ब्रेकिंग न्यूज़
लुधियाना में नशा तस्करी पर बड़ी स्ट्राइक: काले रंग की थार से 2.5 करोड़ की हेरोइन बरामद, 3 गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: लुधियाना रेंज की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ढाई करोड़ रुपए की कीमत वाली हेरोइन बरामद हुई है।

नाकाबंदी और बरामदगी: सब इंस्पेक्टर पंकज भगत ने बताया कि ANTF को अमृतसर जिले के कस्बा रैया के पास हेरोइन की सप्लाई होने की गुप्त जानकारी मिली थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में विशेष नाकाबंदी की और एक संदिग्ध काले रंग की थार गाड़ी को रोककर तलाशी ली, जिसमें से 512 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।

पकड़े गए आरोपी: पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को दबोचा है। इनकी पहचान तरनतारन के करमबीर उर्फ कालू, अमृतसर के मनप्रीत उर्फ साहिल और तरनतारन के ही साजनदीप उर्फ साजन के रूप में हुई है।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी करमबीर पर पहले भी एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है, इसके अलावा उस पर मारपीट और झगड़े के दो अन्य केस भी चल रहे हैं।

पुलिस रिमांड और जांच: आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने उनका तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशा कहाँ से लाया गया था और इसे किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…7-05-2026

पंजाब डेस्क : पंजाब और चंडीगढ़ में आज का दिन बेहद नाटकीय रहा। मोहाली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के दौरान नौवीं मंजिल से नोटों के बैग फेंके जाने की घटना ने सबको हैरान कर दिया, जिसने राज्य में सियासी घमासान छेड़ दिया है. वहीं, कनाडा जाने के इच्छुक पंजाबियों के लिए वीजा नियमों में राहत की खबर आई है, तो दूसरी ओर बिजली खपत को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. आइए विस्तार से जानते हैं आज की 10 प्रमुख खबरें।

1. मोहाली में ED की रेड: 9वीं मंजिल से फेंके नोटों के बैग मोहाली की एक रिहायशी सोसाइटी में IT कारोबारी नितिन गोहिल के घर ED ने छापेमारी की। टीम को देखकर कारोबारी ने नौवीं मंजिल से कैश से भरे दो बैग नीचे फेंक दिए. एक बैग फट गया और नोट हवा में उड़ने लगे, जिसे ED ने जब्त कर लिया; उसमें 21 लाख रुपए मिले. दूसरा बैग ड्राइवर लेकर फरार हो गया।

2. बिजली चोरी और ओवरलोड पर अब सीधे FIR : पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने नए आदेश जारी किए हैं. यदि कोई कंज्यूमर तय लोड से 10% ज्यादा बिजली खर्च करता है, तो उसे नोटिस मिलेगा. तीसरी बार नियम तोड़ने पर बिजली चोरी का केस दर्ज कर सीधे FIR करवाई जाएगी।

3. BJP ने CM भगवंत मान को भेजा मानहानि नोटिस : भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को मानहानि का नोटिस भेजा है. दरअसल, CM ने अमृतसर और जालंधर में हुए बम धमाकों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था. भाजपा ने इन आरोपों को बेतुका बताते हुए 7 दिन में माफी मांगने को कहा है।

4. लुधियाना में प्रॉपर्टी डीलर का सुसाइड: लुधियाना के 52 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर परविंदर उर्फ रिंपी अनेजा ने सल्फास खाकर जान दे दी. मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया जिसमें 11 लोगों के नाम लिए, जिनसे उन्हें करोड़ों रुपए लेने थे।

5. अमृतपाल की मां ने पकड़ा मुख्यमंत्री का हाथ : खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की मां ने अमृतसर में CM मान की शुकराना यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की. उन्होंने मुख्यमंत्री का हाथ पकड़कर भावुक होते हुए कहा कि उनके बेटे को पंजाब की जेल में वापस लाया जाए।

