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IND vs SL Test Match : श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान, किसकी हुई वापसी और किसको मिला मौका

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी। दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। टीम की कमान एक बार फिर शुभमन गिल के हाथों में सौंपी गई है, जबकि अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है।

India Announce Test Squad For Sri Lanka Tour, Saransh Jain Earns Maiden Call-Up

सारांश जैन टीम में नया चेहरा
 इस टीम में सबसे चौंकाने वाला चयन सारांश जैन का है, जिन्हें पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले इस ऑलराउंडर को पहली बार सीनियर टीम से बुलावा मिला है।

विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल संभालेंगे। बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल को भी जगह मिली है।

ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार टीम का हिस्सा हैं। 

बीसीसीआई ने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे, इसलिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया।

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बुमराह-सुदर्शन का चयन सब्जेक्ट टू फिटनेस
तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई जसप्रीत बुमराह करेंगे। उनके साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को भी टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से फिटनेस मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी।

किन खिलाड़ियों की हुई टेस्ट टीम में वापसी
भारत ने पिछला टेस्ट अफगानिस्तान के खिलाफ खेला था। उस टीम से तुलना करें तो नीतीश रेड्डी, हर्ष दुबे, वॉशिंगटन सुंदर मौजूदा टीम का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, रवींद्र जडेजा और बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी हुई है। हालांकि, बुमराह का खेलना अभी तय नहीं है। इसके अलावा सारांश नया चेहरा हैं। जडेजा ने पिछला टेस्ट पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बरसापारा स्टेडियम में खेला था। वह काफी लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं। उनका पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच इस साल जनवरी में आया था।विज्ञापन

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श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम
 

  • कप्तान: शुभमन गिल
  • उपकप्तान: केएल राहुल
  • यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह*, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।


(*) साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह का चयन सब्जेक्ट टू फिटनेस है, यानी बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से फिटनेस मंजूरी मिलने के बाद ही खेल सकेंगे।

भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज 2026 का कार्यक्रम

मैचतारीखस्थान
पहला टेस्ट15-20 अगस्त 2026गॉल
दूसरा टेस्ट23-27 अगस्त 2026कोलंबो
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: NSNIS पटियाला के वेटलिफ्टरों ने भारत को दिलाए तीन पदक, संस्थान में जश्न का माहौल

पटियाला / सत्ता संदेश

नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS), पटियाला में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) पटियाला के तीन वेटलिफ्टरों ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए तीन प्रतिष्ठित पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 88 किलोग्राम स्नैच और 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल रहे।

वहीं अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया।

इसके अलावा बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं की 58 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन (87 किलोग्राम स्नैच और 112 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) उठाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

इन तीनों खिलाड़ियों ने वर्ष 2022 से NCOE, NSNIS पटियाला में लगातार कड़ी मेहनत, अनुशासन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के दम पर अपनी प्रतिभा को निखारा। उनकी वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार सफलता के रूप में सामने आया है।

इस उपलब्धि पर SAI NSNIS पटियाला के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (DDG/SED) श्री विनीत कुमार ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की अथक मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्होंने कोचों, सपोर्ट स्टाफ और तकनीकी टीम की भी सराहना की, जिनकी निरंतर मार्गदर्शन और पर्दे के पीछे की मेहनत ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को संभव बनाया।

उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल NSNIS पटियाला की उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण प्रणाली को दर्शाती है, बल्कि भारतीय खेल जगत के लिए भी एक प्रेरणादायक मील का पत्थर है।

खराब गेहूं पर HC सख्त: केंद्र-पंजाब सरकार से मांगा जवाब, 14 फीसदी से ज्यादा नमी वाले अनाज वितरण पर रोक

पंजाब / सत्ता संदेश

याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो।जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन डिपो पर खराब गुणवत्ता का गेहूं भेजे जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है।

जस्टिस निधि गुप्ता ने एनएफएसए डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की है। याचिका में मांग की गई है कि राशन डिपो पर केवल निर्धारित गुणवत्ता वाला गेहूं ही भेजा जाए और उसमें नमी 12 फीसदी से अधिक न हो। 12 से 14 फीसदी नमी होने पर कीमत में कटौती की जाए जबकि 14 फीसदी से अधिक नमी वाला गेहूं वितरण के लिए जारी न किया जाए। याचिका में 2022 के दिशा-निर्देशों और राज्य की खाद्यान्न नीति का भी हवाला दिया गया है।

असम में बाढ़ का कहर : PM ने सांसदों के साथ की समीक्षा बैठक विधायकों को 1 महीने का वेतन देने का किया ऐलान

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने असम के विभिन्न हिस्सों में व्याप्त बाढ़ की स्थिति पर राज्य के सांसदों के साथ बैठक की। इसके साथ ही आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।

पीएम मोदी ने क्या बताया? 

एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना की। उन्होंने एक्स पर लिखा,’असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी की सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना करता हूं। 

असम में क्या है हालात?

इस बीच, असम के शिवसागर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है क्योंकि नौजान गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवार आश्रय, भोजन और सुरक्षित पेयजल तक पहुंच के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं।


वहीं, असम के विधायकों ने एक बड़ा फैसला लिया है। रायजोर दल को छोड़कर सभी विधायकों ने मंगलवार को राज्य के बाढ़ पीड़ितों की राहत और पुनर्वास के लिए अपने एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की।

अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने क्या एलान किया?

अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने कहा कि वह और उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन बाढ़ राहत के लिए एक महीने का वेतन दान करेंगे। उन्होंने घोषणा की, ‘हमारे अलावा, विधानसभा सचिवालय के सभी कर्मचारी पीड़ितों की राहत और पुनर्वास के लिए एक दिन का वेतन दान करेंगे।’

संसदीय कार्य मंत्री ने क्या कहा? 

इस पहल का स्वागत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि भाजपा के सभी विधायक भी एक महीने का वेतन दान करेंगे। राज्य में तृणमूल कांग्रेस के इकलौते विधायक शेरमन अली अहमद ने भी ऐसा ही किया और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अपने एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की।

वायुसेना की ओर से राहत अभियान जारी

भारतीय वायुसेना की ओर से असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान लगातार जारी है। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद वायुसेना राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटी हुई है। मंगलवार को भारतीय वायुसेना ने बताया कि पिछले 10 दिनों के दौरान उसके हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ में फंसे 458 लोगों को सुरक्षित बचाकर निकाला है।

वायुसेना के मुताबिक अभी तक प्रभावित क्षेत्रों में हवाई मार्ग से 9 टन से अधिक आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई गई है। वायुसेना के अधिकारी व जवान रहात अभियान के दौरान लगातार दुर्गम और जलमग्न क्षेत्रों में उड़ान भर रहे है।

बता दे कि कुल 631 गांव अभी भी जलमग्न हैं। वहीं, राहत कार्य 184 शिविरों और वितरण केंद्रों के माध्यम से जारी हैं, जहां लगभग 28,700 लोगों को आश्रय दिया गया है। 

अमृतसर एयरपोर्ट से ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू, 27 अंतरराष्ट्रीय शहरों में भरेगी उड़ान

अमृतसर / सत्ता संदेश

एयर इंडिया ने सोमवार से श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू कर दी। इसके तहत अमृतसर से दिल्ली के रास्ते उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया समेत 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक यात्रियों को आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। यह सेवा केंद्र सरकार के हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत शुरू की गई है।

कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से सेवा की शुरुआत पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अमृतसर में हब-एंड-स्पोक मॉडल का विस्तार देश के विभिन्न हिस्सों को विश्वस्तरीय हवाई संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पंजाब का वैश्विक संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन, व्यापार तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

नई व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री अमृतसर एयरपोर्ट पर ही अपने अंतिम गंतव्य तक के लिए चेक-इन और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके बाद दिल्ली में उन्हें दोबारा बैगेज चेक-इन कराने या टर्मिनल बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री सीधे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री के रूप में अपनी आगे की उड़ान पकड़ सकेंगे।विज्ञापन

एयर इंडिया अमृतसर से दिल्ली के लिए रोजाना दो उड़ानें संचालित करेगी। पहली उड़ान एआई-1113 सुबह 9:10 बजे अमृतसर से रवाना होकर 10:40 बजे दिल्ली पहुंचेगी, जबकि दूसरी उड़ान एआई-1115 रात 10 बजे रवाना होकर 11:20 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इन उड़ानों के जरिए दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए कनेक्टिंग उड़ानें उपलब्ध होंगी।

