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केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने एसईसीएल के कार्य संचालन की समीक्षा की; छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

बुनियादी ढांचे और अस्पताल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए डिजिटल पोर्टल लॉन्च किए गए; अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइजर यूनिट का उद्घाटन भी किया गया

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने दक्षिण पूर्वी कोयला क्षेत्र लिमिटेड (एसईसीएल) का एक दिवसीय दौरा किया और कंपनी के परिचालन प्रदर्शन, अवसंरचना संबंधी पहलों और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरे के दौरान उन्होंने रायपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से भी मुलाकात की। दोनों के बीच राज्य में कोयला उत्पादन, अवसंरचना विकास, रसद संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई।

इन चर्चाओं का मुख्य लक्ष्य प्रमुख विकास परियोजनाओं में तेजी लाना, परिचालन सुगम बनाना और कोयला उत्पादक क्षेत्रों में आर्थिक विकास व रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूती देना था। उन्होंने कोयला क्षेत्र के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि सहयोगात्मक दृष्टिकोण से राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में राज्य का योगदान और अधिक मजबूत होगा।

एसईसीएल मुख्यालय के अपने दौरे के दौरान, श्री सतीश चंद्र दुबे ने एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कोयला उत्पादन, ढुलाई, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, डिजिटलीकरण पहल, पर्यावरण स्थिरता उपायों, कोयला गैसीकरण परियोजनाओं, खदान बंद करने की गतिविधियों, सीएसआर पहल और कंपनी की भविष्य की कार्य योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहान, कार्यात्मक निदेशक, मुख्य सतर्कता अधिकारी, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और एसईसीएल के अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री ने सुरक्षित और टिकाऊ खनन पद्धतियों, आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसईसीएल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उत्पादन, गुणवत्ता आश्वासन, सुरक्षा मानकों और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में कंपनी के प्रयासों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि सीएसआर पहलों को कोयला क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के समावेशी विकास और कल्याण पर केंद्रित रहना चाहिए।

इस अवसर पर एसईसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हरीश दुहान ने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान, एसईसीएल ने कोल इंडिया के 100 मिलियन टन के संचयी उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में 26.86 मिलियन टन का सर्वोच्च योगदान दिया है। उन्होंने कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एसईसीएल की प्रतिबद्धता को दोहराया।

एसईसीएल के डिजिटल परिवर्तन की पहल के अंतर्गत, केंद्रीय मंत्री ने ई-डीएडीएएस (एसईसीएल में डिजाइन और ड्राइंग अनुमोदन) पोर्टल और अस्पताल प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डीएडीएएस पोर्टल प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं से संबंधित इंजीनियरिंग डिजाइन और ड्राइंग की ऑनलाइन जांच, निगरानी और अनुमोदन को सुगम बनाएगा, जिससे पारदर्शिता, निगरानी और समयबद्ध निष्पादन में सुधार होगा। एचएमआईएस पोर्टल रोगी अभिलेखों के डिजिटलीकरण और बेहतर अस्पताल प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से एसईसीएल अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करेगा।

इस दौरे के दौरान, श्री दुबे ने बिलासपुर के इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइजर यूनिट का भी उद्घाटन किया। उन्नत स्वचालित परीक्षण क्षमताओं से लैस यह मशीन रक्त विश्लेषण को तेज और अधिक सटीक बनाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं में निदान क्षमता को बढ़ाएगी। उन्होंने इस केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और चिकित्सा अवसंरचना को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में एसईसीएल के प्रयासों की सराहना की।

सुप्रीम कोर्ट से पूर्व आबकारी आयुक्त को राहत, छत्तीसगढ़ शराब नीति घोटाले के दो मामलों में मिली जमानत

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को कई करोड़ रुपये के शराब नीति घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं और मुकदमों के निष्कर्ष तक पहुंचने में अभी काफी समय लगेगा।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मुख्य मामले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों और संबंधित धनशोधन मामले में सुनवाई करते हुए पूर्व अधिकारी को यह राहत प्रदान की।

पीठ ने कहा कि दास को कथित तौर पर इस मामले का “मुख्य सूत्रधार” बताया गया है, और उन पर आरोप है कि उन्होंने राज्य की आबकारी नीति तैयार करने में भूमिका निभाई ताकि अन्य सह-आरोपियों को लाभ पहुंचाया जा सके।

