ब्रेकिंग न्यूज़
Budhlada News: मिड-डे मील वर्करों का जोरदार प्रदर्शन, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

बुढलाडा के पेंशनर्स भवन में मिड-डे मील वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया। वर्करों ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, वेतन बढ़ाने और जरूरी सुविधाएं देने की मांग की।

बुढलाडा / सत्ता संदेश

Report : बिट्टू बुढलाडा

बुढलाडा के पेंशनर्स भवन में मिड-डे मील वर्करों की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन को ऑल इंडिया स्तर की विभिन्न जत्थेबंदियों और संगठनों की ओर से भी समर्थन दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।

मिड-डे मील वर्करों ने कहा कि वे लंबे समय से बेहद कम वेतन पर स्कूलों में अपनी सेवाएं निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। वर्करों ने कहा कि कम वेतन में काम करना उनके लिए आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने लंबे समय से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही उन्होंने वेतन में उचित बढ़ोतरी करने और कर्मचारियों को उनके बनते अधिकार एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की।

वर्करों का कहना था कि स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वे लंबे समय से निभा रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनके काम और योगदान को ध्यान में रखते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों के नेताओं ने मिड-डे मील वर्करों की मांगों का समर्थन किया। नेताओं ने कहा कि बच्चों को स्कूलों में भोजन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था में मिड-डे मील वर्करों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार को उनके अधिकारों और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने चाहिए।

वर्करों ने सरकार से अपील की कि उनकी जायज मांगों को जल्द स्वीकार किया जाए और उन्हें राहत प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कम वेतन में सेवाएं देने के बावजूद उनकी अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो संघर्ष तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने की बात भी कही गई।

वर्करों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर सरकार ने समय रहते सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

Punjab : मनमानी फीस के खिलाफ बिल पास, खुलेगी नई 3 यूनिवर्सिटी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन एवं सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और राज्य में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक फैसले लिए. मंत्रिमंडल ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ पारित किया. इसके अलावा ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’, तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को मंजूरी दी गई.

यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया. इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ लाने की स्वीकृति दी है.

स्कूलों में फीस में गैर कानूनी तरीके से वृद्धि पर रोक

यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि कुछ गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान मनमाने ढंग से और अनुचित तरीके से अपनी वार्षिक फीस बढ़ा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था. इसलिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा फीस में अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट-2016’, ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) एक्ट-2019’ और इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी.

आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026

मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्षों की सेवा पूरी करने वाले योग्य आउटसोर्सड कर्मचारियों या धारा 2(1) के तहत सूचीबद्ध जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के मामले में तीन वर्षों की सेवा के बाद उन्हें सीधे ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाने के लिए ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को भी मंजूरी दे दी है. ठेके पर लाए गए कर्मचारियों का पारिश्रमिक वित्त विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और यह ‘कोड ऑन वेजेज-2019’ या न्यूनतम मजदूरी से संबंधित किसी अन्य लागू कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम नहीं होगा. यह विधेयक लागू होने की तिथि से ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्सड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को रद्द करता है.

Punjab Cm Bhagwant Mann (1)

449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं में वृद्धि

पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य भर के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में सेवाएं दे रहे 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने की स्वीकृति भी दी है.

अमृतसर के ब्लॉक जंडियाला गुरु से नया ब्लॉक तरसिक्का बनाने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृतसर जिले के ब्लॉक जंडियाला गुरु में से ब्लॉक तरसिक्का बनाने की स्वीकृति दी है. ब्लॉक जंडियाला गुरु में से 64 ग्राम पंचायतों को निकालकर अमृतसर जिले में ब्लॉक तरसिक्का बनाया जाएगा. इस नए तरसिक्का ब्लॉक में जंडियाला गुरु ब्लॉक की 121 ग्राम पंचायतों में से 64 पंचायतें शामिल होंगी. तरसिक्का ब्लॉक के बनने से इन 64 गांवों के विकास कार्यों को गति मिलेगी.

तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना को मंजूरी

पंजाब में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026’ तैयार की है. इस नीति के अनुसार कैबिनेट ने बोहण (होशियारपुर) में क्लाउड यूनिवर्सिटी, फतेहपुर (पटियाला) में एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और नंदपुर केशो (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है. इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलने की उम्मीद है.

लोक निर्माण विभाग में ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति

कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी भर्ती के माध्यम से ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी है. ड्राफ्ट्समैन कैडर में काफी समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े थे, जिससे परियोजना निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था. योग्य तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती से विभाग की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी.

‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को मंजूरी

कैबिनेट ने पंजाब में हरित वातावरण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करने और मिट्टी की रक्षा करने के लिए ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को भी अपनी स्वीकृति दे दी है. उल्लेखनीय है कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसका लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के अधीन है. पंजाब का वन एवं वृक्षों के अधीन कुल क्षेत्र लगभग 5.92 प्रतिशत है और पंजाब सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 में संशोधन को स्वीकृति

कैबिनेट ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और जी.एस.टी. प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026’ में संशोधन करने की स्वीकृति भी दे दी है, जिससे राज्य भर के व्यापार और उद्योग को लाभ होगा. इस संशोधन से पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी करके आपूर्ति की कीमत में से बिक्री के बाद की छूट को बाहर रखने की अनुमति मिलेगी.

इसके अलावा यह किसी भी व्यावसायिक कारण से बिक्री के बाद की छूट के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की अनुमति देगा, जिससे व्यावसायिक छूट के प्रबंधन को सरल बनाया जा सकेगा और अनुपालन का बोझ कम किया जा सकेगा. इसी प्रकार इसका उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में आई.टी.सी. के 90 प्रतिशत अंतरिम रिफंड के लाभ को बढ़ाना और वस्तुओं के निर्यात पर भुगतान किए गए आई.जी.एस.टी. के रिफंड, भले ही रिफंड राशि 1,000 से कम हो, की अनुमति देना है, जिससे तरलता में सुधार होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.

पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994 में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और पंचायत सचिवों तथा ग्राम सेवकों के कैडरों का नए पद ‘पंचायत विकास सचिव’ में विलय करने के लिए ‘पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994’ में संशोधन करने की भी सहमति दे दी है. वर्तमान पंचायत सचिवों को एक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने पर ग्राम सेवकों (वी.डी.ओज़.) की वर्तमान वरिष्ठता सूची के अंत में रखा जाएगा. जो वर्तमान पंचायत सचिव अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर आवश्यक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने में विफल रहेंगे, वे पंचायत सचिवों के कैडर में ही रहेंगे, जिसे डाइंग कैडर (समाप्त हो रहा कैडर) घोषित किया गया है.