6. मलाइका अरोड़ा के डांस पर बेकाबू हुए फैंस: बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने लुधियाना पहुँचीं. उन्होंने ‘छैया-छैया’ और ‘मुन्नी बदनाम हुई’ जैसे गानों पर परफॉर्म किया. उन्हें देखने के लिए भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि बाउंसर्स को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

7. सुसाइड केस में ‘बेबी’ की डिमांड वाली चैटिंग वायरल : लुधियाना में सुसाइड करने वाले एक युवक की अपनी गर्लफ्रेंड के साथ ढाई साल पुरानी चैटिंग सामने आई है. युवक की मां का आरोप है कि लड़की उस पर ‘बेबी’ देने और शादी करने का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।

8. कनाडा वीजा नियमों में बदलाव: पंजाबियों को राहत कनाडा की इमिग्रेशन एजेंसी (IRCC) ने वर्क या स्टडी परमिट खत्म होने पर नया विकल्प दिया है. अब परमिट खत्म होने के बाद 90 दिनों के भीतर ‘विजिटर रिकॉर्ड’ के लिए आवेदन कर लोग वहां कानूनी रूप से रुक सकेंगे, उन्हें तुरंत वापस आने की जरूरत नहीं होगी।

9. कनाडा में 7 पंजाबी युवकों पर 1.5 करोड़ का इनाम : कनाडा की सरे पुलिस ने फिरौती और आपराधिक गतिविधियों में शामिल 7 पंजाबी युवकों की फोटो जारी की है. इनके बारे में जानकारी देने वालों के लिए पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए (2,50,000 डॉलर) के इनाम की घोषणा की है।

10. 175 रुपए की लॉटरी ने सरपंच को बनाया करोड़पति : फिरोजपुर जिले के गांव सरूप सिंह वाला के AAP सरपंच लखविंदर सिंह की किस्मत चमक गई है. उन्होंने मात्र 175 रुपए में लॉटरी का टिकट खरीदा था, जिस पर उन्हें 1 करोड़ रुपए का पहला इनाम लगा है।

बंगाल में बड़ा संवैधानिक संकट: राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार के बाद लिया कड़ा एक्शन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद एक बड़ा संवैधानिक मोड़ आ गया है। चुनाव में करारी हार के बावजूद ममता बनर्जी द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद, राज्यपाल आर.एन. रवि ने कड़ा रुख अपनाते हुए बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है।

ममता का आरोप और इस्तीफे से इनकार: हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की 293 सीटों में से 207 पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिससे बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, ममता बनर्जी ने करीब 100 सीटों पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए अपनी हार स्वीकार करने से मना कर दिया और मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जबरन हराया गया है।

राज्यपाल की संवैधानिक कार्रवाई : ममता बनर्जी के अड़ियल रुख को देखते हुए, राज्यपाल आर.एन. रवि ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया। यह आदेश 7 मई, 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसके साथ ही 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया और ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल भी स्वाभाविक रूप से खत्म हो गया है।

9 मई को होगा नई सरकार का शपथ: ग्रहण दूसरी ओर, भाजपा ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात कोलकाता पहुँच रहे हैं, जहाँ शुक्रवार को विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा।शपथ ग्रहण समारोह: 9 मई को रवींद्र जयंती के अवसर पर कोलकाता के ब्रिग्रेड मैदान में होगा।

प्रमुख अतिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस समारोह में शामिल होंगे।

सुरक्षा: समारोह की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG, कोलकाता पुलिस और सेंट्रल फोर्सेज के पास होगी। इस ऐतिहासिक बदलाव के साथ बंगाल में 15 सालों के ममता बनर्जी के शासन का अंत हो गया है और 18वीं विधानसभा के गठन की तैयारी शुरू हो गई है।

जनगणना जागरूकता के लिए दिल्ली में 6 LED वैन रवाना

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त ने जनगणना भवन, नई दिल्ली से छह जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाई। यह पहल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में जनगणना 2027 के पब्लिक आउटरीच अभियान के हिस्से के रूप में की गई है, जो जनगणना 2027 के जारी पहले चरण – मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए है।

