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चंडीगढ़: बिक्रम मजीठिया की AAP नेताओं को चेतावनी, बोले- छवि खराब करने पर करेंगे कानूनी कार्रवाई

चंडीगढ़ में SAD नेता बिक्रम मजीठिया ने AAP नेताओं को छवि खराब करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। अमित शाह और अमन अरोड़ा को लेकर भी दिया बयान।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को कानूनी अंजाम तक पहुंचाएंगे।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि AAP नेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की छवि खराब करने की भी कोशिश की जा रही है।

SAD नेता ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी को आशंका है कि भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

मजीठिया ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को भी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें अपने बयानों में तार्किक और तथ्यात्मक बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ गलत या छवि खराब करने वाले बयान दिए गए तो वह अमन अरोड़ा के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।

Punjab Politics 2027: पंजाब की सियासत में बदला मुद्दों का केंद्र, 2027 चुनाव से पहले नशे पर बढ़ी राजनीतिक जंग

Punjab Politics 2027: अमित शाह के पंजाब दौरे के बाद नशे का मुद्दा फिर चर्चा में है। जानिए भाजपा, आप, अकाली दल और कांग्रेस के सामने क्या चुनौतियां हैं।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा प्रमुखता से उभर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पंजाब दौरे और नशे से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद राज्य में राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नशे के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता दे रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के सामने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने और अपने रिकॉर्ड का हिसाब देने की चुनौती है।

एक समय पंजाब की राजनीति में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, लापता पावन स्वरूपों और अन्य धार्मिक विवादों से जुड़े पंथक मुद्दे प्रमुख भूमिका निभाते थे। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों को लगातार जवाब देना पड़ता था। अब नशा तस्करी, गैंगस्टरवाद, हत्याएं, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे सवाल भी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ रहे हैं।

अमित शाह ने 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे के दौरान नशे से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात की। इनमें मानसा के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का परिवार भी शामिल था। इस दौरे के दौरान शाह ने पंजाब में नशे की समस्या और नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। इससे पहले भी भाजपा नशे के मुद्दे पर पंजाब में अपनी राजनीतिक मुहिम तेज कर चुकी है।

नशे का मुद्दा केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है। पंजाब के अनेक परिवारों के लिए यह युवाओं के भविष्य, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों से जुड़े मामलों ने भी प्रशासन की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था पर बहस को तेज किया है।

प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने क्या हैं चुनौतियां?

भाजपा के लिए नशे का मुद्दा पंजाब में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाने और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का अवसर बना है। पार्टी ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए वर्ष 2029 तक का लक्ष्य घोषित किया है। अब उसके सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती भी है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ठोस कदम क्या होंगे और नशे की आपूर्ति तथा तस्करी पर किस तरह प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।

आम आदमी पार्टी की सरकार के सामने नशे के खिलाफ अपनी कार्रवाई और उसके परिणामों को सामने रखने की चुनौती है। सरकार ने फरवरी 2025 में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था। अब राजनीतिक बहस के बीच सरकार की कार्रवाई के आंकड़ों के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि नशे की उपलब्धता, तस्करी के नेटवर्क और नशे की लत से जूझ रहे युवाओं के पुनर्वास के मोर्चे पर कितनी प्रगति हुई है।

शिरोमणि अकाली दल के लिए भी नशे का मुद्दा महत्वपूर्ण है। पार्टी को अपने शासनकाल से जुड़े पुराने आरोपों पर अपना पक्ष रखने के साथ-साथ नशे की समस्या से निपटने के लिए अपनी नीतियों और प्रस्तावित कदमों को स्पष्ट करना होगा। कांग्रेस के सामने भी पिछली सरकार के कार्यकाल में किए गए वादों और नशे के खिलाफ कार्रवाई के रिकॉर्ड को लेकर सवालों का जवाब देने की चुनौती है।

