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बिहार, एमपी और गुजरात की 3 सीटों पर उपचुनाव, दोबारा क्यों हो रहे है चुनाव ?

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

Assembly Bypolls 2026: भारतीय निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यों की खाली विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का बिगुल फूंक दिया है। इसके लिए पूरा कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा। इन तीनों सीटों पर 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे। आयोग ने चुनाव की तैयारियों को लेकर सभी जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।

किन तीन विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव?
चुनाव आयोग के मुताबिक, तीन अलग-अलग राज्यों की 3 सीटों पर मतदान होना है। इनमें मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट, बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर मतदान होगा। इन सभी सीटों पर चुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी कर दी जाएगी।

चुनाव और नामांकन का क्या है पूरा शेड्यूल?

  • उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। 
  • इसके बाद 14 जुलाई को इन नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 
  • अगर कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहता है तो वह 16 जुलाई तक ऐसा कर सकता है। इन तीनों सीटों पर 30 जुलाई को जनता वोट डालेगी। 
  • इसके बाद तीन अगस्त को चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर क्यों हो रहा चुनाव?
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस के राजेंद्र भारती विधायक थे। हाल ही में एक फर्जीवाडे के मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता निलंबित कर दी गई थी। इसी वजह से यह सीट खाली हो गई। 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने भाजपा के नेता नरोत्तम मिश्रा को 7 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। इस चुनाव में राजेंद्र भारती को 88977 वोट मिले थे। वहीं नरोत्तम मिश्रा को 81,235 लोगों ने वोट दिया था।विज्ञापन

गुजरात की मांजलपुर सीट कैसे हुई खाली?
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट भाजपा विधायक योगेश नारायणदास पटेल के निधन की वजह से खाली हुई है। पिछले महीने 79 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। योगेश पटेल ने साल 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर शानदार जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद से ही इस सीट पर नए विधायक के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही थी।

बिहार की बांकीपुर सीट पर क्यों आई उपचुनाव की नौबत?
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा था और नितिन नवीन यहां से विधायक थे। हाल ही में नितिन नवीन राज्यसभा के सदस्य बन गए। राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस इस्तीफे के कारण बांकीपुर की सीट खाली हो गई जिस पर अब चुनाव आयोग ने उपचुनाव कराने का फैसला लिया है।

मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने क्या तैयारी की है?
चुनाव आयोग ने इन तीनो सीटों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सभी मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग का कहना है कि पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपैट मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। चुनाव सुचारू रूप से हो सके इसके लिए अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के कडे निर्देश दिए गए हैं।

NIA Raid : यूपी-महारष्ट्र समेत 4 राज्यों के 12 ठिकानों पर छापा, ड्रोन-तस्करी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर आतंकी साजिश मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव जसवीर चौधरी के नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है, जिस पर ड्रोन के जरिए भारत में हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की तस्करी कर बड़े हमलों की साजिश रचने का आरोप है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ देशभर में व्यापक कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में कुल 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें पाकिस्तान से जुड़े एक ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारतीय सहयोगियों पर ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की बड़ी खेप भारत में भेजने का आरोप है।

4 राज्यों में एक साथ 12 ठिकानों पर छापे

एनआईए की टीमें यूपी में 5, राजस्थान में 2, बिहार में 2 और महाराष्ट्र में 3 स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। इस दौरान डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री की जांच की जा रही है।  जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी कर रहा था। इन हथियारों का उद्देश्य पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े हमलों को अंजाम देना बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस साजिश का मकसद आम नागरिकों की जान-माल को नुकसान पहुंचाना और देश में दहशत फैलाना था।

सरकार ने छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद को मजबूत किया; आत्मनिर्भर मिशन के अंतर्गत बिहार में पहली बार संगठित तरीके से दलहन खरीद शुरू की


बिहार में 100 मीट्रिक टन से अधिक की खरीद की गई; एनसीसीएफ और एनएएफईडी के किसान संपर्क और खरीद बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने से छत्तीसगढ़ में परिचालन 12,000 मीट्रिक टन के पार पहुंचा

डिजिटल प्लेटफॉर्म, विस्तारित पीएसीएस नेटवर्क और सहकारी समितियों के नेतृत्व वाले खरीद अभियान से किसानों की भागीदारी और मूल्य समर्थन में वृद्धि दर्ज की गई

बिहार /सत्ता संदेश

भारत सरकार ने पीएम-आशा योजना के अंतर्गत खरीद कार्यों का काफी विस्तार किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएएफईडी) ने केंद्रीय भूमिका निभाई है, साथ ही आत्मनिर्भर दलहन मिशन के अंतर्गत बिहार में पहली बार संरचित दलहन खरीद पहल शुरू की है।

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, एनसीसीएफ ने बिहार में पहली बार मसूर (दाल) की संगठित खरीद शुरू की है, जो दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है। यह पहल केंद्रीय भंडारण निगम के सहयोग से संचालित डब्ल्यूडीआरए द्वारा अनुमोदित गोदामों के माध्यम से वैज्ञानिक भंडारण द्वारा समर्थित है।

22 अप्रैल 2026 तक बिहार में निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  • 32,000 मीट्रिक टन (मसूर) की खरीद का लक्ष्य
  • 16 पीएसीएस/एफपीओ पंजीकृत
  • 59 किसानों को ऑनबोर्ड किया गया
  • 100.4 मीट्रिक टन की खरीद पूरी हुई

एनएएफईडी राज्य भर में अपने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत संचालन को बढ़ाने की तैयारी भी कर रहा है।

छत्तीसगढ़: एमएसपी खरीद संचालन का विस्तार

छत्तीसगढ़ में, ई-संयुक्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों की डिजिटल भागीदारी और जमीनी स्तर पर संपर्क और दूरदर्शन के साथ जुड़ाव सहित व्यापक जागरूकता अभियानों के कारण पीएम-आशा के अंतर्गत खरीद में तेजी आई है।

वर्तमान में 85 पैक्स केंद्रों का एक नेटवर्क कार्यान्वित हैं, जिसमें धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ जैसे जिलों में खरीद चल रही है। परिचालन का विस्तार सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया तक करने की तैयारी है।

एनसीसीएफ का प्रदर्शन (22 अप्रैल 2026 तक):

  • खरीद लक्ष्य:
  • चना: 63,325 मीट्रिक टन
  • मसूर: 5,360 मीट्रिक टन
  • पंजीकृत किसान:
  • चना: 16,012
  • मसूर: 451
  • खरीद प्रक्रिया पूरी हुई:
  • चना: 9,032 मीट्रिक टन
  • मसूर: 7.98 मीट्रिक टन
  • किसानों को लाभ हुआ:
  • चना: 6,129
  • मसूर: 28

एनएएफईडी का प्रदर्शन (22 अप्रैल 2026 तक):

  • राज्य स्तरीय एजेंसियों के माध्यम से 137 केंद्र खोले गए।
  • अतिरिक्त प्रत्यक्ष केंद्र:
  • चना: 7
  • मसूर: 3
  • पंजीकृत किसान:
  • चना: 39,467
  • मसूर: 510
  • खरीद प्रक्रिया पूरी हुई:
  • चना: 3,850 मीट्रिक टन
  • मसूर: 109 मीट्रिक टन
  • किसानों को लाभ हुआ:
  • चना: 2,645
  • मसूर: 281

ये पहलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद प्रणाली को मजबूत करने, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और उन्हें औपचारिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करने पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाती हैं। खरीद प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से पारदर्शिता, दक्षता और व्यापक पहुंच में और वृद्धि होने की आशा है।

एनसीसीएफ और एनएएफईडी दोनों राज्यों में अपने परिचालन को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरीकरण में योगदान मिलेगा और साथ ही आत्मनिर्भर भारत पहल के उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।