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Cyclone Arnab Alert: ओडिशा में चक्रवात का खतरा, मछली पकड़ने पर रोक; कई जिलों में पर्यटन गतिविधियां बंद

चक्रवात ‘अर्नब’ के खतरे को देखते हुए ओडिशा में समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई है। संवेदनशील जिलों में पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध और राहत-बचाव की तैयारियां तेज की गई हैं।

ओडिशा / सत्ता संदेश

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के तेज होने की आशंका के बीच ओडिशा सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। वहीं, संवेदनशील जिलों में पहाड़ियों, झरनों, बांधों और अन्य पर्यटन स्थलों पर लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

अधिकारियों के अनुसार, गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नवरंगपुर जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात से पहले की तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी सौंपी है।

संवेदनशील इलाकों में बचाव दल तैनात

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा पुलिस के जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। राहत और बचाव कार्यों के समन्वय के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।

राज्य सरकार ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की संभावना

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव 26 अक्टूबर की सुबह चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में बदल गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान आगे बढ़ते हुए 26 अक्टूबर की आधी रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर को अति गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।

IMD के अनुसार, तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट से बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच टकराने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

स्कूल-कॉलेज बंद रखने की तैयारी

खराब मौसम की आशंका के मद्देनजर प्रभावित जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र 28 और 29 अक्टूबर को बंद रहेंगे। इस संबंध में संबंधित जिलों के नवीनतम सरकारी आदेशों की पुष्टि आवश्यक है।

किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जो फसल 80 से 85 प्रतिशत तक पक चुकी है, उसकी कटाई कर उसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। किसानों की सहायता के लिए विशेष कृषि हेल्पलाइन शुरू किए जाने की भी जानकारी दी गई है।

ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि राज्य सरकार किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की सलाह का पालन करने तथा समुद्र, झरनों, बांधों और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

ओडिशा में हिरासत में प्रताड़ना का आरोप, महिला पुलिस निरीक्षक निलंबित; मां-बेटे ने लगाए ‘थर्ड डिग्री’ टॉर्चर के गंभीर आरोप

भुवनेश्वर / सत्ता संदेश

Odisha के केंद्रपाड़ा जिले में पुलिस हिरासत में कथित प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तालचुआ मरीन पुलिस थाने की महिला पुलिस निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। महिला और उसके बेटे ने पुलिस अधिकारियों पर हिरासत में ‘थर्ड डिग्री’ यातना देने, दुर्व्यवहार करने और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, तालचुआ मरीन पुलिस थाने की प्रभारी निरीक्षक Sandhyarani Jena को कर्तव्य में लापरवाही और अनुचित व्यवहार के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मामले ने राज्य में पुलिस कार्यप्रणाली और हिरासत में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

यह मामला तब सामने आया जब गिरिपाही गांव की रहने वाली 55 वर्षीय अन्नपूर्णा मंडल और उनके 31 वर्षीय बेटे अनंत कुमार मंडल ने सोमवार को आरोप लगाया कि पुलिस थाने के अंदर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। दोनों का कहना है कि पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और दबाव बनाने के लिए मारपीट की गई।

पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्हें किसी मामले की जांच के सिलसिले में थाने बुलाया गया था, लेकिन वहां उनके साथ कथित तौर पर कठोर व्यवहार किया गया। मां-बेटे ने आरोप लगाया कि उन्हें घंटों तक थाने में रखा गया और पूछताछ के दौरान ‘थर्ड डिग्री’ तरीके अपनाए गए। घटना के बाद दोनों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और शिकायतों के आधार पर महिला निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हिरासत में किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है।

राज्य में विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा है। विपक्ष का आरोप है कि पुलिस तंत्र में जवाबदेही की कमी के कारण ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अधिकारी को नियमों से ऊपर नहीं माना जाएगा।

पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यदि जांच में हिरासत में प्रताड़ना के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर 19 मई को भुवनेश्वर में होगा पूर्वी क्षेत्र का कृषि सम्मेलन


ओडिशा के मुख्य़मंत्री श्री मोहन चरण मांझी भी पूर्वी क्षेत्र का कृषि सम्मेलन में शामिल होंगे।

पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण के विभिन्न मुद्दों पर होगा व्यापक मंथन

ओडिशा / सत्ता संदेश

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 19 मई, 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। सम्मेलन में ओडिशा के मुख्य़मंत्री श्री मोहन चरण मांझी सहित विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, किसान प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्टार्टअप, बैंकों एवं अन्य हितधारकों की भागीदारी होगी।

इस सम्मेलन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना है। सम्मेलन के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

सम्मेलन के दौरान किसान रजिस्ट्री की प्रगति, बागवानी क्षेत्र की संभावनाएं, दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन (NMEO-OS), पीएम-आशा, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन, फार्म क्रेडिट एवं किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित मुद्दों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

इसके अतिरिक्त नकली कीटनाशकों एवं उर्वरकों पर नियंत्रण, उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा।

सम्मेलन में विभिन्न राज्यों द्वारा कृषि क्षेत्र में अपनाई गई सफल पहलों एवं नवाचारों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। ओडिशा राज्य कृषि विस्तार कार्यों, पश्चिम बंगाल बीज उत्पादन की श्रेष्ठ पद्धतियों, झारखंड एफपीओ आधारित मूल्य श्रृंखला एवं कृषि स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र तथा बिहार मक्का उत्पादन एवं विपणन संबंधी सफल अनुभवों को साझा करेगा।

यह सम्मेलन किसानों के हित में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान, नवाचारों के आदान-प्रदान तथा कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए भविष्य की रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा। सम्मेलन के पश्चात केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री मीडिया को संबोधित करेंगे।

भुवनेश्वर में होर्डिंग गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हुई

भुवनेश्नर, 25 फरवरी (भाषा) ओडिशा के भुवनेश्वर में खंडगिरी इलाके में अवैध होर्डिंग गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में घायल एक और व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, एक महिला समेत दो अन्य घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। यह हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ, जब शहर में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं चल रही थीं।

उन्होंने बताया कि कई राहगीरों ने सड़क किनारे एक छोटी दुकान में शरण ली थी। इसी दौरान दुकान के पीछे लगा बड़ा लोहे का होर्डिंग तेज हवाओं के कारण गिर गया। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे 19 वर्षीय युवक को बचाकर कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान गंजाम जिले के अस्का निवासी सुरेंद्र गौड़ा और शहर के डुमडुमा इलाके के कॉलेज छात्र सचिदानंद प्रधान के रूप में हुई है।

प्रधान की मौत के बाद उनके पड़ोसियों ने न्याय की मांग को लेकर डुमडुमा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-16 को जाम कर दिया जिसके कारण कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर भारी जाम लग गया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि होर्डिंग जर्जर हालत में था, लेकिन उसे हटाया नहीं गया।

एक प्रदर्शनकारी ने भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) से उचित मुआवजे की मांग की।