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PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…1-05-2026

पंजाब डेस्क: आज पंजाब की राजनीति में भारी हलचल रही जहाँ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया, वहीं विपक्ष के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी चर्चा में रही,। आर्थिक मोर्चे पर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹1000 तक की भारी वृद्धि ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। अपराध जगत में गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के करीबी की हत्या और धार्मिक मोर्चे पर बेअदबी के नए कानून के तहत पहली FIR दर्ज होना बड़ी घटनाएं रहीं। इसके अलावा रेलवे, जनगणना और बॉलीवुड अभिनेत्री पलक तिवारी की अमृतसर यात्रा भी सुर्खियों में रही।

  1. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेश किया विश्वास मत: आम आदमी पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद मची राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सीएम भगवंत मान ने विधानसभा में विश्वास मत पेश किया। उन्होंने कहा कि नेगेटिव खबरों और अफवाहों के बाजार को खत्म करना जरूरी है। सदन में मौजूद 88 विधायकों ने सर्वसम्मति से सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के विधायक इस दौरान अनुपस्थित रहे।
  2. विधानसभा में सीएम और कांग्रेस विधायक के बीच तीखी बहस : मजदूर दिवस पर बुलाए गए सत्र में भारी हंगामा हुआ। सीएम मान और कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। सीएम ने आरोप लगाया कि खैहरा उनकी बेटी के बारे में अभद्र टिप्पणी करते हैं। सदन में खैहरा के बैठने के तरीके (पैर पर पैर रखकर) को लेकर भी विवाद हुआ। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की कि विधानसभा का दरवाजा बंद कर सभी का एल्कोमीटर से टेस्ट कराया जाए।
  3. कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹1000 तक महंगा: महंगाई का बड़ा झटका देते हुए तेल कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। इंडेन का 19 किलो वाला सिलेंडर ₹993 महंगा हो गया है, वहीं चंडीगढ़ और लुधियाना में इसकी कीमत अब ₹3092 तक पहुंच गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और शादियों में खाने-पीने का खर्च बढ़ना तय है।
  4. गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के राइट हैंड गोपी : जैरामपुर की हत्या कपूरथला में शुक्रवार तड़के कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के करीबी गोपी जैरामपुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी लाश कार की ड्राइविंग सीट पर मिली। गोपी सुक्खा काहलवां मर्डर केस का आखरी गवाह था जो अपनी गवाही पर कायम था। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए हमलावरों की तलाश कर रही है।
  5. चंडीगढ़ से राजपुरा का रेल सफर अब मात्र 30 मिनट में : केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ से राजपुरा के बीच बनने वाले 18.11 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक के लिए भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है,। इस प्रोजेक्ट के लिए ₹443.29 करोड़ का बजट पास हुआ है। नया ट्रैक बनने से राजपुरा और चंडीगढ़ के बीच का सफर डेढ़ घंटे से घटकर केवल 30 मिनट रह जाएगा।
  6. नए बेअदबी कानून के तहत पंजाब में पहली FIR: मुक्तसर जिले के मलोट में गुटका साहिब की बेअदबी का मामला सामने आने के बाद पंजाब के नए सख्त कानून के तहत पहली FIR दर्ज की गई है,। वार्ड नंबर 10 में गुटका साहिब के फटे हुए अंग मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए हैं। सिख संगत ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
  7. पंजाब में जनगणना (स्वगणना) की प्रक्रिया शुरू : पंजाब के 23 जिलों में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। 14 मई तक लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं (स्वगणना)। जो लोग ऑनलाइन डेटा नहीं भरेंगे, उनके घर सरकारी कर्मचारी जाकर 33 सवालों के आधार पर जानकारी जुटाएंगे।
  8. अभिनेत्री पलक तिवारी पहुंचीं गोल्डन टेंपल : बॉलीवुड अभिनेत्री पलक तिवारी ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (दरबार साहिब) में माथा टेका। नीले रंग के सूट में पहुंचीं पलक ने परिक्रमा में बैठकर गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया। उन्होंने अपनी यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, हालांकि उन्होंने मीडिया से कोई औपचारिक बातचीत नहीं की।
  9. अमेरिका में लुधियाना के युवक की मौत : लुधियाना के खन्ना निवासी 29 वर्षीय महक सिंह की अमेरिका के इंडियाना में अचानक मौत हो गई,। वह एक साल पहले ही विदेश गया था और वहां एक स्टोर में काम कर रहा था। परिवार के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।
  10. CISF के जांबाज डॉग ‘मैक्स’ की विदाई : अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात CISF के डॉग स्क्वॉयड का सदस्य ‘मैक्स’ रिटायर हो गया है। बीमारी के चलते उसे 5 साल की सेवा के बाद ही रिटायर करना पड़ा। विदाई के मौके पर जवानों ने उसे सम्मानपूर्वक सलामी दी और पार्टी का आयोजन किया।
पंजाब में भगवंत मान सरकार ने पास किया फ्लोर टेस्ट: 88 विधायकों का मिला समर्थन, डोप टेस्ट की मांग पर सदन में भारी हंगामा

चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में मचे घमासान के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। सरकार द्वारा लाए गए विश्वास प्रस्ताव (फ्लोर टेस्ट) के दौरान आप के 94 में से 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया।

फ्लोर टेस्ट का गणित और अनुपस्थिति: सदन की कार्यवाही के दौरान बहुमत साबित करने के लिए हुए मतदान में 88 विधायकों ने हिस्सा लिया, जबकि पार्टी के 4 विधायक अनुपस्थित रहे। इसके अलावा, पार्टी के दो विधायक, लालजीत सिंह भुल्लर और हरमीत सिंह पठानमाजरा, जेल में बंद होने के कारण इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि वह इस फ्लोर टेस्ट की कॉपी राष्ट्रपति के पास लेकर जाएंगे।

डोप टेस्ट’ की मांग पर मचा बवाल : सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर को एक पत्र सौंपकर मांग की कि मुख्यमंत्री और सभी विधायकों का ‘डोप टेस्ट’ कराया जाना चाहिए। हालांकि, विधानसभा स्पीकर ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।

सदन में तीखी बहस और कांग्रेस का वॉकआउट : फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन का माहौल तब और गरमा गया जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस विधायकों पर सदन में मोबाइल इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इसके बाद कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के बैठने के तरीके को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बहस के दौरान खैहरा ने मुख्यमंत्री पर कुछ आपत्तिजनक आरोप लगाए, जिसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

फ्लोर टेस्ट की नौबत क्यों आई? पंजाब में AAP सरकार के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद इस फ्लोर टेस्ट को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:सांसदों का पाला बदलना: पंजाब से AAP के 7 राज्यसभा सांसदों में से 6 सांसद (राघव चड्ढा, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह और राजिंदर गुप्ता) पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इससे पार्टी में विधायकों के टूटने का डर बढ़ गया था।

विधायकों की कम उपस्थिति: हाल ही में जालंधर में मनीष सिसोदिया द्वारा बुलाई गई विधायकों की बैठक में 94 में से केवल 65 विधायक ही पहुंचे थे, जिसने पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए थे।

2027 चुनाव की तैयारी: पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। विपक्षी दल पहले से ही दावा कर रहे हैं कि AAP के कई विधायक पाला बदल सकते हैं। ऐसे में सरकार ने विश्वासमत लाकर विरोधियों को कड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

Operation WHITE STRIKE: NCB की बड़ी कार्रवाई, 349 किलो कोकीन जब्त; 1,745 करोड़ का ड्रग सिंडिकेट बेनकाब

दिल्ली/सत्ता संदेश

संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक के तहत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और मुंबई एवं आसपास के लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर से लगभग 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है। इस कोकीन की अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1,745 करोड़ है।

यह हाई इम्पेक्ट ऑपरेशन छह महीने से अधिक समय तक NCB द्वारा निरंतर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और निगरानी का परिणाम था।

विश्वसनीय सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए NCB की कई टीमों ने कलंबोली-भिवंडी कॉरिडोर (नवी मुंबई – ठाणे क्षेत्र) में समन्वित छापेमारी की और गोदामों की अवसंरचना तथा छिपे हुए परिवहन तंत्र का उपयोग करने वाले एक अत्यधिक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस सफलता के लिए NCB को बधाई देते हुए कहा, “हम नशीले पदार्थों के कार्टेल को बेरहमी से कुचलने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मुंबई में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के रिंग पर सख्त कार्रवाई करते हुए 349 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की है, जिसकी कीमत 1,745 करोड़ है। यह bottom to top अप्रोच का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें एजेंसी ने एक छोटी खेप को ट्रेस करते हुए एक विशाल नेटवर्क को पकड़ा। टीम NCB को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई।”

दो-चरणों के ऑपरेशन में प्रमुख जब्तियाँ

पहली छापेमारी के दौरान, NCB के अधिकारियों ने नवी मुंबई के कलंबोली स्थित KWC वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर KWC के पास मारुति सुजुकी सुपर कैरी वाहन को रोका। वाहन की तलाशी में 136 पैकेट कोकीन बरामद की गई, जिनमें से प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग 1 किलोग्राम था। ये पैकेट कार्टनों में छिपाए गए थे, जिनमें कोकीन को क्रिकेट पैड्स और ग्लव्स के अंदर छुपाकर रखा गया था। एक आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

लगातार पूछताछ और त्वरित फॉलो-अप कार्रवाई के दौरान आरोपी ने भिवंडी में छिपाई गई एक और बड़ी खेप के बारे में जानकारी दी, जो एक प्रमुख वेयरहाउसिंग हब है। NCB की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भिवंडी (जिला ठाणे) के रेहनल गाँव स्थित लक्ष्मण कंपाउंड, रेहनल बस स्टैंड के पास वाले एक गोदाम में दूसरा ऑपरेशन किया। इस छापेमारी में अतिरिक्त 213 पैकेट (प्रत्येक 1 किलोग्राम) कोकीन बरामद की गई।

सफाई से छुपाने के तौर-तरीकों का खुलासा

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस प्रतिबंधित पदार्थ को भारत में आयात की गई एक मशीन की अंदरूनी cavity (खोखले हिस्से) में छिपाकर लाया गया था। प्रत्येक पैकेट को 9 परतों वाली अलग-अलग प्रकार की पॉलीथीन में पैक किया गया था, जिसमें एक परत ब्लैक ग्रीसी पदार्थ की भी थी। भिवंडी के वेयरहाउसिंग इकोसिस्टम का उपयोग दर्शाता है कि यह एक सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स चेन थी, जिसमें मशीनरी के साथ कोकीन छिपाकर आयात करना, वेयरहाउस में कोकीन पैकेट्स का भंडारण और निकासी तथा नशीले पदार्थों की डाउनस्ट्रीम सप्लाई शामिल थी।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी

किंगपिन, हैंडलर्स, फाइनेंसर और जिन तक ये खेप पहुँचने वाली थी, उन्हें गिरफ्तार करने के लिए गहन जांच चल रही है। यह जब्ती इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में औसतन हर साल केवल 200-300 किलोग्राम कोकीन ही जब्त की जाती है।

अकाली दल “वारिस पंजाब दे” द्वारा विशाल मोटरसाइकिल रोष मार्च 3 मई को: बल्ल हम्बड़ां और लवली

लुधियाना/ सत्ता संदेश

लाडोवाल पुल से शुरू होकर विभिन्न गांवों से होते हुए मुल्लापुर गांव में समाप्त होगा मोटरसाइकिल रोष मार्च

लुधियाना: सांसद भाई अमृतपाल सिंह से एनएसए हटाए जाने के बावजूद उन्हें अभी भी डिब्रूगढ़ जेल में बंद रखे जाने के खिलाफ रोष जताते हुए, अकाली दल “वारिस पंजाब दे” की ओर से 3 मई (दिन रविवार) को एक विशाल मोटरसाइकिल रोष मार्च का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे।

रोष मार्च के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, वरिष्ठ पार्टी नेता मलकीत सिंह बल्ल हम्बड़ां और राजीव कुमार लवली ने बताया कि भाई अमृतपाल सिंह पर से एनएसए हटाए जाने के बावजूद भी उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में बंद रखे जाने के खिलाफ लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर सुबह 9 बजे लाडोवाल पुल से मुल्लापुर गांव तक एक विशाल मोटरसाइकिल रोष मार्च निकाला जाएगा, जो विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगा। इस दौरान वे भाई अमृतपाल सिंह को पंजाब वापस लाने की मांग भी करेंगे।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग भाई अमृतपाल सिंह को पंजाब का आने वाला मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा का नाईपर, मोहाली में दौरा

मोहाली / सत्ता संदेश

श्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ने शुक्रवार, 01 मई 2026 को राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईप), मोहाली का दौरा किया।

