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घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव बड़ी चुनौती, जरूरत पड़ी तो और कड़े कानून सुझाए जाएंगे: न्यायमूर्ति नावलेकर

इंदौर / सत्ता संदेश

Madhya Pradesh के इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष और उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश Prakash Prabhakar Naolekar ने कहा कि अवैध घुसपैठ और उसके कारण होने वाला जनसांख्यिकीय परिवर्तन देश के लिए एक “बहुत बड़ी चुनौती” बन चुका है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मौजूदा कानूनी प्रावधान पर्याप्त नहीं पाए गए, तो समिति और अधिक कड़े कानूनों की सिफारिश कर सकती है।

न्यायमूर्ति नावलेकर ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और प्रशासनिक व्यवस्था पर अवैध घुसपैठ का दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नीति और सामाजिक स्थिरता से जुड़े विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समिति विभिन्न राज्यों और संबंधित एजेंसियों से जानकारी जुटा रही है और इस बात का अध्ययन किया जा रहा है कि किन क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव तेजी से हो रहे हैं तथा उसके पीछे क्या कारण हैं। समिति यह भी देख रही है कि मौजूदा कानून और प्रशासनिक व्यवस्था इस चुनौती से निपटने के लिए कितने प्रभावी हैं।

नावलेकर ने स्पष्ट किया कि यदि जांच और अध्ययन के दौरान यह महसूस हुआ कि मौजूदा कानूनी ढांचा पर्याप्त नहीं है, तो समिति केंद्र सरकार को “और कड़े कानून” बनाने का सुझाव दे सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सिफारिश का उद्देश्य संवैधानिक प्रावधानों और मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना होगा।

हाल के वर्षों में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा देश की राजनीति और सुरक्षा बहस का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। कई राज्यों में इस संबंध में राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली है। केंद्र सरकार पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को लेकर अपनी चिंता जाहिर करती रही है।

विशेषज्ञों का मानना है that जनसांख्यिकीय परिवर्तन का मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। इसलिए किसी भी नीति या कानूनी कदम के लिए संतुलित और तथ्य आधारित दृष्टिकोण जरूरी होगा।

फिलहाल समिति विभिन्न पक्षों से राय और आंकड़े एकत्र कर रही है। आने वाले समय में इसकी सिफारिशें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन सकती हैं।

राजस्थान के सेवानिवृत्त एएसपी ने की आत्महत्या, जोधपुर में पुलिस जांच शुरू

जोधपुर / सत्ता संदेश

Rajasthan के जोधपुर शहर के लालसागर इलाके में एक सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि की और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान दशरथ सिंह चरण के रूप में हुई है, जो करीब दो साल पहले पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। जानकारी के अनुसार, उन्होंने हाल ही में लालसागर क्षेत्र में एक नया मकान बनवाया था और लगभग एक सप्ताह पहले ही अपनी पत्नी के साथ वहां रहने आए थे।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पारिवारिक स्थिति, मानसिक तनाव या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण सहित सभी एंगल से जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दशरथ सिंह चरण एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और हाल ही में नए घर में शिफ्ट होने के बाद सामान्य जीवन जी रहे थे।

पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मानसिक दबाव, सामाजिक बदलाव और व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना करते हैं, जिसके चलते ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और समय पर सहायता बेहद जरूरी हो जाती है।

ड्यूटी पर जाते समय गोलियों का शिकार हुए पुलिस एएसआई जोगा सिंह का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, राजनीतिक नेताओं ने मौजूदा सरकार पर उठाए सवाल पत्रकार: लवप्रीत सिंह खुशी पुर

अमृतसर / सत्ता संदेश


पिछले दिनों जिला अमृतसर के मजीठा के गांव हमजा के पास हुई बड़ी वारदात में पंजाब पुलिस में तैनात एएसआई जोगा सिंह की ड्यूटी पर जाते समय अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक एएसआई जोगा सिंह जिला गुरदासपुर के गांव घणिए के बांगर के रहने वाले थे।

मृतक के बेटे और बेटी, जो विदेश में रहते हैं, उनके पहुंचने के बाद आज एएसआई जोगा सिंह का उनके पैतृक गांव घणिए के बांगर में बेहद गमगीन माहौल और नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमृतसर सिटी से आई पुलिस टुकड़ी ने मातमी धुन बजाकर और हथियार उल्टे कर राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी।

इस मौके पर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक संगठनों और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने एएसआई जोगा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

वहीं अंतिम संस्कार में परिवार के साथ दुख साझा करने पहुंचे कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए। फतेहगढ़ चूड़ियां के विधायक त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि आज पंजाब के हालात बद से बदतर हो चुके हैं और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब एक पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भले ही अब इस पुलिस अधिकारी को शहीद घोषित कर दिया जाए, लेकिन इससे उसकी जान वापस नहीं आ सकती। इन हालातों के लिए सरकार जिम्मेदार है।

वहीं शिरोमणि अकाली दल के नेता लखवीर सिंह लोढ़ीनंगल ने कहा कि पंजाब सरकार की नाकामियों के कारण आज एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। उन्होंने कहा कि जोगा सिंह एक नेकदिल और ईमानदार पुलिस अधिकारी थे।

