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Lucknow News : जवाहर भवन के चौथी मंजिल में लगी आग, आग बुझाने में जुटे फायरब्रिगेडियर, डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान

लखनऊ / सत्ता संदेश

राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 9:40 बजे जवाहर भवन के चौथे तल पर आग लग गई। आग की लपटें और धुआं देख लोगों में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों ने आग की सूचना अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को दी। 10 बजे के करीब पहुंची फायर ब्रिगेड टीम आग पर काबू पाने में जुटी है।

सूचना मिली तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इंदिरा भवन जवाहर भवन कर्मचारी संघ के पंकज मेहरोत्रा ने बताया कि जिस तल पर आग लगी है। इस पर कैंटीन, मलेरिया विभाग सहित कई अन्य कार्यालय हैं।

जवाहर भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे ने बताया कि जवाहर भवन की चौथी मंज़िल पर बने कैफेटेरिया में आग लग गई है। दमकल विभाग के कर्मचारी इसे बुझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, स्थिति अभी भी काबू में नहीं है।

शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग चौथी मंजिल के कैफेटेरिया से शुरू हुई थी। PWD के कर्मचारियों ने पहले आग बुझाने के उपलब्ध सिस्टम का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से बेकाबू होती जा रही थी। तीन-चार दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने की लगातार कोशिशें जारी हैं। अच्छी बात यह है कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को भारी नुकसान होने की आशंका है।

अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • बार-बार जल रहा ट्रांसफॉर्मर बना मुसीबत, नए ट्रांसफॉर्मर की मांग को लेकर लोगों का प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर के आबादी गुरु नगर, मन्ने दी वेली के बैकसाइड इलाके में लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मर में शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। स्थानीय निवासी जतिंदर सिंह खालसा ने बताया कि आग लगने के बाद इलाके के लोगों ने रेत डालकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग करीब डेढ़ घंटे तक लगातार जलती रही।

लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन पावरकॉम की ओर से बिजली सप्लाई बंद नहीं किए जाने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम भी तुरंत आग पर काबू नहीं पा सकी।

अगले दिन जब बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों का आरोप था कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की बजाय उसी पुराने और जले हुए ट्रांसफॉर्मर को दोबारा चालू कर दिया गया। दोपहर करीब 1:30 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन अधिक लोड होने के कारण एक घंटे बाद फिर बिजली बंद हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह महीनों से यह ट्रांसफॉर्मर लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। ट्रांसफॉर्मर के आसपास दुकानें और छोटे बच्चे रहते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। बिजली विभाग के रवैये से नाराज़ लोगों ने सड़क जाम कर पावरकॉम के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में करीब 190 किलोवाट का बिजली लोड है, जबकि लगा हुआ ट्रांसफॉर्मर केवल 100 किलोवाट क्षमता का है। इसी ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पावरकॉम के एक्सईएन से बातचीत के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की तैयारी है, लेकिन कुछ स्थानीय लोग अपने घरों के सामने ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिससे काम में देरी हो रही है।

पुलिस प्रशासन और एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगले दिन सुबह 10 बजे पावरकॉम के एक्सईएन स्वयं मौके पर पहुंचेंगे और पुलिस की मौजूदगी में बिजली लोड को दो हिस्सों में बांटकर दो नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस आश्वासन और बिजली बहाली का काम शुरू होने के बाद लोगों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि, स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बाईपास पर बड़े स्तर पर दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

अमृतसर के अनगढ़ इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके के मामले में नई अपडेट

घर में धमाके के बाद एक महिला की मौत, एक गंभीर रूप से झुलसी

घर के अंदर बनाए जा रहे थे गैरकानूनी पटाखे, पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने वीडियो जारी कर किया बड़ा खुलासा

अमृतसर के अनगढ़ धमाका मामले में पुलिस का एक्शन, कहा — अवैध पटाखे बनाने वालों को नहीं किया जाएगा बख्शा

अमृतसर के अनगढ़ इलाके में एक घर के अंदर हुए भीषण धमाके और आग लगने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हादसे में दो महिलाएं बुरी तरह झुलस गई थीं, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई है, जबकि दूसरी का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सुबह करीब 11:45 बजे पुलिस को अनगढ़ इलाके में स्थित अशोक कुमार के घर में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, एसएचओ मनजीत सिंह, एसीपी सुरिंदर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि घर के अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाने और स्टोर करने का काम किया जा रहा था। इन गैरकानूनी फायरक्रैकर्स के कारण अचानक आग भड़क गई और जोरदार धमाका हुआ। हादसे में सुमनप्रीत नामक महिला की मौत हो गई, जबकि गुरप्रीत कौर गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।

भुल्लर ने कहा कि पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनगढ़ इलाके में गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने या स्टोर करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग इस घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन असली कारण अवैध पटाखों के कारण लगी आग ही थी। उन्होंने कहा कि पटाखों के धमाकों की वजह से तेज आवाज आई थी और इसी कारण यह हादसा हुआ।

गौरतलब है कि सुबह हादसे के बाद पुलिस ने पहले घर के अंदर पटाखे होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन अब पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुद वीडियो जारी कर साफ कर दिया है कि घर के अंदर गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाए और रखे जा रहे थे, जिसके कारण यह भीषण आग और धमाका हुआ।

बाइट: गुरप्रीत सिंह भुल्लर, पुलिस कमिश्नर, अमृतसर

आग लगने से गरीब मजदूरों की 30 से अधिक झुग्गियां जलकर राखन सिर पर छत बची, न खाने को अनाज और न पहनने को कपड़े

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

माछीवाड़ा साहिब के नजदीकी गांव सहजो माजरा में आज दोपहर एक भीषण आग लगने से गरीब मजदूरों की करीब 30 से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गईं। जानकारी के अनुसार, गांव के पास बड़ी संख्या में मजदूर अपने परिवारों सहित झुग्गियों में रह रहे थे। अचानक एक झुग्गी से आग की लपटें उठीं, जो देखते ही देखते अन्य झुग्गियों तक फैल गईं। घटना के समय झुग्गियों में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, जबकि पुरुष मजदूरी के लिए खेतों में गए हुए थे। परिवारों ने पहले अपने बच्चों और जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही डीएसपी समराला प्रीतपाल सिंह और सहायक थाना प्रभारी सोहन सिंह मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था।
आग में मजदूरों का सारा सामान—अनाज, बर्तन, पंखे, बच्चों की किताबें, साइकिल, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और जमा की गई नकदी—सब जल गया। अब पीड़ित परिवारों के पास न रहने को छत बची है, न खाने-पीने का सामान। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की सूची तैयार की, जिसमें गणेश, ऋषिदेव, वासु, बिलास, पंकज, सीता देवी, किरतानंद, अवध चौधरी, शिवा, मुकेश, मनकी, सुनील, मीना, रुपेश, सुज्जू और तूफान समेत कई नाम शामिल हैं। गांव के सरपंच जसवीर सिंह ने बताया कि ये मजदूर बाहरी राज्यों से आकर यहां वर्षों से रह रहे हैं और खेती में काम करके अपना जीवन यापन करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए।