श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा।
श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशानुसार बेअदबी कानून पर सरकार का मसाैदा तख्त सचिवालय को साैंप दिया गया।
पंजाब सरकार के प्रतिनिधि विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और अमृतसर के डीसी तलविंदरजीत सिंह ने बुधवार को बेअदबी रोकथाम कानून में आपत्तिजनक मानी गई धाराओं से संबंधित सरकार का पक्ष और संशोधन का मसौदा श्री अकाल तख्त सचिवालय में इंचार्ज सरदार बगीचा सिंह को आधिकारिक रूप से सौंप दिया।
यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त द्वारा निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन की गई। श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा। इसके बाद जत्थेदार और संबंधित धार्मिक प्रतिनिधियों की ओर से आगे का फैसला लिया जाएगा।
नागरिकों को आधार सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने तथा इन सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डाक विभाग द्वारा चंडीगढ़ एवं मोहाली के 26 डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं।
वर्तमान में निम्नलिखित डाकघरों में आधार नामांकन एवं अपडेट की सेवाएं उपलब्ध हैं: एयरोसिटी, एयरोड्रोम, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., डेरा बस्सी, हाई कोर्ट, खरड़, कुराली, मनीमाजरा, न्यू सेक्रेटेरिएट, सेक्टर-08, सेक्टर-12, सेक्टर-14, सेक्टर-19, सेक्टर-22, सेक्टर-26, सेक्टर-30, सेक्टर-36, सेक्टर-47, सेक्टर-55, सेक्टर-59, सेक्टर-60, सेक्टर-71, सोहाना, सियालबा माजरी, सनी एन्क्लेव एवं जीरकपुर डाकघर।
जनता की अधिकतम सुविधा को ध्यान में रखते हुए 28 अगस्त 2026 तक प्रत्येक रविवार एवं राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी चंडीगढ़ जी.पी.ओ., मनीमाजरा, जीरकपुर, खरड़, सेक्टर-19 डाकघर एवं सेक्टर-55 डाकघर में विशेष आधार सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।रविवार को आधार सेवाएँ सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।
इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ जी.पी.ओ., सेक्टर-17 स्थित आधार केंद्र में आधार सेवाएं विस्तारित कार्य समय के साथ प्रातः 7:30 बजे से सायं 8:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। इससे नागरिक सामान्य कार्यालय समय के बाद भी आधार सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:
• निवासियों के लिए नए आधार का नामांकन। • आधार विवरण का अपडेट, जिसमें नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आदि शामिल हैं। • बायोमेट्रिक अपडेट, जिसमें उंगलियों के निशान, आइरिस स्कैन एवं फोटोग्राफ शामिल हैं। • 5 वर्ष एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU)।
यह विशेष अभियान आधार सेवाओं को आम जनता के और निकट लाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इससे विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, कामकाजी लोगों तथा ऐसे निवासियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें सामान्य कार्यालय समय के दौरान आधार केंद्र पर जाना कठिन होता है। माता-पिता, विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से अनुरोध है कि वे विद्यार्थियों के आधार विवरण को समय पर अपडेट करवाना सुनिश्चित करें, ताकि प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षाओं तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करते समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निवासियों से अनुरोध है कि वे अपने निकटतम आधार-सक्षम डाकघर में जाकर आधार नामांकन एवं अपडेट की आसान सुविधाजनक सेवाओं का लाभ उठाएं।
पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को वारिस पंजाब दे के नेताओं और पुलिस आमने सामने आ गए।
प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ बाॅर्डर पर रोक जाने के बाद बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो उन्होंने वाटर कैनन का मुंह मोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सीएम आवास की तरफ बढ़ गए हैं।
वारिस पंजाब दे के नेता अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने बुधवार के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार सुबह से मोहाली बॉर्डर (बुड़ैल जेल के पीछे) से सेक्टर-50/51 चौक और वहां से सेक्टर-44/45 लाइट प्वाइंट तक सरोवर पथ पर वाहनों की आवाजाही आंशिक रूप से डायवर्ट और प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा सेक्टर-43/44/51/52 चौक (आईएसबीटी चौक) से सेक्टर-44/45 चौक (गौशाला चौक) होते हुए सेक्टर-45/46-49/50 चौक तक विकास मार्ग पर भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। सेक्टर-43/44 और सेक्टर-45/46 लाइट प्वाइंट पर भी यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।विज्ञापन
चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने अंतरराज्यीय बसों को सेक्टर-43 आईएसबीटी पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें और ट्रैफिक अपडेट के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखें। पुलिस ने लोगों से किसी भी तरह से शांति न भंग करने की अपील की है।
नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS), पटियाला में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) पटियाला के तीन वेटलिफ्टरों ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए तीन प्रतिष्ठित पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 88 किलोग्राम स्नैच और 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल रहे।
वहीं अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया।
इसके अलावा बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन (87 किलोग्राम स्नैच और 112 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) उठाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
इन तीनों खिलाड़ियों ने वर्ष 2022 से NCOE, NSNIS पटियाला में लगातार कड़ी मेहनत, अनुशासन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के दम पर अपनी प्रतिभा को निखारा। उनकी वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार सफलता के रूप में सामने आया है।
इस उपलब्धि पर SAI NSNIS पटियाला के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (DDG/SED) श्री विनीत कुमार ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की अथक मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्होंने कोचों, सपोर्ट स्टाफ और तकनीकी टीम की भी सराहना की, जिनकी निरंतर मार्गदर्शन और पर्दे के पीछे की मेहनत ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को संभव बनाया।
उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल NSNIS पटियाला की उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण प्रणाली को दर्शाती है, बल्कि भारतीय खेल जगत के लिए भी एक प्रेरणादायक मील का पत्थर है।
याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो।जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन डिपो पर खराब गुणवत्ता का गेहूं भेजे जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है।
जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है। याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो। 12 से 14 फीसदी नमी होने पर कीमत में कटौती की जाए जबकि 14 फीसदी से अधिक नमी वाला गेहूं वितरण के लिए जारी न किया जाए। याचिका में 2022 के दिशा-निर्देशों और राज्य की खाद्यान्न नीति का भी हवाला दिया गया है।
एयर इंडिया ने सोमवार से श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू कर दी। इसके तहत अमृतसर से दिल्ली के रास्ते उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया समेत 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक यात्रियों को आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। यह सेवा केंद्र सरकार के हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत शुरू की गई है।
कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से सेवा की शुरुआत पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अमृतसर में हब-एंड-स्पोक मॉडल का विस्तार देश के विभिन्न हिस्सों को विश्वस्तरीय हवाई संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पंजाब का वैश्विक संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन, व्यापार तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री अमृतसर एयरपोर्ट पर ही अपने अंतिम गंतव्य तक के लिए चेक-इन और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके बाद दिल्ली में उन्हें दोबारा बैगेज चेक-इन कराने या टर्मिनल बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री सीधे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री के रूप में अपनी आगे की उड़ान पकड़ सकेंगे।विज्ञापन
एयर इंडिया अमृतसर से दिल्ली के लिए रोजाना दो उड़ानें संचालित करेगी। पहली उड़ान एआई-1113 सुबह 9:10 बजे अमृतसर से रवाना होकर 10:40 बजे दिल्ली पहुंचेगी, जबकि दूसरी उड़ान एआई-1115 रात 10 बजे रवाना होकर 11:20 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इन उड़ानों के जरिए दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए कनेक्टिंग उड़ानें उपलब्ध होंगी।
एयर इंडिया के गवर्नेंस, रिस्क, कंप्लायंस एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स के ग्रुप हेड पी. बालाजी ने कहा कि पंजाब के बड़ी संख्या में लोग अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में रहते हैं। नई व्यवस्था से यात्रियों को विदेशी हवाई अड्डों पर बार-बार औपचारिकताएं पूरी करने और लंबी ट्रांजिट प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
सुबह संचालित होने वाली उड़ान के जरिए यात्री लंदन, बर्मिंघम, पेरिस, मिलान, कोपेनहेगन, वियना, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, फ्रैंकफर्ट और रोम सहित कई यूरोपीय शहरों तक पहुंच सकेंगे। वहीं रात की उड़ान से न्यूयॉर्क, नेवार्क, सैन फ्रांसिस्को, शिकागो, टोरंटो, वैंकूवर, मेलबर्न, सिडनी, सिंगापुर, फुकेत, बाली और दुबई समेत अन्य गंतव्यों के लिए कनेक्टिविटी मिलेगी।
एयर इंडिया के अनुसार, आने वाले समय में अहमदाबाद, गोवा, कोच्ची और अन्य शहरों से भी ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा अगले दो महीनों में अमृतसर के लिए अंतरराष्ट्रीय से घरेलू उड़ानों के ट्रांजिट की सुविधा भी इसी मॉडल के तहत लागू किए जाने की योजना है।