ये जनगणना जागरूकता वैन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में घूमेंगी और जनगणना में भागीदारी, स्व-गणना (SE) सुविधा, जनगणना 2027 की मुख्य विशेषताओं, तथा फील्ड विजिट के दौरान प्रगणकों के साथ जनता के सहयोग के महत्व से जुड़े संदेशों का प्रसार करेंगी। इस अभियान का उद्देश्य जानकारी का व्यापक प्रसार सुनिश्चित करना, जन जागरूकता बढ़ाना और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जनगणना कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वर्तमान में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य जारी है। NDMC और छावनी बोर्ड क्षेत्रों में, 15 अप्रैल, 2026 को HLO स्व-गणना पूरी होने के बाद, प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर फील्ड विजिट का कार्य 16 अप्रैल, 2026 से शुरू हुआ, जो 15 मई, 2026 तक संपन्न हो जाएगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (MCD क्षेत्रों) में, वर्तमान में स्व-गणना (SE) का कार्य जारी है। निवासी 1 मई से 15 मई तक की निर्धारित अवधि के दौरान आधिकारिक जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in) के माध्यम से स्व-गणना कर सकते हैं। इसके बाद, 16 मई से 14 जून, 2026 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर मकानसूचीकरण का काम किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश में आज से मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना चरण का काम शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के निवासी 7 मई से 21 मई, तक की निर्धारित अवधि के दौरान आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (SE) कर सकते हैं। इसके बाद, 22 मई से 20 जून, तक घर-घर जाकर क्षेत्रीय कार्य  किए जाएंगे।

मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना चरण स्व-गणना वर्तमान में तेलंगाना, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली (MCD), महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में चल रही है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, दिल्ली (NDMC और दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र), गोवा, हरियाणा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और उत्तराखंड में प्रगणकों  द्वारा घर-घर जाकर विज़िट करने का काम चल रहा है।

जनगणना अधिनियम, 1948 के अनुसार, जनगणना के दौरान एकत्रित समस्त डेटा पूर्णतः गोपनीय रहता है, और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों तथा विकास नियोजन के लिए किया जाएगा। अधिसूचित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के निवासियों से अनुरोध है कि वे मकानसूचीकरण कार्यों के दौरान प्रगणकों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें।

विधानसभा चुनाव 2026: 1,400 करोड़ से ज्यादा की नकदी, शराब और नशीले पदार्थ जब्त

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

  1. निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव और 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों के उपचुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए थे। पश्चिम बंगाल के 144-फलता विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अब आदर्श आचार संहिता लागू नहीं है।
  2. चुनाव के दौरान, आयोग ने चुनाव वाले राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और उनके सीमावर्ती राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, सीईओ, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ कई समीक्षा बैठकें आयोजित कीं।
  3. हिंसा-मुक्त, धमकी-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आईआरएस (आईटी), आईआरएस (सी एंड आईटी), आईए एंड एएस, आईआरएएस, आईडीएएस, आईपी एंड टीएएफएस और आईसीएएस से लिए गए 376 व्यय पर्यवेक्षकों, 7,470 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों (एफएसटी) और 7,470 स्थैतिक निगरानी टीमों (एसएसटी) को भी तैनात किया गया था।
  4. आईटी प्लेटफॉर्म- चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ईएसएमएस) की मदद से जब्ती की यह कार्रवाई संभव हो पाई। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ा और उपयोगी जानकारी साझा की जा सकी। 26 फरवरी, 2026 को ईएसएमएस के सक्रिय होने के बाद से 6 मई, 2026 तक जब्त की गई कुल सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
क्रमांकराज्यनकदशराब की मात्राशराब का मूल्यमादक पदार्थों का मूल्यबहुमूल्य धातु का मूल्यमुफ्त की सामग्रीकुल
1तमिलनाडु105.22137248.534.9478.61165.86307.65662.28
2प. बंगाल31.145858648.98151.86130.2869.36190.77573.41
3असम6.07828248.3322.7170.083.6814.7117.24
4केरल12.1278215.32.5158.472.255.3380.67
5पुढुचेरी0.3318340.350.3908.990.029.72
कुल154.896988793.38183.33337.88250.14518.731444.96

