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मुकेरियां में दर्दनाक सड़क हादसा: शादी में जा रही दो सहेलियों की मौत; पेट्रोल भरवाकर निकलते ही तेल टैंकर ने स्कूटी को मारी टक्कर

पंजाब डेस्क : पंजाब के होशियारपुर जिले के मुकेरियां में जालंधर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक तेल टैंकर की चपेट में आने से दो युवतियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक युवतियां आपस में सहेलियां थीं।

घटना का विवरण: यह हादसा मंगलवार दोपहर के समय आर्मी ग्राउंड के पास घटित हुआ। जानकारी के अनुसार, रागिनी (18 वर्ष) और आंचल (21 वर्ष) अपनी स्कूटी पर किसी विवाह समारोह में शामिल होने जा रही थीं। रास्ते में वे आर्मी ग्राउंड के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के लिए रुकीं। जैसे ही वे पेट्रोल भरवाकर सर्विस रोड पर चढ़ीं, उसी समय वहां से गुजर रहे एक तेज रफ्तार तेल टैंकर ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवतियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई: हादसे की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा बल और मुकेरियां थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। थाना प्रभारी दलजीत सिंह ने बताया कि तेल टैंकर को कब्जे में ले लिया गया है और आरोपी ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक युवतियां मुकेरियां के वार्ड नंबर-2, गुरुद्वारा कलगीधर कॉलोनी की निवासी थीं।

पंजाब में 90 करोड़ की हेरोइन बरामद ! सरपंच गिरफ्तार; ड्रग्स विरोधी कमेटी का अध्यक्ष ही निकला तस्कर

पंजाब डेस्क : पंजाब के तरनतारन जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ खुद सत्ताधारी पार्टी का एक सरपंच नशे की बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एक विशेष टीम ने मंगलवार तड़के खेमकरण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव कलसियां कलां में बड़ी कार्रवाई की है।

NCB की छापेमारी और बरामदगी: सूत्रों के अनुसार, एनसीबी की टीम ने मंगलवार सुबह तड़के सरपंच के घर पर दबिश दी और गहन तलाशी ली। इस दौरान टीम ने 18 किलो हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है। एनसीबी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के मौजूदा सरपंच परमजीत सिंह को हिरासत में ले लिया है और अमृतसर थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

विवाद और विडंबना: इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार सरपंच परमजीत सिंह उसी ‘विलेज डिफेंस कमेटी’ का अध्यक्ष बताया जा रहा है, जिसका गठन पंजाब सरकार द्वारा गाँवों को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से ‘नशे के विरुद्ध युद्ध’ अभियान के तहत किया गया था।

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस कार्रवाई का दावा किया है। एक तरफ जहाँ राज्य सरकार नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाने का दावा कर रही है, वहीं पार्टी से जुड़े जिम्मेदार व्यक्ति की इस संलिप्तता ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

धोनी और रोहित के एलीट क्लब में शामिल होकर अच्छा लग रहा है: सूर्यकुमार

मुंबई, 10 मार्च (भाषा) भारत को टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने के दो दिन बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि वह देश को आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ट्रॉफी दिलाने वाले कपिल देव, महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड को फाइनल में 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप जीता। यह रिकॉर्ड तीसरा अवसर है जबकि भारत ने यह खिताब अपने नाम किया। वह अपने खिताब का बचाव करने वाली पहली टीम भी बन गई है।

अहमदाबाद से लौटने के तुरंत बाद सूर्यकुमार ने कहा, ‘‘2024 और अब 2026 में ट्रॉफी जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। यह बहुत ही खास अहसास है। जब हमने 2024 में जीत हासिल की थी, तब हमने सोचा था कि 2026 में अपने घरेलू मैदान पर इसे दोहराना कितना खास होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा अगला लक्ष्य 2028 में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतना है। टीम अच्छी लय में है। अगर भारत उसी साल (2028 में) टी20 विश्व कप जीत जाता है, तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।’’

रोहित और धोनी जैसे दिग्गजों से अपनी तुलना किए जाने पर सूर्यकुमार ने कहा, ‘‘उस एलीट क्लब में शामिल होकर अच्छा लग रहा है। मैं धीरे-धीरे इसे महसूस कर रहा हूं। इतने महान खिलाड़ियों के साथ मेरा नाम आना बहुत ही खास अहसास है। मैं भविष्य में भी ऐसा करने की कोशिश करूंगा और भारत को और अधिक ट्रॉफियां दिलाने में मदद करना चाहूंगा।’’

