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टांडा के रसूलपुर में अकाली दल की बैठक, अरविंदर सिंह रसूलपुर बोले- ‘AAP सरकार से हर वर्ग दुखी’

होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

होशियारपुर में शिरोमणि अकाली दल की ओर से टांडा के गांव रसूलपुर में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में हलके के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और कई लोग अपने साथ अन्य गांवों के लोगों को भी बैठक में लेकर पहुंचे।

बैठक को संबोधित करते हुए अरविंदर सिंह रसूलपुर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में मौजूदा सरकार के कार्यकाल से किसान, व्यापारी, कर्मचारी और नौजवान समेत विभिन्न वर्गों के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किए गए दावों और गारंटियों को लेकर भी लोगों में निराशा बढ़ रही है।

अरविंदर सिंह रसूलपुर ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने नौजवानों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण पंजाब के लोगों को पिछली सरकारों का समय याद आने लगा है। अरविंदर सिंह रसूलपुर ने शिरोमणि अकाली दल को पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी की नीतियां और मुद्दे पंजाब तथा पंजाबियों के हितों से जुड़े हुए हैं।

बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अकाली दल की नीतियों और विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने तथा आम लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकाली दल के कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

Ludhiana : 1 सितबंर से शुरु होंगे C-Pyte कैंप के ट्रायल, सभी तरह की भर्ती की मिलेगी फ्री ट्रेनिंग

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना और मलेरकोटला जिले के युवाओं के लिए सरकारी भर्ती की तैयारी का अच्छा अवसर सामने आया है। C-Pyte कैंप लुधियाना में CAPF (GD), CISF, CRPF, ITBP, SSB और SSF की भर्ती के लिए ट्रेनिंग हेतु ट्रायल 1 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहे हैं।

C-Pyte कैंप लुधियाना के ट्रेनिंग ऑफिसर इंदरजीत कुमार ने बताया कि दोनों जिलों के इच्छुक युवा ट्रायल में हिस्सा लेकर भर्ती की तैयारी के लिए ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं।

ITI गिल रोड कैंप में होंगे ट्रायल

ट्रेनिंग ऑफिसर के अनुसार, इच्छुक उम्मीदवार 1 सितंबर से C-Pyte कैंप, ITI गिल रोड, लुधियाना में ट्रायल के लिए पहुंच सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे निर्धारित स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करें और भर्ती की तैयारी के इस अवसर का लाभ उठाएं।

इन सुरक्षा बलों की भर्ती के लिए मिलेगी ट्रेनिंग

C-Pyte कैंप में युवाओं को निम्नलिखित भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी:

  • CAPF (GD)
  • CISF
  • CRPF
  • ITBP
  • SSB
  • SSF

बताया गया है कि इन भर्तियों के लिए सितंबर और अक्टूबर महीने में रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

ट्रायल के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?

ट्रेनिंग ऑफिसर इंदरजीत कुमार के मुताबिक, ट्रायल में आने वाले उम्मीदवार अपने जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी साथ लेकर आएं।

इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • 10वीं का सर्टिफिकेट
  • 12वीं का सर्टिफिकेट
  • उच्च शिक्षा से संबंधित शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

युवाओं को सलाह दी गई है कि वे दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ कैंप में रिपोर्ट करें।

ट्रायल पास करने वालों को मिलेगी फ्री ट्रेनिंग, रहने-खाने की सुविधा

C-Pyte कैंप के अनुसार, ट्रायल में सफल रहने वाले युवाओं को पंजाब सरकार की ओर से CAPF (GD), CISF, CRPF, ITBP, SSB और SSF की भर्ती के लिए मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी।

इसके साथ ही चयनित उम्मीदवारों के लिए रहने और खाने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

युवाओं के लिए रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर

सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे लुधियाना और मलेरकोटला जिलों के युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार 1 सितंबर से C-Pyte कैंप पहुंचकर ट्रायल में भाग ले सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क

ट्रायल और ट्रेनिंग से संबंधित अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

78885-86296
98766-17258

उम्मीदवारों को सलाह है कि ट्रायल में शामिल होने से पहले फोन पर आवश्यक प्रक्रिया, समय और अन्य शर्तों की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

Garden Valley School के विद्यार्थियों की नशे के खिलाफ अनोखी पहल, घर-घर पहुंचा रहे जागरूकता का संदेश

गार्डन वैली इंटरनेशनल स्कूल भट्टियां के विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ अनोखी मुहिम शुरू की है। 10-10 सदस्यों की टीमें घर-घर जाकर जागरूकता फैला रही हैं। विद्यार्थियों को खेल किटें भी वितरित की गईं।

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

Report : जसबीर सिंह अलबेला

नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से गार्डन वैली इंटरनेशनल स्कूल, भट्टियां के विद्यार्थियों ने अनोखी पहल शुरू की है। स्कूल के विद्यार्थियों की 10-10 सदस्यों वाली टीमें बनाकर उन्हें घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

विद्यार्थियों की इस मुहिम की हौसला अफजाई करने के लिए एनआईएसडी सदस्य, एनसीसीडीआर के स्पेशल सदस्य तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार से जुड़े सुखविंदर सिंह बिंद्रा विशेष रूप से स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न खेलों से संबंधित किटें भी वितरित की गईं।

बच्चों को नशे से दूर रखने में खेलों की अहम भूमिका

सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने विद्यार्थियों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल द्वारा बच्चों को प्रेरित कर 10-10 सदस्यों की टीमें तैयार की गई हैं, जो घर-घर जाकर नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने इसे समाज के लिए एक सराहनीय प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलों से जोड़ना, बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाना और रोजगार के अवसर प्रदान करना बेहद जरूरी है। इन प्रयासों के माध्यम से ही स्वस्थ और बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

विद्यार्थियों को वितरित की गईं खेल किटें

सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने बताया कि बच्चों को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से खेल किटें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसी कड़ी में विद्यार्थियों को विभिन्न खेलों से संबंधित किटें सौंपी गईं।

उन्होंने कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने से उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिलती है।

‘नशा रोको मुहिम’ के तहत स्वस्थ जीवनशैली का संदेश

इस दौरान सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए केवल सरकार या प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

विद्यार्थियों ने पेश की जागरूकता कोरियोग्राफी

स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. हरप्रीत कौर ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्कूल विद्यार्थियों में खेल भावना विकसित करने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान गार्डन वैली स्कूल के विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाली विशेष कोरियोग्राफी भी प्रस्तुत की। विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति की उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता, खेल, शिक्षा और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

माय भारत पंजाब एवं चंडीगढ़ द्वारा सघन युवा पंजीकरण एवं जागरूकता अभियान का शुभारंभ

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय मेरा युवा भारत (माय भारत) द्वारा 1 जुलाई से 15 अगस्त, 2026 तक देशभर में सघन युवा पंजीकरण एवं जागरूकता अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य माय भारत पोर्टल पर अधिक से अधिक युवाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को सशक्त बनाना है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रश्मीत कौर, राज्य निदेशक, माय भारत पंजाब, शिवधन शर्मा, केंद्र शासित प्रदेश निदेशक, माय भारत चंडीगढ़, तथा श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माय भारत चंडीगढ़ ने पंजाब एवं चंडीगढ़ के युवाओं से माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण कर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।

अब तक पंजाब में 5,62,959 तथा चंडीगढ़ में 70,208 युवाओं का माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण हो चुका है। वर्तमान अभियान का उद्देश्य स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, गांवों, ब्लॉकों तथा शहरी क्षेत्रों तक पहुंचकर इन आंकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।

माय भारत एक अभिनव “फिजिटल” (भौतिक + डिजिटल) मंच है, जो युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जुड़ी विभिन्न अवसरों से जोड़ता है। पंजीकृत युवा अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम (Experiential Learning Programmes – ELPs), स्वयंसेवी अवसर (Volunteer Opportunities – VOs), युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम, केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं एवं अभियानों, इंटर्नशिप, कौशल विकास, मेंटरशिप तथा प्रमाणित डिजिटल स्वयंसेवक पहचान जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रमाण-पत्र एवं मान्यता भी प्रदान की जाती है।

