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लुधियाना में लोहे की भट्ठी में जोरदार धमाका: स्क्रैप पिघलाते समय झुलसे 4 मजदूर, गंभीर हालत में PGI रेफर

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना जिले के अंतर्गत खन्ना के भादला रोड स्थित इस्माइलपुर गांव में एक बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ है। यहाँ एसबीजे फर्नेस यूनिट (SBJ Furnace Unit) में लोहे को पिघलाने वाली भट्ठी में अचानक जोरदार धमाका हो गया, जिसकी चपेट में आने से काम कर रहे चार कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए हैं।

खौलता हुआ लोहा गिरने से हुआ हादसा: जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार को उस समय हुआ जब मजदूर भट्ठी में लोहे का स्क्रैप डाल रहे थे और उसे पिघलाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान भट्ठी में अचानक तेज उबाल आया और एक भीषण धमाका हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि भट्ठी के भीतर मौजूद खौलता हुआ पिघला लोहा पास खड़े मजदूरों पर जा गिरा।

घायलों की स्थिति और राहत कार्य: हादसे के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। झुलसे हुए मजदूरों की पहचान विजय कुमार (26), पियान (30), चंदन (30) और रोशन (40) के रूप में हुई है। फर्नेस मालिकों ने घायलों को तत्काल स्थानीय सिविल अस्पताल मंडी गोबिंदगढ़ में भर्ती कराया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें चंडीगढ़ स्थित पीजीआई (PGI) अस्पताल रेफर कर दिया है।

पुलिस जांच शुरू: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर हादसे का मुख्य कारण भट्ठी में अचानक आया उबाल बताया जा रहा है।

पंजाब की ‘आप’ सरकार का रिपोर्ट कार्ड: राजस्व में भारी बढ़ोतरी, 8 मार्च को महिलाओं के लिए हो सकती है बड़ी घोषणा

पंजाब डेस्क : पंजाब में आगामी बजट सत्र से पहले मान सरकार के मंत्रियों ने अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाईं और पिछली सरकारों के मुकाबले वर्तमान सरकार के आंकड़ों को बेहतर बताया।

राजस्व और जीएसटी में रिकॉर्ड वृद्धि: वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य के राजस्व (Revenue) में बड़ी बढ़ोतरी की है। आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस राज (2017-2022) में जीएसटी कलेक्शन 61,286 करोड़ रुपये था, जबकि ‘आप’ सरकार के 46 महीनों में यह बढ़कर 83,739 करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह एक्साइज विभाग का राजस्व भी अकाली-भाजपा के 20,545 करोड़ और कांग्रेस के 27,395 करोड़ के मुकाबले अब 37,975 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

विकास पर खर्च और आर्थिक विकास: राज्य की आर्थिक विकास दर (GSDP) कांग्रेस राज के 2.66 प्रतिशत से बढ़कर अब 3.11 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने 31,630 करोड़ रुपये का ‘कैपिटल एक्सपेंडिचर’ (पूंजीगत खर्च) किया है, जिसका उपयोग राज्य में नए अस्पताल, मोहल्ला क्लिनिक, स्टेडियम और स्कूलों के निर्माण के लिए किया जा रहा है।

कर्ज का निपटारा: विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए चीमा ने कहा कि उन्हें विरासत में 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज मिला था। वर्तमान सरकार इस कर्ज की सर्विसिंग कर रही है और अब तक 35 प्रतिशत मूल राशि (Principal Amount) और 50 प्रतिशत ब्याज वापस कर चुकी है।

8 मार्च को महिला दिवस पर खास बजट: पंजाब सरकार का बजट सत्र 6 मार्च से शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान 8 मार्च (रविवार) को बजट पेश करेंगे। चूंकि इसी दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि सरकार महिलाओं के लिए कोई ऐतिहासिक और बड़ी घोषणा कर सकती है।

जालंधर के स्कूल में छात्रा की संदिग्ध मौत: चोरी के आरोप में टीचर ने 3 घंटे कमरे में रखा बंद; हत्या के आरोप के बाद FIR दर्ज

पंजाब डेस्क : पंजाब के जालंधर के नूरपुर स्थित एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा की 19 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद स्कूल में भारी हंगामा हुआ और मृतका के परिजनों ने स्कूल प्रशासन व संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कड़ा रोष प्रदर्शन किया।

