सामान्य इंजीनियरिंग उत्पादों एवं फास्टनर्स पर विशेष ध्यान के साथ संवाद” विषय पर MSME मीट का आयोजन
रोहतक / सत्ता संदेश
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा “सामान्य इंजीनियरिंग उत्पादों एवं फास्टनर्स पर विशेष ध्यान के साथ संवाद” विषय पर एक एमएसएमई मीट का आयोजन एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, रोहतक में किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई, विनिर्माताओं, उद्योग संघों एवं अन्य हितधारकों के बीच भारतीय मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs), उत्पाद प्रमाणन तथा मानकीकरण गतिविधियों में सहभागिता के अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
इस कार्यक्रम में 62 हितधारकों ने भाग लिया, जिनमें एमएसएमई प्रतिनिधि, विनिर्माण इकाइयाँ, उद्योग संघ एवं अन्य संबंधित संगठन शामिल थे। इस इंटरैक्टिव सत्र में प्रतिभागियों को BIS अधिकारियों से सीधे संवाद करने, मानकों एवं प्रमाणन प्रक्रियाओं पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा गुणवत्ता अनुपालन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री चंदन कुमार, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक, BIS हरियाणा शाखा कार्यालय के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने गुणवत्ता एवं मानकीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात श्री मोनार्क जोशी, वैज्ञानिक-सी/उप निदेशक, उत्पादन एवं सामान्य इंजीनियरिंग विभाग (PGD), BIS द्वारा तकनीकी सत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें सामान्य इंजीनियरिंग उत्पादों, विशेषकर फास्टनर्स के लिए मानकीकरण ढांचे, संबंधित भारतीय मानकों तथा गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों की जानकारी दी गई। उन्होंने वापस लिए गए QCOs की नियामकीय स्थिति को भी स्पष्ट किया।
इसके बाद श्री सौरभ चंद्र, वैज्ञानिक-सी/उप निदेशक, BIS हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा BIS उत्पाद प्रमाणन योजना, प्रमाणन प्रक्रिया, मानक ऑनलाइन पोर्टल एवं हालिया सुधारों पर प्रस्तुति दी गई। इस सत्र में एमएसएमई एवं महिला उद्यमियों हेतु उपलब्ध छूट, प्रयोगशाला रियायतें, गुणवत्ता आश्वासन योजना तथा शुल्क लाभों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को BIS मानक पोर्टल तथा तकनीकी समितियों में शामिल होने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, रोहतक की ओर से सुश्री रचना त्रिपाठी, सहायक निदेशक ने केंद्र सरकार की एमएसएमई योजनाओं पर प्रस्तुति दी।
इंटरैक्टिव सत्र के दौरान हितधारकों ने QCO कार्यान्वयन, प्रमाणन एवं अनुपालन से संबंधित मुद्दे उठाए, जिनका BIS अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक एवं उपयोगी चर्चाओं के साथ हुआ, जिससे उद्योग एवं BIS के बीच सहयोग को मजबूती मिली तथा गुणवत्ता एवं मानकीकरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिला।