एयर इंडिया के गवर्नेंस, रिस्क, कंप्लायंस एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स के ग्रुप हेड पी. बालाजी ने कहा कि पंजाब के बड़ी संख्या में लोग अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में रहते हैं। नई व्यवस्था से यात्रियों को विदेशी हवाई अड्डों पर बार-बार औपचारिकताएं पूरी करने और लंबी ट्रांजिट प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

सुबह संचालित होने वाली उड़ान के जरिए यात्री लंदन, बर्मिंघम, पेरिस, मिलान, कोपेनहेगन, वियना, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, फ्रैंकफर्ट और रोम सहित कई यूरोपीय शहरों तक पहुंच सकेंगे। वहीं रात की उड़ान से न्यूयॉर्क, नेवार्क, सैन फ्रांसिस्को, शिकागो, टोरंटो, वैंकूवर, मेलबर्न, सिडनी, सिंगापुर, फुकेत, बाली और दुबई समेत अन्य गंतव्यों के लिए कनेक्टिविटी मिलेगी।

एयर इंडिया के अनुसार, आने वाले समय में अहमदाबाद, गोवा, कोच्ची और अन्य शहरों से भी ‘ईजी कनेक्ट’ सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा अगले दो महीनों में अमृतसर के लिए अंतरराष्ट्रीय से घरेलू उड़ानों के ट्रांजिट की सुविधा भी इसी मॉडल के तहत लागू किए जाने की योजना है।

जापान के कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का आया भूंकप, सुनामी की भी चेतावनी

जापान / सत्ता संदेश

जापान के दक्षिणी कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने यह जानकारी दी।

भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने 1 मीटर (3.28 फीट) ऊंची लहरों वाली सुनामी की चेतावनी जारी की है। जापान सरकार ने दक्षिणी क्यूशू द्वीप के कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रांतों के लिए आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की है। मौसम एजेंसी ने लोगों को समुद्र और तटों से दूर रहने की सलाह दी है।

दुनिया के सर्वाधिक भूकंप प्रभावित देशों में एक है जापान
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां कम से कम हर पांच मिनट में भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। जापान प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले ज्वालामुखियों और समुद्री गर्तों वाले क्षेत्र ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। दुनिया में 6.0 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंपों में से करीब 20 फीसदी जापान में आते हैं।


ट्रेन सेवाएं रोकी गईं
क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर ने कहा कि भूकंप के बाद उसके सेंडाई और जेनकाई परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है। ट्रेन संचालक जेआर क्यूशू ने बताया कि भूकंप के बाद उसने अपनी सेवाएं रोक दी हैं। इसमें हाई-स्पीड शिंकानसेन ट्रेनें भी शामिल हैं।


चीन के छिंगहाई प्रांत में 20 मिनट के भीतर आए दो भूकंप
इससे पहले, चीन के एक दूरदराज प्रांत में भी मंगलवार सुबह करीब 20 मिनट के अंतराल में दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। 

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि चीन के छिंगहाई प्रांत में सुबह 11 बजकर 16 मिनट और 11 बजकर 34 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता क्रमशः 5.7 और 5.8 थी। दोनों भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई पर आए। भूकंप से किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है। चीन के उत्तर-पश्चिम में स्थित छिंगहाई प्रांत कम आबादी वाला क्षेत्र है और यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के एक वीडियो में दिखाया गया कि जमीन हिलने के दौरान चट्टानों से धूल के बादल उठ रहे थे।

इन भूकंपों का असर पड़ोसी गांसू प्रांत के लानझोउ शहर में भी महसूस किया गया। यह इस इलाके के सबसे बड़े शहरों में से एक है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शहर के घरों के अंदर लगे लैंप हिलते हुए दिखाई दिए।

लुधियाना जिला बैडमिंटन टूर्नामेंट का समापन, 500 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