चोरी का आरोप और मारपीट का दावा: परिजनों के अनुसार, छात्रा सोमवार को स्कूल में अपना रोल नंबर लेने गई थी। आरोप है कि वहां एक शिक्षिका परमजीत कौर ने छात्रा को अपना पर्स पकड़ने के लिए दिया और बाद में उस पर पर्स से पैसे (पहले 200 और फिर 2,000 रुपये) चोरी करने का आरोप लगा दिया। मृतका की मौसी कृष्णा देवी ने आरोप लगाया है कि शिक्षिका छात्रा को एक कमरे में ले गई, जहाँ उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे तीन घंटे तक बंद रखा गया।

आत्महत्या या हत्या?

उठे गंभीर सवाल: हालांकि स्कूल प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है, लेकिन परिवार ने इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है। परिवार ने सवाल उठाए हैं कि:

-यदि छात्रा ने फांसी लगाई थी, तो दरवाजे की कुंडी बाहर से कैसे खुली थी?

-कमरे में कोई रस्सी नहीं थी, तो उसने फंदा कैसे लगाया?

-परिजनों के आने से पहले ही पुलिस को बुलाए बिना या उनके सामने शव को नीचे क्यों उतारा गया?

पुलिस की कार्रवाई: मकसूदां पुलिस स्टेशन ने पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर आरोपी शिक्षिका परमजीत कौर के खिलाफ मामला (FIR) दर्ज कर लिया है। डीएसपी करतारपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अब स्कूल स्टाफ और अन्य छात्रों के बयान दर्ज कर रही है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य सबूतों को खंगाल रही है।

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध गहराया: ईरान ने दुबई समेत कई खाड़ी देशों में अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

इंटरनेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया में तनाव अब एक पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है। ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4’ (Operation Truthful Promise 4) के तहत दुबई सहित कई खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सैन्य ठिकानों पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।

ऑस्ट्रेलियाई एयरबेस को बनाया निशाना: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने विशेष रूप से दुबई के पास स्थित अल मिन्हाद (Al Minhad) एयरबेस को निशाना बनाया, जो कई सालों से ऑस्ट्रेलिया का ऑपरेशनल हेडक्वार्टर है। ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि वहां उनके सैनिक तैनात हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी सैनिक सुरक्षित हैं।

कई देशों में एक साथ हमले: ईरान के ये हमले केवल दुबई तक सीमित नहीं रहे। रिपोर्ट के अनुसार, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों (US Military Bases) को भी निशाना बनाया गया है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका के करीब 13 सैन्य ठिकाने हैं जहाँ 30,000 से 40,000 सैनिक तैनात रहते हैं, जो अब ईरान की मिसाइलों की जद में हैं।

दुबई में पहली बार तनाव का माहौल: लंबे समय से मिडिल ईस्ट का सबसे सुरक्षित शहर माना जाने वाला दुबई, जो दुनिया भर के रईसों और व्यापारियों का केंद्र है, अब इस युद्ध की चपेट में आने से गहरे तनाव में है।

ईरान ने साफ किया है कि यह कार्रवाई 28 फरवरी की सुबह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का जवाब है। गौरतलब है कि हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की एक सैन्य हमले में मौत हो गई थी, जिसके बाद से क्षेत्र में हिंसा और तेज हो गई है।

हाथरस में यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस और वैन की टक्कर में तीन महिलाओं समेत छह लोगों की मौत

हाथरस (उप्र), तीन मार्च (भाषा) हाथरस जिले में मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर स्लीपर बस ने एक वैन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार तीन महिलाओं सहित छह लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि हादसा तड़के चार बजकर 20 मिनट पर सादाबाद थाना क्षेत्र के हरिया गढ़ी गांव के पास हुआ।

अपर पुलिस अधीक्षक राम आनंद कुशवाह ने बताया कि वैन में सवार 16 लोग दिल्ली के प्रेम नगर से राजस्थान के धौलपुर जा रहे थे तभी नोएडा से गोरखपुर जा रही स्लीपर बस ने वैन को पीछे से टक्कर मार दी।

पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि दुर्घटना उस समय हुई जब बस चालक वैन से आगे निकलने का प्रयास कर रहा था।

उन्होंने बताया कि बस चालक, परिचालक और ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

