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अमृतसर के अनगढ़ इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके के मामले में नई अपडेट

घर में धमाके के बाद एक महिला की मौत, एक गंभीर रूप से झुलसी

घर के अंदर बनाए जा रहे थे गैरकानूनी पटाखे, पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने वीडियो जारी कर किया बड़ा खुलासा

अमृतसर के अनगढ़ धमाका मामले में पुलिस का एक्शन, कहा — अवैध पटाखे बनाने वालों को नहीं किया जाएगा बख्शा

अमृतसर के अनगढ़ इलाके में एक घर के अंदर हुए भीषण धमाके और आग लगने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हादसे में दो महिलाएं बुरी तरह झुलस गई थीं, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई है, जबकि दूसरी का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सुबह करीब 11:45 बजे पुलिस को अनगढ़ इलाके में स्थित अशोक कुमार के घर में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, एसएचओ मनजीत सिंह, एसीपी सुरिंदर और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि घर के अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाने और स्टोर करने का काम किया जा रहा था। इन गैरकानूनी फायरक्रैकर्स के कारण अचानक आग भड़क गई और जोरदार धमाका हुआ। हादसे में सुमनप्रीत नामक महिला की मौत हो गई, जबकि गुरप्रीत कौर गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।

भुल्लर ने कहा कि पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनगढ़ इलाके में गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने या स्टोर करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग इस घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन असली कारण अवैध पटाखों के कारण लगी आग ही थी। उन्होंने कहा कि पटाखों के धमाकों की वजह से तेज आवाज आई थी और इसी कारण यह हादसा हुआ।

गौरतलब है कि सुबह हादसे के बाद पुलिस ने पहले घर के अंदर पटाखे होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन अब पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुद वीडियो जारी कर साफ कर दिया है कि घर के अंदर गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाए और रखे जा रहे थे, जिसके कारण यह भीषण आग और धमाका हुआ।

बाइट: गुरप्रीत सिंह भुल्लर, पुलिस कमिश्नर, अमृतसर

आग लगने से गरीब मजदूरों की 30 से अधिक झुग्गियां जलकर राखन सिर पर छत बची, न खाने को अनाज और न पहनने को कपड़े

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

माछीवाड़ा साहिब के नजदीकी गांव सहजो माजरा में आज दोपहर एक भीषण आग लगने से गरीब मजदूरों की करीब 30 से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गईं। जानकारी के अनुसार, गांव के पास बड़ी संख्या में मजदूर अपने परिवारों सहित झुग्गियों में रह रहे थे। अचानक एक झुग्गी से आग की लपटें उठीं, जो देखते ही देखते अन्य झुग्गियों तक फैल गईं। घटना के समय झुग्गियों में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, जबकि पुरुष मजदूरी के लिए खेतों में गए हुए थे। परिवारों ने पहले अपने बच्चों और जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही डीएसपी समराला प्रीतपाल सिंह और सहायक थाना प्रभारी सोहन सिंह मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था।
आग में मजदूरों का सारा सामान—अनाज, बर्तन, पंखे, बच्चों की किताबें, साइकिल, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और जमा की गई नकदी—सब जल गया। अब पीड़ित परिवारों के पास न रहने को छत बची है, न खाने-पीने का सामान। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की सूची तैयार की, जिसमें गणेश, ऋषिदेव, वासु, बिलास, पंकज, सीता देवी, किरतानंद, अवध चौधरी, शिवा, मुकेश, मनकी, सुनील, मीना, रुपेश, सुज्जू और तूफान समेत कई नाम शामिल हैं। गांव के सरपंच जसवीर सिंह ने बताया कि ये मजदूर बाहरी राज्यों से आकर यहां वर्षों से रह रहे हैं और खेती में काम करके अपना जीवन यापन करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए।