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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 27 जुलाई को फिर सुनवाई

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक नई विशेष जांच टीम गठित करने के संकेत दिए। कोर्ट ने कहा कि नई SIT में पहले से जांच कर रहे अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।


सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वरिष्ठ IAS अधिकारी के नेतृत्व में जांच कराई गई है और उसकी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी गई है। एसआईटी की जांच के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत तीन-चार दिन बाद मामले पर दोबारा सुनवाई करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों की नई एसआईटी बनाई जाए, जिसमें पहले से जांच कर रहे अधिकारी भी शामिल हों। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है।


मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को मामले का राजनीतिकरण न करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह एक साधारण आर्थिक अपराध का मामला है और जांच एजेंसियों को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। उस दिन नई एसआईटी के गठन और जांच की प्रगति पर आगे विचार किया जाएगा।राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 27 जुलाई को फिर सुनवाई

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक नई विशेष जांच टीम गठित करने के संकेत दिए। कोर्ट ने कहा कि नई SIT में पहले से जांच कर रहे अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।


सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वरिष्ठ IAS अधिकारी के नेतृत्व में जांच कराई गई है और उसकी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी गई है। एसआईटी की जांच के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत तीन-चार दिन बाद मामले पर दोबारा सुनवाई करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों की नई एसआईटी बनाई जाए, जिसमें पहले से जांच कर रहे अधिकारी भी शामिल हों। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है।


मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को मामले का राजनीतिकरण न करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह एक साधारण आर्थिक अपराध का मामला है और जांच एजेंसियों को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। उस दिन नई एसआईटी के गठन और जांच की प्रगति पर आगे विचार किया जाएगा।

स्वदेशी ‘अस्त्र’ मिसाइल का दुनिया में बढ़ा दबदबा, 6 देशों ने दिखाई खरीद में रुचि

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल स्वदेशी ‘अस्त्र’ बियॉन्ड-विजुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल अब कई देशों की पहली पसंद बन गई है। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी मारक क्षमता साबित करने के बाद, अस्त्र मिसाइल को खरीदने के लिए दुनिया के 6 देशों ने रुचि दिखाई है। सूत्रों के अनुसार, भारत ने हाल ही में इंडोनेशिया के साथ इस मिसाइल को लेकर एक समझौता किया है। इसके अलावा, आर्मेनिया और सऊदी अरब सहित कुल 6 देश इस मिसाइल को अपनी वायु सेना में शामिल करने के लिए भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं।

आर्मेनिया पहले ही भारत से आकाश मिसाइल, पिनाका रॉकेट सिस्टम और स्वाति रडार जैसे हथियार खरीद चुका है। अब वह अपने Su-30SM लड़ाकू विमानों में अस्त्र मिसाइल को इंटीग्रेट करने के लिए बातचीत के अंतिम चरण में है।

​सऊदी अरब अपनी रॉयल एयर फोर्स के F-15 और यूरोफाइटर टाइफून विमानों के साथ अस्त्र मिसाइल को जोड़ने की संभावनाओं पर भारत से चर्चा कर रहा है।

​क्यों है अस्त्र मिसाइल इतनी खास?

अस्त्र मिसाइल कई मामलों में चीन की PL-15 मिसाइल से बेहतर है। इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। किफायती: ये वैश्विक स्तर पर उपलब्ध समान श्रेणी की मिसाइलों के मुकाबले 70 फीसदी तक सस्ती है। मारक क्षमता: ये मिसाइल Mach 4.5 की गति से प्रहार करती है और इसकी मारक दूरी 80 से 110 किलोमीटर तक है। एडवांस तकनीक: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने इसके MK-2 वर्जन का भी सफल परीक्षण कर लिया है, जो 240 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। भविष्य में MK-3 वर्जन पर काम चल रहा है, जिसकी रेंज 300 किलोमीटर से ज्यादा होगी।

​उत्पादन बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की एंट्री​

अस्त्र मिसाइल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को देखते हुए भारत सरकार ने अब इसके उत्पादन में निजी क्षेत्र को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। अब तक इसका उत्पादन केवल ‘भारत डायनेमिक्स लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा था, लेकिन अब उत्पादन क्षमता बढ़ाकर भारत अपनी घरेलू जरूरतों के साथ-साथ विदेशी ऑर्डर्स को भी समय पर पूरा करने की तैयारी कर रहा है।

​भारत की ये सफलता रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जो वैश्विक हथियारों के बाजार में भारत की साख को तेजी से बढ़ा रही है।

Lucknow News : जवाहर भवन के चौथी मंजिल में लगी आग, आग बुझाने में जुटे फायरब्रिगेडियर, डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान

लखनऊ / सत्ता संदेश

राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 9:40 बजे जवाहर भवन के चौथे तल पर आग लग गई। आग की लपटें और धुआं देख लोगों में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों ने आग की सूचना अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को दी। 10 बजे के करीब पहुंची फायर ब्रिगेड टीम आग पर काबू पाने में जुटी है।

सूचना मिली तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इंदिरा भवन जवाहर भवन कर्मचारी संघ के पंकज मेहरोत्रा ने बताया कि जिस तल पर आग लगी है। इस पर कैंटीन, मलेरिया विभाग सहित कई अन्य कार्यालय हैं।

जवाहर भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे ने बताया कि जवाहर भवन की चौथी मंज़िल पर बने कैफेटेरिया में आग लग गई है। दमकल विभाग के कर्मचारी इसे बुझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, स्थिति अभी भी काबू में नहीं है।

शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग चौथी मंजिल के कैफेटेरिया से शुरू हुई थी। PWD के कर्मचारियों ने पहले आग बुझाने के उपलब्ध सिस्टम का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से बेकाबू होती जा रही थी। तीन-चार दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने की लगातार कोशिशें जारी हैं। अच्छी बात यह है कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान होने की आशंका है।

SIT समन में जांच करने में मदद करेंगे सुखबीर सिंह, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

पंजाब / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सोमवार यानी 20 जुलाई को पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के सामने पेश होंगे. इसे लेकर अकाली दल ने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेशी से पहले सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उन्हें गिरफ्तार कराए जाने का भी चैलेंज किया है.

20 जुलाई यानी सोमवार को सुखबीर सिंह बादल को सुबह 11 बजे पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट, सेक्टर 32, चंडीगढ़ में पेश होना है. बता दें कि 14 अक्तूबर 2015 में फरीदकोट के बहबलकलां और कोटकपूरा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग हुई थी. जिसमें दो सिख प्रदर्शनकारियों गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी. इस घटना के वक्त सुखबीर बादल पंजाब के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री थे. इसी मामले को लेकर कल सुखबीर बादल से पूछताछ होनी है.

आप सरकार पर जमकर बरसे बादल

वहीं समन को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चुनावों से पहले राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को फिर से उठा रही है. उन्होंने इसे राज्य सरकार का “एक और हथकंडा” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वह जांच में सहयोग करेंगे, क्योंकि अतीत में भी जब-जब उन्हें बुलाया गया, उन्होंने जांच में हिस्सा लिया था. सुखबीर बादल ने कहा कि बीते 10 साल से चालान तक पेश नहीं किया गया. आरोपियों को पकड़ने की बजाय राजनीति खेली जा रही है. अब चार माह के बाद असली आरोपी हम पकड़ेंगे.

बीजेपी नेता विजय सांपला से भी की थी पूछताछ

यह घटनाक्रम वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय सांपला से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा पूछताछ किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है. सांपला ने पंजाब सरकार पर गलत जानकारी फैलाने और जांच में दखल देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि राजनीतिक तौर पर नियुक्त लोग SIT को दिए गए उनके बयान के बारे में सार्वजनिक रूप से दावे कर रहे हैं.

J&K में बारिश का कहर, 14 लोगों की गई जान, चिनाब नदी आई खतरे के निशान पर

जम्मू-कश्मीर / सत्ता संदेश

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है जिससे हालात बेहद खराब हो गए हैं। पुंछ और राजौरी जिलों में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कई इलाकों में लोगों के घरों के अंदर तक पानी घुस गया है। गाड़ियां बाढ़ में बह गई हैं. इस आसमानी आपस के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीर पंजाल क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के लापता होने की खबर है.

पहाड़ों से तेज बहाव के साथ पानी, चट्टान और मलबा नीचे आने से कई घर इसकी चपेट में आ गए। अधिकारियों ने बताया कि कि मलबे में और भी लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. उन्होंने कहा कि लोगों की तलाश की जा रही है।

सीएम ने लिया राहत कार्यों का जायजा

हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दिल्ली दौरा बीच में ही समाप्त कर दिया और भारी बारिश के कारण सीमावर्ती जिलों में हुई तबाही के बाद राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए जम्मू रवाना हो गए। पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, नागरिक प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक पुंछ के सबसे अधिक प्रभावित सुरनकोट, हवेली और मंडी में फैल गए है। इस दौरान लोगों की मदद की जा रही है। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

जम्मू-श्रीनगर एनएच-44 पर यातायात बाधित

भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर एनएच-44 पर यातायात बाधित हो गया, जिसके चलते अधिकारियों ने यात्रियों से जोखिम भरे मार्गों से बचने का आग्रह किया. 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा और कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर एवं रियासी स्थित शिव खोरी की तीर्थयात्राएं अगले तीन दिनों तक प्रतिकूल मौसम की भविष्यवाणी के बाद अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गईं है.