रोहित उस समय कप्तान थे जब भारत ने जून 2024 में बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में टी20 विश्व कप और 2011 में वनडे विश्व कप जीता था।

कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने 1983 में वनडे विश्व कप जीता था, जो देश के लिए पहला बड़ा खिताब था।

फारूक अब्दुल्ला ने ईरान के उप-राजदूत से मुलाकात की, खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को यहां ईरानी उप-राजदूत मोहम्मद फथाली से मुलाकात की और ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया।

तीस मिनट की बैठक के दौरान, अब्दुल्ला ने आशा व्यक्त की कि युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा और लोगों को कष्टों से मुक्ति मिलेगी।

ईरान के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि न केवल यह क्षेत्र पीड़ित है, बल्कि पूरी दुनिया भी एक अवांछित संकट में घिरी हुई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगंतुक पुस्तिका में यह भी लिखा, ‘‘मेरी प्रार्थनाएं और एकजुटता ईरान के लोगों के साथ है।’’

उनके साथ जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा सदस्य चौधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद अहमद किचलू और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय भी थे।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को मंगलवार को ग्यारह दिन हो गए।

पश्चिम एशिया संकट से एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कमी से रेस्तरां और होटलों की चिंता बढ़ी

चेन्नई/बेंगलुरु, 10 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आई भारी कमी से तमिलनाडु और कर्नाटक का होटल और रेस्तरां उद्योग संकट में घिर गया है। यहां के कई प्रतिष्ठानों के मालिकों ने मंगलवार को बताया कि यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो वे कारोबार बंद करने को मजबूर हों जाएंगे।

तमिलनाडु के होटल व्यवसायियों के अनुसार, उनके पास मौजूदा एलपीजी सिलेंडर का उपयोग केवल एक या दो दिनों के लिए और हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि गैस की खपत कम करने के लिए कई होटलों ने अपने मेनू (खाद्य पदार्थों की सूची) में पहले ही कटौती कर दी है।

दूसरी ओर, बेंगलुरु में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ‘बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन’ के एक विज्ञप्ति के अनुसार गैस खत्म होते ही 10 मार्च से होटलों को बंद करना पड़ सकता है।

चेन्नई के एक प्रमुख रेस्टोरेंट श्रृंखला के अध्यक्ष ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “यह हमारे लिए कोविड-19 के दूसरे लॉकडाउन जैसा है। हम एलपीजी का उपयोग कम करने के लिए मेनू में कटौती कर रहे हैं। डोसा, चाय या कॉफी के लिए ‘स्टोव’ को लगातार गैस की आपूर्ति चाहिए होती है, इसलिए हमने अब सीमित संख्या में ही व्यंजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।”

‘बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन’ के मानद अध्यक्ष पी. सी. राव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “वे तब तक काम करेंगे जब तक उनके पास गैस है।”

होटल व्यवसायी चंद्रशेखर हेब्बार ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि गैस की कमी के कारण मजबूरन होटलों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”

एसोसिएशन के अनुसार, तेल कंपनियों ने 70 दिनों तक निर्बाध गैस आपूर्ति की गारंटी दी थी ऐसे में अचानक आपूर्ति का रुकना होटल उद्योग के लिए एक “बड़ा झटका” है।

सरकार ने छह मार्च को पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण संभावित व्यवधानों से बचने के लिए घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था। सात मार्च को घरेलू एलपीजी और व्यव्सायिक सिलेंडरों की कीमतों में क्रमशः 60 रुपये और 114.5 रुपये की वृद्धि की गई।

‘चिरंजीवी योजना’ में बदलाव से गरीब मरीज भटकने को मजबूर: अशोक गहलोत

जयपुर, 10 मार्च (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि उनके कार्यकाल की ‘चिरंजीवी योजना’ में किए गए बदलाव के कारण बजट की कमी और कुप्रबंधन पैदा हो गया है, जिससे गरीब मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार को चिकित्सा सुविधाओं के प्रति गंभीरता दिखाते हुए नयी बीमा योजना में अविलंब सुधार करना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

