारों से सजी भारतीय टीम टी20 विश्व कप में शनिवार को आत्मविश्वास से ओतप्रोत अमेरिका के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी तो खिताब बरकरार रखने वाली पहली टीम बनने का इरादा जेहन में और क्रिकेटप्रेमियों की अपेक्षाओं का बोझ कंधों पर रहेगा ।

टी20 विश्व कप 2024 जीतने वाली भारतीय टीम के दो मजबूत स्तंभ विराट कोहली और रोहित शर्मा भले ही इस प्रारूप से विदा ले चुके हों लेकिन भारतीय टीम अभी भी सबसे दमदार दावेदार है । भारत ने उसके बाद से नौ श्रृंखलायें जीती हैं जिनमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत शामिल है ।

पिछले पूरे साल खराब फॉर्म से जूझते रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ला भी अब खामोश नहीं है जिससे रही सही कसर भी पूरी हो गई । ईशान किशन ने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर जबर्दस्त फॉर्म के साथ वापसी की है ।

ईशान और अभिषेक शर्मा की जोड़ी से भारतीय टीम को काफी उम्मीदें हैं चूंकि दोनों का प्रदर्शन अभी तक जबर्दस्त रहा है ।

भारत की तुलना 2007 वनडे विश्व कप की आस्ट्रेलियाई टीम से की जा रही है हालांकि दोनों प्रारूप अलग है लेकिन सूर्यकुमार की टीम हर विभाग में परिपक्व और संतुलित दिख रही है । सूर्यकुमार का फॉर्म में लौटना, मध्यक्रम में तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या जैसा हरफनमौला, शिवम दुबे और अक्षर पटेल जैसे धुरंधरों की मौजूदगी बल्लेबाजी को मजबूत बनाती है ।

रिंकू सिंह जैसा फिनिशर भी भारत के पास है । वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का कार्यभार प्रबंधन विश्व कप को देखते हुए बड़ी समझदारी के साथ किया गया है । उनके साथ अर्शदीप सिंह नयी गेंद संभालेंगे और हर्षित राणा भी टीम में मौजूद हैं ।

कुलदीप यादव और वरूण चक्रवर्ती के रूप में भारत के पास इस प्रारूप में दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं लेकिन असल चुनौती ओस की होगी । पहला टी20 विश्व कप 2007 में जीतने वाले पूर्व कप्तान एम एस धोनी ने इस ओर इशारा किया था ।

भारतीय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने हालात के अनुरूप काफी सोच समझकर टीम चुनी है जिसमें शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे दिग्गज नहीं हैं । संजू सैमसन को भी अंतिम एकादश में शायद ही जगह मिले ।

सूर्यकुमार को अमेरिकी टीम में कई जाने माने चेहरे दिख जायेंगे । इसी मैदान पर कभी उन्होंने शुभम रंजने, हरमीत सिंह और सौरभ नेत्रवलकर के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था ।

पिच और हालात की जानकारी का तीनों ‘मुंबईकर’ अमेरिेकी खिलाड़ियों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा ।अमेरिका ने पिछली बार अपनी सह मेजबानी में हुए टी20 विश्व कप में पूर्व चैम्पियन पाकिस्तान को हराकर सुपर आठ में जगह बनाई थी और भारत को भी कड़ी चुनौती दी थी ।

अमेरिकी टीम ने पिछले साल नौ में से आठ मैच जीते हैं और टी20 विश्व कप से पहले श्रीलंका में तीन सप्ताह के शिविर में भाग लिया है ।

कप्तान मोनांक पटेल ने बल्लेबाजी में कमाल किया है और उन्हें साइतेजा मुक्कमल्ला तथा मिलिंद कुमार से पूरा सहयोग मिला । गेंदबाजी में नेत्रवलकर, हरमीत और रंजने अहम होंगे ।

दूसरे अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड को कड़ी चुनौती देने वाली अमेरिकी टीम सिर्फ सात रन से हारी थी ।

टीमें :

भारत :

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा,वरूण चक्रवर्ती ।

अमेरिका :

मोनांक पटेल (कप्तान ), आंद्रिस गौस, साइतेजा एम, शायन जहांगीर, हरमीत सिंह, शेहान जयसूर्या, संजय कृष्णमूर्ति, मिलिंद कुमार, मोहम्मद मोहसिन, शुभम रंजने, शाडले वान शाकविक, अली खान, जसदीप सिंह, नोस्तुश केनिजे, सौरभ नेत्रवलकर ।

