ब्रेकिंग न्यूज़
गंदे पानी ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें: दूध फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग

खन्ना / सत्ता संदेश

खन्ना के मलेरकोटला रोड स्थित एक दूध उत्पाद फैक्ट्री के खिलाफ गांव माजरी और रसूलड़ा के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री का गंदा पानी रात के समय छोड़ा जाता है, जिससे इलाके में भारी प्रदूषण और बदबू फैल रही है। लोगों का कहना है कि इस कारण उनका जीना मुश्किल हो गया है।


ग्रामीणों के अनुसार फैक्ट्री का दूषित पानी पहले एकत्र किया जाता है और बाद में रात के अंधेरे में बाहर छोड़ दिया जाता है। इससे आसपास के क्षेत्र में गंदगी और तेज बदबू फैल रही है। लोगों का कहना है कि पिछले करीब एक वर्ष से वे इस समस्या का सामना कर रहे है। गांव के पंच ने आरोप लगाया कि प्रदूषण के कारण इलाके में बीमारियां बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार में भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का मामला सामने आ चुका है। ग्रामीणों ने कहा कि छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग हर समय बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार फैक्ट्री प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने मांग की कि ऐसी फैक्ट्रियों को रिहायशी इलाकों से दूर स्थापित किया जाए। वहीं फैक्ट्री के प्लांट हेड ने कहा कि लोगों की शिकायत उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट में तकनीकी दिक्कत आने के कारण समस्या बढ़ी है। फैक्ट्री प्रबंधन को इसकी जानकारी दे दी गई है और एक-दो दिनों में समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कल से लकड़ी वाला बॉयलर बंद किया जा रहा है।


नगर कौंसिल के ईओ चरणजीत सिंह ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ गया है। टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी और यदि कोई कमी पाई तो गई को संबंधित विभागों के साथ मिलकर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले को प्रदूषण नियंत्रण विभाग के संज्ञान में भी लाया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और क्या ग्रामीणों को लंबे समय से आ रही परेशानी से राहत मिल पाएगी?

‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान में बड़ी कार्रवाई, खन्ना में ड्रग तस्कर गुरदीप रानो के अवैध घर पर चला बुलडोजर

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने के अपने वादे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में चलाया जा रहा ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन लगातार अच्छे नतीजे दे रहा है। इसी कैंपेन के तहत आज खन्ना पुलिस डिस्ट्रिक्ट में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जब बहुचर्चित और करोड़ों के ड्रग स्मगलिंग केस के किंगपिन पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह रानो के गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन पर बुलडोजर चलाया गया।

इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) GLADA प्रदीप कुमार ने बताया कि एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर GLADA श्री विकास हीरा के निर्देश और सरकार की हिदायतों के मुताबिक GLADA लुधियाना की टीम जिसमें लॉ ऑफिसर दिग्विजय सिंह, SDE गुरप्रीत सिंह, SDE करण अग्रवाल, SDE सुमेश कौशल, JE वरिंदर सिंह, JE अमनदीप सिंह, JE रोहित गोयल, JE अक्षय विशिष्ट, JE वीरपाल सिंह, JE (PH) अमनदीप सिंह शामिल थे, ने पुलिस डिस्ट्रिक्ट खन्ना की पुलिस फोर्स के साथ गुरदीप सिंह रानो, गांव रानो, तहसील पायल, डिस्ट्रिक्ट लुधियाना के एरिया में आते गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को नियमों के मुताबिक गिरा दिया।

यह कार्रवाई ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) ने SSP पुलिस डिस्ट्रिक्ट खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के सपोर्ट से की। पायल के गांव रानो में मौजूद करीब 11 कनाल 11 मरला एरिया में फैले आलीशान घर के एक बड़े हिस्से को GLADA ने गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन घोषित कर दिया। इसके बाद नियमों के मुताबिक घर गिराने की कार्रवाई की गई।

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि खन्ना पुलिस ने SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया की देखरेख में बहुत ही साफ-सुथरे और प्रोफेशनल तरीके से कानून-व्यवस्था बनाए रखी। सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों पर पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ सुरक्षा के इंतजाम किए थे। घर के हर कोने पर पुलिस तैनात की गई थी ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

