ब्रेकिंग न्यूज़
PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…26-05-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में आज हलचल भरा दिन रहा। जहाँ एक ओर निकाय चुनावों के दौरान कई जिलों में हिंसा और पथराव की खबरें आईं, वहीं भीषण गर्मी और नौतपा के प्रकोप ने जनजीवन प्रभावित किया। इसके अलावा, डेरा प्रमुख की जेल से रिहाई और एक महिला अधिकारी की सड़क हादसे में मौत जैसी खबरों ने भी ध्यान खींचा।

निकाय चुनाव में हिंसा और पथराव: पंजाब के 8 नगर निगमों और 75 नगर कौंसिल के लिए हुई वोटिंग के दौरान पटियाला के समाना में पुलिस पर पथराव हुआ, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

महिला अधिकारी की दर्दनाक मौत: लुधियाना में सहायक डाक अधीक्षक (ASP) रवीता की सड़क हादसे में मौत हो गई; बाइक से गिरने के बाद पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया।

रियल एस्टेट कारोबारी पर ED की रेड: चंडीगढ़ के कारोबारी प्रवीण कांसल के घर पर धोखाधड़ी के आरोपों के चलते प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुबह-सुबह छापेमारी की।

राजा वड़िंग को SC आयोग का नोटिस: पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की एक विवादित ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद SC आयोग ने SSP को तलब किया है।

बठिंडा में पारा 44.8 डिग्री पार: पंजाब में नौतपा का असर दिखने लगा है; भीषण गर्मी के कारण सरकार ने स्कूलों और दफ्तरों का समय बदलकर सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 तक कर दिया है।

राम रहीम 16वीं बार जेल से बाहर: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 30 दिन की पैरोल पर रोहतक जेल से रिहा होकर भारी सुरक्षा के बीच सिरसा डेरे पहुंच गया है।

अर्शदीप सिंह ने डिलीट की इंस्टा पोस्ट: क्रिकेटर अर्शदीप सिंह ने IPL से बाहर होने और फैंस की ट्रोलिंग के बाद अपने इंस्टाग्राम से 200 से ज्यादा पोस्ट हटा दी हैं।

योगराज सिंह की जमानत याचिका खारिज: महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह को अदालत से झटका लगा और उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो गई।

फ्री शराब बांटने पर लाइसेंस होगा रद्द: चंडीगढ़ प्रशासन ने शराब ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी है कि मुफ्त में शराब बांटने या ‘लंगर’ लगाने पर उनका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।

IPL एलिमिनिटेर मुकाबला कल: मोहाली (न्यू चंडीगढ़) के स्टेडियम में कल सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच बड़ा मुकाबला खेला जाएगा।

पंजाब निकाय चुनाव में हिंसा के बीच 61.5% मतदान: कहीं चलीं गोलियां, कहीं हुआ पथराव; कई उम्मीदवार घायल

पंजाब डेस्क: पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए मंगलवार को हुए मतदान में भारी हिंसा और झड़पों के बावजूद 61.5% वोटिंग दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चली, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से तनाव और टकराव की खबरें सामने आईं।चुनावी हिंसा और झड़पें मतदान के दौरान कई जिलों में स्थिति तनावपूर्ण रही:

पटियाला (समाना): यहाँ पुलिस और भीड़ के बीच जबरदस्त पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। हवाई फायरिंग की भी खबरें मिली हैं।

लुधियाना (रायकोट): वार्ड नंबर-4 से कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें लुधियाना के डीमसी अस्पताल रेफर किया गया।

बठिंडा: यहाँ भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें भाजपा के जिला अध्यक्ष घायल हो गए। बचाव में समर्थकों ने हवा में गोलियां चलाईं।

बरनाला: यहाँ भाजपा उम्मीदवार के पति पर तेजधार हथियार से हमला किया गया और उनकी पगड़ी उतार दी गई।

राजनीतिक आरोप: प्रत्यारोप चुनाव के दौरान गंभीर आरोप भी लगाए गए। फरीदकोट में AAP विधायक गुरदित्त सेखों ने भाजपा पर वोटरों को लाने के लिए आर्मी स्कूल बस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं, अमृतसर के मजीठा में अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया और SSP के बीच तीखी बहस हुई। विरोध के एक अनोखे तरीके में, पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में बैलगाड़ी पर वोट डालने पहुंचे।

