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हिमाचल जाना हुआ महंगा! वाहन एंट्री फीस में भारी बढ़ोतरी से मचा हड़कंप, जानें अब किस गाड़ी के लिए कितनी देनी होगी जेब ढीली

नेशनल डेस्क : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों की एंट्री फीस में भारी इजाफा करने का फैसला किया है, जिससे अब पंजाब के लोगों के लिए हिमाचल की सैर करना महंगा हो जाएगा। सरकार द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के बाद नंगल और इसके आसपास के सीमावर्ती इलाकों के निवासियों ने इस बढ़ोतरी का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया है।

रिश्तेदारियों पर पड़ेगा असर : इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा वे लोग प्रभावित होंगे जिनकी रिश्तेदारियां हिमाचल प्रदेश के गांवों में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें अपने रिश्तेदारों से मिलने जाने के लिए वाहनों की दोगुनी फीस चुकानी होगी, जो उनके बजट पर भारी बोझ डालेगा।

वाहनों की नई दरें इस प्रकार हैं: नोटिफिकेशन के अनुसार, विभिन्न वाहनों के लिए अब निम्नलिखित शुल्क देय होगा:

-5-सीटर कार: 130 रुपये

-इनोवा, जीप, थार और वैन: 170 रुपये

-मिनी बस और टेम्पो: 320 रुपये-बस और ट्रक: 570 रुपये

-भारी ट्रक: 600 रुपये-टिप्पर: 800 रुपये-भारी ट्राले: 900 रुपये

पर्यटन और व्यापार पर संकट: फीस में इस वृद्धि का असर केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि पर्यटन और माल ढुलाई (freight) पर भी पड़ेगा।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल आते हैं। शिमला के होटल कारोबारियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस फैसले से पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट आ सकती है, जिससे पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान होगा। कारोबारियों ने सरकार से इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक 23 फरवरी को: बजट सत्र और अंतरिम बजट पर होगी चर्चा, बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

पंजाब डेस्क : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने आगामी 23 फरवरी, 2026 को कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास पर सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव भी शामिल होंगे।

बजट सत्र और चुनावी साल पर फोकस : सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी बजट सत्र और अंतरिम बजट पर चर्चा करना है। चूँकि 2027 की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इस बार सरकार अंतरिम बजट पेश कर सकती है और नई सरकार के गठन के बाद ही पूर्ण बजट तय किया जाएगा। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें राज्य के विकास से जुड़े कई जरूरी फैसलों पर मुहर लग सकती है।

पिछले बजट और प्राथमिकताओं पर नजर : गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹2.36 लाख करोड़ का बजट पेश किया था, जो पिछले वर्ष से 4% अधिक था। इस “विकास बजट” में स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि को प्राथमिकता दी गई थी। इसके अलावा, मान सरकार राज्य को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसी मुहिमों पर भी इस बैठक में चर्चा कर सकती है।

लुधियाना पुलिस को बड़ी सफलता: 320 ग्राम हेरोइन और ड्रग मनी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पंजाब डेस्क : लुधियाना पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा (IPS) के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल की टीम ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ दो आरोपियों को काबू किया है।

गश्त के दौरान पकड़े गए तस्कर: स्पेशल सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह देहल ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को पुलिस टीम मेहरबान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सीड़ा के टी-प्वाइंट पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर दो व्यक्तियों को रोककर उनकी तलाशी ली गई।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई: तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की:

-320 ग्राम हेरोइन

-₹9,000 ड्रग मनी

-एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा (नशा तोलने के लिए)

-25 जिप-लॉक लिफाफे (पैकिंग के लिए)

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मेहरबान थाने में NDPS एक्ट की धारा 21C, 61, 85 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

रिमांड के दौरान होगी कड़ी : पूछताछ गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी ताकि इस नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों और सप्लायरों का पता लगाकर उनका पर्दाफाश किया जा सके।

पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और फैलाने में अहम भूमिका निभाई है – कृष्ण कुमार बावा