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ लुधियाना (BAL) द्वारा आयोजित लुधियाना डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट का समापन आज शास्त्री बैडमिंटन हॉल में हुआ। समापन समारोह में लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर एवं BAL के प्रेसिडेंट श्री हिमांशु जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर BAL के चेयरमैन एम.एस. ग्रेवाल, वाइस प्रेसिडेंट विपन डावर एवं नीरज महाजन, जनरल सेक्रेटरी सुलभा जिंदल, टेक्निकल सेक्रेटरी चरणजीत सिंह, जॉइंट सेक्रेटरी मंगत शर्मा एवं पुनीतिंदर सिंह ग्रेवाल सहित एग्जीक्यूटिव मेंबर आनंद तिवारी, अर्जुन चौधरी और श्री हेमंत भी मौजूद रहे।
टूर्नामेंट में 500 से अधिक खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों और प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए नकद पुरस्कार (कैश प्राइज़) प्रदान किए गए।
समापन समारोह में आयोजकों ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे टूर्नामेंट युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी बैडमिंटन के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए इसी प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की नीट, जे.ई.ई. और टैलेंट सर्च परीक्षा में सफलता हमारी सरकार के शिक्षा सुधारों की झलक है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
गरीबी खत्म करने और समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
वर्धमान टेक्सटाइल समूह के सहयोग से सरकारी प्राथमिक स्कूल में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने नए ब्लॉक का मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया उद्घाटन
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण में लगातार किए जा रहे निवेश ने राज्य को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बना दिया है।
यहाँ सरकारी प्राथमिक स्कूल, लोहारा में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने ‘वर्धमान ब्लॉक’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट, जे.ई.ई. और पंजाब राज्य टैलेंट सर्च परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की शानदार सफलता सरकार के शिक्षा सुधारों के दूरगामी प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने दोहराया कि गरीबी समाप्त करने और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली साधन है।
सरकारी प्राथमिक स्कूल में नए ब्लॉक का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह नया ब्लॉक पाँच करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका पूरा खर्च वर्धमान टेक्सटाइल समूह ने वहन किया है, जिसके लिए मैं समूह के नेतृत्व का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ। इस नए ब्लॉक में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर सहित 18 कक्षाएँ तथा शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाए गए हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्धमान टेक्सटाइल समूह विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस समूह ने लोहारा, ग्यासपुरा, कासाबाद, लाडोवाल, सेखेवाल और अन्य सरकारी स्कूलों में भी भवनों का निर्माण कराया है। कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत राज्य से गरीबी अथवा अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर उन्हें गरीबी के दलदल से बाहर निकाल सकती है।”
उन्होंने कहा, “सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुँच गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया है, व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार की प्रमुख संस्था नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आँकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष पर खड़ा है। पहले केरल पहले स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक का दर्जा हासिल किया है। आने वाले समय में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, इसलिए राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।”
मुख्यमंत्री ने बताया, “लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जहाँ 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं। मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3, लुधियाना में दो अन्य स्कूल ऑफ एमिनेंस बनकर तैयार हो चुके हैं और शीघ्र ही जनता को समर्पित किए जाएंगे। 146 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा, 33 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन परीक्षा, 9 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. एडवांस्ड परीक्षा तथा 47 विद्यार्थियों ने पी.एस.टी.एस.ई. परीक्षा उत्तीर्ण की है।
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की दूर की सोच और गाइडेंस में, लुधियाना के डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने 27 जुलाई को डाबा रोड पर फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स इंस्पेक्शन और अवेयरनेस ड्राइव चलाकर सुरक्षित, हाइजीनिक और क्वालिटी वाला खाना पक्का करने का अपना कमिटमेंट जारी रखा।