2027 का लिटमस टेस्ट: इन चुनावों को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि साढ़े चार साल बाद सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के खिलाफ ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ (सरकार विरोधी लहर) है या नहीं।

“आईआईएससी की सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण पहल से जनजातीय युवाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी”

दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय (एमओटीए) के सहयोग और युवा कार्यक्रम विभाग के अंतर्गत एमवाई भारत की सहायता से जनजातीय छात्रों के लिए सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम के 2026 के द्वितीय चरण के कार्यान्वयन के दौरान युवाओं तक पहुंच और भागीदारी में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है।

यह पहल आईआईएससी बेंगलुरु के सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीईएनएसई) के समन्वय से संचालित की जा रही है जिसका उद्देश्य जनजातीय छात्रों और संकाय सदस्यों को सेमीकंडक्टर निर्माण, नैनोइंजीनियरिंग प्रक्रियाओं और उभरती प्रौद्योगिकियों के संबंध में उच्च-स्तरीय ज्ञान प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में अपनी सुविधा और गति के आधार पर पूरा किया जाने वाला ऑनलाइन शिक्षण मॉड्यूल, आईआईएससी के विशेषज्ञ संकाय सदस्यों के व्याख्यान और आईआईएससी बेंगलुरु में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं जिसमें प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क यात्रा, आवास और भोजन की व्यवस्था की गई है।

विभिन्न जागरूकता अभियानों और देश भर में एमवाई भारत के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं, राज्य निदेशकों, जिला युवा अधिकारियों और स्वयंसेवी नेटवर्क की ओर से लोगों को एकत्र करने के लिए किए गए प्रयासों के कारण कार्यक्रम के मौजूदा चरण में भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। एमवाई भारत के युवाओं की ओर से आवेदन पिछले चरण में 992 से बढ़कर वर्तमान चरण में 5,654 हो गए हैं जिससे पता चलता है कि इसमें 518 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह भागीदारी 32 राज्यों से बढ़कर 34 राज्यों तक पहुंच गई है जबकि जिला स्तर पर भागीदारी देश भर में 411 जिलों से बढ़कर 648 जिलों तक पहुंच गई है।

इस पहल के परिणामस्वरूप विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) से संबंधित कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अंतर्गत पिछले चरण में 268 आवेदन आए थे। वर्तमान चरण में उनकी संख्या बढ़कर 1,741 हो गई है। यह वृद्धि 549 प्रतिशत से अधिक है और उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में जनजातीय महिलाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

इस प्रचार अभियान में वर्चुअल ओरिएंटेशन सत्र, तकनीकी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ समन्वय, युवा नेटवर्क को सक्रिय करना और जनजातीय छात्र समुदायों के बीच लक्षित जागरूकता अभियान शामिल थे। इस दौरान, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) जैसे तकनीकी विश्वविद्यालयों ने योग्य जनजातीय छात्रों और संकाय सदस्यों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और फार्मेसी संस्थानों तक प्रचार प्रयासों का विस्तार करने में साझेदारी की।

इस पहल से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम से जनजातीय युवाओं में तकनीकी दक्षता, अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने और उद्योग के लिए तैयारी की तत्परता मजबूत होने की उम्मीद है जिससे भारत में बढ़ते सेमीकंडक्टर के अनुकूल परिवेश और भविष्य के तकनीकी कार्यबल में योगदान मिलेगा। यह पहल उन्नत वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आईआईएससी बेंगलुरु, जनजातीय कार्य मंत्रालय, एमवाई भारत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग के प्रयास को दर्शाती है।

एक और उपलब्धि हासिल

PGIMER के 12 घंटे OT मॉडल से एक वर्ष में प्रमुख सर्जरी में 10.46% की वृद्धि

चंडीगढ़ स्थित PGIMER Chandigarh ने अपने नवाचारपूर्ण 12 घंटे इलेक्ट्रिव ऑपरेशन थिएटर (OT) मॉडल के सफल क्रियान्वयन के एक वर्ष पूरे होने पर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान ने बताया कि इस मॉडल के लागू होने के बाद प्रमुख सर्जरी में उल्लेखनीय और निरंतर वृद्धि देखी गई है, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

“सीमाओं को स्वीकार करने के बजाय हमने संभावनाओं का विस्तार चुना” – प्रो. विवेक लाल

PGIMER के निदेशक Vivek Lal ने कहा कि यह पहल मरीजों की बढ़ती जरूरतों, सर्जरी की लंबी प्रतीक्षा सूची और अस्पताल की क्षमता पर बढ़ते दबाव को देखते हुए शुरू की गई थी।

उन्होंने कहा,
“हमने सीमाओं को स्वीकार करने के बजाय सर्जिकल देखभाल में संभावनाओं और पहुंच को बढ़ाने का निर्णय लिया।”

12 घंटे OT मॉडल से बड़ा बदलाव

1 मई 2025 से लागू इस मॉडल के तहत इलेक्ट्रिव ऑपरेशन थिएटर का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बजाय बढ़ाकर रात 8 बजे तक कर दिया गया।

इस बदलाव का उद्देश्य था—

  • लंबी सर्जरी वेटिंग लिस्ट को कम करना
  • बेड उपयोग को बेहतर बनाना
  • तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं में पहुंच बढ़ाना

इस पहल के बाद PGIMER देश का पहला संस्थान बन गया जिसने 12 घंटे का संरचित OT मॉडल लागू किया।

10.46% की वृद्धि, 3,695 अतिरिक्त सर्जरी

संस्थान के अनुसार, एक वर्ष में कुल प्रमुख सर्जरी में 10.46% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 3,695 अतिरिक्त ऑपरेशन के बराबर है।

यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि मरीजों को:

  • जल्दी ऑपरेशन की सुविधा मिली
  • अस्पताल में प्रतीक्षा समय कम हुआ
  • बेड उपयोग अधिक प्रभावी हुआ

जटिल सर्जरी में भी सुधार

रिपोर्ट में बताया गया कि यह वृद्धि मुख्य रूप से उच्च जटिलता वाली सर्जरी में देखी गई, जिनमें शामिल हैं:

  • ऑर्थोपेडिक्स
  • न्यूरोसर्जरी
  • सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
  • रोबोटिक सर्जरी
  • ट्रांसप्लांट सर्जरी
  • यूरोलॉजी

यह दर्शाता है कि संस्थान की अत्याधुनिक सर्जिकल क्षमता और मजबूत हुई है।

ऑर्थोपेडिक्स में 80% तक वृद्धि

विशेष रूप से ऑर्थोपेडिक्स OT-22 में लगभग 80% की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।

महीने-दर-महीने प्रदर्शन

आंकड़ों के अनुसार, 12 में से 9 महीनों में सर्जरी में वृद्धि दर्ज की गई।
सबसे अधिक वृद्धि:

  • अगस्त: +54% (1,210 अतिरिक्त सर्जरी)
  • अक्टूबर: +31% (730 अतिरिक्त सर्जरी)

सिस्टम स्तर पर बड़ा सुधार

संस्थान ने कहा कि यह मॉडल केवल संख्या में वृद्धि नहीं है, बल्कि यह:

  • स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता
  • ऑपरेशन थिएटर उपयोग
  • और मरीजों की पहुंच में सुधार

का बड़ा उदाहरण है।

PGIMER के अनुसार, यह पहल देश में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सिस्टम-लेवल सुधार के रूप में देखी जा रही है।

“खजुराहो में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का 25 दिवसीय काउंटडाउन शुरू”

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

आयुष मंत्रालय का मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) कल मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित पश्चिमी मंदिर समूह में योग महोत्सव आयोजित करेगा, जिसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की 25 दिनों की उलटी गिनती आरंभ हो जाएगी।

कार्यक्रम से पहले, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज खजुराहो में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इसमें खजुराहो लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा और राजनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री अरविंद पटेरिया भी उपस्थित रहे।

श्री प्रतापराव जाधव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि योग महोत्सव-2026 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2026 की राष्ट्रव्यापी तैयारियों का महत्वपूर्ण आयोजन है और यह देश भर में योग की व्यापकता बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले जागरूकता बढ़ाने और व्यापक जनभागीदारी प्रोत्साहित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण आयोजन हेतु 100 स्थानों पर 100 संस्थानों के सहयोग से 100 दिनों का राष्ट्रव्यापी काउंट डाउन (उलटी गिनती) अभियान चला रहा है।

श्री जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अभिन्न अंग योग को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2014 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाने के बाद से यह समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के वैश्विक आंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि योग 365 दिन पहल के तहत, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, आयुष मंत्रालय के सहयोग से, 21 जून तक 100 दिनों का निःशुल्क योग प्रशिक्षण अभियान चला रहा है, जिसमें दो लाख से अधिक प्रतिभागी पहले ही योग मित्र के रूप में पंजीकृत हुए हैं।

केंद्रीय आयुष मंत्री ने इस आयोजन के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अनमोल उपहार है, जिसने पूरी दुनिया को संतुलित, समग्र और स्वस्थ जीवनशैली का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि जीवनशैली से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों के वर्तमान समय में योग एक प्रभावी और वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित स्वास्थ्य समाधान के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि खजुराहो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, और ऐसे ऐतिहासिक स्थल पर 25 दिवसीय योग महोत्सव आयोजित किया जाना भारतीय परंपरा और आधुनिक स्वास्थ्य के बीच के सामंजस्य को सुंदरता से दर्शाता है। केंद्रीय आयुष मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव योग की वैश्विक स्वीकृति को और बढ़ाने तथा लोगों के बीच इसके व्यापक प्रसार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रदर्शन के नए आयाम स्थापित किए।

खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार 1.87 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार किया।

केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े जारी करते हुए क्षेत्र की रिकॉर्ड प्रगति को रेखांकित किया।

पिछले 12 वर्षों में उत्पादन में 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह क्षेत्र लगभग पांच गुना विस्तारित हुआ, जबकि बिक्री में 501 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ छह गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई।

रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति करते हुए पिछले 12 वर्षों में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अब 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है।

अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केवीआईसी की योजनाएं ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।
नई दिल्ली, 26 मई 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 12 वर्षों में विकास और परिवर्तन की अभूतपूर्व यात्रा तय की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है और ग्रामीण भारत की बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है। ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों से प्रेरित होकर खादी आज केवल एक पारंपरिक उत्पाद नहीं, बल्कि ‘नये भारत’ की आत्मनिर्भरता, स्वदेशी गौरव और ग्रामीण समृद्धि का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। उत्पादन, विपणन और रोजगार सृजन के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है।

केवीआईसी ने जारी किए वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े

नई दिल्ली के गांधी दर्शन, राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि आयोग ने उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्व वर्षों की प्रवृत्ति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 447 प्रतिशत और उत्पादन में 347 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 400 प्रतिशत और उत्पादन में 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी।

खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार

अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी का यह सशक्त प्रदर्शन ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को गति प्रदान करने के साथ-साथ भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी मार्गदर्शन, महात्मा गांधी की प्रेरणा तथा देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन जहां 26109 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब पांच गुना बढ़कर 380 प्रतिशत के उछाल के साथ 125296 करोड़ रुपये पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154 करोड़ रुपये थी, वहीं करीब छह गुना बढ़कर 501 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2025-26 में 187105 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री है।

खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि

खादी वस्त्रों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 390 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,974 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 628 प्रतिशत वृद्धि के साथ 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री द्वारा खादी के सतत प्रचार-प्रसार का सकारात्मक प्रभाव इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और बाजार विस्तार में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री का नया रिकॉर्ड

ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 496 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी ग्रामोद्योग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2013-14 में जहां इस क्षेत्र में 1.19 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1.99 करोड़ के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘घर-घर स्वदेशी’ जैसे अभियानों के प्रभाव से ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण उद्योगों के विस्तार, बाजार सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है।

रोजगार सृजन के क्षेत्र में केवीआईसी की ऐतिहासिक उपलब्धि

रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2013-14 में जहां खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों में संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह 56 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में केवीआईसी की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।
पीएमईजीपी से स्वरोजगार एवं उद्यमिता को नई गति

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई। इन इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 10,84,679 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए 80,705 करोड़ रुपये के ऋण के सापेक्ष 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत टूलकिट वितरण से कारीगरों को सशक्तिकरण

ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 51,230 विद्युत चालित चाक, 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी-कालोनी, 2,674 ऑटोमैटिक एवं पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7,669 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एवं रिपेयरिंग टूलकिट, 836 पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, 7,571 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन एवं प्लंबर टूलकिट, 5,138 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट एवं लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन तथा 1,789 पामगुड़, तेल घानी एवं इमली प्रसंस्करण मशीनों का वितरण किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 37,769 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। यदि पिछले चार वर्षों पर दृष्टि डालें तो वर्ष 2022-23 में 21,874, वित्त वर्ष 2023-24 में 29,540, वित्त वर्ष 2024-25 में 38,904 तथा वित्त वर्ष 2025-26 में 37,769 मशीनों एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। इस प्रकार ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक कुल 3,23,006 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

केवीआईसी के प्रयासों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी केवीआईसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में केवीआईसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत 79,682 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनमें 47,382 महिलाएं शामिल हैं, जो कुल का लगभग 59 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, पीएमईजीपी के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 28,180 महिला उद्यमियों द्वारा इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके माध्यम से 3,09,980 महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए, जो महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में योजना की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। खादी क्षेत्र में लगभग 5 लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी इस क्षेत्र को महिला नेतृत्व आधारित आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बनाती है।

कारीगरों के पारिश्रमिक में 275 प्रतिशत तक की वृद्धि

कारीगरों के पारिश्रमिक में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जो वर्ष 2013-14 में 4 रुपये प्रति हैंक से बढ़कर वर्तमान में 15 रुपये प्रति हैंक हो गया है, अर्थात इसमें लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

सरकारी आपूर्ति, प्रदर्शनी बिक्री और राष्ट्रीय ध्वज की मांग में वृद्धि

इसके साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की सरकारी आपूर्ति बढ़कर 92.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और संस्थागत मांग को दर्शाती है। इसी क्रम में खादी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विपणन गतिविधियों के माध्यम से 30.83 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई है, जो बाजार विस्तार और उपभोक्ता जुड़ाव को सुदृढ़ करती है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2013-14 में 0.87 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 2.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह वृद्धि देश में ‘हर घर तिरंगा’ जैसे जन-अभियानों के प्रभाव और खादी के प्रति बढ़ती जनभागीदारी को रेखांकित करती है।

 *‘हर काम देश के नाम’*

*लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही ने पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का पदभार संभाला*

*चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम ने 26 मई 2026 को चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन में मुख्यालय पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम का स्थान लिया है, जिन्होंने सेना मुख्यालय में महानिदेशक रणनीतिक योजना (डायरेक्टर जनरल स्ट्रैटेजिक प्लानिंग) का पदभार संभालने हेतु कार्यभार ग्रहण किया है।

पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल साही को दिसंबर 1988 में राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त हुआ था और वर्तमान में वे राजपूत रेजिमेंट के कर्नल के प्रतिष्ठित पद पर आसीन हैं।

जनरल अधिकारी को उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों सहित सियाचिन ग्लेशियर में व्यापक परिचालन अनुभव प्राप्त है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) तथा काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (किलो) में अपनी बटालियन और एक इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। उन्हें भारतीय सेना की सबसे बड़ी कोर, 3 कोर, की कमान संभालने का विशिष्ट गौरव प्राप्त है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्वी सीमाओं, भारत-म्यांमार सीमा तथा उत्तर-पूर्व के छह राज्यों के आंतरिक क्षेत्रों तक फैली हुई है। मई 2023 में मणिपुर में हुए जातीय संघर्ष के दौरान उन्होंने अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में आधारभूत संरचना के उन्नयन और स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस नियुक्ति से पूर्व वे आर्मी वॉर कॉलेज, महू के कमांडेंट के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने पेशेवर सैन्य शिक्षा को उभरती परिचालन आवश्यकताओं और तकनीकी प्रगति के अनुरूप बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उनके नेतृत्व में संस्थान को 15 जनवरी 2026 को प्रतिष्ठित “चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ यूनिट अप्रिसिएशन” से सम्मानित किया गया।

जनरल अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियों पर भी कार्य किया है, जिनमें एक ऑपरेशनल कोर के ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ, अतिरिक्त महानिदेशक सैन्य संचालन तथा सेना मुख्यालय में महानिदेशक सूचना युद्ध (इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर) शामिल हैं।

उन्होंने सभी महत्वपूर्ण पेशेवर पाठ्यक्रम पूरे किए हैं, जिनमें डीएसएससी वेलिंगटन का स्टाफ कोर्स, आर्मी वॉर कॉलेज महू का हायर कमांड कोर्स तथा राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली का एनडीसी कोर्स शामिल है। लेफ्टिनेंट जनरल साही के पास दो एमफिल डिग्रियाँ तथा रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में मास्टर डिग्री है।

उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल तथा सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।

पदभार ग्रहण करने के उपरांत लेफ्टिनेंट जनरल साही ने वीर स्मृति युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिचालन तत्परता, क्षमता विकास तथा सभी रैंकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मजबूत मांग से कच्चे तेल के वायदा भाव में उछाल, कीमत 152 रुपये बढ़कर 8,778 रुपये प्रति बैरल

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

मजबूत हाजिर मांग और कारोबारियों द्वारा सौदों के आकार में बढ़ोतरी के चलते मंगलवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई। लगातार बढ़ती मांग के बीच निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से कीमतों में मजबूती देखने को मिली।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून महीने में डिलीवरी वाले कच्चे तेल का अनुबंध 152 रुपये यानी 1.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ Crude Oil Futures (MCX) 8,778 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान कुल 11,942 लॉट के लिए लेनदेन हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में सक्रियता बनी हुई है और निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुसार, हाजिर बाजार में मांग बढ़ने से वायदा बाजार को समर्थन मिला है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और मांग से जुड़े संकेत भी कीमतों पर असर डाल रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

मजबूत मांग के चलते हाल के सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हलचल देखी जा रही है, और आगे भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इसके रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।

“योग भारत के प्राचीन ज्ञान से वैश्विक साझा शक्ति बना: मनसुख मांडविया”

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

गुजरात के अहमदाबाद में 4 से 8 जून तक पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। यह इस बात का प्रतीक है कि वैश्विक स्तर का आयोजन पहली बार किया जा रहा है।

चैम्पियनशिप के दौरान 12 स्पर्धाओं में 75 देशों के 500 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने चैम्पियनशिप से पहले उपस्थित जन-समूह को संबोधित करते हुए कहा, “योग भारत द्वारा विश्व को दिया गया है। यह एक अमूल्य खजाना है, जिसकी खोज हमारे देश में 5000 साल पहले हुई थी।”

डॉ. मांडविया ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “योग हमें शरीर और मन दोनों की शक्ति प्रदान करता है।” उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि योग अब अच्छे स्वास्थ्य से आगे बढ़कर विश्व स्तर पर स्वीकृत खेल बन गया है।

डॉ. मांडविया ने योग की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति की चर्चा करते हुए कहा, “विश्व के सभी देशों ने योग को अपनाना और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना आरंभ कर दिया है।” उन्होंने कहा कि भारत का योग ज्ञान और परंपरा देश के हर घर और गली में विद्यमान है।

डॉ. मांडविया ने योग के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, “आज योगासन न केवल शारीरिक और मानसिक कल्याण का मार्ग है, बल्कि आजीविका का एक बढ़ता हुआ स्रोत और विश्व भर में भारत की सॉफ्ट पावर का एक शक्तिशाली प्रतीक भी है।”

उन्होंने कहा कि यह चैंपियनशिप भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी सॉफ्ट पावर प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।

डॉ. मांडविया ने कहा कि महासंघ को अब योगासन को एक अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता दिलाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद के ढांचे के तहत पंजीकरण हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए।

भारत की 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की बोली का उल्लेख करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, “जिस देश में योग का उद्गम हुआ, वह 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। उसी के अनुरूप हम भी विश्व मंच पर पहली बार योगासन को ओलंपिक खेल के रूप में स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”

शेयर बाजार में तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 479 अंक टूटा, निफ्टी भी गिरा

मुंबई / सत्ता संदेश

लगातार दो सत्रों से जारी तेजी के बाद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये में कमजोरी के कारण निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा, जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 479 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक Nifty 50 भी 118 अंक टूटकर नीचे आ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा, जहां ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी हमले की रिपोर्टों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। इससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी और भारतीय शेयर बाजार पर भी दबाव पड़ा।

इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में कमजोरी आने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी। विशेष रूप से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है।

दिनभर के कारोबार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, जहां शुरुआत में बाजार स्थिर दिखाई दिया, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक नीचे आ गए। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और तेल कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।