सिन्हा ने बताया कि बस मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान दिनेश (50), उनकी पत्नी सुनीता (48), विजय बघेल (27), उनकी पत्नी पिंकी बघेल (26), लोकेश (35) और नाथू देवी (65) के रूप में की गई है।

पुलिस ने बताया कि वैन में सवार सभी लोग दिल्ली के निवासी थे और अलग-अलग परिवार से थे। उसने बताया कि वैन का चालक सुरक्षित है।

सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक राम आनंद कुशवाह, सादाबाद के क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अधिकारियों ने बताया कि घायल बच्चों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां उनमें से दो की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

ईरान के खिलाफ युद्ध इराक जैसा नहीं, हमारे और भी सैनिक हो सकते हैं हताहत: अमेरिकी रक्षा मंत्री

वाशिंगटन, तीन मार्च (एपी) ईरान में अमेरिकी-इजराइली हमलों के लंबे क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने की बढ़ती चिंताओं पर अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को कहा कि “यह इराक जैसा नहीं है। यह अंतहीन नहीं है।”

इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के छह सैनिक मारे जा चुके हैं, तथा

हेगसेथ ने आगाह किया कि आने वाले हफ्तों में और अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा सबसे बड़ी चिंता है, जिसका हल जरूरी है। अधिकारी ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों से पैदा खतरे को हमले शुरू करने का एक मुख्य कारण बता रहे हैं। साथ ही, इसे सरकार के शीर्ष नेतृत्व को सत्ता से बेदखल करने का अवसर भी माना जा रहा है।

ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम “तेजी से और बहुत अधिक बढ़ रहा था, और इससे अमेरिका तथा विदेशों में हमारे सैनिकों को बहुत बड़ा और सीधे खतरा है।”

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के साथ एक अलग प्रेस वार्ता में हेगसेथ ने कहा कि इस अभियान का “निर्णायक उद्देश्य” ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को खत्म करना, उसकी नौसेना को नष्ट करना और यह सुनिश्चित करना है कि “कोई परमाणु हथियार न बचे।”

हेगसेथ ने कहा, “यह तथाकथित सत्ता परिवर्तन का युद्ध नहीं है, लेकिन सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से हुआ है और यह दुनिया के लिए बेहतर है।”

संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैल गया है। ईरान और उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों ने इजराइल, अरब देशों और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।

इस संघर्ष में अब तक छह अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं, और ट्रंप, हेगसेथ और केन ने और सैनिकों के हताहत होने की आशंका जताई है।

नाम न उजागर करने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सभी छह मौतें कुवैत में हुई हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को कहा कि ईरान के पहले पलटवार के बाद लापता दो सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

मुजफ्फरनगर: पारिवारिक विवाद में दामाद ने महिला को चाकू मारकर घायल किया

मुजफ्फरनगर (उप्र), तीन मार्च (भाषा) जिले के बुढाना कस्बे में पारिवारिक विवाद में 48 वर्षीय एक महिला को उसके दामाद ने कथित तौर पर चाकू मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

बुढाना के थाना प्रभारी सुभाष अत्री ने बताया कि यह घटना सोमवार शाम को हुई, जब आरोपी शोएब अपनी पत्नी को अपने साथ ले जाने के लिए ससुराल आया था।

उन्होंने बताया कि इस दौरान उसके और उसकी सास फरीदा के बीच कहा-सुनी हो गई।

अधिकारी ने बताया कि गुस्से में आकर शोएब ने कथित तौर पर फरीदा पर चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। हमले के बाद शोएब मौके से भाग गया।

घायल महिला को पहले सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में चोटों की गंभीरता को देखते हुए बड़े अस्पताल में भेजा गया।

अत्री ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया, जो फिलहाल फरार है। मामले की जांच जारी है।

खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं, संसद में चर्चा होनी चाहिए: सोनिया गांधी

नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ‘‘लक्षित हत्या’’ पर मोदी सरकार की ‘‘चुप्पी’’ को लेकर मंगलवार को उस पर तीखा हमला बोला और कहा कि उसका यह रुख भारत की विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा करता है।