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा: “पंजाब एवं चंडीगढ़ के युवाओं में भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपार क्षमता है। हम प्रत्येक युवा से आग्रह करते हैं कि वे माय भारत आंदोलन से जुड़ें और इस मंच पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं। अभियान के अंतर्गत महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, दिव्यांग युवाओं तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के युवाओं की समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।”

माय भारत पंजाब एवं चंडीगढ़ ने सभी शिक्षण संस्थानों, युवा संगठनों, सरकारी विभागों तथा अन्य हितधारकों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने एवं अधिक से अधिक युवाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने में सहयोग देने का आह्वान किया है।

युवा पंजीकरण हेतु माय भारत पोर्टल पर जाएँ: www.mybharat.gov.in

नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा पंजाब, CM मान ने नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमे’ के रूप में किया सम्मानित
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की; नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘सूरमा’ छाप और टी-शर्ट देकर किया सम्मानित
  • पंजाब सरकार सूबे को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध; नशों की गिरफ्त में से निकले नौजवान इस मुहिम में रोल मॉडल के रूप में काम करेंगे-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा एक बीमारी है, कोई अपराध नहीं, यह सजा की नहीं, इलाज की मांग करता है-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशा मुक्त हुए नौजवानों को आत्म-निर्भर बनाने के लिए सरकार पुनर्वास केंद्रों में सकारात्मक माहौल और हुनर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नशों के खिलाफ जंग में खेल अहम भूमिका निभा सकते हैं; हमारा मकसद हर नौजवान को खेलों से जोड़ना है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • पिछली सरकारों की गलत नीतियों और नशा तस्करी ने पंजाब के नौजवानों को विदेश जाने के लिए मजबूर किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • आप सरकार क्रांतिकारी कदमों के जरिए पंजाब के माथे से नशों का कलंक मिटा रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपनी सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम को अगले पड़ाव पर ले जाते हुए ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्त हुए नौजवानों को विशेष तौर पर तैयार की गई ‘सूरमा’ छाप (रिंग) और टी-शर्ट से सम्मानित किया।

इसे सूबे की नशा विरोधी मुहिम का अगला पड़ाव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपराले का उद्देश्य नशा छोड़ चुके नौजवानों को ‘उम्मीद के दूत’ के रूप में पेश करना है, जो जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ जंग की अगवानी करेंगे। दो साल से अधिक समय से नशा मुक्त रहने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ये नौजवान न सिर्फ दूसरों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे, बल्कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें रोजगार के मौके भी मुहैया करवाए जाएंगे।

खेलों को नशों की बीमारी के खिलाफ सबसे कारगर हथियार बताते हुए उन्होंने ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू कर दिए जाएंगे ताकि नौजवानों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से मानक शिक्षा, सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, खेलों के बुनियादी ढांचे और पुनर्वास पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है जो नशा-मुक्त और रंगला पंजाब की नींव रख रहा है।

कुछ मुख्य नुक्ते साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हमने ‘सूरमा मुहिम’ की शुरुआत की है और उन नौजवानों को सम्मानित किया है जो नशों के चंगुल में से निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं। दूसरों के लिए रोल मॉडल बने इन प्रेरणादायक नौजवानों को पंजाब सरकार की ओर से रोजगार के मौके भी दिए जाएंगे।

15 जुलाई तक पंजाब भर के नौजवानों के लिए 3,100 नए खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे। आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में पहले नंबर पर है और 47 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज के लिए 10 लाख रुपये के ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना कार्ड’ मिल चुके हैं।

सड़क सुरक्षा फोर्स (एस.एस.एफ.) ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को 50 फीसदी तक कम कर दिया है, जिससे हर साल करीब 2,700 कीमती जानें बच रही हैं। जब नीयत साफ हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। आओ सब मिलकर रंगला पंजाब बनाएं।”

