पंजाब विधानसभा में भारी हंगामा: प्रताप बाजवा की शब्दावली और सुखपाल की ‘विवादित पोस्ट’ पर AAP का तीखा हमला
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
प्रताप सिंह बाजवा से माफी की मांग: सदन की कार्यवाही के दौरान मेडिकल कॉलेजों के निर्माण को लेकर बहस इतनी बढ़ गई कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर ‘गाली-गलौज वाली भाषा’ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। चीमा ने कहा कि बाजवा ने सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाई है और उन्हें इसके लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
सुखपाल खैरा की पोस्ट पर बवाल: हंगामे का दूसरा बड़ा कारण कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा की एक सोशल मीडिया पोस्ट बनी। इस पोस्ट में खैरा ने सरकार की 1000 रुपये वाली महिला सम्मान योजना पर कटाक्ष करते हुए लिखा था कि ‘1000 रुपये के लिए गिद्दा डालने वाली महिलाएं सूरमे (योद्धा) कैसे पैदा करेंगी?’। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस को महिलाओं और विशेषकर दलित महिलाओं के अपमान का अधिकार है।
महिला विधायकों का विरोध: ‘आप’ की महिला विधायक इंद्रजीत कौर मान ने खैरा के बयान को ‘घिनौनी सोच’ करार देते हुए कहा कि वे इस मामले को राज्य स्तर पर उठाएंगे और महिला आयोग में इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक खैरा माफी नहीं मांगते, वे इस मुद्दे को शांत नहीं होने देंगे।
योजना का अपडेट: इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ किया है कि ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ (जिसके तहत महिलाओं को 1000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये मिलेंगे) की पंजीकरण प्रक्रिया 13 अप्रैल (बैसाखी) से शुरू होगी।