उन्होंने अंग्रेजी दैनिक अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने लेख में यह भी कहा कि आगामी नौ मार्च से जब संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की बैठक शुरू हो तो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के भंग होने पर सरकार की ‘‘परेशान करने वाली चुप्पी’’ पर स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘जारी कूटनीतिक वार्ता के बीच किसी पदासीन राष्ट्राध्यक्ष की हत्या समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक भयावह विघटन का संकेत है। लेकिन इस स्तब्ध कर देने वाली घटना से परे नयी दिल्ली की चुप्पी भी हैरान करने वाली है।’’

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने न तो इस हत्या और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की है।

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अमेरिका-इज़राइल के व्यापक हमले की अनदेखी करते हुए, प्रधानमंत्री ने केवल ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात पर किए गए प्रतिशोधी हमले की निंदा तक स्वयं को सीमित रखा और उससे पहले के घटनाक्रमों का उल्लेख नहीं किया। बाद में उन्होंने ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त की और ‘‘संवाद और कूटनीति’’ की बात की, जबकि यही प्रक्रिया इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए व्यापक, अकारण हमलों से पहले जारी थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब किसी विदेशी नेता की लक्षित हत्या पर हमारा देश संप्रभुता या अंतरराष्ट्रीय कानून की स्पष्ट रक्षा नहीं करता और निष्पक्षता त्याग दी जाती है, तो यह हमारी विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। मौन रहना तटस्थता नहीं है।’’

सोनिया गांधी ने कहा कि ईरानी नेता की हत्या बिना किसी औपचारिक युद्ध घोषणा के और चल रही राजनयिक प्रक्रिया के दौरान की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 2 (4) किसी भी राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल के प्रयोग या धमकी को प्रतिबंधित करता है। किसी सेवारत राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या इन सिद्धांतों पर सीधा प्रहार है।’’

उन्होंने तर्क दिया कि यदि ऐसे कृत्यों पर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र द्वारा सैद्धांतिक आपत्ति न जतायी जाए तो अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के क्षरण को सामान्य बनाना आसान हो जाता है।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘समय की दृष्टि से भी यह असहज करने वाला है। हत्या से मात्र 48 घंटे पहले प्रधानमंत्री इज़राइल की यात्रा से लौटे थे, जहां उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के प्रति स्पष्ट समर्थन दोहराया, जबकि गाज़ा संघर्ष में बड़ी संख्या में नागरिको, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की मौतों पर वैश्विक आक्रोश बना हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब ‘ग्लोबल साउथ’ के कई देश, साथ ही रूस और चीन जैसे भारत के ब्रिक्स साझेदार दूरी बनाए हुए हैं, भारत का उच्च स्तरीय राजनीतिक समर्थन, बिना नैतिक स्पष्टता के एक चिंताजनक बदलाव का संकेत देता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत का रुख इस त्रासदी के प्रति मौन समर्थन का संकेत दे रहा है।

उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि कांग्रेस ने ईरानी धरती पर हुए बम हमलों और लक्षित हत्याओं की स्पष्ट रूप से निंदा की है।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘हमने ईरानी जनता और विश्वभर के शिया समुदायों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और दोहराया है कि भारत की विदेश नीति विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है, जैसा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 51 में परिलक्षित है।’’

उनके मुताबिक, संप्रभु समानता, हस्तक्षेप नहीं करना और शांति को बढ़ावा देना वे सिद्धांत हैं जो ऐतिहासिक रूप से भारत की कूटनीतिक पहचान का हिस्सा रहे हैं।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘इसलिए वर्तमान सरकार की चुप्पी केवल सामरिक नहीं, बल्कि हमारे घोषित सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है। भारत के लिए यह प्रकरण विशेष रूप से चिंताजनक है।’’

सोनिया गांधी ने सवाल किया कि यदि आज ईरान के मामले में संप्रभुता की अवहेलना पर हम संकोच करते हैं, तो कल ‘ग्लोबल साउथ’ के देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भारत पर कैसे भरोसा करेंगे?