पिछली सरकारों की कार्रवाई और आंकड़ों पर भी होगी चर्चा

पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा नया नहीं है। अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में नशीले पदार्थों की बरामदगी, गिरफ्तारियों और तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई के आंकड़े सामने आते रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक बहस में इन आंकड़ों की तुलना की जा रही है, लेकिन किसी भी सरकार के प्रदर्शन का आकलन केवल बरामदगी या गिरफ्तारी की संख्या से नहीं किया जा सकता।

इसके लिए यह देखना भी जरूरी है कि नशे की आपूर्ति कितनी कम हुई, बड़े तस्करी नेटवर्क पर कितनी प्रभावी कार्रवाई हुई, नशे की लत से पीड़ित लोगों को उपचार और पुनर्वास की कितनी सुविधाएं मिलीं तथा युवाओं के लिए रोजगार और रोकथाम से जुड़े कार्यक्रमों का क्या असर पड़ा। विभिन्न वर्षों के आंकड़ों की तुलना करते समय संबंधित अवधि, दर्ज मामलों की प्रकृति और आंकड़ों के आधिकारिक स्रोत को ध्यान में रखना भी आवश्यक है।

2027 के चुनाव में नशा कितना अहम रहेगा?

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नशे का मुद्दा राजनीतिक दलों के बीच बहस का प्रमुख विषय बनता दिखाई दे रहा है। अमित शाह के दौरे ने इस बहस को और तेज किया है। हालांकि, चुनाव में विभिन्न मुद्दों का वास्तविक महत्व मतदाताओं की प्राथमिकताओं, राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों और जमीनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

पंजाब को नशे से मुक्त करने की बात तभी सार्थक होगी, जब राजनीतिक घोषणाओं के साथ प्रभावी कार्रवाई भी दिखाई दे। तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, युवाओं को नशे से बचाना, प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना और कानून-व्यवस्था में सुधार लाना इस चुनौती के महत्वपूर्ण पहलू हैं। आखिरकार, नशे के खिलाफ किसी भी अभियान की सफलता का आकलन उसके दावों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों से किया जाना चाहिए।

लुधियाना वार्ड 18 में नशे के खिलाफ महिलाओं ने उठाई आवाज, रणजीत सिंह ढिल्लों की अगुवाई में जागरूकता अभियान

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट– गुरमीत सिंह

लुधियाना के वार्ड नंबर 18 में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक सरदार रणजीत सिंह ढिल्लों की अगुवाई में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और मोहल्ला निवासियों ने नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई।

कार्यक्रम में वार्ड प्रधान ईशर सिंह (राजन अरोड़ा) के साथ महिलाओं ने शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल द्वारा चलाए जा रहे ‘मावां-धियां दी ललकार, बंद करवांगे नशे दा व्यापार’ अभियान के समर्थन में भागीदारी की। महिलाओं ने नशे के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाने और अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।

इस दौरान एमआईजी वार्ड नंबर 18 की महिलाओं और मोहल्ला निवासियों ने पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों के समक्ष आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर शिरोमणि अकाली दल का समर्थन करने की बात कही। यह स्थानीय कार्यक्रम में मौजूद लोगों की ओर से व्यक्त राजनीतिक समर्थन था।

गौरतलब है कि हरसिमरत कौर बादल ने हाल के दिनों में पंजाब में महिलाओं को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ने की मुहिम तेज की है। अक्टूबर में उन्होंने ‘ਮਾਈ ਭਾਗੋ ਮਾਵਾਂ-ਧੀਆਂ ਦੀ ਫੌਜ’ अभियान की भी शुरुआत की, जिसके तहत महिलाओं से अपने क्षेत्रों में नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी सामने लाने की अपील की गई है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक सरदार रणजीत सिंह ढिल्लों, वार्ड प्रधान ईशर सिंह (राजन अरोड़ा), तनीशा शर्मा, अलका, लक्ष्मी देवी, पम्मी, पूजा राजपूत, सुमित्रा देवी, ममता, मनीषा खन्ना, मनप्रीत कौर, नवरूप कौर, पिंकी शर्मा, कंचन बजाज, तनीशा, कौशल्या विरला सहित अन्य मोहल्ला निवासी मौजूद रहे।