गहलोत ने जोधपुर में आयुष्मान आरोग्य योजना के कारण अस्पतालों में मरीजों को हो रही परेशानी संबंधी एक समाचार का उल्लेख करते हुए कहा, “जोधपुर के अस्पतालों की यह स्थिति चिंताजनक है। हमारी सरकार की ‘चिरंजीवी योजना’ का उद्देश्य हर राजस्थानी को इलाज की निश्चिंतता देना था, लेकिन इस योजना में किए गए बदलाव के कारण बजट की कमी और कुप्रबंधन से गरीब मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं।”

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी विधानसभा में जोधपुर के अस्पतालों की बिगड़ती स्थिति के बारे में मेरे द्वारा लिखे गए पत्र का जिक्र राजनीति के लिए करते हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान में उनकी रुचि नहीं दिखाई देती। उनकी सरकार न तो जोधपुर के नए अस्पतालों—दिगाड़ी, प्रतापनगर, चैनपुरा और मगरा पूंजला का निर्माण पूरा होने के बावजूद उन्हें शुरू करवा पा रही है और न ही पुराने अस्पतालों का रखरखाव और संचालन ठीक से कर पा रही है।”

गहलोत ने राज्य सरकार से इस मामले में गंभीरता दिखाने की मांग करते हुए कहा कि नयी बीमा योजना में जल्द सुधार किए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

राहुल गांधी हरियाणा के सोनीपत में किसान की बेटी के विवाह समारोह में शामिल हुए

चंडीगढ़, 10 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को हरियाणा के सोनीपत जिले के मदीना गांव में एक किसान की बेटी के विवाह समारोह में शामिल हुए।

कांग्रेस के अनुसार, गांधी की मुलाकात किसान संजय से पहली बार 2023 में मदीना गांव में अचानक की गई यात्रा के दौरान हुई थी और उन्होंने उनके साथ खेतों में काम करते हुए किसान परिवारों के समक्ष आने वाली कठिनाइयों के बारे में जाना था।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सुबह गांव पहुंचे, जहां कांग्रेस के रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी के अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।

सफेद टी-शर्ट और हरी पतलून पहने गांधी ने पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से बातचीत की। परिवार ने सम्मान स्वरूप उन्हें पगड़ी बांधी।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘विपक्ष के नेता राहुल गांधी सोनीपत में किसान संजय मलिक की बेटी के विवाह समारोह में शामिल हुए।’’

पार्टी ने पोस्ट में कहा, ‘‘जननायक राहुल गांधी पहली बार संजय जी से 2023 में मिले थे। उन्होंने उनके साथ खेतों में काम किया और किसान परिवारों के संघर्षों की कहानियां सुनीं।’’ इस पोस्ट के साथ गांधी की यात्रा की तस्वीरें भी साझा की गई हैं।

पोस्ट में लिखा है, गांधी ने संजय मलिक और उनके परिवार के सुख-दुख में साथ देने का वादा किया था। आज, ‘जननायक’ उनके परिवार की खुशियों का हिस्सा बने हैं।

इस बीच, विवाह समारोह में गांधी के साथ रहे कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जिस दौर में बड़े नेताओं में धनाढ्य पूंजीपतियों की शादियों में पहुंचने की होड़ लगी होती है, उसी दौर में राहुल गांधी ने आज उस संजय किसान की बेटी की शादी में पहुंच कर अपना कन्यादान का वचन निभाया जिसके खेत में दो वर्ष पूर्व धान बुआई का कार्य किया था।’’

गौरतलब है कि जुलाई 2023 में गांधी ने अचानक मदीना गांव का दौरा किया था और लोगों से बातचीत की तथा खेतों में काम कर रहे किसानों के साथ समय बिताया। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने धान की बुआई में हिस्सा लिया, ट्रैक्टर चलाया और खेतों में काम कर रही महिला मजदूरों द्वारा लाया गया भोजन किया था।

नार्वेकर ने विस में महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान अनुपस्थित रहने पर वरिष्ठ नौकरशाहों को चेतावनी दी

मुंबई, 10 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मंगलवार को वरिष्ठ नौकरशाहों को चेतावनी दी कि वे सदन की महत्वपूर्ण चर्चाओं, विशेषकर राज्य के बजट पर होने वाली चर्चा के दौरान अनुपस्थित न रहें। उन्होंने इसे नौकरशाही के लिए “अंतिम मौका” बताया।

बजट पर चर्चा से पहले सदन को संबोधित करते हुए नार्वेकर ने कहा कि चर्चा के दौरान मंत्रियों को तत्काल प्रशासनिक जानकारी देने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का सदन में उपस्थित होना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य बजट पर चर्चा एक गंभीर विषय है और इसे उचित महत्व देना सरकार और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।’’

अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने पहले ही राज्य के नौकरशाहों को पत्र लिखकर विधानसभा में महत्वपूर्ण बहसों के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि नौकरशाह इस चेतावनी को ‘‘अंतिम अवसर’’ समझें।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर भविष्य में अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी ऐसी महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान सभाघर में उपस्थित नहीं होते हैं, तो सदन को उचित कार्रवाई करनी पड़ेगी।’’

नार्वेकर ने कहा कि सदन का सुचारू संचालन निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासन दोनों के सहयोग पर निर्भर करता है और सदस्यों से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि चर्चाएं निर्धारित समय के भीतर संपन्न हों, ताकि विधानसभा की कार्यवाही कुशलतापूर्वक संचालित हो सके।

पंजाब विधानसभा में भारी हंगामा: प्रताप बाजवा की शब्दावली और सुखपाल की ‘विवादित पोस्ट’ पर AAP का तीखा हमला

चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

प्रताप सिंह बाजवा से माफी की मांग: सदन की कार्यवाही के दौरान मेडिकल कॉलेजों के निर्माण को लेकर बहस इतनी बढ़ गई कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर ‘गाली-गलौज वाली भाषा’ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। चीमा ने कहा कि बाजवा ने सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाई है और उन्हें इसके लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

सुखपाल खैरा की पोस्ट पर बवाल: हंगामे का दूसरा बड़ा कारण कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा की एक सोशल मीडिया पोस्ट बनी। इस पोस्ट में खैरा ने सरकार की 1000 रुपये वाली महिला सम्मान योजना पर कटाक्ष करते हुए लिखा था कि ‘1000 रुपये के लिए गिद्दा डालने वाली महिलाएं सूरमे (योद्धा) कैसे पैदा करेंगी?’। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस को महिलाओं और विशेषकर दलित महिलाओं के अपमान का अधिकार है।

महिला विधायकों का विरोध: ‘आप’ की महिला विधायक इंद्रजीत कौर मान ने खैरा के बयान को ‘घिनौनी सोच’ करार देते हुए कहा कि वे इस मामले को राज्य स्तर पर उठाएंगे और महिला आयोग में इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक खैरा माफी नहीं मांगते, वे इस मुद्दे को शांत नहीं होने देंगे।

योजना का अपडेट: इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ किया है कि ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ (जिसके तहत महिलाओं को 1000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये मिलेंगे) की पंजीकरण प्रक्रिया 13 अप्रैल (बैसाखी) से शुरू होगी।

वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने समिति बनाई

 नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की अचानक किल्लत होने से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है।

मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि रेस्तरां, होटलों और अन्य उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति से संबंधित मांगों की समीक्षा के लिए तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति शृंखला पर बड़ा असर पड़ा है। ऐसे हालात में सरकार ने घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है, जिससे बाजार मूल्य वाले वाणिज्यिक एलपीजी का उपयोग करने वाले होटल एवं रेस्तरां को आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ रहा है।

भारत में सालाना करीब 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू रसोई गैस का है जबकि बाकी का उपयोग होटल, रेस्तरां और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में होता है।

देश की कुल एलपीजी जरूरत का करीब 62 प्रतिशत आयात से पूरा होता है। ईरान पर अमेरिका एवं इजराइल के संयुक्त हमले और फिर ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल एवं गैस आयात प्रभावित हुआ है। इसी मार्ग से भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से एलपीजी आयात का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।

सरकार इस समय वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत की तलाश कर रही है, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण घरेलू क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वाणिज्यिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो रहे हैं।

उद्योग सूत्रों के अनुसार इस आपूर्ति बाधा का असर मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में दिखने लगा है, जहां होटल और रेस्तरां को रसोई गैस उपलब्ध कराने में मुश्किल हो रही है।

इंडिया होटल्स एंड रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा कि गैस की किल्लत तेजी से बढ़ रही है और यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो यह पूरे क्षेत्र के संचालन को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हाल के दिनों में पेट्रोलियम रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन घटाकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रालय ने कहा, “मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं। साथ ही एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतराल भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।”

मंत्रालय ने कहा कि आयातित एलपीजी से गैर-घरेलू क्षेत्र में भी अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।