उन्होंने कहा, ‘‘इस विषय के समाधान का उपयुक्त मंच संसद है। जब कार्यवाही फिर से शुरू होगी, तो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के इस विघटन पर भारत की चुप्पी को लेकर खुली और स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या, अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का क्षरण और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता, सीधे भारत के सामरिक हितों और नैतिक प्रतिबद्धताओं से जुड़े हुए विषय हैं।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘भारत के स्पष्ट रुख की अभिव्यक्ति में अब विलंब नहीं होना चाहिए। लोकतांत्रिक जवाबदेही और रणनीतिक स्पष्टता इसकी मांग करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत लंबे समय से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श का आह्वान करता रहा है। यह केवल औपचारिक कूटनीति का नारा नहीं, बल्कि न्याय, संयम और संवाद के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत है, चाहे वह असुविधाजनक ही क्यों न हो।’’

रियाल मैड्रिड की लगातार दूसरी हार से बार्सिलोना की स्थिति मजबूत

मैड्रिड, तीन मार्च (एपी) रियाल मैड्रिड की स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में लगातार दूसरी हार के कारण बार्सिलोना ने अंक तालिका में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

गेटाफे ने सैंटियागो बर्नबेउ स्टेडियम में मार्टिन सैट्रियानो के गोल की मदद से रियाल मैड्रिड को 1-0 से हराकर चौंकाने वाली जीत हासिल की। इस हार से रियाल मैड्रिड अपने चिर प्रतिद्वंद्वी बार्सिलोना से चार अंकों के अंतर को कम करने में असफल रहा।

बार्सिलोना के अब 26 मैच में 64 अंक जबकि रियाल मैड्रिड के इतने ही मैच में 60 अंक हैं। एटलेटिको मैड्रिड और विलारियाल 26 मैच में 51 अंक लेकर क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। गेटाफे के 26 मैच में 32 अंक हैं और वह 11वें स्थान पर है।

गेटाफे को रियाल मैड्रिड के खिलाफ अपने पिछले सभी आठ लीग मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। गोलकीपर डेविड सोरिया ने शुरू में कुछ शानदार बचाव करके अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

विश्व कप फुटबॉल में ईरान की जगह ले सकता है इराक

जेनेवा, तीन मार्च (एपी) विश्व कप के सह मेजबान अमेरिका की पहल पर मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बढ़ने के कारण तीन महीने बाद होने वाली फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में ईरान का भाग लेना संदिग्ध है और ऐसी स्थिति में उसकी जगह इराक या यूएई को दी जा सकती है।

ईरान को विश्व कप के ग्रुप चरण के अपने तीनों मैच अमेरिका में खेलने हैं। उसे ग्रुप जी में रखा गया है और उसे इंग्लेवुड, कैलिफोर्निया में 15 जून को न्यूजीलैंड और 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मैच खेलने हैं। इसके बाद वह 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ पहले दौर का अपना अंतिम मैच खेलेगा।

अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए। उसने 2022 विश्व कप के मेजबान कतर और सऊदी अरब सहित अमेरिका के सहयोगियों पर मिसाइलें दागीं। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने सऊदी अरब को विश्व कप 2034 के लिए मेजबान चुना है।

एशियाई फुटबॉल महासंघ के उपाध्यक्ष और ईरान के शीर्ष फुटबॉल अधिकारी मेहदी ताज ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से इस हमले के बाद हम विश्व कप में भाग लेने को लेकर उम्मीद की दृष्टि से नहीं देख सकते।’’

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान 11 जून से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए अपनी टीम भेजेगा या नहीं या अमेरिका की सरकार उसकी टीम को अपने यहां आने से रोकेगी या नहीं। फीफा ने शनिवार से इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

एशियाई फुटबॉल की महाशक्ति ईरान ने पिछले आठ विश्व कप में से छह के लिए क्वालीफाई किया है। वह 211 टीमों की फीफा विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर है।

अगर ईरान विश्व कप से हट जाता है तो उसके फुटबॉल महासंघ को कम से कम 10.5 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा। उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

यदि ईरान विश्व कप से हटता है तो एशिया से उसके संभावित विकल्प इराक या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) हो सकते हैं।

इराक और यूएई एशियाई क्वालीफाइंग में नौवें और दसवें स्थान पर रहे थे। इराक ने प्लेऑफ में यूएई को हरा दिया था और विश्व कप में जगह बनाने के लिए उसे 31 मार्च को बोलीविया या सूरीनाम के खिलाफ मैच खेलना है। इस मैच में जीत से वह विश्व कप में जगह बना लेगा लेकिन अगर उसे हार भी मिलती है तो ईरान के हटने की स्थिति में उसे इस फुटबॉल प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिल सकता है।