रेगुलर DGP की नियुक्ति को लेकर सुखबीर बादल का बयान, बोले- पंजाब के लिए स्थायी पुलिस प्रमुख जरूरी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से राज्य में नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार को उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए जाने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है। हाईकोर्ट ने 2 अक्टूबर को कहा था कि DGP के पद पर तदर्थ व्यवस्था को अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखा जा सकता और सरकार को इस संबंध में उचित निर्णय लेकर 13 अक्टूबर तक जानकारी देने को कहा है।

सुखबीर बादल ने कहा कि यह अच्छी बात है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब में नियमित DGP की नियुक्ति का रास्ता साफ हो रहा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर पिछले चार वर्षों में नियमित DGP नियुक्त नहीं करने का आरोप लगाया।

बादल ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पुलिस अधिकारियों पर दबाव रखा जाता था और अधिकारियों को उनकी पसंद के अनुसार काम करने की स्थिति में ही अस्थायी तौर पर पद पर बनाए रखने की बात कही जाती थी। ये आरोप सुखबीर बादल के राजनीतिक बयान हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में पुलिस व्यवस्था के लिए एक स्थायी DGP जरूरी है।

महंगाई और फसलों के दाम पर अकाली दल की चिंता

चंडीगढ़ में अकाली दल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने महंगाई और किसानों को फसलों के कम दाम मिलने का मुद्दा उठाया। पार्टी ने गेहूं के दाम में किए गए 25 रुपये के इजाफे को अपर्याप्त बताते हुए केंद्र सरकार से फसलों की कीमतों पर दोबारा विचार करने की मांग की।

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ लीडरशिप ने हलका इंचार्जों के साथ बैठक कर आगामी कार्यक्रमों और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की।

6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान

अकाली दल के मुताबिक, 6 अक्टूबर से अटारी से डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा और लोगों से उनके प्रमुख मुद्दों तथा प्राथमिकताओं पर सुझाव लिए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि जनता से मिलने वाले सुझावों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।

पार्टी ने 1 नवंबर को चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा की है। वहीं, 10 नवंबर से सुखबीर सिंह बादल की राज्यव्यापी बस यात्रा शुरू करने की बात कही गई है।

हरसिमरत कौर बादल के अभियान का अगला चरण

अकाली दल के अनुसार, हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को मुक्तसर साहिब से ‘मावां दियां ललकार—बंद करो नशे का व्यापार’ अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। इसके अलावा 8 दिसंबर को पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिवस के अवसर पर मोगा के नजदीक किली चहलां में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है।

पार्टी ने बनाई लीगल कमेटी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अकाली दल ने पंजाब सरकार पर पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर चरित्र हनन और गलत प्रचार करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ वकीलों की लीगल कमेटी बनाई गई है। डॉ. चीमा के मुताबिक जिला स्तर पर भी कानूनी कमेटियां गठित की जाएंगी।

चंडीगढ़ : अकाली दल ने महंगाई और फसलों के दाम पर जताई चिंता, चुनावी कार्यक्रमों का ऐलान

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल ने बढ़ती महंगाई और किसानों को फसलों के अपेक्षित दाम नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किए गए 25 रुपये के इजाफे पर पुनर्विचार करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। पार्टी के अनुसार, गेहूं का MSP 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ लीडरशिप और हलका इंचार्जों के साथ बैठक में आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की गई।

अकाली दल के अनुसार, 6 अक्टूबर से अटारी से डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस दौरान लोगों से उनके प्रमुख मुद्दों और प्राथमिकताओं को लेकर सुझाव लिए जाएंगे, जिन्हें चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने में शामिल किया जाएगा। यह अभियान 25 अक्टूबर तक चलाने की योजना है।