इंस्पेक्शन के दौरान, फूड सेफ्टी टीम ने फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी का इस्तेमाल करके तीन फूड सैंपल—पनीर, खोया बर्फी और मिल्क केक—इकट्ठे किए और टेस्ट किए। टेस्ट किए गए तीन सैंपल में से, एक सैंपल तय फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड के हिसाब से था, जबकि दो सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए। टेस्ट रिपोर्ट तुरंत मौके पर ही संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर को जारी कर दी गईं, जिससे ट्रांसपेरेंसी बनी और जहां भी ज़रूरत हो, समय पर सुधार के लिए एक्शन लिया जा सका।
ड्राइव के हिस्से के तौर पर, स्ट्रीट फूड वेंडर और लोकल फूड बिजनेस ऑपरेटर के लिए एक फूड सेफ्टी और हाइजीन अवेयरनेस सेशन रखा गया। पार्टिसिपेंट्स को पर्सनल हाइजीन बनाए रखने, खाना बनाने की जगहों और बर्तनों की सफाई पक्का करने, खाने को सुरक्षित तरीके से संभालने और स्टोर करने के तरीके अपनाने, कंटैमिनेशन को रोकने, पीने का साफ पानी इस्तेमाल करने, कचरे को अच्छे से मैनेज करने और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की गाइडलाइंस का पालन करने के महत्व के बारे में बताया गया। वेंडर्स को कस्टमर्स को सुरक्षित और हेल्दी खाना देने के लिए लगातार हाइजीनिक तरीकों को फॉलो करने के लिए बढ़ावा दिया गया।
डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन, IAS, ने दोहराया कि डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को मजबूत करने और पब्लिक हेल्थ की सुरक्षा के अपने कमिटमेंट पर कायम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लुधियाना डिस्ट्रिक्ट में रेगुलर इंस्पेक्शन, मौके पर फूड टेस्टिंग और अवेयरनेस प्रोग्राम जारी रहेंगे ताकि जिम्मेदार फूड हैंडलिंग तरीकों को बढ़ावा दिया जा सके और सभी के लिए सुरक्षित और हेल्दी खाना मिलना पक्का किया जा सके।
डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स और स्ट्रीट फूड वेंडर्स से अपील की कि वे फूड सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें और लुधियाना के लोगों के लिए एक हेल्दी और सुरक्षित फूड इकोसिस्टम बनाने में अधिकारियों के साथ एक्टिव रूप से सहयोग करें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए की लागत वाले वर्धमान-आईची स्टील फोर्जिंग प्लांट का नींव पत्थर रखा, 500 युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार
अगली वर्धमान-आईची स्टील यूनिट 2,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए शुरुआती 500 करोड़ रुपए के समझौते के बावजूद वर्धमान-आईची ने निवेश बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपए किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
प्लांट में तैयार किए जाने वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स भारत और अन्य देशों में निर्यात किए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
नई औद्योगिक नीति के तहत पंजाब अब ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियां प्रदान करता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान की आईची स्टील की भागीदारी के साथ वर्धमान स्पेशल स्टील्स द्वारा स्थापित किए जा रहे देश के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए के फोर्जिंग और मशीनिंग यूनिट का नींव पत्थर रखा। उन्होंने इसे पंजाब के औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन बताया। यह प्रोजेक्ट 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वर्धमान-आईची के प्रोजेक्ट के भविष्य के विस्तार से अन्य 2,000 लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों द्वारा पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए निवेश को 500 करोड़ रुपए के शुरुआती समझौते से बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपए किया गया है, जो राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा, जबकि पंजाब की नई औद्योगिक नीति ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ प्रणाली के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियों को सुनिश्चित करती है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत है। यह राज्य के आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा। वर्धमान न केवल अग्रणी औद्योगिक समूह है, बल्कि पंजाब की विकास गाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जो लगभग चार दशकों से राज्य में काम कर रहा है। वर्धमान और आईची स्टील के बीच भागीदारी भरोसे, प्रौद्योगिकी और लंबे समय के दृष्टिकोण पर आधारित है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “आईची स्टील मान्यता प्राप्त जापानी कंपनी है और टोयोटा ग्रुप की महत्वपूर्ण सप्लायर है। दिसंबर 2025 में हमारी जापान यात्रा के दौरान हमने नागोया में आईची स्टील की लीडरशिप से मुलाकात की थी। उस समय वर्धमान और आईची स्टील ने पंजाब में लगभग 500 करोड़ रुपए के निवेश के साथ मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं के लिए समझौता किया था। आज कुछ ही महीनों के अंदर इस समझौते को अमली रूप दे दिया गया है। यह नीति को अमल में लाने और प्रतिबद्धता को हकीकत में बदलने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। दो चरणों में लगभग 1,100 करोड़ रुपए का नियोजित निवेश किया जाना है।”