सनी की हिंदी फिल्म माता-पिता के सम्मान का संदेश देती है – मलकीत सिंह दाखा
लुधियाना: 19 फरवरी – (सत्ता संदेश) आज यहां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली और चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल के नेतृत्व में पंजाबी फिल्म ‘सनी दी हनी’ के कलाकारों के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पंजाब के पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा ने कहा कि सनी की फिल्म माता-पिता का सम्मान करने के बारे में है। यह एक संदेश देती है, इसलिए हमें युवा पीढ़ी के लिए इस प्रेरणादायक फिल्म के कलाकारों को बधाई देनी चाहिए। श्री दाखा ने कहा कि पंजाब के कलाकारों ने आज पूरी दुनिया में नाम कमाया है, जब हम हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों का इस्तेमाल करते हैं, तो कई कलाकार पंजाब और पंजाबी मिट्टी से आए हैं। मालवा सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष कृष्ण कुमार बावा ने कहा कि पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और संदेश को फैलाने में अहम भूमिका निभाई है, इसी तरह यह फिल्म ‘सनी दी हनी’ एक सार्थक संदेश देने में सफल रही है। श्री बावा ने कहा कि इस फिल्म के नायक बीन जौजा और नायिका मुग्धा ने अपने अभिनय से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है। मोੋਹੇ ਹਨ । इस भावी अवसर पर फिल्म के निर्देशक मनजिंदर सिंह के साथ-साथ फिल्म के नायक ‘बीन जौजा’ और अभिनेता रूपिंदर रूपी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फिल्म ‘सनी दी हनी’ का एक विशेष शो भी दिखाया गया। इस शो के बाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली ने सभी का स्वागत किया और कहा कि हमें अच्छे सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों की जरूरत है। इसीलिए हम सनी की हिंदी फिल्म को जी आए कहते हैं। श्री लवली फिल्म के निर्माता, निर्देशक और निर्देशक हैं। कलाकारों की कड़ी मेहनत की प्रशंसा की और कहा कि यह फिल्म युवा पीढ़ी को अपने माता-पिता का सम्मान करना सिखाती है। एक संदेश देती है। महान लोक गायक श्री मुहम्मद सादिक और कनाडा से विशेष रूप से आए लोक गायक सतिंदरपाल सिंह सिधवां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल ने कहा कि फाउंडेशन कलाकारों को शुरू से ही बढ़ावा देता है क्योंकि स. जगदेव सिंह जस्सोवाल ने पंजाबी की स्थापना की थी। हमेशा साहित्य और कलाकारों को संरक्षण दिया है। इस मौके पर उन्होंने मलकीत सिंह दाखा, मुहम्मद सादिक, कृष्ण कुमार बावा और कला प्रेमियों के एक ग्रुप से मुलाकात की। धन्यवाद दिया।
तस्वीर: प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान सनी की हिंदी फिल्म आनंद का आनंद लेते हुए। श्री मुहम्मद सादिक, राजीव कुमार लवली, मलकीत सिंह दाखा, कृष्ण कुमार बावा और कला को सम्मानित करते हुए।

AI इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी ने भारत को बताया दुनिया का सबसे बड़ा टेक टैलेंट हब, वैश्विक दिग्गजों का लगा जमावड़ा

नेशनल डेस्क: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और टेक दिग्गजों को संबोधित किया,। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक हस्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से मानव सामर्थ्य कई गुना बढ़ गया है, लेकिन हमें विजन और जिम्मेदारी दोनों को बड़ा रखना होगा।

मैक्रों के ‘नमस्ते’ और UPI की तारीफ ने बटोरीं सुर्खियां : समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई वैश्विक नेता शामिल हुए,। राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘नमस्ते’ से की, जिसने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने भारत में तेजी से हो रहे बदलावों और यूपीआई (UPI) की सफलता की जमकर सराहना की। वहीं, यूएन महासचिव गुटेरेस ने ग्लोबल साउथ में पहले एआई शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत के नेतृत्व को बधाई दी,।

टाटा और गूगल की बड़ी घोषणाएं : टेक जगत के दिग्गजों ने भी भारत में बड़े निवेश और साझेदारी के संकेत दिए। टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने घोषणा की कि टाटा ग्रुप ओपनएआई (OpenAI) के साथ साझेदारी में भारत का पहला बड़े पैमाने पर एआई-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है। दूसरी ओर, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल भारत में अपने 15 अरब डॉलर के निवेश के तहत विशाखापत्तनम में एक पूर्ण-स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है, जिससे रोजगार और अत्याधुनिक तकनीक के अवसर पैदा होंगे।

टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण : केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाइज़ (democratize) करना है ताकि इसका लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके। इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जहाँ स्टार्टअप्स और टेक कंपनियां अपनी अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन कर रही हैं।

बैंकों की छुट्टियां: अगले 3 दिनों तक बैंक रहेंगे बंद! घर से निकलने से पहले चेक करें RBI की यह लिस्ट

बिजनेस डेस्क : पैसे और रुपये से जुड़े अधिकतर काम आजकल ऑनलाइन हो जाते हैं, लेकिन चेक या ड्राफ्ट से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अब भी बैंक जाना पड़ता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, इस सप्ताह अगले तीन दिनों तक अलग-अलग राज्यों में बैंकों की छुट्टियां रहने वाली हैं, इसलिए अपने काम की प्लानिंग इसी हिसाब से करना जरूरी है।

इन तारीखों को रहेगा अवकाश——

19 फरवरी: बहादुर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र में बैंक बंद रहेंगे।

20 फरवरी: अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में ‘स्टेट डे’ (State Day) के मौके पर बैंकों में छुट्टी रहेगी, हालांकि अन्य राज्यों में बैंकिंग कामकाज पहले की तरह सामान्य रूप से जारी रहेगा।

22 फरवरी: रविवार होने के कारण पूरे देश में बैंकों का अवकाश रहेगा, जिससे इस सप्ताह कुल चार दिनों तक बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा।

डिजिटल सेवाओं का ले सकते हैं लाभ: बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग, नेट बैंकिंग और UPI ऐप के जरिए पैसे का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसके अलावा, NEFT, RTGS, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और ATM मशीनें भी पूरी तरह चालू रहेंगी।

डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से आप चेकबुक और डिमांड ड्राफ्ट के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं, अपना अकाउंट अपडेट कर सकते हैं और अपना पिन (PIN) भी सेट कर सकते हैं।हालांकि, चेक क्लियरेंस, कैश डिपॉजिट और लोन एप्लीकेशन जैसे कार्यों के लिए ग्राहकों को बैंक शाखाएं दोबारा खुलने तक का इंतजार करना होगा।

जेल से रिहा होकर अपने गांव पहुंचे राजपाल यादव: जेल सुधारों पर दी बेबाक राय

मनोरंजन डेस्क : चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद मशहूर फिल्म अभिनेता राजपाल यादव अपने जन्मस्थान शाहजहांपुर के कुण्डरा पहुंचे। वहां पहुंचते ही उनके परिजनों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में न्यायपालिका पर अपना अटूट भरोसा जताया और जेल प्रणाली में सुधारों को लेकर अपनी राय साझा की।

जेलों को ‘सुधार केंद्र’ बनाने का सुझाव: राजपाल यादव ने जोर देकर कहा कि जेलों को केवल सजा देने की जगह के बजाय ‘सुधार केंद्रों’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ताकि कैदियों को खुद को बदलने का मौका मिले। उन्होंने एक दिलचस्प सुझाव देते हुए कहा कि जिस तरह एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर ‘स्मोकिंग ज़ोन’ होते हैं, वैसे ही जेल के भीतर भी धूम्रपान के लिए विशिष्ट क्षेत्र होने चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तंबाकू को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं और उन्होंने खुद इसे कई बार छोड़ने का प्रयास किया है।

कानूनी स्थिति और अगली सुनवाई: अभिनेता को मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 9 करोड़ रुपये के बकाया मामले में जेल भेजा गया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया है, क्योंकि उन्होंने शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। कोर्ट अब 18 मार्च को इस मामले की अगली सुनवाई करेगा।

मिट्टी से जुड़ाव और भविष्य की योजना : अपनी नागरिकता और सिद्धांतों पर बात करते हुए राजपाल यादव ने गर्व से कहा कि उन्होंने कभी अपना पासपोर्ट बदलने के बारे में नहीं सोचा और वह अपने गांव के ही वोटर बने रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह परिवार में एक विवाह समारोह में व्यस्त हैं, जिसके बाद वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी सवालों के विस्तार से जवाब देंगे। इस कठिन समय में फिल्म जगत से सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे कलाकारों ने उनके परिवार को वित्तीय सहायता की पेशकश भी की है।

