ब्रेकिंग न्यूज़
टांडा के रसूलपुर में अकाली दल की बैठक, अरविंदर सिंह रसूलपुर बोले- ‘AAP सरकार से हर वर्ग दुखी’

होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

होशियारपुर में शिरोमणि अकाली दल की ओर से टांडा के गांव रसूलपुर में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में हलके के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और कई लोग अपने साथ अन्य गांवों के लोगों को भी बैठक में लेकर पहुंचे।

बैठक को संबोधित करते हुए अरविंदर सिंह रसूलपुर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में मौजूदा सरकार के कार्यकाल से किसान, व्यापारी, कर्मचारी और नौजवान समेत विभिन्न वर्गों के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किए गए दावों और गारंटियों को लेकर भी लोगों में निराशा बढ़ रही है।

अरविंदर सिंह रसूलपुर ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने नौजवानों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण पंजाब के लोगों को पिछली सरकारों का समय याद आने लगा है। अरविंदर सिंह रसूलपुर ने शिरोमणि अकाली दल को पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी की नीतियां और मुद्दे पंजाब तथा पंजाबियों के हितों से जुड़े हुए हैं।

बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अकाली दल की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने तथा आम लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकाली दल के कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

टांडा में शिरोमणि अकाली दल की बैठक, संजीव कुमार तलवार का सम्मान; पार्टी को मजबूत करने पर जोर

टांडा उड़मुड़ में शिरोमणि अकाली दल शहरी कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। जिला अध्यक्ष संजीव कुमार तलवार ने कार्यकर्ताओं को पार्टी गतिविधियों की जानकारी दी और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया।

टांडा उड़मुड़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल के शहरी कार्यकर्ताओं की एक विशेष बैठक टांडा में आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष संजीव कुमार तलवार विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

बैठक में शहर के बड़ी संख्या में अकाली दल कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यकर्ताओं ने किया संजीव कुमार तलवार का सम्मान

संजीव कुमार तलवार के शहर अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार टांडा पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उनका विशेष सम्मान किया गया। कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए पार्टी की मजबूती के लिए पूरी लगन और मेहनत से काम करने का भरोसा दिलाया।

बैठक के दौरान नेताओं ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को शिरोमणि अकाली दल से जोड़ने का संकल्प लिया।

हरसिमरत कौर बादल हिरासत में, CM आवास की ओर बढ़ रही अकाली महिलाओं को पुलिस ने रोक

Chandigarh Protest: डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। हरसिमरत कौर बादल को पुलिस ने हिरासत में लिया।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शनिवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अकाली महिला कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने सांसद हरसिमरत कौर बादल को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और धरना शुरू कर दिया।

अकाली दल की महिला कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और बैरिकेडिंग की गई थी।

पांच करोड़ रुपये के कथित आरोपों की जांच की मांग

शिरोमणि अकाली दल का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पांच करोड़ रुपये मांगने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।

अकाली दल इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों से जुड़े ऐसे आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।

NHRC ने मांगी जांच रिपोर्ट

मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान का भी अकाली दल की ओर से हवाला दिया गया है। पार्टी के अनुसार, NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले में जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

हालांकि, डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

परनीत कौर ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता परनीत कौर ने भी मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

परनीत कौर के मुताबिक, सत्ता में बैठे लोगों पर लगे आरोपों को केवल राजनीतिक मामला बताकर खारिज करने के बजाय जांच एजेंसियों को मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

शनिवार को चंडीगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। फिलहाल प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठी रहीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं।

नाभा: अकाली दल ने खोला नया ऑफिस, लालका ने AAP सरकार पर साधा निशाना

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता

नाभा विधानसभा क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल ने अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज करते हुए बोड़ा गेट पर नया पार्टी कार्यालय खोला। कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर सुखमणि साहिब का पाठ करवाया गया, जिसमें अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, सरपंचों, पंचों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

इस मौके पर अकाली दल के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना, अमृत पाल सिंह राठी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यालय के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नाभा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी मक्खन सिंह लालका ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने और हलके के लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए बोड़ा गेट पर अकाली दल का कार्यालय खोला गया है। उन्होंने कहा कि हलके के लोग अपनी समस्याओं को लेकर यहां संपर्क कर सकते हैं और वह हमेशा उनकी सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।