मैच का समय : शाम सात बजे से ।

आरबीआई ने 2026-27 की पहली, दूसरी तिमाही के लिए वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाया

 भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने व्यापार समझौतों, जीएसटी युक्तिकरण और मजबूत कृषि उत्पादन के मद्देनजर अगले वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तथा दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को शुक्रवार को बढ़ाकर क्रमश: 6.9 और सात प्रतिशत कर दिया।

आरबीआई ने दिसंबर में 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि 6.7 प्रतिशत और जुलाई-सितंबर के लिए 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुमान अप्रैल में अगली मौद्रिक नीति में घोषित किए जाएंगे, जिसमें नए जीडीपी एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रृंखला को अद्यतन आधार वर्ष (2024) के साथ शामिल किया जाएगा।

मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, ‘‘ भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर राह पर बनी हुई है और 2025-26 में वास्तविक जीडीपी के 7.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है जो पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है। वैश्विक चुनौतियों के बीच निजी उपभोग और स्थिर निवेश ने वृद्धि को सहारा दिया।’’

उन्होंने कहा कि 2026-27 में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। कृषि गतिविधियों को जलाशयों के स्वस्थ स्तर, मजबूत रबी बुवाई और फसलों की स्थिति में सुधार से समर्थन मिलेगा। इसके अलावा, कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार और असंगठित क्षेत्र में बनी गति से विनिर्माण गतिविधियों को बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र की वृद्धि मजबूत रहने के आसार हैं और घरेलू मांग के मजबूत होने के साथ सेवा क्षेत्र में भी मजबूती बनी रहेगी।

गवर्नर ने मांग पक्ष पर कहा कि 2026-27 में निजी उपभोग की गति बनी रहने की उम्मीद है जबकि ग्रामीण मांग स्थिर रहेगी।

उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) युक्तिकरण और नरम मौद्रिक नीति के निरंतर समर्थन से शहरी उपभोग में सुधार होगा।

मल्होत्रा ने कहा, ‘‘ उच्च क्षमता उपयोग, तेज होती बैंक ऋण वृद्धि, अनुकूल वित्तीय परिस्थितियां और बुनियादी ढांचे पर सरकार का निरंतर जोर निवेश गतिविधियों को प्रोत्साहन देगा।’’

गवर्नर ने कहा कि हाल में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ कई अन्य व्यापार करार मध्यम अवधि में निर्यात को समर्थन देंगे।

इसके अलावा, केंद्रीय बजट में घोषित कई उपाय भी वृद्धि के लिए अनुकूल रहने की संभावना है।

आरबीआई की मौद्रिक नीति की मुख्य बातें

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की आखिरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं-

*नीतिगत दर रेपो 5.25 प्रतिशत पर यथावत।

*मौद्रिक नीति का रुख ‘तटस्थ’ पर कायम।

*माल एवं सेवा कर सुधार, मौद्रिक ढील और कम महंगाई से निजी उपभोग को समर्थन।

*व्यापार समझौतों से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

*वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तथा दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान बढ़ाकर क्रमशः 6.9 प्रतिशत और सात प्रतिशत किया गया।

*केंद्रीय बजट के उपाय आर्थिक वृद्धि के अनुकूल।

*चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 2.1 प्रतिशत।

*वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तथा दूसरी तिमाही के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई क्रमशः चार प्रतिशत और 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान।

*कीमती धातुओं के अलावा महंगाई दर नरम बनी हुई।

*भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब अमेरिकी डॉलर।

*धोखाधड़ी मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक क्षतिपूर्ति देने के लिए जल्द रूपरेखा।

*वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए उपाय प्रस्तावित।

*सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए बिना गारंटी ऋण सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जाएगी।

*बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति दी जाएगी।

*कुछ प्रकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए शाखा खोलने के नियमों में ढील दी जाएगी।

*भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक छह से आठ अप्रैल, 2026 को होगी।

मेघालय खदान विस्फोट: संगमा की सख्त कार्रवाई की चेतावनी, स्थिति का जायजा लेने दो मंत्रियों को भेजा

शिलॉन्ग, छह फरवरी (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार पूर्वी जयंतिया हिल्स कोयला खदान विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। इस घटना में कम से कम 18 लोग मारे गए थे।

उन्होंने जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए दो कैबिनेट मंत्रियों को भी तैनात किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों को घटनास्थल का दौरा करने, अधिकारियों से मिलने तथा बचाव, राहत और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और खनन विभाग के अधिकारी पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं।