लुधियाना / सत्ता संदेश

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ लुधियाना (BAL) द्वारा आयोजित लुधियाना डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन टूर्नामेंट का समापन आज शास्त्री बैडमिंटन हॉल में हुआ। समापन समारोह में लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर एवं BAL के प्रेसिडेंट श्री हिमांशु जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर BAL के चेयरमैन एम.एस. ग्रेवाल, वाइस प्रेसिडेंट विपन डावर एवं नीरज महाजन, जनरल सेक्रेटरी सुलभा जिंदल, टेक्निकल सेक्रेटरी चरणजीत सिंह, जॉइंट सेक्रेटरी मंगत शर्मा एवं पुनीतिंदर सिंह ग्रेवाल सहित एग्जीक्यूटिव मेंबर आनंद तिवारी, अर्जुन चौधरी और श्री हेमंत भी मौजूद रहे।

टूर्नामेंट में 500 से अधिक खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों और प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए नकद पुरस्कार (कैश प्राइज़) प्रदान किए गए।

समापन समारोह में आयोजकों ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे टूर्नामेंट युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी बैडमिंटन के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए इसी प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

पंजाब स्कूल शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बना: सीएम मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

  • सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की नीट, जे.ई.ई. और टैलेंट सर्च परीक्षा में सफलता हमारी सरकार के शिक्षा सुधारों की झलक है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • गरीबी खत्म करने और समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • वर्धमान टेक्सटाइल समूह के सहयोग से सरकारी प्राथमिक स्कूल में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने नए ब्लॉक का मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया उद्घाटन

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण में लगातार किए जा रहे निवेश ने राज्य को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बना दिया है।

यहाँ सरकारी प्राथमिक स्कूल, लोहारा में पाँच करोड़ रुपये की लागत से बने ‘वर्धमान ब्लॉक’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट, जे.ई.ई. और पंजाब राज्य टैलेंट सर्च परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की शानदार सफलता सरकार के शिक्षा सुधारों के दूरगामी प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने दोहराया कि गरीबी समाप्त करने और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली साधन है।

सरकारी प्राथमिक स्कूल में नए ब्लॉक का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह नया ब्लॉक पाँच करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका पूरा खर्च वर्धमान टेक्सटाइल समूह ने वहन किया है, जिसके लिए मैं समूह के नेतृत्व का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ। इस नए ब्लॉक में विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर सहित 18 कक्षाएँ तथा शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्धमान टेक्सटाइल समूह विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस समूह ने लोहारा, ग्यासपुरा, कासाबाद, लाडोवाल, सेखेवाल और अन्य सरकारी स्कूलों में भी भवनों का निर्माण कराया है। कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत राज्य से गरीबी अथवा अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर उन्हें गरीबी के दलदल से बाहर निकाल सकती है।”

उन्होंने कहा, “सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुँच गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया है, व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार की प्रमुख संस्था नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आँकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब शीर्ष पर खड़ा है। पहले केरल पहले स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से नंबर एक का दर्जा हासिल किया है। आने वाले समय में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, इसलिए राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जहाँ 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं। मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3, लुधियाना में दो अन्य स्कूल ऑफ एमिनेंस बनकर तैयार हो चुके हैं और शीघ्र ही जनता को समर्पित किए जाएंगे। 146 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा, 33 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन परीक्षा, 9 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. एडवांस्ड परीक्षा तथा 47 विद्यार्थियों ने पी.एस.टी.एस.ई. परीक्षा उत्तीर्ण की है।

फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स ने डाबा रोड पर फूड क्वालिटी इंस्पेक्शन और हाइजीन अवेयरनेस ड्राइव चलाई

लुधियाना / सत्ता संदेश

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की दूर की सोच और गाइडेंस में, लुधियाना के डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने 27 जुलाई को डाबा रोड पर फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स इंस्पेक्शन और अवेयरनेस ड्राइव चलाकर सुरक्षित, हाइजीनिक और क्वालिटी वाला खाना पक्का करने का अपना कमिटमेंट जारी रखा।

इंस्पेक्शन के दौरान, फूड सेफ्टी टीम ने फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी का इस्तेमाल करके तीन फूड सैंपल—पनीर, खोया बर्फी और मिल्क केक—इकट्ठे किए और टेस्ट किए। टेस्ट किए गए तीन सैंपल में से, एक सैंपल तय फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड के हिसाब से था, जबकि दो सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए। टेस्ट रिपोर्ट तुरंत मौके पर ही संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर को जारी कर दी गईं, जिससे ट्रांसपेरेंसी बनी और जहां भी ज़रूरत हो, समय पर सुधार के लिए एक्शन लिया जा सका।