उधर आम आदमी पार्टी के नेता बलबीर पन्नू ने भी अंतिम संस्कार में पहुंचकर परिवार के साथ दुख साझा किया। उन्होंने कहा कि जोगा सिंह का निधन जहां परिवार के लिए बड़ा नुकसान है, वहीं पुलिस विभाग और समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने उन्हें यहां भेजा है और सरकार इस परिवार के साथ हर समय खड़ी रहेगी।

केरल में ईडी अधिकारियों के वाहन पर हमला, मुख्यमंत्री विजयन के आवास के बाहर बढ़ा राजनीतिक तनाव

तिरुवनंतपुरम / सत्ता संदेश

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आधिकारिक आवास के बाहर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के वाहन पर कथित हमला किए जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, ईडी अधिकारियों का वाहन मुख्यमंत्री आवास के आसपास मौजूद था, तभी कुछ लोगों ने वाहन को घेर लिया और कथित तौर पर उस पर हमला कर दिया। घटना के दौरान वाहन को नुकसान पहुंचने की भी खबर है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा बलों ने इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, घटना ऐसे समय हुई है जब राज्य में विभिन्न राजनीतिक और वित्तीय मामलों को लेकर ईडी की कार्रवाई चर्चा में बनी हुई है। इससे पहले भी विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं और ईडी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमला अचानक हुई झड़प का परिणाम था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद केरल की राजनीति में केंद्र और राज्य सरकार के बीच एजेंसियों की भूमिका को लेकर बहस और तेज हो सकती है। खासकर ऐसे समय में जब विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले से ही राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। वहीं सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

सोनीपत में लोहे की रॉड से तिहरा हत्याकांड, दंपति समेत तीन लोगों की हत्या

सोनीपत / सत्ता संदेश

हरियाणा के कुंडली क्षेत्र में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर दंपति और एक अन्य महिला की हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान ब्रह्मप्रकाश के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने रविवार देर रात तीनों पीड़ितों पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह हमला बेहद क्रूर और सुनियोजित बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक मृतकों में एक पति-पत्नी और एक अन्य महिला शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर आपसी विवाद या व्यक्तिगत रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ठोस वजह की पुष्टि नहीं हुई है।

मामले के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने घटना पर चिंता जताते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।

कॉकरोच जनता पार्टी मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्काल सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

Supreme Court of India ने सोमवार को फर्जी वकीलों और कथित तौर पर व्यंग्यात्मक डिजिटल मंच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी सीजेपी को लेकर दायर इस याचिका पर अदालत ने फिलहाल कोई तात्कालिक राहत देने से मना कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने किया। उन्होंने अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि फर्जी वकीलों और डिजिटल मंच की गतिविधियों से न्याय व्यवस्था और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

हालांकि, पीठ ने तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वह इस मुद्दे को “इतने भावुक तरीके” से न लें। अदालत की इस टिप्पणी को मामले में फिलहाल संयम बरतने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी नामक यह डिजिटल मंच व्यंग्यात्मक और राजनीतिक कटाक्ष से जुड़े कंटेंट के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इसके कई पोस्ट और वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने इसकी सामग्री पर आपत्ति जताई है।

याचिका में कथित तौर पर मंच से जुड़े लोगों की गतिविधियों और फर्जी वकीलों के नेटवर्क की जांच कराने की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया कि हर वायरल या चर्चित विषय पर आपात सुनवाई जरूरी नहीं होती।

अब माना जा रहा है कि याचिकाकर्ता नियमित प्रक्रिया के तहत मामले को सूचीबद्ध कराने की कोशिश करेगा, जिसके बाद भविष्य में इस पर सुनवाई हो सकती है।

तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त हुए सी. जोसफ विजय, यौन अपराधों में तुरंत FIR और दोषियों को कड़ी सजा की मांग

चेन्नई / सत्ता संदेश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने राज्य में बढ़ते यौन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में तुरंत मामला दर्ज किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पीड़ित को न्याय पाने के लिए पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यौन अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की पहली जिम्मेदारी पीड़ित की सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।

उन्होंने राज्य पुलिस, गृह विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में FIR दर्ज करने में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सी. जोसफ विजय ने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द अदालतों में पेश कर कठोर सजा दिलाने के लिए विशेष अभियोजन तंत्र को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने फास्ट ट्रैक अदालतों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए ताकि मामलों का निपटारा तेजी से हो सके।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो। उन्होंने साइबर अपराध, महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।

सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। इसके तहत महिला हेल्पलाइन, CCTV निगरानी और पुलिस पेट्रोलिंग को और मजबूत किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में भी महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया है। विपक्षी दलों ने भी यौन अपराधों पर सख्त कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है, हालांकि उन्होंने सरकार से जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

टांडा / सत्ता संदेश

चुनावों के दौरान अमन-कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए टांडा पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया गया।आगामी नगर कौंसिल चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से आज टांडा पुलिस द्वारा इलाके में एक विशेष फ्लैग मार्च निकाला गया। सब डिवीजन टांडा पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा और एसएचओ गुरिंदर सिंह नागरा की अगुवाई में पुलिस टीम ने टांडा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करते हुए अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग भी की।