इकट्ठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि समागम में मौजूद नौजवानों ने नशों की वजह से सब कुछ गंवाने के बाद इस दलदल में से बाहर निकलकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आज इनका सम्मान इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सामाजिक बदनामी के बावजूद इन्होंने नशे को हराने का असाधारण साहस दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “नशे की लत एक सामाजिक कलंक है। जब लोगों को पता चलता है कि कोई नशा करता है तो वे उस शख्स से बात करना भी बंद कर देते हैं। इन नौजवानों ने उस दर्द और मानसिक पीड़ा को झेला है, लेकिन आज वे नई शुरुआत करने और समाज की सेवा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये नौजवान नशे की बीमारी पर जीत हासिल कर चुके हैं और अब अपने तजुर्बे साझा करके दूसरों की मदद कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और राज्य भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्व स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे ऐलान किया कि 15 जुलाई तक पंजाब भर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू हो जाएंगे ताकि नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में बदला जा सके।

समागम में मौजूद नशा मुक्त हुए सभी नौजवानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दुखद अतीत को पीछे छोड़कर सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस नेक मिशन में उन्हें हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा, “रंगला पंजाब के सपने को पूरा करने के लिए अब सिर्फ एक ही रंग बाकी रह गया है और वह भी जल्द ही भर दिया जाएगा क्योंकि पंजाब जल्द ही पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।”

राज्य की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में मानक शिक्षा यकीनी बनाकर शिक्षा के क्षेत्र का काया-कल्प किया है, जिसके कारण पंजाब, केरल और कई अन्य सूबों को पछाड़कर 27वें नंबर से पहले नंबर पर आया है।

उन्होंने कहा कि गरीबी को खत्म करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। “हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कल ऊंचे अधिकारी बनेंगे और अपने परिवारों को गरीबी में से निकालने में मदद करेंगे। सिर्फ कार्ड या मुफ्त की सुविधाएं गरीबी खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा में ऐसा करने की ताकत और समर्थता जरूर है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब 65 लाख परिवारों में से 17.47 लाख परिवारों को पहले ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड’ मिल चुके हैं, जिससे वे मुफ्त इलाज का फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक करीब 650 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज मुहैया करवाया जा चुका है।

राज्य सरकार की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग कर रहा है, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) ने अब तक सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 3,000 लोगों की जान बचाई है, लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को बड़ा लाभ पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह में उन लोगों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने नशे की लत पर सफलतापूर्वक काबू पाया है और दो वर्षों से अधिक समय से नशा मुक्त (संयमित) जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति वास्तविक ‘सूरमा’ हैं क्योंकि इन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ नशे पर विजय प्राप्त की है। आज का यह समारोह पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये सूरमा अब ‘एम्बेसडर ऑफ रिकवरी’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे, जो अन्य लोगों को नशे की लत से छुटकारा पाने और अपने जीवन की नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरमा कार्यक्रम की शुरुआत पूरे पंजाब में व्यापक पुनर्वास कार्यक्रमों और मजबूत सामाजिक सहायता प्रणालियों के सकारात्मक प्रभाव का एक बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब की विरासत में गहराई से रचा-बसा ‘सूरमा’ शब्द अदम्य साहस का प्रतीक है, जो इन व्यक्तियों द्वारा अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर अपने जीवन को पुनः संवारने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