माननीय मंत्री नाईपर कन्वेंशन सेंटर पहुंचे जहां उनके साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग (DoP), भारत सरकार से सचिव श्री मनोज जोशी, अवर सचिव सुश्री गीता अशोक एवं उप सचिव डॉ. किन्नी सिंह भी उपस्थित रहे।

इसके बाद बोर्ड रूम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नाईपर, मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने संस्थान की दृष्टि, प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) तथा स्ट्रेटेजिक रोडमैप प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में उत्कृष्टता केंद्रों जैसे COE-AVAB एवं COE-बायोफार्मास्यूटिकल्स, संस्थान के नवाचार तंत्र तथा लाइसेंसिंग अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला गया।

प्रो. पांडा ने बताया कि नाईपर, मोहाली शोध उत्कृष्टता के लिए समर्पित है, जिसने उत्कृष्ट एलुमनाई   तैयार किए हैं और नाईपर, मोहाली राष्ट्रीय विकास में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान भारत सरकार के बायोफार्मा शक्ति मिशन को सुदृढ़ करने के लिए सेल एवं जीन थेरेपी, बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स, चिकित्सा उपकरण, एआई आधारित फार्माकोइन्फॉर्मेटिक्स तथा उन्नत औषधि वितरण प्रणालियों के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इस दिशा में संस्थान ने बायोफार्मास्यूटिकल्स और रेगुलेटरी अफेयर्स में दो नए स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी प्रारंभ किए हैं।

सचिव श्री मनोज जोशी ने संकाय एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उद्योग सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया तथा एक्सटर्नल फंडिंग प्राप्त करने वाले संकाय के लिए प्रोत्साहन एवं उद्योग-प्रायोजित अनुसंधान बढ़ाने की बात कही। उन्होंने “पेपर पेटेंट” से आगे बढ़कर वास्तविक अनुप्रयोग एवं कमर्शियलाइजेशन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अपने संबोधन में माननीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने भारत को बायोफार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, विशेष रूप से एपीआई, प्रमुख प्रारंभिक सामग्री, सिंथेसिस इंटरमीडिएट्स एवं बायोलॉजिक्स में। उन्होंने नाईपर, मोहाली में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर  को सुदृढ़ करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा संस्थान द्वारा उद्योग जगत के लिए तैयार पेशेवरों की सराहना की। अंत में उन्होंने नवाचार  एवं इनोवेशन  को गति देने के लिए निरंतर वित्तीय सहायता एवं नीतिगत सुधारों का आश्वासन दिया।

इसके उपरांत, दोपहर कन्वेंशन सेंटर के फोयर में एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जहां माननीय मंत्री जी ने ट्रांसलेशनल रिसर्च के परिणामों को दर्शाते पोस्टर एवं प्रोटोटाइप का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में नाईपर द्वारा किए जा रहे उद्योग सहयोग, पेटेंट तथा क्लिनिकल ट्रायल से संबंधित पहलु प्रदर्शित किये गए ।

माननीय मंत्री ने नाईपर, मोहाली के औषधीय रसीले पौधों (Medicinal Succulents) गार्डन का उद्घाटन भी किया तथा इसके पश्चात संस्थान की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का दौरा किया, जहां उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं से संवाद भी किया।

यह दौरा भारत सरकार की औषधि शिक्षा को सुदृढ़ करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा बायोफार्मास्यूटिकल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पेक ने ‘अचीवर्स अवॉर्ड फंक्शन 2026’ में छात्र उत्कृष्टता का किया सम्मान

चंडीगढ़/ /सत्ता संदेश

चंडीगढ़ : 30 अप्रैल, 2026:पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के डीन स्टूडेंट अफेयर्स (डीेएसए) कार्यालय द्वारा ‘अचीवर्स अवॉर्ड फंक्शन 2026’ का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित समारोह का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों—शैक्षणिक, खेल, तकनीकी गतिविधियों, एनसीसी एवं सांस्कृतिक आयोजनों—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करना था।

इस समारोह में पेक के माननीय निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ डॉ. डी.आर. प्रजापति, डीन स्टूडेंट अफेयर्स; डॉ. शोभना धीमन (एडीएसए, हॉस्टल्स); एवं डॉ. एम.पी. गर्ग भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की।