यह फ्लैग मार्च स्थानीय थाना प्रभारी की अगुवाई में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और सुरक्षा बल शामिल थे।

शहर के मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च

पुलिस द्वारा निकाला गया यह फ्लैग मार्च टांडा थाने से शुरू होकर शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों, चौकों और खासकर चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों से होकर गुजरा। पुलिस की गाड़ियों और पैदल मार्च कर रहे जवानों ने शहरवासियों को सुरक्षा का एहसास करवाया।

पुलिस प्रशासन की मुख्य चेतावनी और अपील

इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुनावों के दौरान किसी भी शरारती तत्व को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पुलिस द्वारा जारी मुख्य निर्देश:

  • सख्त कार्रवाई: चुनावों के दौरान अफवाहें फैलाने, हुड़दंग करने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • असला जमा करवाने की अपील: लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों से चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए अपने हथियार तुरंत नजदीकी थाने या गन हाउस में जमा करवाने को कहा गया है।
  • सहयोग की मांग: पुलिस ने आम जनता से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए।

बाइट: डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा

खालसा कॉलेज अमृतसर में बिहारी और कश्मीरी छात्रों के बीच झगड़ा, तनाव का माहौल

अमृतसर/ सत्ता संदेश

देर रात हॉस्टल में हुई कहासुनी ने हिंसक रूप धारण किया

बिहार के छात्रों ने वार्डन और कुछ शिक्षकों पर लगाए गंभीर आरोप

कश्मीरी और बिहारी छात्रों के बीच पुराने विवाद की बात भी आई सामने

Khalsa Engineering College के रणजीत एवेन्यू स्थित कैंपस में देर रात छात्रों के बीच हुए झगड़े ने कॉलेज का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। जानकारी के अनुसार बिहार और कश्मीर से संबंधित छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो बाद में हिंसक झगड़े में बदल गया। इस घटना में कुछ छात्रों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और कॉलेज प्रशासन दोनों जांच में जुटे हुए हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार के एक छात्र ने बताया कि वह खालसा कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पहले एक छात्र के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। बिहार के छात्रों ने कहा कि कुछ कश्मीरी छात्रों ने पत्थरों और अन्य चीजों से बिहार के छात्रों पर हमला किया। उसका दावा है कि इस दौरान कुछ शिक्षक और वार्डन भी मौजूद थे, जिन पर छात्रों ने नशे की हालत में होने के आरोप लगाए हैं।

छात्रों का कहना है कि कुछ बच्चों को कमरों में बुलाकर थप्पड़ मारे गए और उनके साथ बदसलूकी की गई। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की शिकायत पुलिस को दी गई, लेकिन अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। बिहार के छात्रों ने मांग की है कि जिन वार्डनों और छात्रों का इस घटना में नाम सामने आया है, उन्हें तुरंत निलंबित कर कॉलेज से बाहर निकाला जाए।

छात्रों ने यह भी कहा कि इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं और हर बार उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल में छात्रों के साथ धर्म और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव किया जाता है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन उन्हें पूरी सुरक्षा नहीं दे रहा, जबकि वे चार साल की फीस भरकर यहां पढ़ाई करने आए हैं।

दूसरी ओर, इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए Jagjit Singh Walia ने कहा कि खालसा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों के बीच किसी मुद्दे को लेकर झगड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि पुलिस स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या पैदा न हो। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने भी एक आंतरिक जांच समिति बनाई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।

डीसीपी ने कहा कि अभी तक किसी बड़ी चोट या हथियार इस्तेमाल होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो भी सबूत और तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर ही पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की कि इस मामले को धर्म या किसी राज्य से जोड़कर न देखा जाए और अफवाहों से बचा जाए।

फिलहाल कॉलेज कैंपस में माहौल शांत बताया जा रहा है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों में घटना को लेकर चिंता बनी हुई है। पुलिस और कॉलेज प्रशासन की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

झारखंड में रामनवमी पर सुरक्षा कड़ी, मुख्यमंत्री ने लोगों को दीं शुभकामनाएं

रांची, 27 मार्च (भाषा) झारखंड में शुक्रवार को रामनवमी पर मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ और कई जिलों में शोभायात्राएं निकाले जाने के मद्देनजर पूरे राज्य में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा कि ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और त्वरित प्रतिक्रिया टीम की तैनाती कर निगरानी कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर जिलों में शोभायात्रा आज निकाली जाएंगी जबकि संवेदनशील क्षेत्र माने जाने वाले हजारीबाग और जमशेदपुर में ये शनिवार को आयोजित की जाएंगी।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राम नवमी पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।

गंगवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्श सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा सभी के जीवन को सदैव आलोकित करते रहें। मेरी कामना है कि यह शुभ पर्व सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।”

सोरेन ने कहा कि भगवान राम का जीवन लोगों को सत्य, कर्तव्य, करुणा और न्याय के मार्ग पर चलने तथा सद्भाव, सेवा और नैतिकता पर आधारित समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।