सरकार के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार नशों के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित कर रही है कि नशे से प्रभावित प्रत्येक परिवार को उपचार के लिए आवश्यक सहायता मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह केवल इन व्यक्तियों की रिकवरी का नहीं, बल्कि उनके नए जीवन को समर्पित है। उन्होंने कहा, “ये सूरमा अपने परिवारों और समाज के लिए आशा की किरण हैं। इनकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, पारिवारिक सहयोग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के माध्यम से नशे से मुक्ति संभव है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को उचित उपचार मिले और वह समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सूरमा इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि समय पर सहायता मिलने से उन जीवनों को फिर से संवारा जा सकता है, जो शायद नशे के कारण बर्बाद हो सकते थे। उन्होंने कहा, “स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों को विशेष रूप से तैयार की गई ‘प्रॉमिस रिंग्स’ (छल्लों) और बाज के प्रतीक वाली वर्दियों से सम्मानित किया गया है, जो नशा मुक्त पंजाब के मिशन में साहस, शक्ति और पंजाबियत के प्रतीक हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सूरमा पहल पंजाब सरकार की नशों के खात्मे के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसने पिछले कई वर्षों से राज्य में तबाही मचा रखी थी। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी कड़ी मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प रंगला पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सूरमा को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अब दूसरों को नशे की लत से छुटकारा दिलाने में मदद करके आशा के दूत बनेंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश करना जारी रखेगी और नशे की लत से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के लिए प्रयासरत रहेगी, ताकि प्रत्येक स्वस्थ हो चुका व्यक्ति बेहतर रोजगार के अवसरों के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी दोहराया कि जहां सरकार नशों के माध्यम से पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, वहीं सहायता मांगने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूरा सहयोग देना भी जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “यही ‘युद्ध नशों विरुद्ध चरण-2’ का वास्तविक उद्देश्य है।”

मुख्यमंत्री ने नशों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को समर्पित एक प्रेरणादायक गीत भी लॉन्च किया और घोषणा की कि सूरमा कार्यक्रम अब पंजाब के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने नशा मुक्ति उपचार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और कम से कम दो वर्षों से नशे से दूर हैं, वे व्हाट्सएप पर 9779142200 पर “Soorma” संदेश भेजकर इस कार्यक्रम के लिए स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को उनके अद्वितीय साहस के लिए सम्मानित किया जाएगा और वे पंजाब की नशों के विरुद्ध चल रही लड़ाई में चैंपियन के रूप में सेवा देंगे। उन्होंने कहा, “सूरमा पहल के माध्यम से पंजाब सरकार एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही है, जो नशे के कारण फैली निराशा को चुनौती देते हुए पीड़ितों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने और उनका सम्मान बहाल करने में मदद करेगा।”

उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष तीन महीने पहले ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की शुरुआत से लेकर अब तक पंजाब ने अपने नशा विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आधुनिक उपचार सुविधाओं, परामर्श सेवाओं और फॉलो-अप सहायता से लैस अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘सूरमा रिकग्निशन प्रोग्राम’ नशे और रिकवरी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर कर इन उपलब्धियों को और मजबूत करता है तथा ऐसा सहयोगी नेटवर्क तैयार करता है, जो नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे अन्य लोगों को उपचार के लिए प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

बच्चों को नशे और मोबाइल से दूर रखने के लिए फुटबॉल अकादमी बनी मिसाल

पंजाब में जहां युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करने की लगातार जरूरत महसूस की जा रही है, वहीं एक फुटबॉल अकादमी बच्चों को खेलों से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश कर रही है। अकादमी का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल फोन, गलत संगत और नशे जैसी बुराइयों से दूर रखते हुए उन्हें फुटबॉल और फिटनेस के प्रति जागरूक बनाना है।

अकादमी में छोटे बच्चों से लेकर किशोर खिलाड़ियों तक को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां अनुभवी कोच खिलाड़ियों को फुटबॉल की तकनीक, फिटनेस, अनुशासन और टीम भावना के बारे में प्रशिक्षण देते हैं। सुबह और शाम होने वाली प्रैक्टिस में बड़ी संख्या में बच्चे हिस्सा लेते हैं।

अभिभावकों का कहना है कि फुटबॉल प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और उनका ध्यान पढ़ाई व फिटनेस की ओर ज्यादा हुआ है। कई बच्चों ने जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेना शुरू कर दिया है, जिससे इलाके में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।

अकादमी संचालकों के अनुसार उनका मकसद केवल खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है। वे चाहते हैं कि अधिक से अधिक बच्चे खेलों से जुड़ें और अपने भविष्य को बेहतर बनाएं।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना समय की जरूरत है और ऐसी अकादमियां युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।