जमानत देते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि दास को दो अलग-अलग मामलों में क्रमशः 18 सितंबर 2025 और 19 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था।

अदालत ने उन पर वही जमानत शर्तें लागू कीं जो अन्य सह-आरोपियों पर लागू हैं। इसके तहत उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा और वह केवल मुकदमे की सुनवाई तथा जांच में शामिल होने के लिए ही छत्तीसगढ़ आ सकेंगे।

हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि वह भविष्य में जमानत की शर्तों में ढील देने की मांग कर सकते हैं।

इससे पहले एक मार्च को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को भी शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दी थी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया


छत्तीसगढ़ / सत्ता संदेश

शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बस्तर के नेतानार गांव को तीर्थ माना जाता है, नक्सलवाद की समाप्ति के बाद वहाँ CSC केंद्र का खुलना ऐतिहासिक है

बस्तर की जिस भूमि पर नक्सलियों ने 6 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, उसी स्थान पर आज गरीब आदिवासियों के लिए जनसेवा केंद्र का निर्माण हो रहा है

नक्सलवाद की समाप्ति का उद्देश्य केवल नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं, बल्कि गरीब आदिवासियों तक जनकल्याणकारी सुविधाएँ पहुँचाना भी है

देशभर में आजादी 1947 में आ गई थी, मगर बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद आदिवासी बहनें विकास का नेतृत्व करेंगी

नक्सलवाद से हुए दशकों के नुकसान की भरपाई हमारी सरकार अगले 5 वर्षों में करेग

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और श्री तपन डेका, निदेशक, आसूचना ब्यूरो सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक बहुत ऐतिहासिक दिन है। शहीद वीर गुण्डाधर की यह जन्मभूमि और कर्मभूमि अपने आप में भारत के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। वर्ष 1910 में हमारे वीर आदिवासी नेता ने भूमकाल विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत की थी और विदेशी शासन के विरुद्ध बस्तर के आदिवासियों की लड़ाई का नेतृत्व शहीद वीर गुण्डाधुर ने किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर नेतानार का यह कैंप, जो वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप था, अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सेवा कैंप का नाम भी शहीद वीर गुण्डाधुर के नाम पर रखा है। यह कैंप हमें सदैव स्मरण कराएगा कि एक समय यहां छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की गई थी, यहां के स्कूल, अस्पताल उजाड़ दिए गए थे, राशन पहुंचने नहीं दिया गया, रोजगार और शिक्षा से लोगों को वंचित रखा गया। श्री शाह ने कहा कि आज उसी स्थान पर, जहां हमारे छह जवान शहीद हुए थे, वहां गरीब आदिवासियों की सेवा का एक तीर्थ स्थल बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि जब हमने नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया, उसका उद्देश्य केवल नक्सलियों का खात्मा करना नहीं बल्कि इस क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के जीवन में वे सभी सुविधाएं पहुंचाना भी था, जो बड़े-बड़े शहरों में उपलब्ध हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके। उन्होंने कहा कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार हर गांव में सस्ते राशन की दुकान खोल रही है, हर गांव में प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं और गांवों के बीच में एक समूह PSC एवं CSC खोले जा रहे हैं। अब यहां हर गरीब के घर तक पीने का पानी पहुंचाने का काम हो रहा है, आधार कार्ड बन रहे हैं, राशन कार्ड बन रहे हैं। हर व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल दिया जाता है और 5 लाख रूपए तक का पूरा इलाज मुफ्त में करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की योजना भी अब यहां तक पहुंच चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने दशकों तक गलतफहमी फैलाई कि हमारा विकास नहीं हुआ इसलिए हमने हथियार उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस क्षेत्र का विकास इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नक्सलियों ने हाथों में हथियार उठा रखे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर में विकास के जितने कार्य हुए हैं, उन्हें एक साल के भीतर हमारी सरकार आपके गांवों तक लाएगी। श्री शाह ने कहा कि सरकार की हर सुविधा पर आपका इतना ही अधिकार है जितना बड़े शहरों की जनता का है। श्री शाह ने कहा कि यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार का उत्तरदायित्व है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बस्तर में अभी लगभग 200 कैंप हैं और उनमें से 70 कैंप को अगले डेढ़ वर्षों में हम इसी प्रकार के जनसेवा केंद्र के रूप में परिवर्तित कर आदिवासी कल्याण का केन्द्र बनाएंगे। इन कैंपों का डिजाइन कंप्लीट होगा, जिनके अंदर बैंकिंग सुविधा भी होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, राशन कार्ड भी बनेगा, सरकार की योजना के पैसे यहीं से मिलेंगे, कॉमन सर्विस सेंटर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी आह्वान किया है कि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, ऐसा मानकर चैन की नींद नहीं सोना है। नक्सलवाद से हुए नुकसान की भरपाई हम 5 साल के अंदर कर इन सभी गांवों को ऊर्जावान आदिवासी गांवों में बदलेंगे । इसके लिए आदिवासियों के खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने बस्तर ओलंपिक और आदिवासी साहित्य, भाषा, संगीत, कला, नृत्य और विविध पकवानों को विश्व प्रसिद्ध करने के लिए बस्तर पंडुम शुरू किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि इसी दिन के लिए शहीद वीर गुण्डाधुर ने आजादी का आंदोलन शुरू किया होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में तो आजादी 1947 में आ गई थी, मगर हमारे बस्तर में 31 मार्च, 2026 के बाद आजादी का सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि जो देरी हुई है, उसके पूरे नुकसान की भरपाई हम बहुत जल्द करेंगे और इस क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि विकास को रोकने से कभी विकास नहीं होता है, बल्कि जब हम विकास को गति देंगे तभी विकास का फायदा हम तक पहुंचेगा।

