जेल से रिहा होकर अपने गांव पहुंचे राजपाल यादव: जेल सुधारों पर दी बेबाक राय
मनोरंजन डेस्क : चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद मशहूर फिल्म अभिनेता राजपाल यादव अपने जन्मस्थान शाहजहांपुर के कुण्डरा पहुंचे। वहां पहुंचते ही उनके परिजनों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में न्यायपालिका पर अपना अटूट भरोसा जताया और जेल प्रणाली में सुधारों को लेकर अपनी राय साझा की।
जेलों को ‘सुधार केंद्र’ बनाने का सुझाव: राजपाल यादव ने जोर देकर कहा कि जेलों को केवल सजा देने की जगह के बजाय ‘सुधार केंद्रों’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ताकि कैदियों को खुद को बदलने का मौका मिले। उन्होंने एक दिलचस्प सुझाव देते हुए कहा कि जिस तरह एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर ‘स्मोकिंग ज़ोन’ होते हैं, वैसे ही जेल के भीतर भी धूम्रपान के लिए विशिष्ट क्षेत्र होने चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तंबाकू को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं और उन्होंने खुद इसे कई बार छोड़ने का प्रयास किया है।
कानूनी स्थिति और अगली सुनवाई: अभिनेता को मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 9 करोड़ रुपये के बकाया मामले में जेल भेजा गया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया है, क्योंकि उन्होंने शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। कोर्ट अब 18 मार्च को इस मामले की अगली सुनवाई करेगा।
मिट्टी से जुड़ाव और भविष्य की योजना : अपनी नागरिकता और सिद्धांतों पर बात करते हुए राजपाल यादव ने गर्व से कहा कि उन्होंने कभी अपना पासपोर्ट बदलने के बारे में नहीं सोचा और वह अपने गांव के ही वोटर बने रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह परिवार में एक विवाह समारोह में व्यस्त हैं, जिसके बाद वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी सवालों के विस्तार से जवाब देंगे। इस कठिन समय में फिल्म जगत से सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे कलाकारों ने उनके परिवार को वित्तीय सहायता की पेशकश भी की है।