लालका ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े कथित पांच करोड़ रुपये के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की महिलाओं को एक हजार रुपये देने की बात की जा रही है, जबकि दूसरी तरफ पांच करोड़ रुपये के लेन-देन के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने इसे पंजाब को लूटने का आरोप लगाते हुए सरकार पर हमला बोला।

बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहें

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में अकाली समागम हुआ। बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से गुरु की शिक्षाओं पर चलने की अपील की, जबकि सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट और पंथिक एकता को लेकर चिंता जताई।

बाबा बकाला / सत्ता संदेश

रखड़ पुण्या के पवित्र अवसर पर बाबा बकाला की धरती पर आयोजित राजनीतिक समागम में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने पंथिक एकता, पार्टी की मजबूती और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विरोधियों पर निशाना साधते हुए पंथिक ताकत को मजबूत करने की अपील की।

बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं को दिया चढ़दी कला में रहने का संदेश

अपने संबोधन में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में घबराने के बजाय सिखों को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर मजबूती के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिख इतिहास हर कठिन परिस्थिति में हिम्मत, दृढ़ता और सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के दबाव में न झुकने और गुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने की अपील की।

मजीठिया ने कहा कि अचानक आने वाली मुश्किल परिस्थिति से कोई भी व्यक्ति कुछ समय के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन मजबूत इरादों वाला व्यक्ति हालात का डटकर सामना करता है। उन्होंने अकाली कार्यकर्ताओं से भी मुश्किल समय में संयम बनाए रखने और पार्टी के लिए मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।

सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट को लेकर जताई चिंता

समागम के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने पंथिक मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सिख इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जगहों और स्मारकों को याद करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बाबा बंदा सिंह बहादुर की यादगार, छोटा घल्लूघारा और वड्डा घल्लूघारा जैसी ऐतिहासिक जगहों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थानों से सिख समुदाय के इतिहास, संघर्ष और कुर्बानियों की प्रेरणा मिलती है।

‘अकाली दल कमजोर हुआ तो बढ़ा सरकारी दखल’

सुखबीर बादल ने कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल मजबूत स्थिति में था, तब कई महत्वपूर्ण गुरुद्वारों का प्रबंधन पंथिक संगठनों के हाथों में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल के कमजोर होने के बाद कुछ धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में सरकारी दखल बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि गुरु घरों का प्रबंधन मजबूत पंथिक संस्थाओं के हाथों में रहना जरूरी है। सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं से पंथिक ताकत को मजबूत करने और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

माझा को बताया अकाली दल की पारंपरिक ताकत

सुखबीर बादल ने माझा क्षेत्र को शिरोमणि अकाली दल की पारंपरिक ताकत बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ दिया है।

उन्होंने पंजाब के पिछले दशकों के राजनीतिक और सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने कई मुश्किल दौर देखे हैं और लोगों ने अलग-अलग समय पर बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

पंथिक एकता और अकाली दल को मजबूत करने की अपील

समागम के दौरान अकाली नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सिख इतिहास से प्रेरणा लेने, पंथिक एकता को मजबूत करने और शिरोमणि अकाली दल को दोबारा मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में आयोजित यह समागम अकाली दल के लिए धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी नेताओं ने पंथिक मुद्दों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने का संदेश कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।


बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहे

शिरोमणि अकाली दल को लगा झटका, पूर्व पार्षद सुरजीत राणा कांग्रेस में हुए शामिल

विधायक राणा गुरजीत सिंह ने शेखूपुर पहुंचकर करवाया पार्टी में शामिल, अकाली नेता सबी लंकेश भी कांग्रेस में आए

कपूरथला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : गगन बहल

पंजाब की राजनीति में कपूरथला से जुड़ी एक अहम राजनीतिक गतिविधि सामने आई है। करीब 30 साल से शिरोमणि अकाली दल के साथ जुड़े पूर्व नगर पार्षद (MC) सुरजीत सिंह राणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उनके साथ अकाली नेता सबी लंकेश और करीब 100 परिवारों के कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया गया है।

कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह शेखूपुर स्थित सुरजीत सिंह राणा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने सुरजीत सिंह राणा समेत अन्य लोगों को कांग्रेस में शामिल करवाया।

1996 से अकाली दल के साथ थे सुरजीत सिंह राणा

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व MC सुरजीत सिंह राणा ने अकाली दल छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि वह 1996 से लगातार शिरोमणि अकाली दल के लिए काम करते आ रहे थे। उन्होंने पार्टी के साथ अपने करीब तीन दशक लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए मेहनत की।