डीन स्टूडेंट अफेयर्स डॉ. डी.आर. प्रजापति ने कहा कि ये पुरस्कार केवल सफलता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि छात्रों की मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में पीईसी के छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की।

पेक के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उत्साह और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां न केवल आपकी प्रतिभा को दर्शाती हैं, बल्कि टीमवर्क, समर्पण और ईमानदारी जैसे मूल्यों को भी प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने छात्रों को हमेशा उच्च नैतिक मानकों को बनाए रखने और पूरे जुनून के साथ भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

इसके उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 277 छात्रों को सम्मानित किया गया, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 237 छात्र तथा विभिन्न क्लबों, सेल्स, एनसीसी, एनएसएस, खेल और तकनीकी सोसायटियों से जुड़े 40 छात्र सचिव एवं संयुक्त सचिव शामिल थे।

खाद्य सुरक्षा से खाद्यान्नों के मामले में नेतृत्व की ओर: खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में पीएलआई योजना का परिवर्तनकारी प्रभाव
  • श्री अविनाश जोशी

खाद्यान्नों से जुड़ी भारत की कहानी में एक निर्णायक मोड़

भारत आज अपने आर्थिक सफर के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। अब जबकि हमारा देश दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की दिशा में अग्रसर है, विकास को सिर्फ उत्पादन की मात्रा से ही नहीं, बल्कि हमारे द्वारा सृजित मूल्य के आधार पर भी मापना होगा।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की तुलना में बहुत कम क्षेत्र ही ऐसे हैं, जहां इस प्रकार का बदलाव बिल्कुल साफ नजर आता है।

भारत खाद्यान्नों, फलों, सब्जियों, दूध और समुद्री उत्पादों के सबसे बड़े उत्पादक देशों में से एक है। दशकों तक, हमारे कृषि संबंधी सामर्थ्य ने देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की। फिर भी, इस उपज का एक बड़ा हिस्सा पारंपरिक रूप से बेहद ही सीमित मूल्यवर्धन के साथ सीधे खेत से बाजार तक पहुंचता रहा।

आज भारत के कृषि उत्पादन का महज 12-13 प्रतिशत हिस्सा ही प्रसंस्करण से गुजरता है। उत्पादन और प्रसंस्करण के बीच का यही अंतर भारतीय अर्थव्यवस्था में उपलब्ध सबसे बड़े अवसरों में से एक है।

इसलिए, खाद्यान्नों से जुड़ी भारत की यात्रा का अगला चरण बिल्कुल स्पष्ट है: कृषि की प्रचुर संपदा को उच्च मूल्य वाले एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खाद्य उत्पादों में परिवर्तित करना।

पीएलआई योजना के पीछे की परिकल्पना

इस अवसर को पहचानते हुए, भारत सरकार ने मार्च 2021 में कुल 10,900 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन पर आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई) की शुरुआत की।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) द्वारा इस योजना को 2021-22 से 2026-27 तक की छह साल की अवधि के लिए लागू किया जा रहा है।

इस योजना के पीछे का मूल विचार सरल लेकिन ठोस है: खाद्य प्रसंस्करण क्षमता, नवाचार और वैश्विक ब्रांडिंग के विस्तार में निवेश करने वाली कंपनियों को पुरस्कृत करना। कुल मिलाकर, यह योजना इन-स्टोर ब्रांडिंग, अंतरराष्ट्रीय खुदरा श्रृंखलाओं में शेल्फ स्पेस और वैश्विक विपणन अभियानों में निवेश करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करके भारत में खाद्य उत्पादन से जुड़ी वैश्विक स्तर की कई चैंपियन कंपनियां तैयार करती है।

रणनीतिक डिजाइन: एक आधुनिक खाद्य इकोसिस्टम का निर्माण

पीएलआईएसएफपीआई योजना की संरचना को सावधानीपूर्वक को तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित रखा गया है।

1. उच्च क्षमता वाले खाद्य क्षेत्रों को प्रोत्साहन देना

पहला घटक पकाने के लिए तैयार (रेडी-टू-कुक) और खाने के लिए तैयार (रेडी-टू-ईट) खाद्य पदार्थ, प्रसंस्कृत फल और सब्जियां, समुद्री उत्पाद जैसी प्रमुख खाद्य श्रेणियों में उत्पादन बढ़ाने पर केन्द्रित है।