ड्राइव के हिस्से के तौर पर, स्ट्रीट फूड वेंडर और लोकल फूड बिजनेस ऑपरेटर के लिए एक फूड सेफ्टी और हाइजीन अवेयरनेस सेशन रखा गया। पार्टिसिपेंट्स को पर्सनल हाइजीन बनाए रखने, खाना बनाने की जगहों और बर्तनों की सफाई पक्का करने, खाने को सुरक्षित तरीके से संभालने और स्टोर करने के तरीके अपनाने, कंटैमिनेशन को रोकने, पीने का साफ पानी इस्तेमाल करने, कचरे को अच्छे से मैनेज करने और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की गाइडलाइंस का पालन करने के महत्व के बारे में बताया गया। वेंडर्स को कस्टमर्स को सुरक्षित और हेल्दी खाना देने के लिए लगातार हाइजीनिक तरीकों को फॉलो करने के लिए बढ़ावा दिया गया।

डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन, IAS, ने दोहराया कि डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को मजबूत करने और पब्लिक हेल्थ की सुरक्षा के अपने कमिटमेंट पर कायम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लुधियाना डिस्ट्रिक्ट में रेगुलर इंस्पेक्शन, मौके पर फूड टेस्टिंग और अवेयरनेस प्रोग्राम जारी रहेंगे ताकि जिम्मेदार फूड हैंडलिंग तरीकों को बढ़ावा दिया जा सके और सभी के लिए सुरक्षित और हेल्दी खाना मिलना पक्का किया जा सके।

डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स और स्ट्रीट फूड वेंडर्स से अपील की कि वे फूड सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें और लुधियाना के लोगों के लिए एक हेल्दी और सुरक्षित फूड इकोसिस्टम बनाने में अधिकारियों के साथ एक्टिव रूप से सहयोग करें।

लुधियाना में वर्धमान-आइची स्टील फोर्जिंग प्लांट की आधारशिला, 500 युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार: CM भगवंत मान
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए की लागत वाले वर्धमान-आईची स्टील फोर्जिंग प्लांट का नींव पत्थर रखा, 500 युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार
  • अगली वर्धमान-आईची स्टील यूनिट 2,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए शुरुआती 500 करोड़ रुपए के समझौते के बावजूद वर्धमान-आईची ने निवेश बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपए किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • प्लांट में तैयार किए जाने वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स भारत और अन्य देशों में निर्यात किए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • नई औद्योगिक नीति के तहत पंजाब अब ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियां प्रदान करता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान की आईची स्टील की भागीदारी के साथ वर्धमान स्पेशल स्टील्स द्वारा स्थापित किए जा रहे देश के अपनी तरह के पहले 1,116 करोड़ रुपए के फोर्जिंग और मशीनिंग यूनिट का नींव पत्थर रखा। उन्होंने इसे पंजाब के औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन बताया। यह प्रोजेक्ट 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वर्धमान-आईची के प्रोजेक्ट के भविष्य के विस्तार से अन्य 2,000 लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों द्वारा पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए निवेश को 500 करोड़ रुपए के शुरुआती समझौते से बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपए किया गया है, जो राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा, जबकि पंजाब की नई औद्योगिक नीति ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ प्रणाली के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियों को सुनिश्चित करती है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत है। यह राज्य के आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा। वर्धमान न केवल अग्रणी औद्योगिक समूह है, बल्कि पंजाब की विकास गाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जो लगभग चार दशकों से राज्य में काम कर रहा है। वर्धमान और आईची स्टील के बीच भागीदारी भरोसे, प्रौद्योगिकी और लंबे समय के दृष्टिकोण पर आधारित है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आईची स्टील मान्यता प्राप्त जापानी कंपनी है और टोयोटा ग्रुप की महत्वपूर्ण सप्लायर है। दिसंबर 2025 में हमारी जापान यात्रा के दौरान हमने नागोया में आईची स्टील की लीडरशिप से मुलाकात की थी। उस समय वर्धमान और आईची स्टील ने पंजाब में लगभग 500 करोड़ रुपए के निवेश के साथ मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं के लिए समझौता किया था। आज कुछ ही महीनों के अंदर इस समझौते को अमली रूप दे दिया गया है। यह नीति को अमल में लाने और प्रतिबद्धता को हकीकत में बदलने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। दो चरणों में लगभग 1,100 करोड़ रुपए का नियोजित निवेश किया जाना है।”