1 नवंबर को जारी होगा चुनावी घोषणा पत्र

अकाली दल ने 1 नवंबर को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक, घोषणा पत्र तैयार करने के लिए अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग विंग के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। अब किसानों, व्यापारियों, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों से भी सुझाव लिए जाएंगे।

वहीं, पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल 10 नवंबर से तलवंडी साबो से राज्यव्यापी बस यात्रा शुरू करेंगे। पार्टी के अनुसार, इस दौरान वह रोजाना दो से तीन विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे।

5 अक्टूबर से हरसिमरत कौर बादल का अभियान

पार्टी ने बताया कि सांसद हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को श्री मुक्तसर साहिब से महिला केंद्रित नशा विरोधी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। अभियान का नारा ‘मावां-दियां ललकार, बंद करो नशा दा व्यापार’ रखा गया है और पार्टी के अनुसार इसे पंजाब के घर-घर तक पहुंचाने की योजना है।

8 दिसंबर को मोगा में रैली

अकाली दल के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिवस के अवसर पर 8 दिसंबर को मोगा के नजदीक किली चहलां में बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने पंजाब सरकार पर अकाली दल और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर गलत और मानहानिकारक प्रचार करने का आरोप भी लगाया। डॉ. चीमा ने बताया कि ऐसे मामलों की निगरानी और कानूनी कार्रवाई के लिए पार्टी ने वकीलों की एक कमेटी गठित की है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस कमेटी की संख्या 10 सदस्य बताई गई है।

AAP महिलाओं ने हरसिमरत बादल को घेरा, महिलाओं के सम्मान पर पूछे सवाल

मोगा / बाघापुराना / सत्ता संदेश

‘मां-बेटियों को इंसाफ दिलाओ, पंजाब बचाओ’ के बैनर तले शिरोमणि अकाली दल की ओर से बाघापुराना और मोगा की अनाज मंडी में धरने आयोजित किए गए। इन धरनों में अकाली दल की वरिष्ठ नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने हिस्सा लिया और पंजाब सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और नशे सहित कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।

इसी दौरान आम आदमी पार्टी से जुड़ी महिलाओं ने हरसिमरत कौर बादल और अकाली दल के दावों पर सवाल खड़े किए। AAP से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि वे धरने का विरोध करने या उसे रोकने के लिए नहीं आई हैं, बल्कि हरसिमरत कौर बादल से सवाल पूछने के लिए अपनी आवाज उठाने पहुंची हैं।

महिलाओं ने कहा कि अगर हरसिमरत कौर बादल महिलाओं के सम्मान और इंसाफ की बात कर रही हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि अकाली दल की पिछली सरकारों के दौरान महिलाओं को कितना सम्मान मिला।

AAP महिलाओं ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के दौरान महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में पहले की तुलना में अधिक सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का अवसर मिला है। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी में छोटे से छोटे पद पर काम करने वाली महिलाओं के साथ भी सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाता है।

महिलाओं ने सरकार की ओर से महिलाओं के लिए चलाई जा रही आर्थिक सहायता योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि महिलाओं की घरेलू जरूरतों में सहयोग और सम्मान से भी जुड़ी हुई है। उनका दावा है कि इससे कई परिवारों को घरेलू खर्च चलाने में मदद मिल रही है।

महिला कोमल ने हरसिमरत कौर बादल से सवाल करते हुए कहा कि यदि वह महिलाओं के सम्मान की बात कर रही हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि अकाली दल की सरकार के दौरान माताओं और बहनों को किस तरह का सम्मान मिला। उन्होंने दावा किया कि पहले की तुलना में अब बड़ी संख्या में महिलाएं राजनीतिक रैलियों और पार्टी गतिविधियों में खुलकर हिस्सा ले रही हैं।

वहीं महिला सुखविंदर कौर ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के धरने का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि अपने सवाल रखने के लिए सड़कों पर आई हैं। उन्होंने हरसिमरत कौर बादल से महिलाओं से जुड़े मामलों में इंसाफ के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