5. इन आंकड़ों से पता चलता है कि 2021 के आम चुनाव की तुलना में इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जब्त की गई संपत्ति की मात्रा 40.14 प्रतिशत बढ़ी है। 2021 में यह राशि 1029.93 करोड़ रुपए थी। पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 68.92 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और तमिलनाडु में 2026 में जब्त की गई संपत्ति की मात्रा में 48.40 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि 2021 के आम चुनाव के दौरान यह वृद्धि इसी अवधि की तुलना में अधिक थी।

NISCPR-RIS के बीच विज्ञान एवं नवाचार नीति को मजबूत करने के लिए MoU पर किए हस्ताक्षर

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, नीति और कूटनीति के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए, राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान ने 6 मई को विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह सहयोग संयुक्त अनुसंधान, नीति विश्लेषण, क्षमता निर्माण और ज्ञान साझाकरण के माध्यम से किया जाएगा। यह साझेदारी विज्ञान नीति, संचार, कूटनीति और पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में कार्य को बढ़ावा देगी, साथ ही समावेशी एवं सतत विकास के लिए संयुक्त परियोजनाओं, प्रकाशनों, नीतिगत संवादों, कार्यशालाओं और जनसंपर्क गतिविधियों का संचालन करेगी।

RIS के महानिदेशक प्रोफेसर सचिन कुमार शर्मा ने जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी असमानताओं जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए विज्ञान कूटनीति को एक महत्वपूर्ण साधन बताया। उन्होंने आईटीईसी पाठ्यक्रम, आईजीओटी कर्मयोगी प्रशिक्षण, भारतीय विज्ञान कूटनीति मंच के प्रकाशन और दक्षिण एवं आईबीएसए फैलोशिप के माध्यम से वैश्विक साझेदारी सहित आरआईएस की पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

CSIR-NISCPR की निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम ने इस साझेदारी को विकासशील देशों के लिए एक सहयोगात्मक और पारस्परिक लाभप्रद प्रयास बताया, जो कार्य समूहों और संयुक्त प्रकाशनों पर केंद्रित है। उन्होंने विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान में NISCPR की भूमिका के साथ-साथ CSIR के अनुसंधान एवं विकास तंत्र, एचआईवी दवा नवाचारों, 15 ओपन-एक्सेस पत्रिकाओं पर प्रकाश डाला।

डॉ. राजन सुधेश रत्ना ने विकासशील देशों में विकास के एक प्रेरक के रूप में विज्ञान कूटनीति और सहयोग को मजबूत करने में दक्षिण के माध्यम से आरआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। CSIR-NISCPR के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. योगेश सुमन ने ग्रामीण आजीविका और सतत विकास के लिए CSIR प्रौद्योगिकियों के प्रसार में NISCPR की भूमिका पर बल दिया।

RIS की सलाहकार डॉ. स्नेहा सिन्हा ने कहा कि विज्ञान कूटनीति पर कार्यशालाओं और शोध सहित पूर्व के सहयोगों ने भविष्य के जुड़ाव के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। उन्होंने भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन से पहले भारत-अफ्रीका सहयोग पर केंद्रित विकासशील देशों में विज्ञान कूटनीति पर गोलमेज सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रौद्योगिकी साझाकरण तथा विज्ञान कूटनीति के दृष्टिकोण को एक संयुक्त रिपोर्ट में एकीकृत करने पर जोर दिया।

डॉ. मनसुख मांडविया ने श्रमिकों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज दिल्ली के बासैदारापुर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए राष्ट्रव्यापी वार्षिक स्वास्थ्य जांच पहल का शुभारंभ किया। यह देश के श्रमबल के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि चार श्रम संहिताओं का कार्यान्वयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देश भर के श्रमिकों के लिए गरिमा, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की गारंटी को दर्शाता है। इस अवसर को “श्रम शक्ति” के सम्मान को समर्पित दिन बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सभी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले 12 वर्षों में रोजगार सृजन और कल्याणकारी उपायों के माध्यम से “श्रम शक्ति” और “युवा शक्ति” को सशक्त बनाने के लिए काम किया है।

