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Uttarakhand : QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी परीक्षा केंद्रों की लोकेशन, UKPSC ने तैयार किया सिस्टम

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं को अब दर-दर भटककर परीक्षा केंद्र तलाशने की जरूरत नहीं होगी। एडमिट कार्ड पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उन्हें परीक्षा केंद्र की लोकेशन मिल जाएगी। वहीं, दोनों आयोग के लिए परीक्षा केंद्र का चयन करना चुटकियों का काम होगा। इसके लिए राज्य लोक सेवा आयोग ने परीक्षा केंद्र प्रबंधन सिस्टम तैयार किया है।

आयोग ने जो सिस्टम तैयार किया है, उसमें परीक्षा केंद्रों का एक बार पोर्टल पर पंजीकरण होगा। प्रत्येक परीक्षा के लिए दोनों आयोग को बार-बार पंजीकरण करने की जरूरत नहीं होगी। इन केंद्रों का वर्गीकरण बैठक क्षमता, तकनीकी सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों के आधार पर किया जाएगा। इससे दोनों आयोग परीक्षा की आवश्यकता व संवेदनशीलता के हिसाब से परीक्षा केंद्रों का चयन कर सकेंगे।

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किस जिले में कितने परीक्षा केंद्र पंजीकृत

आयोग के परीक्षा केंद्र प्रबंधन सिस्टम के तहत प्रदेशभर से 200 परीक्षा केंद्र अब तक पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें अल्मोड़ा के दो, बागेश्वर के नौ, चमोली के 24, चंपावत के 33, देहरादून के 31, हरिद्वार के आठ, नैनीताल के 17, पौड़ी के 21, पिथौरागढ़ के छह, रुद्रप्रयाग के 13, टिहरी का एक, ऊधमसिंह नगर के 19 और उत्तरकाशी के 16 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। अभी और केंद्र इसमें पंजीकृत होने बाकी हैं।

इस डिजिटल प्रणाली से कागजी कार्रवाई में कमी आएगी। परीक्षा केंद्रों के साथ समन्वय बेहतर होगा। परीक्षा संचालन अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी होगा। परीक्षा केंद्रों के चयन में आयोग की ऊर्जा बचेगी। -अशोक कुमार पांडेय, सचिव, राज्य लोक सेवा आयोग

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के लिए राष्ट्रीय क्‍विज का शुभारंभ

नई दिल्ली/सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) 2026 के लिए मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्‍यम से राष्ट्रीय क्विज का शुभारंभ किया है। यह प्रश्नोत्तरी जून 2026 में आयोजित होने वाले सीमावर्ती गांवों के लिए सहभागिता कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी के लिए चयन का पहला चरण है।

युवाओं के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय पहल विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 का उद्देश्य लेह-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीमावर्ती गांवों के विकास के प्रति जागरुकता बढाना और जमीनी स्तर की भागीदारी, सामुदायिक जुड़ाव तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है।

10 से 20 मई 2026 तक आयोजित इस ऑनलाइन क्विज में देशभर के युवा भाग ले सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दृष्टिकोण और उद्देश्यों के बारे में जागरुक करना है, साथ ही राष्ट्र निर्माण और सीमावर्ती समुदायों के विकास में युवाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

यह क्विज प्रतिभागियों के लिए सीमावर्ती गांवों के परिवर्तन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण के प्रति जागरुकता, शासन संबंधी पहलों, सामुदायिक भागीदारी और सीमावर्ती क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों के बारे में जानने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी।

क्विज़ में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों की पात्रता और फिटनेस का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 500 मेरा युवा भारत स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा, जो जून 2026 में आयोजित होने वाले साप्‍‍ताहिक विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में भाग लेंगे।

चयनित स्वयंसेवक सीमावर्ती गांवों में जमीनी स्तर के कार्यों और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान, युवा संवाद कार्यक्रम, पर्यावरण संबंधी पहल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियां, जागरुकता अभियान, करियर परामर्श सत्र और जमीनी स्तर के विकास और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर शामिल होंगे।

यह पहल युवाओं को विकसित भारत @2047 में सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में सशक्त बनाने और जीवंत सीमावर्ती समुदायों के महत्व के बारे में जागरुकता बढाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इच्छुक युवा मेरा युवा भारत पोर्टल के माध्यम से इस क्विज में भाग ले सकते हैं।