तमिलनाडु की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: 18 की मौत, मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम जारी

नेशनल डेस्क : तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जबरदस्त धमाके में 18 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे,। इस विस्फोट में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं जो 60 प्रतिशत तक झुलस गई हैं। धमाका इतना भीषण था कि फैक्ट्री के तीन कमरे ढह गए और आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुँचा है।

शुरुआती जांच में पता चला है कि विस्फोट फैक्ट्री के उस हिस्से में हुआ जहाँ मजदूर कच्चे सामान के साथ काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मंत्रियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुँचने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि इसी जिले में 6 दिन पहले भी एक धमाका हुआ था जिसमें दो मजदूरों की जान चली गई थी।

दहेज में चाहिए गैस सिलेंडर! छत्तीसगढ़ के होटल ने लगाया अनोखा बोर्ड; LPG संकट के बीच मैनेजर ने बयां की बेबसी

नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की भारी किल्लत ने आम आदमी की रसोई से लेकर व्यापारिक आयोजनों तक हड़कंप मचा दिया है। इस संकट के बीच अंबिकापुर के एक स्थानीय होटल के बाहर लगा एक व्यंग्यात्मक साइन बोर्ड सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, जो इस कमी की गंभीरता को उजागर कर रहा है।

अनोखी शर्त: होटल के बाहर लगे बोर्ड पर लिखा है— “दुल्हन का दहेज: कमर्शियल गैस आपकी तरफ से, व्यवस्थाएं होटल की तरफ से”।

मैनेजर की मजबूरी: होटल मैनेजर पूर्णेंद्र मजूमदार के अनुसार, उन्होंने शादियों की बुकिंग तो ले ली है, लेकिन खाना पकाने के लिए उनके पास गैस उपलब्ध नहीं है। वे लगातार हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल की एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कोरा जवाब मिल रहा है।

बंद होने की कगार पर कारोबार: मैनेजर ने चेतावनी दी है कि उनके पास मात्र एक-दो दिन का स्टॉक बचा है और यदि आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उन्हें होटल और रेस्टोरेंट बंद करने पड़ेंगे। यह संकट स्ट्रीट फूड स्टॉल और छोटे कैटरर्स के लिए भी आजीविका का सवाल बन गया है।

धमतरी में सर्वर डाउन: छत्तीसगढ़ के ही धमतरी जिले में हालात और भी खराब हैं। वहां सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे लोग और महिलाएं सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ी हैं और अक्सर खाली हाथ लौट रही हैं।

फिलहाल प्रशासन या गैस कंपनियों की ओर से आपूर्ति को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है, जिससे आने वाले शादी-ब्याह के सीजन को लेकर लोग डरे हुए हैं।