DSP पायल हरमनप्रीत सिंह चीमा ने बताया कि गुरदीप सिंह रानो के खिलाफ ड्रग तस्करी और दूसरी गंभीर धाराओं के तहत 10 केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की पॉलिसी साफ है कि ड्रग तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों को जहां कानून के दायरे में लाया जा रहा है, वहीं ड्रग्स की कमाई से बनाई गई गैर-कानूनी प्रॉपर्टी पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

खन्ना पुलिस की परफॉर्मेंस इस बात से भी साफ है कि पिछले कुछ महीनों में जिले में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी फ्रीज की गई हैं और कई गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को गिराने के लिए पुलिस फोर्स भी दी गई है। SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया की लीडरशिप में पुलिस ने न सिर्फ ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी पक्की की है, बल्कि उनके आर्थिक ढांचे को तोड़ने की स्ट्रैटेजी पर भी काम किया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साल 2020 में STF ने गुरदीप सिंह राणो को बड़ी मात्रा (करीब पांच kg) हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान कथित तौर पर एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिसके लिंक बॉर्डर पार तक फैले होने की बात कही गई है। इस केस की जांच के बाद कई अहम खुलासे भी हुए।

आज की कार्रवाई सिर्फ एक बिल्डिंग गिराने की घटना नहीं है, बल्कि इसे ड्रग माफिया के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। मैसेज साफ है कि अगर कोई व्यक्ति गैर-कानूनी ड्रग के धंधे से प्रॉपर्टी जमा करता है, तो उसे कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।

SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और DGP गौरव यादव के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस ड्रग्स को खत्म करने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करों को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी गैर-कानूनी प्रॉपर्टी के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस न सिर्फ ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, बल्कि नशे के आदी लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजने और इलाज देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक खास अभियान भी चला रही है।

खन्ना पुलिस जिले में यह बड़ा ऑपरेशन पंजाब सरकार के ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ अभियान की मजबूती और खन्ना पुलिस की मजबूत इच्छाशक्ति का साफ सबूत है। इससे न सिर्फ ड्रग तस्करों में डर का माहौल बना है, बल्कि आम लोगों में भी यह भरोसा मजबूत हुआ है कि सरकार और पुलिस नशा मुक्त पंजाब के सपने को साकार करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।

लुधियाना में लोहे की भट्ठी में जोरदार धमाका: स्क्रैप पिघलाते समय झुलसे 4 मजदूर, गंभीर हालत में PGI रेफर

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना जिले के अंतर्गत खन्ना के भादला रोड स्थित इस्माइलपुर गांव में एक बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ है। यहाँ एसबीजे फर्नेस यूनिट (SBJ Furnace Unit) में लोहे को पिघलाने वाली भट्ठी में अचानक जोरदार धमाका हो गया, जिसकी चपेट में आने से काम कर रहे चार कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए हैं।

खौलता हुआ लोहा गिरने से हुआ हादसा: जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार को उस समय हुआ जब मजदूर भट्ठी में लोहे का स्क्रैप डाल रहे थे और उसे पिघलाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान भट्ठी में अचानक तेज उबाल आया और एक भीषण धमाका हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि भट्ठी के भीतर मौजूद खौलता हुआ पिघला लोहा पास खड़े मजदूरों पर जा गिरा।

घायलों की स्थिति और राहत कार्य: हादसे के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। झुलसे हुए मजदूरों की पहचान विजय कुमार (26), पियान (30), चंदन (30) और रोशन (40) के रूप में हुई है। फर्नेस मालिकों ने घायलों को तत्काल स्थानीय सिविल अस्पताल मंडी गोबिंदगढ़ में भर्ती कराया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें चंडीगढ़ स्थित पीजीआई (PGI) अस्पताल रेफर कर दिया है।

पुलिस जांच शुरू: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर हादसे का मुख्य कारण भट्ठी में अचानक आया उबाल बताया जा रहा है।