एक ही परिवार के 8 सदस्यों की मौत

अधिकारियों ने बताया कि बारिश से सुरनकोट के लोअर मुर्रा में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां एक ही परिवार के 8 सदस्य पानी के तेज बहाव में बह गए. अधिकारियों के अनुसार शाम तक 3 शव बरामद कर लिए गए थे, जबकि 6 अन्य की तलाश जारी है. मृतकों में 59 साल की नूर सफिया, उनका 16 साल का बेटा सज्जाद अहमद, 10 साल हकनवाज अहमद और शहनवाज अहमद शामिल हैं. इसके अलावा 25 साल की खालिदा कौसर और उनके 2 साल के बेटे सोफियान, 60 साल की बानो बी और 7 साल के मोहम्मद अकरम की भी मौत हुई है.

सांगला गांव में चार की मौत

वहीं सांगला गांव में चार लोगों की मौत की सूचना है, जबकि पास के सांगलानी में भी एक व्यक्ति की जान गई है. नूना बांदी इलाके में 28 साल की नाजिया कौसर की मौत हुई है. हादसे में घायल चार लोगों को इलाज के लिए पुंछ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एलजी सिन्हा ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है और बचाव कार्यों की समीक्षा की है. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है और सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं उन्होंने आगे कहा राजौरी और पुंछ में हुई जानमाल की हानि से मैं बहुत दुखी हूं. सिन्हा ने लोगों से आधिकारिक अपडेट का पालन करने का आग्रह किया.

सीएम ने हादसे पर जताया दुख

वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों पर दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी जानमाल के नुकसान और व्यापक विनाश पर शोक व्यक्त किया.

चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ा

जम्मू-कश्मीर में कल रात से हो रही लगातार बारिश की वजह से रियासी ज़िले में चिनाब नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदी का पानी कई निचले इलाकों में बहने लगा है. पूरे इलाके और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश से नदी और उससे जुड़ी धाराओं में पानी का बहाव बढ़ गया है, जिससे नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे सावधान रहें, नदी के पास जाने से बचें और उफान पर बह रही धाराओं और अन्य जोखिम वाली जगहों से दूर रहें.

CJP के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, पुलिस ने जंतर-मंतर से संसद की तरफ जाने से रोका

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया है। पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से संसद की तरफ जाने से रोक दिया है। तमाम रोक के बावजूद प्रदर्शनकारी संसद भवन की तरफ बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उनको खदेड़ा और उन पर लाठीचार्ज किया. भीड़ को काबू करने के लिए RPF कर्मियों और पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल किया।

दरअसल, संसद के मानसून सत्र और CJP के संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। नयी दिल्ली में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई थी। CJP के प्रोटेस्ट में शामिल होने कई दलों के नेता पहुंचे थे।

आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के चीफ और यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर भी पहुंचे थे। इसके अलावा एक्टर प्रकाश राज, सोनम वांगचुक की पत्नि गीताजंलि भी पहुंची थीं। CJP ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने का प्रस्ताव रखा था।

युवाओं के साथ हो रहा है अन्याय – चंद्रशेखर आजाद

आजाद समाज पार्टी कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सरकार अपना ‘धर्म’ निभा रही है, पुलिस अपना ‘धर्म’ निभा रही है और मैं इस मिट्टी के प्रति अपना फर्ज निभाने के लिए इस संघर्ष का हिस्सा बना हूं। एक भारतीय युवा होने के नाते, मैं युवाओं का दर्द समझता हूं. मैं उनकी आवाज बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए यहां आया हूं। उनके साथ अन्याय हो रहा है. सरकार ऐसा होने दे रही है।

पटेल चौक समेत कई स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने पांच मेट्रों स्टेशन (राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ) की एंट्री-एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी थी.

NITTTR चंडीगढ़ द्वारा NIT मणिपुर के संकाय सद्स्यों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ द्वारा एनआईटी मणिपुर के संकाय सदस्यों के लिए पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित; शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर

चंडीगढ़, 19 जुलाई, 2026: राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ ने 15 से 19 जुलाई, 2026 तक अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) मणिपुर के संकाय सदस्यों के लिए “संकाय उत्कृष्टता, गुणवत्ता आश्वासन एवं तकनीकी शिक्षा में संस्थागत परिवर्तन” विषय पर पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ एवं एनआईटी मणिपुर के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ। यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग, संकाय विकास, संयुक्त अनुसंधान, पाठ्यक्रम नवाचार तथा संस्थागत क्षमता निर्माण को नई दिशा प्रदान करेगा।