ये श्रेणियां वैसे क्षेत्र हैं जिनमें भारत घरेलू खपत और निर्यात क्षमता, दोनों में तेजी से विस्तार कर सकता है।

2. नवाचार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भागीदारी को प्रोत्साहन देना

दूसरा घटक एमएसएमई द्वारा विकसित नवोन्मेषी और जैविक खाद्य उत्पादों को समर्थन प्रदान करता है। लघु एवं मध्यम उद्यम भारत के खाद्य क्षेत्र की रीढ़ हैं और समावेशी विकास हेतु  आधुनिक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ उनका जुड़ाव बेहद जरूरी है।

पोषक अनाज (मिलेट) से संबंधित नवाचार: परंपरा को आधुनिक बाजारों से जोड़ना

वर्ष 2023 में, अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज (मिलेट्स) वर्ष के उपलक्ष्य में, मंत्रालय ने पीएलआई योजना के तहत एक विशेष पहल की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य पकाने के लिए तैयार (रेडी-टू-कुक) और खाने के लिए तैयार (रेडी-टू-ईट) उत्पादों में मिलेट्स के उपयोग को प्रोत्साहित करना था।

मिलेट्स जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिरोधी, अत्यधिक पौष्टिक और भारत की कृषि परंपराओं में गहराई से जुड़े हुए हैं।

आधुनिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में मिलेट्स का समावेश करके, यह योजना पोषण संबंधी सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिरोधी कृषि को एक साथ बढ़ावा देती है।

बदलाव से जुड़े आंकड़े

पीएलआई योजना के तहत बहुत ही कम समय में हासिल की गई प्रगति उद्योग जगत की ओर मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और इस नीति की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

अब तक:

• इस योजना के तहत 165 कंपनियों को मंजूरी दी गई है।

• इनमें से 68 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) हैं, साथ ही बड़ी कंपनियों के 40 संविदा निर्माता भी शामिल हैं।

• कुल मिलाकर 9,207 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।

• प्रति वर्ष लगभग 35 लाख मीट्रिक टन की नई प्रसंस्करण और संरक्षण संबंधी क्षमता सृजित की गई है।

• इस योजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3.29 लाख रोजगार सृजित हुए हैं।

ध्यान रखने लायक बात यह है कि इस योजना का मूल लक्ष्य 25 लाख रोजगार सृजित करना था। इस क्षेत्र ने पहले ही इस लक्ष्य का 131 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है।

पीएलआई समर्थित कंपनियों द्वारा प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों की बिक्री में भी 2019-20 से 13.23 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।

(निर्यात में वृद्धि दर 2019-20 से 7.41 प्रतिशत की है)

विभिन्न पीएलआई योजनाओं के बीच एक चमकता सितारा

उत्पादन पर आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना भारतीय अर्थव्यवस्था के 14 क्षेत्रों को कवर करती है। इनमें से, खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित पीएलआई सबसे प्रभावशाली योजनाओं में से एक बनकर उभरी है।

कुल पीएलआई सब्सिडी वितरण में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का हिस्सा मात्र 8 से 9 प्रतिशत ही होने के बावजूद, इसने तमाम पीएलआई योजनाओं के तहत सृजित किए गए कुल रोजगारों में से लगभग 42 प्रतिशत रोजगार सृजित किए हैं।

अब तक, इस योजना के तहत कुल 2715 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की जा चुकी है। यह कुल परिव्यय का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा है।

यह साबित करता है कि खाद्य प्रसंस्करण भारत के मैन्यूफैक्चरिंग इकोसिस्टम में सबसे अधिक रोजगार सृजित करने वाले क्षेत्रों में से एक है।

उपभोक्ताओं की बदलती जीवनशैली के अनुरूप बदलाव

भारत के जनसांख्यिकीय परिवर्तन का असर खाद्य उद्योग पर भी पड़ रहा है।

युवा और शहरीकरण की ओर अग्रसर आबादी की बढ़ती मांगें इस प्रकार हैं:

• खाद्य संबंधी सुविधाजनक उपाय

• स्वच्छ पैकेजिंग

• सुरक्षित और पौष्टिक खाने के लिए तैयार (रेडी-टू-ईट) उत्पाद

बेंगलुरु, मुंबई या दिल्ली जैसे शहरों में काम करने वाले पेशेवर अक्सर पकाने के लिए तैयार (रेडी-टू-कुक) या खाने के लिए तैयार (रेडी-टू-ईट) वैसे गुणवत्तापूर्ण भोजन की तलाश में रहते हैं जो उनकी तेज रफ्तार जीवनशैली के अनुरूप हो।

खाद्य सुरक्षा से खाद्य नेतृत्व की ओर

भारत की प्रचुर कृषि संपदा इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हमारे सामने इस प्रचुर संपदा को सतत आर्थिक मूल्य में बदलने की चुनौती है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से संबंधित उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना इस बदलाव को गति देने में सहायक साबित हो रही है और खाद्य सुरक्षा से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर खाद्यानों के मामले में नेतृत्व का सपना शीघ्र ही साकार होने वाला है।

(लेखक आईएएस अधिकारी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव हैं)

हरियाणा में 52,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में जनगणना एवं हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस का शुभारंभ  चंडीगढ़: 1 मई ,2026

हरियाणा / सत्ता संदेश

हरियाणा राज्य के 52,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में आज जनगणना एवं हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस का विधिवत शुभारंभ हो गया। यह कार्य प्रशिक्षित प्रगणकों द्वारा किया जा रहा है, जो विभिन्न सरकारी विभागों एवं निजी संस्थाओं के अधिकारी और कर्मचारी हैं। पिछले एक माह के दौरान सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि जनगणना कार्य सुचारु, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

इस बार की जनगणना पूर्णतः डिजिटल होगी और संपूर्ण हाउस लिस्टिंग एवं डेटा संकलन मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जाएगा। जिन नागरिकों ने पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन कर लिया है, उन्हें केवल अपनी स्वगणना ID प्रगणक को बतानी होगी।

आज से प्रारंभ हुए ऑपरेशंस में प्रगणकों द्वारा मकानों पर क्रमवार संख्या अंकित की जा रही है। प्रत्येक एन्यूमरेशन ब्लॉक में मकानों को सीरियल नंबर से चिन्हित किया जाएगा। सेक्टर आधारित आवासीय क्षेत्रों में सेक्टर नंबर एवं मकान संख्या को ही अंकन हेतु प्रयोग किया जाएगा। साथ ही, प्रगणक अपने क्षेत्र की प्रत्येक गली, मोहल्ले एवं बस्ती का सर्वेक्षण कर नज़री नक्शा तैयार करेंगे, ताकि कोई भी मकान अथवा परिवार जनगणना से वंचित न रहे।

निदेशक जनगणना, हरियाणा, डॉ. ललित जैन ने प्रदेशवासियों से प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को पूर्ण सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिक संदेह होने पर संबंधित अधिकारी का पहचान पत्र जांच सकते हैं, जिस पर स्कैन कोड भी उपलब्ध है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रगणकों का सम्मानपूर्वक स्वागत करें तथा सही एवं सटीक जानकारी दें। पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निकायों से भी सहयोग का अनुरोध किया गया, क्योंकि यह राष्ट्रहित का महत्वपूर्ण कार्य है।

डॉ. जैन ने कहा, “प्रगणक एवं सुपरवाइजर जनगणना विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं और पूरा विभाग उनके साथ मजबूती से खड़ा है।” उन्होंने बताया कि सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1885 प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक उपलब्ध है, जिसका उपयोग नागरिक, प्रगणक एवं सुपरवाइजर कर सकते हैं। चूंकि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना है, इसलिए प्रारंभिक चरण में कुछ तकनीकी चुनौतियाँ स्वाभाविक हैं, जिनका विभाग तत्काल समाधान कर रहा है।

उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स से मौसम को ध्यान में रखते हुए फील्ड में जाने तथा पानी एवं टोपी साथ रखने का आग्रह किया। अंत में डॉ. जैन ने चार्ज ऑफिसर के रूप में कार्यरत तहसीलदारों, सचिवों, कार्यकारी अधिकारियों एवं जोनल टैक्सेशन अधिकारियों का विशेष धन्यवाद किया, जो जनगणना अभियान को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरी’ की तेज डिलीवरी, 17 महीनों में प्रोजेक्ट 17ए का छठा युद्धपोत तैयार