T20 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी आई सामने, पाकिस्तान-कनाडा से भी बुरा हाल; सुपर-8 से पहले बढ़ी टेंशन

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में लगातार 4 मैच जीतकर भारतीय टीम ने शानदार तरीके से सुपर-8 में जगह बना ली है। हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन के बीच टीम इंडिया की एक ऐसी कमजोरी उजागर हुई है जो बड़े मैचों में खिताब का सपना तोड़ सकती है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में कमाल दिखाने वाली भारतीय टीम फील्डिंग और कैचिंग के मामले में फिसड्डी साबित हो रही है।

कैच छोड़ने में भारत दूसरे नंबर पर: हैरान करने वाले आंकड़े बताते हैं कि टूर्नामेंट में अब तक भारत ने कुल 9 कैच छोड़े हैं, जो भाग लेने वाली 20 टीमों में दूसरा सबसे खराब रिकॉर्ड है। इस लिस्ट में केवल आयरलैंड (10 कैच) ही भारत से पीछे है। चौंकाने वाली बात यह है कि फील्डिंग के मामले में पाकिस्तान और कनाडा जैसी टीमों का प्रदर्शन भी भारत से बेहतर रहा है। आंकड़ों के अनुसार, टीम इंडिया का कैचिंग प्रतिशत 70 से भी नीचे गिर गया है और हर मैच में औसतन 2-3 कैच छूट रहे हैं।

मैदान पर तालमेल की कमी: नीदरलैंड्स के खिलाफ हुए हालिया मैच में भी कैचिंग को लेकर भारी चूक देखी गई, जहाँ एक कैच लेने के प्रयास में सूर्यकुमार यादव और रिंकू सिंह आपस में टकरा गए थे, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी को चोट नहीं आई। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच में भी कुलदीप यादव और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों ने कैच टपकाए थे, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था।

सुपर-8 में बढ़ सकती है चुनौती : सुपर-8 स्टेज में भारत का सामना साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी आक्रामक और मजबूत टीमों से होना है। जानकारों का मानना है कि इन बड़े मुकाबलों में फील्डिंग की ये छोटी-छोटी गलतियां मैच का रुख बदल सकती हैं और भारत को भारी पड़ सकती हैं। टूर्नामेंट जीतने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को अपनी फील्डिंग ड्रिल्स पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

अमेरिका का ईरान पर महा-हमले का प्लान तैयार: ट्रंप को सौंपी गई ‘किल लिस्ट’, दर्जनों नेताओं के खात्मे से तख्तापलट की तैयारी

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अगले कुछ घंटों या हफ्तों में ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस और पेंटागन द्वारा तैयार की गई एक विस्तृत ब्रीफिंग दी गई है, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के कई विकल्प शामिल हैं।

नेताओं की ‘किल लिस्ट’ और तख्तापलट का लक्ष्य : इस योजना का सबसे खतरनाक हिस्सा ईरान में शासन परिवर्तन (रेजीम चेंज) करना है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने एक ‘किल लिस्ट’ तैयार की है जिसमें ईरान के दर्जनों राजनीतिक और सैन्य नेताओं को निशाना बनाने की योजना है। इस सूची में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वर्तमान खामेनेई शासन को उखाड़ फेंकना है।

परमाणु ठिकाने और मिसाइल सेंटर निशाने पर : अमेरिकी सेना की हिट लिस्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाएं सबसे ऊपर हैं। इन हमलों के लिए अमेरिका ने मध्य पूर्व में 150 फाइटर जेट और 12 एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए हैं, जो 2003 के इराक युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा है। इस अभियान को “मिडनाइट हैमर” जैसे पिछले ऑपरेशनों से भी बड़ा और निरंतर चलने वाला हवाई युद्ध बताया जा रहा है।

ईरान की तैयारी और कूटनीतिक चुनौतियां: संभावित हमले को देखते हुए ईरान ने भी अपने परमाणु केंद्रों को बंकरों में बदलना शुरू कर दिया है और अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हालांकि, अमेरिका के लिए एक चुनौती यह है कि खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई ने अपनी धरती का उपयोग अमेरिकी हमले के लिए करने देने से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रंप के विकल्प सीमित हो सकते हैं।