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Ludhiana : यारों की याद में रक्तदान शिविर, 725 यूनिट रक्त एकत्र

लुधियाना / सत्ता संदेश

यारों की याद को जनसेवा से जोड़ते हुए स्थानीय मैरीलैंड पैलेस, दुगरी रोड में विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न ब्लड बैंकों और अस्पतालों की टीमों ने पहुंचकर रक्तदाताओं से रक्त एकत्र किया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में अपना योगदान दिया।

युवा नेता पप्पल कपूर ने बताया कि यह रक्तदान शिविर हर वर्ष उनके दिवंगत मित्रों रवि ख्वाजके, कमल सरपंच, करण गोगना और जसप्रीत सिंह की मधुर स्मृति को समर्पित किया जाता है। उन्होंने कहा कि अपने प्रिय मित्रों की याद में आयोजित यह पहल समाजसेवा का माध्यम बन चुकी है और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर रक्तदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए रक्तदान किया।

आयोजकों के अनुसार, इस रक्तदान शिविर के दौरान विभिन्न अस्पतालों और ब्लड बैंकों की टीमों द्वारा कुल 725 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसमें दीप अस्पताल की टीम ने 89 यूनिट, दीपक एवं रणविजय अस्पताल ने 222 यूनिट, इंडस अस्पताल ने 163 यूनिट, गुरु नानक अस्पताल ने 138 यूनिट, कृष्णा अस्पताल ने 61 यूनिट और डीएमसी अस्पताल ने 52 यूनिट रक्त एकत्र किया।

पप्पल कपूर ने रक्तदान शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अस्पतालों, ब्लड बैंकों, समाजसेवी संस्थाओं, रक्तदाताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मनी ग्रेवाल, रजत गोगना, दिलजीत सरपंच, पंकज गोगना, गोपी साहिबाना, मिट्ठू मंगट, सुखदीप सीड़ा, प्रीति मल्कपुर, बब्बू नारंग, मोहनी गुरम, कालू मंगट, हरदीप मुंडियां, जोड़ा मुंडियां, अशोक पप्पी, उपकार घुम्मण, कमलजीत कड़वल, प्रभजोत धालीवाल, विक्रम बाजवा, मनप्रीत इयाली, हरप्रीत सिमिक और बलजिंदर बंटी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

लुधियाना: सरपंच और मशहूर वकील मनपिंदर सिंह ने ज़हर निगलकर कर ली आत्महत्या

पंजाब डेस्क: लुधियाना के जोधा थाना इलाके में रत्ना गांव के सरपंच और पेशे से मशहूर वकील मनपिंदर सिंह के ज़हरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे गांव और वकील समुदाय में दुख की लहर दौड़ गई है।

मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह बनी वजह: मिली जानकारी के मुताबिक, मनपिंदर सिंह काफी समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि पिछले कई सालों से उनकी अपने परिवार से अनबन चल रही थी। घर में रोज़ के झगड़ों और विवादों से परेशान होकर उन्होंने यह भयानक कदम उठाने का फैसला किया।

अस्पताल ले जाते समय मौत: जब परिवार को इस घटना के बारे में पता चला, तो उन्हें तुरंत गंभीर हालत में लुधियाना के DMC अस्पताल ले जाया गया। लेकिन हालत इतनी गंभीर थी कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मामले की पुलिस जांच कर रही है: घटना की जानकारी मिलते ही लुधियाना के जोधा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। असली कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस सरपंच के करीबी दोस्तों और परिवार वालों के बयान दर्ज कर रही है।