प्रोजेक्ट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब में जापानी आधुनिक फोर्जिंग प्रौद्योगिकी लाएगा और भारत के साथ-साथ यूरोप, आसियान देशों, अफ्रीका और मेक्सिको के बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा। पंजाब न केवल विशेष स्टील का उत्पादन करेगा बल्कि तैयार पार्ट्स का निर्माण भी करेगा। यह बुनियादी निर्माण से उच्च-मूल्य वाले निर्माण की ओर महत्वपूर्ण बदलाव है और इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के मुख्य केंद्र के रूप में लुधियाना की स्थिति को और मजबूत करेगा।”
राज्य के औद्योगिक ढांचे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह निवेश पंजाब के कुशल श्रमिकों, वर्क कल्चर और औद्योगिक क्षमता में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के विश्वास को दर्शाता है। ‘पंजाब इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड डेवलपमेंट पॉलिसी 2026’ 24 क्षेत्रीय नीतियों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, प्रौद्योगिकी, रोजगार और टिकाऊ औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करती है। निवेशकों को उनके प्रोजेक्ट्स के दौरान स्पष्ट नीतियां, तुरंत फैसले और पूर्ण सहयोग मिलना चाहिए।”
उन्होंने बताया, “पंजाब ने वन-ऑफिस, वन पोर्टल, ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ और सिंगल-पॉइंट रिस्पांसिबिलिटी की एक विशिष्ट प्रणाली स्थापित की है। ‘इन्वेस्ट पंजाब’ शुरुआत से लेकर मंजूरियों, निर्माण, उत्पादन और भविष्य के विस्तार तक निवेशकों के लिए संपर्क का एकमात्र केंद्र के रूप में काम करता है। ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ के माध्यम से निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, फीस का भुगतान कर सकते हैं और मंजूरियों की स्थिति देख सकते हैं। यह पोर्टल 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं और लगभग 50 मुख्य रेगुलेटरी मंजूरियां प्रदान करता है।”
कारोबार करने की आसानी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मंजूरियां निर्धारित समय में दी जाती हैं और आवेदनों पर अधिकतम 45 कार्यदिवसों के अंदर फैसला किया जाता है। जहां कहीं ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ सिस्टम लागू होता है, वहां ऑटो-डीम्ड मंजूरी का प्रावधान होता है। हमारा उद्देश्य अनावश्यक देरी को समाप्त करना और प्रशासन को पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना है। पंजाब पहले ही लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे लगभग छह लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा। यह निवेश उद्योगपतियों के पंजाब के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है और पंजाब भी उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ा है।”
जापान में राज्य सरकार की गतिविधियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा जापान दौरा महज एक विदेशी दौरा नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य पंजाब में निवेश, प्रौद्योगिकी, हुनर और विश्वव्यापी अवसर आकर्षित करना था। हमने टोक्यो, नागोया और ओसाका में प्रमुख जापानी कंपनियों और संस्थानों से बातचीत की और आज का यह प्रोजेक्ट उस मिशन के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है। पंजाब सरकार इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए वर्धमान और आईची स्टील को पूरा सहयोग देगी।”
पंजाब के औद्योगिक माहौल में आई प्रगतिशील तब्दीली पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण पिछले चार वर्षों के दौरान दूसरे राज्यों से कई उद्योगों ने अपने कारोबार पंजाब में स्थानांतरित किए हैं। हमें एक ऐसा सिस्टम विरासत में मिला था जहां पिछली सरकारों के समय फिरौती और हिस्सेदारी सिस्टम से तंग आकर उद्योग पंजाब से भाग रहे थे। निरंतर प्रयासों के माध्यम से हमने उद्योगों का विश्वास बहाल किया है और पंजाब को औद्योगिक विकास में अग्रणी बनाया है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “वे दिन बीत चुके हैं जब निवेशकों पर अनुचित लाभ या उनके उद्यमों में हिस्सेदारी के लिए दबाव डाला जाता था। आज पंजाब सरकार सिर्फ पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए काम करती है। टाटा स्टील ने पहले ही 3,200 करोड़ रुपए के निवेश के साथ पंजाब में जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित किया है। यह भी बहुत गर्व की बात है कि सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रायडेनबर्ग, कारगिल, वर्बियो और डेनोन जैसी अग्रणी कंपनियों ने राज्य में अपना कारोबार शुरू कर दिया है।”
रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमारे युवाओं को रोजगार प्रदान करना है ताकि वे नशे की लानत से दूर रहें। खाली दिमाग शैतान का घर होता है और बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है। इसलिए पंजाब सरकार अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि हमारे युवा सम्मानजनक नौकरियों के माध्यम से एक खुशहाल भविष्य का निर्माण करें।”