संगमा ने कहा कि पुलिस को इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और चेतावनी दी कि अवैध खनन गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खनन की शुरुआत के साथ खनिकों से उम्मीद की जाती है कि वे वैध खनन लाइसेंस के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि यह विकल्प अब उपलब्ध है और ऐसी घटनाओं को होने नहीं दिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से तीन-तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के सुदूरवर्ती थांगस्कू इलाके में एक अवैध कोयला खदान में बृहस्पतिवार को हुए विस्फोट में कम से कम 18 खनिक मारे गए थे।

बचाव अभियान जारी है और मलबे में और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए 50,000 रुपये दिये जाने की घोषणा की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संगमा से बात की और उन्हें जारी बचाव कार्यों के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मेघालय उच्च न्यायालय ने इस घटना से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए पूर्वी जयंतिया हिल्स के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को अवैध खनन में शामिल खदान मालिकों एवं संचालकों की पहचान करने तथा उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और की गई कार्रवाई का विवरण देने के लिए भी तलब किया है।

इस घटना ने राज्य में अवैध कोयला खनन के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

पुडुचेरी सरकार गरीबों को पक्का मकान देने के लिए आवास सब्सिडी योजना लागू कर रही : रंगासामी

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों के वास्ते झोपड़ियों के स्थान पर पक्का मकान सुनिश्चित करने के लिए आवास सब्सिडी योजना लागू कर रही है।

पड़ोसी तिरुकांची गांव में आयोजित एक समारोह में बुजुर्गों, बेसहारा महिलाओं और गरीब तबके के लोगों को बढ़ी हुई मासिक पेंशन सौंपते हुए बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस केंद्र शासित प्रदेश की सरकार और केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी को मिलाकर एकीकृत आवास योजना लागू कर दी गई है। इसका उद्देश्य गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों को झोपड़ियों की जगह पक्के मकान बनाने में सहायता प्रदान करना है।’’

उन्होंने कहा कि आवास योजना को तेजी से लागू करने से केंद्र शासित प्रदेश ‘झोपड़ी मुक्त’ क्षेत्र के रूप में उभरने की राह पर है।

रंगासामी ने दावा किया कि उनकी सरकार विधानसभा में किए गए सभी वादों और आश्वासनों को लागू कर रही है और उन्होंने पिछली कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन सरकार पर जनता की समस्याओं का समाधान किए बिना विफल करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों और वंचितों तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को दी जाने वाली मासिक पेंशन में 500 रुपये की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, बेसहारा महिलाओं और विधवाओं को भी बढ़ी हुई पेंशन मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 750 एकड़ के विशाल भूभाग पर एक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करेगी ताकि तकनीकी रूप से योग्य युवाओं को रोजगार मिल सके।

कृषि मंत्री सी. जयकुमार, विधानसभा अध्यक्ष आर. सेल्वम, विधायक और अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

आम आदमी पार्टी के नेता की जालंधर में गोली मारकर हत्या

चंडीगढ़, छह फरवरी (भाषा) पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) के नेता लक्की ओबेरॉय की शुक्रवार को जालंधर के मॉडल टाउन में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।

जालंधर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने फोन पर बताया कि यह घटना सुबह हुई।

ओबेरॉय अपने वाहन से गुरुद्वारा पहुंचे थे तभी दोपहिया वाहन पर सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं।

सहायक पुलिस आयुक्त (जालंधर) परमिंदर सिंह ने बताया कि ओबेरॉय को जालंधर के एक अस्पताल ले जाया गया लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने वाहन पर कम से कम पांच गोलियां चलाईं और फरार हो गए।

घटना के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और हमलावरों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।

छह फरवरी का इतिहास: सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अंतिम सांस ली

आज का इतिहास

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) इतिहास में छह फरवरी का अपना महत्व है। इसी दिन एलिजाबेथ द्वितीय ने 1952 में ग्रेट ब्रिटेन का सिंहासन संभाला था और 1971 में इंसान ने चांद पर गोल्फ खेलने का आनंद लिया। छह फरवरी को विश्व में कई महान विभूतियों ने जन्म लिया। और छह फरवरी को ही सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अंतिम सांस ली थी।

‘सीमांत गांधी’ के नाम से मशहूर खान अब्दुल गफ्फार खान का जन्म 1890 में छह फरवरी को हुआ, जबकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और भारत में खासे लोकप्रिय रहे रोनाल्ड रीगन का जन्म भी 1911 में इसी दिन हुआ।

