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केरलम में वीडी सतीशन ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ: 20 मंत्रियों के साथ यूडीएफ सरकार का आगाज

नेशनल डेस्क : केरलम में आज से सत्ता की एक नई शुरुआत हुई है, जहाँ कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ 20 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इस ऐतिहासिक अवसर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

मंत्रिमंडल का स्वरूप: मुख्यमंत्री सतीशन के इस नए मंत्रिमंडल में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। कैबिनेट में 14 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि दो महिलाएं और दो अनुसूचित जाति के सदस्यों को भी स्थान मिला है। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

सहयोगी दलों की भूमिका: गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दल आईयूएमएल (IUML) के कोटे से पांच नेताओं—पीके कुन्हालीकुट्टी, एन शम्सुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर और वीई अब्दुल गफूर ने मंत्री पद की शपथ ली है। इसके अलावा, यूडीएफ (UDF) ने थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष और शनिमोल उस्मान को उपाध्यक्ष के रूप में नामित किया है।

वीडी सतीशन ने इस जीत को राज्य में कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत में से एक बताया है और कहा है कि विभागों के आवंटन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

संसद में भारी हंगामा: पीएम मोदी का भाषण टला, राहुल गांधी और भाजपा सांसद के बीच छिड़ा ‘किताबों का युद्ध’

नेशनल डेस्क : लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के कारण बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब टल गया, जिसके बाद सदन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। जैसे ही शाम 5 बजे कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी के सांसद तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है, जिसके विरोध में उन्होंने सदन की कार्यवाही ठप कर दी।

सदन में ‘किताबों की जंग‘ : बुधवार को संसद के भीतर किताबों को लेकर एक अनोखा संग्राम देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब लेकर सदन पहुंचे और मीडिया के सामने दावा किया कि हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी क्योंकि वे भारतीय सीमा में घुस आए थे। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे 100 किताबें लेकर संसद पहुंच गए और कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास का सच सामने आना चाहिए। इस जुबानी जंग के कारण कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के तीखे हमले : सदन के बाहर भी सियासी पारा काफी चढ़ा रहा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “डर गए” हैं और इसीलिए सदन में नहीं आए। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई नई ट्रेड डील पर गंभीर सवाल उठाए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इस डील से भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे और सरकार चीन को भारतीय बाजार सौंप रही है जबकि चीन हमारी जमीन पहले ही छीन चुका है।

नेहरू-इंदिरा की निंदा पर राज्यसभा में हंगामा: सिर्फ लोकसभा ही नहीं, बल्कि राज्यसभा में भी विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। शाम 5 बजे जब लोकसभा दोबारा शुरू हुई, तो विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर केंद्रीय मंत्रियों के पास तक पहुंच गए, जिससे सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लगातार तीसरे दिन भी लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी।English Tags: PM Modi Speech, Lok Sabha Adjourned, Rahul Gandhi Book War, Nishikant Dubey, Parliament Protests, Priyanka Gandhi, Akhilesh Yadav, US-India Trade Deal, Budget 2026, National News India