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*पंजाब के मुख्य सचिव ने मिसाल कायम करके नागरिकों से जनगणना 2027 के स्व-गणना अभियान में शामिल होने का आग्रह किया*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 1 मई 2026: पंजाब के मुख्य सचिव, श्री के ए पी सिन्हा आईएएस, ने अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी की।

इस प्रक्रिया को श्री मंजीत सिंह ब्रार, प्रशासनिक सचिव, स्थानीय शासन विभाग, और डॉ. नवजोत खोसा, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, पंजाब एवं चंडीगढ़, द्वारा सुगम बनाया गया।

उन्होंने राज्य के सभी निवासियों से राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की, इसे एक नागरिक जिम्मेदारी बताते हुए, जो सार्वजनिक आवश्यकताओं का आकलन करने, संसाधनों के न्यायसंगत आवंटन को सुनिश्चित करने, और सुशासन को मजबूत करने में मदद करती है। उन्होंने आगे आग्रह किया कि हर परिवार की गणना हो, हर किसी से पहुंच बनाई जाए और कोई भी पीछे न छूटे।

मुख्य सचिव ने कहा कि सक्रिय जनभागीदारी एक अधिक मजबूत, अधिक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में मदद करेगी। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि विश्वसनीय जनगणना डेटा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, कल्याणकारी योजनाओं, और विकास नीतियों की योजना का आधार बनता है, जिससे स्व-गणना विकसित भारत के विज़न को साकार करने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन जाती है।

स्व-गणना, जनगणना 2027 की एक प्रमुख विशेषता है और इसे पंजाब राज्य में 30 अप्रैल, 2026 से 14 मई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यह व्यक्तियों को अपने घरों में आराम से ऑनलाइन अपने जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विवरण सुविधापूर्वक प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है। इसके महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय और समावेशी जनगणना के संचालन के लिए स्व-गणना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह नागरिकों को अपने परिवार, समुदाय, और क्षेत्र के सटीक प्रतिनिधित्व के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में सीधे योगदान देने का अवसर देती है। यह पहल भौतिक संपर्क की आवश्यकता को उल्लेखनीय रूप से कम करती है, जबकि डेटा संग्रह की दक्षता, कवरेज, और विश्वसनीयता को बढ़ाती है। इसके बाद 15 मई, 2026 से 13 जून, 2026 तक गृह सूचीकरण चरण आयोजित किया जाएगा।

सभी निवासियों से आग्रह किया जाता है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं और जनगणना 2027 की सफलता में पूरे मन से योगदान दें। उनकी सक्रिय भागीदारी एक व्यापक और विश्वसनीय राष्ट्रीय डेटाबेस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो सूचित निर्णय-निर्माण और भविष्य की योजना के लिए आवश्यक है।

*यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव ने ऑनलाइन स्व-गणना कर डिजिटल जनगणना को बढ़ावा दिया।जनगणना 2027 में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान।*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 16 अप्रैल। जनगणना 2027 में डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव H. Rajesh Prasad ने आज ऑनलाइन जनगणना पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक अपना स्व-गणना (Self-Enumeration) पूर्ण किया।
स्व-गणना की प्रक्रिया को Navjot Khosa, निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़ तथा Nishant Kumar Yadav, उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ द्वारा सुगम बनाया गया।
यह पहल यूटी प्रशासन की तकनीक के माध्यम से कुशल, पारदर्शी एवं नागरिक-अनुकूल जनगणना संचालन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्य सचिव द्वारा स्व-गणना कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, जिससे सभी नागरिकों को इस सरल एवं सुरक्षित डिजिटल प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन अपने विवरण भर सकते हैं, जिससे सटीकता सुनिश्चित होती है और आमजन तथा गणनाकर्ताओं दोनों का समय बचता है।
इस प्रक्रिया के दौरान मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ ने प्रभावी योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण के लिए सटीक आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से सहयोग करने तथा इस सरल, सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल स्व-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
जनगणना संचालन निदेशालय, यूटी चंडीगढ़, उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी, यूटी चंडीगढ़ तथा चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा स्व-गणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें नागरिकों की सहायता के लिए समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) भी शामिल है, जहां वे अपनी शंकाओं या तकनीकी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे आधिकारिक जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in⁠�) पर जाकर निर्धारित समयावधि के भीतर अपनी स्व-गणना पूर्ण करें। एकत्रित की गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए, जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा।
मुख्य सचिव द्वारा सफलतापूर्वक की गई स्व-गणना जनगणना 2027 के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे इस राष्ट्रीय अभियान में व्यापक जनभागीदारी को प्रेरणा मिलने की अपेक्षा है।