छह फरवरी 2020 को हिन्दी के आधुनिक गद्य-साहित्य में सबसे महत्वपूर्ण लेखकों में गिने जाने वाले कृष्ण बलदेव वैद का अमेरिका के न्यूयार्क में 92 साल की उम्र में निधन हो गया। ‘उसका बचपन’, ‘बिमल उर्फ़ जायें तो जायें कहां’, ‘तसरीन’, ‘दूसरा न कोई’, ‘दर्द ला दवा’, ‘गुज़रा हुआ ज़माना’, ‘काला कोलाज’, ‘नर नारी’, ‘माया लोक’, ‘एक नौकरानी की डायरी’ जैसे उपन्यासों से उन्होंने हिंदी साहित्य में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई।

छह फरवरी 2022 को देश के संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में शुमार और कई पीढ़ियों तक अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरने वाली महान गायिका लता मंगेशकर का मुंबई में 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके गीतों ने कभी प्रेम, कभी खुशी, कभी दुख की भावनाओं को व्यक्त किया तो कभी संगीत की धुनों पर नाचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मनुष्य की हर भावना को अपनी आवाज के जरिए संगीत प्रेमियों के दिलों तक पहुंचाया। उनकी आवाज ने ग्रामोफोन की दुनिया से लेकर डिजिटल युग तक का सफर तय किया और कई गीतों को अविस्मरणीय बना दिया।

उन्होंने केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि भारत की लगभग हर भाषा में गीत गाए। उन्हें ‘सुर सम्राज्ञी’, ‘स्वर कोकिला’ और ‘सहस्राब्दी की आवाज’ समेत कई उपनाम दिए गए। उन्हें उनके प्रशंसक लता दीदी के नाम से संबोधित करते थे। इंदौर में जन्मीं मंगेशकर ने मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ के लिए मात्र 13 वर्ष की आयु में 1942 में अपना पहला गीत रिकॉर्ड किया था।

लता मंगेशकर ने जब 1949 में फिल्म ‘महल’ के लिए ‘आएगा आने वाला’ गीत गाया, तो उस समय पार्श्व गायकों को अधिक तवज्जो नहीं दी जाती थी और यह सार्वजनिक नहीं किया गया था कि यह गीत किसने गाया है, लेकिन यह गीत इतना हिट हुआ कि लोग इसकी गायिका के बारे में जानने को उत्सुक थे, जिसके कारण रेडियो स्टेशन को यह जानने के लिए एचएमवी से संपर्क करना पड़ा कि इस गीत को आवाज किसने दी है। मंगेशकर ने नसरीन मुन्नी कबीर के वृत्तचित्र ‘लता मंगेशकर: इन हर ओन वर्ड्स’ में इस बात का जिक्र किया था।

देवरिया में पुलिस मुठभेड़ में तीन पशु तस्कर गिरफ्तार

उप्र मुठभेड़ तस्कर  

देवरिया (उप्र), छह फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में शुक्रवार सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद तीन कथित पशु तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके पास से चार गोवंश बरामद किए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, भाटपार रानी और बनकटा पुलिस थानों की टीम संदिग्ध वाहन व व्यक्तियों की तलाशी ले रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर बनकटा-अमेठीया मार्ग के पास एक पिकअप वाहन से चार गोवंश पशु बरामद किये गये।

पुलिस ने बताया कि मौके से अरविन्द पासवान उर्फ टेनी मांझी और अफरोज आलम उर्फ सुड्डू गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, तीसरा आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने का प्रयास कर रहा था तथा उसने पुलिस बल पर देसी तमंचे से गोली चलायी।

उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल द्वारा की गई गोलीबारी में अभियुक्त के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपना नाम बिहार के सिवान निवासी छोटे अली उर्फ कमरे आलम बताया।

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों के पास से एक देसी तमंचा, एक कारतूस व एक कारतूस का खोखा बरामद किया गया।

पुलिस मामले की जांच कर रही है।

विस्थापित लोगों के मुद्दे नयी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं: मणिपुर के मुख्यमंत्री

मणिपुर मुख्यमंत्री विस्थापित

 इंफाल, छह फरवरी (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता पर्वतीय और घाटी दोनों जिलों में जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।

सिंह ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा कि सरकार जल्द इन लोगों की उनके घरों में वापसी के लिए एक खाका तैयार करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पहली प्राथमिकता पर्वतीय और घाटी दोनों क्षेत्रों में विस्थापित लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं। सरकार जल्द एक कार्ययोजना तैयार करेगी।’’

सिंह ने बुधवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।विस्थापित लोगों के मुद्दे नयी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं: मणिपुर के मुख्यमंत्री