मांडविया ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, जो एक दशक पहले लगभग 30 करोड़ लोगों से बढ़कर आज लगभग 94 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच गया है, यानी सामाजिक सुरक्षा कवरेज 19 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी के दायरे में आने वाले लाभार्थियों की संख्या एक दशक पहले लगभग 7 करोड़ थी, जो आज बढ़कर लगभग 15 करोड़ हो गई है।

श्रमिकों के कल्याण के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा करते हुए, डॉ. मांडविया ने कहा कि अब देश भर में 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए प्रतिवर्ष निःशुल्क स्वास्थ्य जांच आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच के माध्यम से शीघ्र निदान से गंभीर बीमारियों को रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने बताया कि जांच शिविरों के दौरान पहचानी गई बीमारियों का इलाज और दवाएं ईएसआईसी सुविधाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।

चार श्रम संहिताओं के तहत प्रमुख श्रम सुधारों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि पुरुष और महिला श्रमिकों के लिए समान वेतन के प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं, मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है, और महिलाओं के लिए घर से काम करने के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले श्रमिकों की उपेक्षा की जाती थी और उनकी बात अनसुनी कर दी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि उनकी समस्याओं को प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ दूर किया किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य जांच पहल देश के कार्यबल के लिए गरिमा, सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है।

पीएमईजीपी से महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को मिला विकास का नया बल

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम देश भर में उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस कार्यक्रम को खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है।

पीएमईजीपी योजना कृषि क्षेत्र से इतर नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों को बैंक ऋण पर मार्जिन मनी (एमएम) सब्सिडी प्रदान करके सहायता करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करना और विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्रों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका को बढ़ावा देना है।

15वें वित्त आयोग के कार्यकाल के दौरान सशक्त प्रदर्शन

15वें वित्त आयोग के कार्यकाल (वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26) के दौरान, पीएमईजीपी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है जो देश के सूक्ष्म उद्यम परितंत्र को मजबूत करने में इसके योगदान की पुष्टि करता है।

इस योजना ने 13,554.42 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजटीय आवंटन का पूर्ण उपयोग किया और 4,03,706 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना को सुगम बनाया, जो 4,02,000 उद्यमों के लक्ष्य से कहीं अधिक है। यह उपलब्धि प्रभावी कार्यान्वयन और उद्यमिता-आधारित पहलों की निरंतर मांग को दर्शाती है।

समावेशी विकास और ग्रामीण पहुंच

पीएमईजीपी ने महिलाओं और सामाजिक रूप से वंचित समुदायों को लक्षित सहायता प्रदान करके समावेशी विकास को बढ़ावा देना जारी रखा है।

  • इस योजना के तहत सहायता प्राप्त कुल सूक्ष्म उद्यमों में से लगभग 40 प्रतिशत महिला लाभार्थी हैं।
  • वितरित की गई कुल मार्जिन मनी सब्सिडी का लगभग 45 प्रतिशत महिला उद्यमियों को प्रदान किया गया है, जिससे महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहन मिला है।
  • लाभार्थियों में से लगभग 54 प्रतिशत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं, जो सामाजिक समावेश पर योजना के मजबूत फोकस को उजागर करता है।
  • पीएमईजीपी के तहत स्थापित लगभग 80 प्रतिशत उद्यम ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जो ग्रामीण औद्योगीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देते हैं।

आत्म-निर्भरता और जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देना

15वें वित्त आयोग के कार्यकाल के दौरान हासिल की गई उपलब्धियां भारत में सूक्ष्म उद्यम विकास और रोजगार सृजन के प्रमुख चालक के रूप में पीएमईजीपी की भूमिका को पुनः स्थापित करती हैं। ऋण-संबंधी सब्सिडी तक पहुंच को सुगम बनाकर और जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देकर, इस योजना ने समावेशी आर्थिक विकास और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देना जारी रखा है।

राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में ‘जननी’ प्लेटफॉर्म लॉन्च, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिलेगा बल

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में संपन्न राष्ट्रीय नवाचार एवं समावेशिता शिखर सम्मेलन – भारत के स्वास्थ्य भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों – में जननी (प्रसवपूर्व, प्रसवोत्तर और नवजात शिशु एकीकृत देखभाल की यात्रा) प्‍लेटफॉर्म लॉन्‍च किया।

जननी एक सेवा-केन्द्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे प्रजनन आयु की महिलाओं के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की व्यापक निगरानी और रखरखाव के लिए डिज़ाइन किया गया है। विद्यमान आरसीएच पोर्टल के उन्नत संस्करण के रूप में विकसित यह प्लेटफॉर्म, देखभाल की निरंतरता में प्रमुख सेवा वितरण कार्यकलापों को दर्ज करके एक दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाता है।

इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू निगरानी सुनिश्चित करना है, जिसमें प्रसवपूर्व देखभाल, प्रसव की तैयारी, प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल, नवजात शिशु देखभाल, घर आधारित नवजात शिशु एवं शिशु देखभाल और परिवार नियोजन शामिल हैं। निरंतर निगरानी और समय पर उपाय को सक्षम बनाकर, जननी सेवा वितरण को मजबूत करता है और हर चरण में देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करता है।

जननी की एक प्रमुख विशेषता क्यूआर-कोड वाले डिजिटल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) कार्डों की शुरुआत है, जो स्वास्थ्य अभिलेखों तक आसान पहुंच और सुवाह्यता को सक्षम बनाते हैं। इस प्लेटफॉर्म में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के लिए स्वचालित अलर्ट, पर्यवेक्षी समीक्षा के लिए वास्तविक समय के डैशबोर्ड और नियत-सूची निर्माण जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जो समय पर ट्रैकिंग, निगरानी और लक्षित उपायों को सक्षम बनाती हैं।

यह प्लेटफॉर्म आभा, आधार और मोबाइल नंबर जैसे विशिष्ट पहचानकर्ताओं का उपयोग करके लाभार्थियों के पंजीकरण को सक्षम बनाता है, साथ ही अखिल भारतीय खोज सुविधा भी प्रदान करता है। आज तक, जननी ने 1.34 करोड़ लाभार्थी पंजीकरण, 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, 30 लाख से अधिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्ड जारी किए हैं और एक लाख से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन किए हैं।

फगवाड़ा पहुंचे CM मान: ‘शुक्राना यात्रा’ में बेअदबी कानून को बताया ऐतिहासिक

फगवाड़ा / सत्ता संदेश

संवाददाता : मनोज बैंस

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ लागू होने के बाद अकाल पुरख का धन्यवाद करने और संगत का आभार व्यक्त करने के लिए 6 मई 2026 से चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत की। इसी क्रम में मुख्यमंत्री आज फगवाड़ा पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोग उनकी जनसभा में शामिल हुए। इस यात्रा का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में सख्त कानून लागू होने के बाद अकाल पुरख (वाहेगुरु) का कोटि-कोटि शुक्राना करना है। नए कानून के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह संगत की भावनाओं के अनुरूप है और इसका मकसद धार्मिक सौहार्द को मजबूत करना है। यात्रा के दौरान वे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होकर संगत से संवाद भी कर रहे हैं।
यह ‘शुक्राना यात्रा’ तख्‍त श्री केसगढ साहिब से अरदास के साथ शुरू हुई, जो श्री हरिमंदिर साहिब, तख्‍त श्री दमदमा साहिब फरीदकोट, फगवाड़ा, मस्तुआना साहिब और पटियाला सहित कई स्थानों से होकर गुजरेगी। यह यात्रा 6 मई से 9 मई 2026 तक जारी रहेगी। फगवाड़ा के गांधी चौक में आयोजित जनसभा में दोपहर 2 बजे बड़ी संख्या में संगत ने पहुंचकर कार्यक्रम का हिस्सा बनते हुए समर्थन जताया।