सुरजीत सिंह राणा ने आरोप लगाया कि जो लोग पहले उनका विरोध करते थे, वे बाद में दूसरी पार्टी में चले गए और उनकी पुरानी पार्टी से जीते तीन पार्षदों को समर्थन दिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से आहत होकर उन्होंने शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कहने का फैसला किया।

बोले- मैं अकेला नहीं, वार्ड के 100 परिवार भी कांग्रेस में आएंगे

सुरजीत सिंह राणा ने कहा कि कांग्रेस में उनका शामिल होना व्यक्तिगत फैसला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके वार्ड से करीब 100 परिवार कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के नेतृत्व में उन्हें नई राजनीतिक दिशा मिली है और अब वह कांग्रेस के साथ मिलकर क्षेत्र में काम करेंगे।

इस मौके पर अकाली नेता सबी लंकेश के भी कांग्रेस में शामिल होने की बात सामने आई है। कांग्रेस की ओर से इसे कपूरथला क्षेत्र में पार्टी के आधार को मजबूत करने वाली राजनीतिक घटना के तौर पर देखा जा रहा है।

Punjab: 75 विधानसभा सीटों पर बदला सियासी समीकरण, 20 लाख से ज्यादा वोटरों के कटे नाम

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट सूची के काफी रोचक आंकड़े सामने आए हैं. पंजाब में SIR की ड्राफ्ट सूची जारी होते ही राजनीतिक तौर पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इसका ज्यादा असर राज्य की 117 में से 75 विधानसभा सीटों के नतीजों पर पड़ सकता है.

SIR के दौरान जिन 6 बड़े जिलों में सबसे ज्यादा वोट काटे गए हैं, वहां कुल 52 विधानसभा सीटें हैं. जिनमें सबसे ज्यादा 39 AAP, कांग्रेस 11 व अकाली दल के पास 2 सीटें हैं. बीजेपी को यहां 2022 विधानसभा चुनाव में कोई सीट नहीं मिली थी.

चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम

इन 52 सीटों पर औसतन हर सीट पर लगभग 20000 से 35000 वोटों का फेरबदल हुआ है. पंजाब में पिछले चुनावों के दौरान कई सीटों पर हार-जीत का अंतर 2 हजार से 8 हजार वोटों के बीच रहा था. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में वोटों की छंटनी से आगामी चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम और मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा.

इनमें 11 सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत का अंतर 10 हजार से कम रहा था. वहीं पंजाब में 35 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले चुनाव में हार-जीत का अंतर 10 हजार वोट से कम रहा था. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की हर विधानसभा सीट पर औसत निकाला जाए तो औसतन हर विधानसभा सीट पर करीब 17,500 वोट काटे गए हैं.

दूसरी जगह शिफ्ट हो गए 10 लाख वोट

ये संख्या कई सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा है. ऐसे में इन वोटों के सूची से बाहर होने से विधानसभा सीटों का चुनावी समीकरण बदल सकता है. SIR में काटे गए 20.66 लाख वोटों में करीब 10 लाख वोट ऐसे हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं. इनमें बड़ी संख्या उन वोटर्स की है, जो दूसरे राज्यों से पंजाब आए थे. उनके राज्यों में SIR होने के बाद उन्होंने वहां अपना वोट रजिस्टर्ड करा लिया.

शहरी सीटों का बदल जाएगा चुनावी गणित

लुधियाना, जालंधर और मोहाली जैसे औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और किराए पर रहने वाले लोग बसते हैं. पते में बदलाव, कम टाइम के लिए रहना और जरूरी कागजात ना होने के कारण इनके नाम मतदाता सूची से बड़ी संख्या में हटे हैं. इससे उन शहरी सीटों का पूरा चुनावी गणित बदल जाएगा, जहां ये प्रवासी वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता रहा है.

बड़ी संख्या में विदेश पलायन कर चुके युवा

अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में युवा विदेश पलायन कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम कागजों में दर्ज थे. अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी के तहत ऐसे फर्जी और डुप्लीकेट वोटों के हटने से अब वास्तविक वोटरों की संख्या ही उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेगी. जिन राजनीतिक दलों का वोट बैंक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, अस्थायी प्रवासी मजदूरों, निवासियों या युवाओं पर टिका था, उन्हें अब नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी होगी.

पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय

विधानसभा चुनाव 2022 में पूरे राज्य में 35 सीटें ऐसी थी, जहां पर हार जीत का अंतर 500 से लेकर 9,900 वोटों के बीच था. SIR के तहत इन सीटों पर औसतन 15 हजार से 30 हजार तक वोट कटे या पेंडिंग हैं. कटने वाले वोटों की संख्या जीत के अंतर से दोगुनी या तीन गुनी हो जाती है, तो पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय है. इनमें से ज्यादातर सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की थी.

इन 35 में से कई सीटें शहरी या सेमी-अर्बन इलाकों में आती हैं, जहां दूसरे राज्यों से आए मजदूर वर्ग के लोग हैं. उनमें से ज्यादातर लोगों के वोट अपने गृह राज्य में बने हैं. इसलिए उन्होंने यहां अपने वोट कटवा दिए. इसके अलावा उनके दस्तावेज पूरे न होने या पते में बदलाव के कारण इस वर्ग के सबसे ज्यादा वोट कटे हैं. जो दल या प्रत्याशी इस अस्थायी वर्ग पर निर्भर थे, उनके सभी समीकरण बिगड़ सकतें हैं.

कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम कटे

चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में जारी की गई पंजाब की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार, राज्य में कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं (जो कुल वोटर्स का लगभग 9.63% है).

  • इस छंटनी के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या 2.14 करोड़ से घटकर 1.93 करोड़ रह गई है.
  • स्थायी रूप से शिफ्ट हुए: 9,44,131 मतदाता (4.40%) दूसरे स्थानों या राज्यों में चले गए.
  • मृतक: 5,74,568 मतदाता (2.68%) मृत पाए गए.
  • लापता/पता नहीं चला: 4,12,715 मतदाता (1.92%) घर पर नहीं मिले.
  • फर्जी/एक से अधिक जगह नाम: 1,19,145 मतदाता (0.56%) डबल एंट्री वाले थे.
  • लुधियाना, जालंधर और मोहाली (साहिबजादा अजीत सिंह नगर) में प्रवासी मजदूरों और किराएदारों की संख्या अधिक होने के कारण, दस्तावेजों की कमी या पते बदलने से सबसे ज्यादा वोट कटे हैं.
  • अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर – इन जिलों से भारी संख्या में युवाओं का विदेश में पलायन हो चुका है, जिससे अनुपस्थित पाए जाने पर हजारों नाम सूची से हटाए गए हैं.
  • अकेले बठिंडा जिले में कुल 10,53,091 वोटर्स में से 65,072 मतदाताओं को ASDD कैटेगरी में डालकर सूची से बाहर किया गया है.
  • बड़ी बात ये है कि जिन सीटों पर ज्यादा वोट कटे हैं वो शहरी सीटें हैं और यहां पर प्रवासी वोट बैंक बड़ी संख्या में हैं और उनके ही ज्यादातर वोट कटने की बात सामने आ रही है.
SIT समन में जांच करने में मदद करेंगे सुखबीर सिंह, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

पंजाब / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सोमवार यानी 20 जुलाई को पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के सामने पेश होंगे. इसे लेकर अकाली दल ने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेशी से पहले सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उन्हें गिरफ्तार कराए जाने का भी चैलेंज किया है.

20 जुलाई यानी सोमवार को सुखबीर सिंह बादल को सुबह 11 बजे पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट, सेक्टर 32, चंडीगढ़ में पेश होना है. बता दें कि 14 अक्तूबर 2015 में फरीदकोट के बहबलकलां और कोटकपूरा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग हुई थी. जिसमें दो सिख प्रदर्शनकारियों गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी. इस घटना के वक्त सुखबीर बादल पंजाब के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री थे. इसी मामले को लेकर कल सुखबीर बादल से पूछताछ होनी है.

आप सरकार पर जमकर बरसे बादल

वहीं समन को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चुनावों से पहले राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को फिर से उठा रही है. उन्होंने इसे राज्य सरकार का “एक और हथकंडा” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वह जांच में सहयोग करेंगे, क्योंकि अतीत में भी जब-जब उन्हें बुलाया गया, उन्होंने जांच में हिस्सा लिया था. सुखबीर बादल ने कहा कि बीते 10 साल से चालान तक पेश नहीं किया गया. आरोपियों को पकड़ने की बजाय राजनीति खेली जा रही है. अब चार माह के बाद असली आरोपी हम पकड़ेंगे.