नई दिल्ली/सत्ता संदेश

नीलगिरी श्रेणी का छठा और इस श्रेणी का चौथा जहाजमहेंद्रगिरी (यार्ड 12654), जिसका निर्माण मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएसएल) में हुआ था, 30 अप्रैल 2026 को मुंबई स्थित एमडीएसएल में भारतीय नौसेना को सुपुर्द कर दिया गया। यह सुपुर्दगी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट बहुमुखी बहु-मिशन प्लेटफॉर्म हैं जिन्हें समुद्री क्षेत्र में वर्तमान और उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह अत्याधुनिक फ्रिगेट नौसेना डिजाइन, स्टील्थ, मारक क्षमता, स्वचालन और उत्तरजीविता में एक अभूतपूर्व छलांग का प्रतीक है और युद्धपोत निर्माण में आत्मनिर्भरता का एक प्रशंसनीय प्रतीक है।

युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किए गए और युद्धपोत निरीक्षण दल द्वारा पर्यवेक्षित पी17ए फ्रिगेट स्वदेशी जहाज डिजाइन, स्टील्थ क्षमता, टिकाऊपन और युद्ध क्षमता में एक पीढ़ीगत छलांग का प्रतीक हैं। एकीकृत निर्माण के सिद्धांत से प्रेरित होकर, जहाज का निर्माण और वितरण निर्धारित समयसीमा के भीतर किया गया।

पी17ए जहाजों में पी17 (शिवालिक-श्रेणी) की तुलना में उन्नत हथियार और सेंसर प्रणाली लगी हुई है। इन जहाजों में संयुक्त डीजल या गैस (सीओडीओजी) प्रणोदन संयंत्र लगे हैं, जिनमें एक डीजल इंजन और एक गैस टरबाइन शामिल हैं जो प्रत्येक शाफ्ट पर एक नियंत्रणीय पिच प्रणोदक (सीपीपी) और एक अत्याधुनिक एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) को संचालित करते है। शक्तिशाली हथियार और सेंसर प्रणाली में सतह-रोधी, वायु-रोधी और पनडुब्बी-रोधी युद्ध प्रणालियां शामिल हैं।

महेंद्रगिरी छठा पी17ए जहाज है जिसे भारतीय नौसेना को 20 दिसंबर 2024 को एमडीएसएल द्वारा पहले पी17ए (नीलगिरी) की डिलीवरी के बाद 17 महीने से भी कम समय में सौंपा गया है। महेंद्रगिरी की सुपुर्दगी देश की डिजाइन, जहाज निर्माण और इंजीनियरिंग क्षमता को प्रदर्शित करती है और जहाज डिजाइन और जहाज निर्माण दोनों में आत्मनिर्भरता पर नौसेना के अटूट फोकस को दर्शाती है। 75 प्रतिशत स्वदेशी भागीदारी वाली इस परियोजना में एमडीएसएल के 200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यम शामिल हैं। इसने प्रत्यक्ष रूप से लगभग 4,000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10,000 से अधिक कर्मियों के लिए रोजगार सृजन किया है।

गुजरात में देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम लॉन्च

नई दिल्ली/सत्ता संदेश

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित चोरायासी टोल प्लाजा पर भारत की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो बाधा रहित (बैरियर-लेस) टोलिंग प्रणाली के शुभारंभ की घोषणा की। यह अत्याधुनिक प्रणाली ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन और फास्ट टैग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके, वाहनों को बिना रुके निर्बाध टोल संग्रह की सुविधा प्रदान करती है।

एमएलएफएफ की शुरुआत भारत के टोलिंग इकोसिस्टम के डिजिटलीकरण और वैश्विक मानकों के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस प्रणाली से यात्रा के समय में काफी कमी आने, राजमार्गों पर भीड़ कम होने, ईंधन दक्षता में सुधार होने, वाहनों के उत्सर्जन में कमी आने और टोल संचालन में मानवीय हस्तक्षेप कम होने की उम्मीद है।

नीतिन गडकरी ने कहा कि बाधा रहित टोलिंग नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन सुगमता) को बढ़ाएगी और देशभर में माल और लॉजिस्टिक्स की तेज एवं अधिक कुशल आवाजाही सुनिश्चित कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार सुगमता) को बढ़ावा देगी। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, यह पहल विश्व स्तरीय, प्रौद्योगिकी-संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचा बनाने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो कुशल, पारदर्शी और यात्रियों के अनुकूल है।