प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. (डॉ.) बी. आर. गुर्जर, निदेशक, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण के लिए संकाय का सतत् व्यावसायिक विकास अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डी. पी. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), भारत सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), मोहाली ने अंतर्विषयक शिक्षा तथा अनुसंधान-आधारित शिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रो. डी. वी. एल. एन. सोमयाजुलु, निदेशक, एनआईटी मणिपुर ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों को नवीन शिक्षण पद्धतियों, तकनीकी दक्षताओं तथा नेतृत्व कौशल से सशक्त बनाएगा, जिससे वे शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकेंगे।

कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मीनाक्षी सूद, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि नवाचार के प्रेरक, मार्गदर्शक, शोधकर्ता तथा शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप संकाय सदस्यों का सतत् क्षमता विकास अत्यंत आवश्यक है।

समापन सत्र में पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शिक्षण अनुभवों, प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाओं तथा अधिगम परिणामों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव, विभा (VIBHA) विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की विषयवस्तु, व्यावहारिक उपयोगिता तथा बहुविषयक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अर्जित ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग अपने-अपने विभागों एवं संस्थानों में करेंगे।

कार्यक्रम का समापन अत्यंत सकारात्मक वातावरण में हुआ। इस अवसर पर दोनों संस्थानों ने भविष्य के लिए संकाय विकास, संस्थागत उत्कृष्टता तथा तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य के लिए सक्षम, नवाचारी एवं वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

आधार ऐप 40 मिलियन डाउनलोड के पार, डिजिटल पहचान सेवाओं को दे रहा बढ़ावा
  • आधार ऐप 40 मिलियन डाउनलोड के पार, सुविधाजनक डिजिटल पहचान सेवाओं को दे रहा बढ़ावा
  • लगभग 49 लाख निवासियों ने मोबाइल नंबर अपडेट किया; 11.65 लाख ने आधार ऐप का उपयोग करके पता अपडेट किया
  • निवासियों ने बायोमेट्रिक्स को लॉक/अनलॉक करने के लिए 19 मिलियन से अधिक बार आधार ऐप का उपयोग किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

आधार ऐप ने 40 मिलियन (4 करोड़) डाउनलोड का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है, जो सुविधाजनक और डिजिटल-प्रथम पहचान सेवाओं में निवासियों के बढ़ते भरोसे को रेखांकित करता है।

आधार ऐप का बढ़ता उपयोग घर बैठे पता अपडेट करने, मोबाइल नंबर अपडेट, ईमेल अपडेट, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और ई-आधार डाउनलोड सहित आधार से जुड़ी सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुँचने के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में इसके उभरने को दर्शाता है।

अपने लॉन्च के बाद से, आधार ऐप ने 11.65 लाख पते के अपडेट की सुविधा प्रदान की है, जिससे निवासी आधार केंद्र पर जाए बिना आसानी से अपने आधार विवरण को अपडेट रख सकते हैं।

इस ऐप ने लगभग 49 लाख मोबाइल नंबर अपडेट को भी सक्षम बनाया है, जिससे निवासियों को अपने आधार से जुड़े सटीक संपर्क विवरण बनाए रखने में मदद मिली है।

1 जुलाई को ईमेल अपडेट सुविधा शुरू होने के बाद से, आधार ऐप के माध्यम से लगभग 12.5 लाख ईमेल पते जोड़े या अपडेट किए गए हैं, जिससे जहां भी लागू हो, निवासियों और यूआईडीएआई (UIDAI) के बीच संचार को और मजबूती मिली है। यह सुविधा, जिसके लिए पहले ₹75 का शुल्क लिया जाता था, आधार ऐप पर 31 दिसंबर 2026 तक निःशुल्क कर दी गई है।

इस ऐप ने अपनी गोपनीयता (प्राइवेसी) और सुरक्षा सुविधाओं के मामले में भी मजबूत स्वीकार्यता देखी है। निवासियों ने बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक सुविधा का 19.1 मिलियन (1.91 करोड़) से अधिक बार उपयोग किया है। यह सुविधा आधार नंबर धारकों को आवश्यकता पड़ने पर अपने बायोमेट्रिक्स को तुरंत लॉक या अनलॉक करने की अनुमति देकर उनकी व्यक्तिगत जानकारी पर अधिक नियंत्रण प्रदान करती है, जिससे मात्र कुछ टैप के साथ सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जुड़ जाती है।

आधार ऐप को आधार नंबर धारकों को अपनी पहचान दिखाने, साझा (शेयर) करने और सत्यापित करने के लिए एक सुविधाजनक और गोपनीयता-प्रथम तरीका प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह विकसित भारत के लिए डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप जीवन की सुगमता (ईज ऑफ लिविंग) को और बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।