बीजेपी नेता विजय सांपला से भी की थी पूछताछ

यह घटनाक्रम वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय सांपला से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा पूछताछ किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है. सांपला ने पंजाब सरकार पर गलत जानकारी फैलाने और जांच में दखल देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि राजनीतिक तौर पर नियुक्त लोग SIT को दिए गए उनके बयान के बारे में सार्वजनिक रूप से दावे कर रहे हैं.

शिरोमणि अकाली दल ‘पुनर सुरजीत’ ने लुधियाना शहरी इकाई की नई टीम घोषित की

लुधियाना / सत्ता संदेश

नवनियुक्त अध्यक्ष परमिंदर सिंह ने पार्टी नेतृत्व का जताया आभार, जिम्मेदारी निष्ठा से निभाने का किया वादा

शिरोमणि अकाली दल ‘पुनर सुरजीत’ ने लुधियाना शहरी इकाई के नए पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने सरदार परमिंदर सिंह को लुधियाना शहरी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति के बाद परमिंदर सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का भरोसा दिया।

परमिंदर सिंह ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए पार्टी अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह, समूह सरपरस्त, वरिष्ठ नेता सरदार परमपाल सिंह सभरा, पार्टी पर्यवेक्षक बीबी जगीर कौर, सरदार संता सिंह उमैदपुरी तथा सरदार भरपूर सिंह धांदरा सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का धन्यवाद किया।

पार्टी द्वारा घोषित नई टीम के अनुसार सरदार गुरदीप सिंह को महासचिव, सरदार गुरु साहिब सिंह को प्रेस सचिव एवं प्रवक्ता तथा सरदार हरजीत सिंह को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि वे पार्टी द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

परमिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब मौजूदा समय में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और इन परिस्थितियों से राज्य को बाहर निकालने के लिए एक मजबूत पंथक सोच वाली सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल ‘पुनर सुरजीत’ से काफी उम्मीदें हैं और पार्टी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए लगातार कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी संगठन का विस्तार किया जाएगा और आम लोगों के मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया जाएगा। साथ ही कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

पंजाब निकाय चुनाव के नतीजे आज होगें घोषित, सुबह 8 बजे से शुरु हुई वोटों गिनती

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में शुक्रवार को 8 नगर निगमों बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली के नतीजे घोषित होंगे। इसके साथ ही 75 नगर कौंसिल, 20 नगर पंचायतों के नतीज भी आएंगे। निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली में कांटे की टक्कर थी। 26 मई को इन चुनावों के लिए मतदान हुआ था।

आपको बता दें कि ईवीएम की जगह इस बार बैलेट पेपर से चुनाव कराया गया था। 35 लाख 45 हजार 567 वोटरों में से करीब 64% ने इस मतदान में हिस्सा लिया है। इस बार निकाय चुनाव में कुल 7555 उम्मीदवार मैदान में प्रत्याशी के तौर पर खड़े हुए। इसमें 1613 नगर निगम 5142 नगर कौंसिल और नगर पंचायत के लिए 800 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

मतगणना के लिए 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए

बता दें कि पंजाब में 26 मई को 8 नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों समेत कुल 104 निकायों के लिए वोट डाले गए थे।मतगणना के लिए राज्यभर में 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर सुबह 8 बजे से गिनती शुरू हो गई है। आयोग का अनुमान है कि दोपहर 12 बजे तक अधिकांश निकायों के परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।

राजनीतिक दलों के लिए सत्ता का सेमीफाइनल

ये निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के लिए सत्ता का सेमीफाइनल है। ऐसे में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए ये इलेक्शन काफी अहम है।उधर, विपक्षी दलों ने भी इस बार पूरी ताकत झोंकी. चुनाव प्रचार के दौरान जमकर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से जमकर जुबानी जंग भी देखने को मिली। इस चुनाव में मुकाबला आम आदमी पार्टी की डबल इंजन सरकार की चाह और विपक्ष की घेराबंदी के बीच नजर आया।

रणनीतिकार की भूमिका में नजर आए AAP के नेता

आम आदमी पार्टी के लिए यह चुनाव परफॉर्मेंस टेस्ट से कम नहीं है क्योंकि करीब 7 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव के जरिए आम आदमी पार्टी ये भी देखना चाहती है कि उसके साढ़े चार साल के कार्यकाल के बाद शहरी वोटर्स के बीच पार्टी की पकड़ कितनी मजबूत है। यही वजह है कि पार्टी के कई बड़े चेहरे रणनीतिकार की भूमिका में नजर आए।