AAP से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और इंसाफ के मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के दावों को जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह हरसिमरत कौर बादल के धरने और उनके राजनीतिक रुख पर सवाल उठा रही हैं।

नोट: AAP से जुड़ी महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोप और किए गए दावे उनके राजनीतिक पक्ष के बयान हैं। इन दावों पर अकाली दल या हरसिमरत कौर बादल की प्रतिक्रिया अलग से सामने आने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जा सकता है।

बहरीन की महिला को SGPC सराय में VIP ट्रीटमेंट? बलजिंदर कौर ने बादल से मांगा जवाब

बहरीन निवासी महिला के श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में लंबे समय तक ठहरने को लेकर AAP विधायक बलजिंदर कौर ने सुखबीर बादल और हरसिमरत बादल से सवाल किए। जानिए पूरा मामला।

लुधियाना / सत्ता संदेश

आम आदमी पार्टी पंजाब की चीफ व्हिप और विधायक प्रो. बलजिंदर कौर ने श्री आनंदपुर साहिब की SGPC सराय में बहरीन निवासी महिला के लंबे समय तक ठहरने को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल से सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा कि महिला के रहने, वाहन, ड्राइवर और कथित विशेष सुविधाओं का इंतजाम किसने किया और SGPC तथा अकाली नेताओं के समक्ष शिकायतें रखे जाने के बावजूद उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

यह मामला उस FIR से जुड़ा है, जो 21 अगस्त को आनंदपुर साहिब पुलिस ने महिला की शिकायत पर पूर्व SGPC सदस्य और अकाली नेता अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज की थी। महिला ने अपनी शिकायत में दुष्कर्म, कथित बंधक बनाए जाने और धमकी के आरोप लगाए हैं। चावला ने आरोपों को खारिज किया है। मामले की जांच जारी है।

बलजिंदर कौर ने कहा कि SGPC सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ी संस्था है। उन्होंने सवाल उठाया कि आम श्रद्धालुओं के लिए SGPC की सराय में ठहरने के नियमों के बीच एक महिला इतने लंबे समय तक वहां कैसे रही। उन्होंने पूछा कि उसके रहने का खर्च किसने उठाया, उसे आवास किसने उपलब्ध कराया, ड्राइवर और अन्य सुविधाएं किसने दीं और उसे कथित VIP ट्रीटमेंट क्यों मिला।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, FIR में महिला के SGPC की सराय में 27 फरवरी से 16 अगस्त 2026 तक रहने का उल्लेख है। SGPC ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति भी गठित की है, जिसे अपनी रिपोर्ट 15 दिनों में देने को कहा गया है।

बलजिंदर कौर ने सुखबीर सिंह बादल से सवाल करते हुए कहा कि यदि SGPC के कामकाज पर बादल परिवार के प्रभाव को लेकर इतने सवाल उठते रहे हैं, तो उन्हें सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि महिला को सराय में रहने की सुविधा किसने उपलब्ध कराई और इस पूरे मामले की जानकारी किन लोगों को थी।

उन्होंने हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। बलजिंदर कौर ने कहा कि हरसिमरत बादल ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता की बात कही है, इसलिए इस मामले में भी उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला ने कई अकाली और SGPC नेताओं के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। बलजिंदर कौर ने सवाल किया कि यदि शिकायतें पहले से सामने आई थीं, तो संबंधित संस्थाओं और पदाधिकारियों ने उस समय क्या कार्रवाई की।

इस बीच, SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। SGPC ने अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकीत सिंह की सेवाएं भी समाप्त की हैं और अमरजीत सिंह चावला का SGPC सदस्य के पद से इस्तीफा स्वीकार किया है।

बलजिंदर कौर ने मांग की कि इस पूरे मामले में महिला के लंबे समय तक SGPC परिसर में रहने, उसे उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और उसकी शिकायतों पर हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि सामने आ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब मिल सके।

मानसा में बिजली कटों के खिलाफ अकाली दल का प्रदर्शन, 24 घंटे निर्बाध सप्लाई की मांग

