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हरियाणा में BIS का जागरूकता अभियान, महिलाओं को सिखाया असली ISI और हॉलमार्क की पहचान

हरियाणा / सत्ता संदेश

महिलाओं को जागरूक एवं सशक्त उपभोक्ता बनाने के उद्देश्य से भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हरियाणा शाखा कार्यालय ने आज तहसील कार्यालय, रायपुर रानी में शाइन (Standards Help Inform & Nurture Empowered Women) कार्यक्रम का आयोजन किया। रायपुर रानी महिला ब्लॉक संगठन (क्लस्टर स्तरीय संघ) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं क्लस्टर स्तरीय संघ की 27 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को बीआईएस मानकों, गुणवत्ता प्रमाणन, हॉलमार्किंग तथा उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें सुरक्षित एवं सूचित खरीदारी के लिए सक्षम बनाना था।

बीआईएस मानकों एवं बीआईएस केयर ऐप की दी जानकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री आरती चौधरीमानक संवर्धन अधिकारीबीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय ने भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका एवं कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आईएसआई मार्क, हॉलमार्किंग, अनिवार्य पंजीकरण योजना (सीआरएस) तथा घरेलू उत्पादों, पोषण, स्वच्छता एवं महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला।प्रतिभागियों को खरीदारी से पूर्व आईएसआई चिन्ह वाले उत्पादों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बीआईएस केयर ऐप का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं को बीआईएस प्रमाणित उत्पादों तथा स्वर्ण आभूषणों की हॉलमार्किंग की ऑनलाइन जांच करने की प्रक्रिया समझाई गई।

हॉलमार्किंग शुल्क एवं उपभोक्ता अधिकारों पर जागरूकता

संवादात्मक सत्र के दौरान कई प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित हॉलमार्किंग शुल्क की जानकारी नहीं थी तथा वे यह मानती थीं कि ज्वैलर्स अपनी इच्छानुसार कोई भी शुल्क वसूल सकते हैं। इस पर उन्हें बताया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित हॉलमार्किंग शुल्क स्वर्ण आभूषण पर ₹45 प्रति आभूषण (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) तथा रजत (चांदीआभूषण पर ₹35 प्रति आभूषण (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) है, जो आभूषण के वजन पर निर्भर नहीं करता।प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी गई कि वे अपने पहले से हॉलमार्क किए गए आभूषणों की शुद्धता की जांच किसी भी बीआईएस मान्यता प्राप्त असेइंग एवं हॉलमार्किंग केंद्र में फायर असे विधि से ₹200 प्रति आभूषण के निर्धारित शुल्क पर करवा सकते हैं। इस सत्र ने हॉलमार्किंग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए महिलाओं को उपभोक्ता अधिकारों एवं अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

हरियाणा में 41 शाइन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 1,080 महिलाओं तक पहुंच

बीआईएस का शाइन कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक उपभोक्ता एवं सामुदायिक नेतृत्वकर्ता के रूप में सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा राज्यभर में 41 शाइन कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1,080 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बीआईएस मानकों, गुणवत्ता प्रमाणन, हॉलमार्किंग एवं उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाएं न केवल स्वयं सूचित खरीदारी के निर्णय लेने में सक्षम बन रही हैं, बल्कि अपने समुदाय में भी गुणवत्ता एवं मानकों के प्रति जागरूकता का प्रसार कर रही हैं।

हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा RWA एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपभोक्ता जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन

पंचकूला / सत्ता संदेश

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा वरिष्ठ नागरिक परिषद की मदद से बीती मंगलवार को सेक्टर 15 पंचकूला में स्थित डे केयर सेंटर कम वृद्दाश्रम में केयर सेंटर कम वृद्धाश्रम में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपभोक्ता जागरुकता एवं संवेदनशील कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में 40 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों एवं विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भारतीय मानकों, गुणवत्ता, सुरक्षा तथा उपभोक्ता के प्रति जागरुक करना था।

कार्यक्रम के दौरान श्यांतोनी शोम, कंसल्टेंट, बीआईएस, हरियाणा शाखा कार्यालय ने बीआईएस की भूमिका, मानकीकरण एवं प्रमाणन प्रणाली तथा उपभोक्ता हितों की सुरक्षा में बीआईएस के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपभोक्ताओं को खरीददारी से पूर्व आईएसएआई मार्क, सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उत्पादों  सीआरएस प्रमाणन चिन्हों की जांच करने के महत्व के बारें में जानकारी दी।

प्रतिभागियों को बीआईएस केयर ऐप का भी प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से उपभोक्ता किसी भी बीआईएस प्रमाणित उत्पाद, हॉलमार्क युक्त आभूषण तथा लाइसेंसधारी निर्माता की प्रामणिकता की जांच कर सकते है तथा आवश्यक होने पर शिकायत भी दर्ज करा सकते है।

कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने उत्पादों की गुणवत्ता, हॉलमार्किंग, प्रमाण चिन्हों एवं उपभोक्ताओं अधिकारियों से संबंधित कई प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों द्वारा सभी प्रश्नों का संतोषजनक समाधान दिया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों से अपने परिवार, समाज में भारतीय मानको तथा सुरक्षित खरीददारी के प्रति जागरुकता फैलाने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम का समापन उपभोक्ताओं से यह अपील करते हुए किया कि वे किसी भी उत्पाद की खरीद से पहले बीआईएस प्रमाणन चिन्ह अवश्य जांचे तथा गुणवत्ता एवं सुरक्षा के प्रति सजग उपभोक्ता बने। यह कार्यक्रम उपभोक्ता जागरूकता को सुदृढ़ करने तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।