मानसा में बिजली के अघोषित कटों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल का प्रदर्शन। मानसा, बुधलाड़ा और सरदूलगढ़ में धरने, 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई की मांग।

मानसा / सत्ता संदेश

पंजाब में लगातार सामने आ रही बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को मानसा, बुधलाड़ा और सरदूलगढ़ में अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से अलग-अलग स्थानों पर धरने और प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि पंजाब के लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अकाली नेताओं का कहना है कि मौजूदा बिजली कटों का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। धान की फसल के महत्वपूर्ण दौर में खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मानसा में बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों की नाराजगी पहले भी सामने आ चुकी है। हाल के दिनों में क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण धान की सिंचाई प्रभावित होने की रिपोर्टें सामने आई हैं।

अकाली नेताओं ने दावा किया कि पिछली शिरोमणि अकाली दल सरकार के दौरान पंजाब में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सौर और थर्मल पावर परियोजनाओं पर काम किया गया था। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में इजाफा हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मौजूदा समय में पंजाब के कई हिस्सों में बिजली कटों की समस्या बनी हुई है। इसका असर किसानों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों पर भी पड़ रहा है। राज्य में बिजली संकट को लेकर हाल के दिनों में किसान संगठनों और औद्योगिक क्षेत्र की ओर से भी विरोध प्रदर्शन सामने आए हैं।

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार से मांग की है कि बिजली कटों की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और किसानों, आम लोगों तथा उद्योगों को नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।

यह प्रदर्शन शिरोमणि अकाली दल द्वारा 16 सितंबर को पंजाबभर में बिजली कटों के खिलाफ विधानसभा हलका स्तर पर किए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों के आह्वान का हिस्सा है।

टांडा के रसूलपुर में अकाली दल की बैठक, अरविंदर सिंह रसूलपुर बोले- ‘AAP सरकार से हर वर्ग दुखी’

होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

होशियारपुर में शिरोमणि अकाली दल की ओर से टांडा के गांव रसूलपुर में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में हलके के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और कई लोग अपने साथ अन्य गांवों के लोगों को भी बैठक में लेकर पहुंचे।

बैठक को संबोधित करते हुए अरविंदर सिंह रसूलपुर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में मौजूदा सरकार के कार्यकाल से किसान, व्यापारी, कर्मचारी और नौजवान समेत विभिन्न वर्गों के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किए गए दावों और गारंटियों को लेकर भी लोगों में निराशा बढ़ रही है।

अरविंदर सिंह रसूलपुर ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने नौजवानों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण पंजाब के लोगों को पिछली सरकारों का समय याद आने लगा है। अरविंदर सिंह रसूलपुर ने शिरोमणि अकाली दल को पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी की नीतियां और मुद्दे पंजाब तथा पंजाबियों के हितों से जुड़े हुए हैं।

बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अकाली दल की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने तथा आम लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकाली दल के कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

टांडा में शिरोमणि अकाली दल की बैठक, संजीव कुमार तलवार का सम्मान; पार्टी को मजबूत करने पर जोर

टांडा उड़मुड़ में शिरोमणि अकाली दल शहरी कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। जिला अध्यक्ष संजीव कुमार तलवार ने कार्यकर्ताओं को पार्टी गतिविधियों की जानकारी दी और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया।

टांडा उड़मुड़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल के शहरी कार्यकर्ताओं की एक विशेष बैठक टांडा में आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष संजीव कुमार तलवार विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

बैठक में शहर के बड़ी संख्या में अकाली दल कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यकर्ताओं ने किया संजीव कुमार तलवार का सम्मान

संजीव कुमार तलवार के शहर अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार टांडा पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उनका विशेष सम्मान किया गया। कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए पार्टी की मजबूती के लिए पूरी लगन और मेहनत से काम करने का भरोसा दिलाया।

बैठक के दौरान नेताओं ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक लोगों को शिरोमणि अकाली दल से जोड़ने का संकल्प लिया।