प्रोजेक्ट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पंजाब में जापानी आधुनिक फोर्जिंग प्रौद्योगिकी लाएगा और भारत के साथ-साथ यूरोप, आसियान देशों, अफ्रीका और मेक्सिको के बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा। पंजाब न केवल विशेष स्टील का उत्पादन करेगा बल्कि तैयार पार्ट्स का निर्माण भी करेगा। यह बुनियादी निर्माण से उच्च-मूल्य वाले निर्माण की ओर महत्वपूर्ण बदलाव है और इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के मुख्य केंद्र के रूप में लुधियाना की स्थिति को और मजबूत करेगा।”

राज्य के औद्योगिक ढांचे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह निवेश पंजाब के कुशल श्रमिकों, वर्क कल्चर और औद्योगिक क्षमता में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के विश्वास को दर्शाता है। ‘पंजाब इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड डेवलपमेंट पॉलिसी 2026’ 24 क्षेत्रीय नीतियों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, प्रौद्योगिकी, रोजगार और टिकाऊ औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करती है। निवेशकों को उनके प्रोजेक्ट्स के दौरान स्पष्ट नीतियां, तुरंत फैसले और पूर्ण सहयोग मिलना चाहिए।”

उन्होंने बताया, “पंजाब ने वन-ऑफिस, वन पोर्टल, ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ और सिंगल-पॉइंट रिस्पांसिबिलिटी की एक विशिष्ट प्रणाली स्थापित की है। ‘इन्वेस्ट पंजाब’ शुरुआत से लेकर मंजूरियों, निर्माण, उत्पादन और भविष्य के विस्तार तक निवेशकों के लिए संपर्क का एकमात्र केंद्र के रूप में काम करता है। ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ के माध्यम से निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, फीस का भुगतान कर सकते हैं और मंजूरियों की स्थिति देख सकते हैं। यह पोर्टल 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं और लगभग 50 मुख्य रेगुलेटरी मंजूरियां प्रदान करता है।”

कारोबार करने की आसानी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मंजूरियां निर्धारित समय में दी जाती हैं और आवेदनों पर अधिकतम 45 कार्यदिवसों के अंदर फैसला किया जाता है। जहां कहीं ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ सिस्टम लागू होता है, वहां ऑटो-डीम्ड मंजूरी का प्रावधान होता है। हमारा उद्देश्य अनावश्यक देरी को समाप्त करना और प्रशासन को पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना है। पंजाब पहले ही लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे लगभग छह लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा। यह निवेश उद्योगपतियों के पंजाब के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है और पंजाब भी उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ा है।”

जापान में राज्य सरकार की गतिविधियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा जापान दौरा महज एक विदेशी दौरा नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य पंजाब में निवेश, प्रौद्योगिकी, हुनर और विश्वव्यापी अवसर आकर्षित करना था। हमने टोक्यो, नागोया और ओसाका में प्रमुख जापानी कंपनियों और संस्थानों से बातचीत की और आज का यह प्रोजेक्ट उस मिशन के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है। पंजाब सरकार इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए वर्धमान और आईची स्टील को पूरा सहयोग देगी।”

पंजाब के औद्योगिक माहौल में आई प्रगतिशील तब्दीली पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण पिछले चार वर्षों के दौरान दूसरे राज्यों से कई उद्योगों ने अपने कारोबार पंजाब में स्थानांतरित किए हैं। हमें एक ऐसा सिस्टम विरासत में मिला था जहां पिछली सरकारों के समय फिरौती और हिस्सेदारी सिस्टम से तंग आकर उद्योग पंजाब से भाग रहे थे। निरंतर प्रयासों के माध्यम से हमने उद्योगों का विश्वास बहाल किया है और पंजाब को औद्योगिक विकास में अग्रणी बनाया है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “वे दिन बीत चुके हैं जब निवेशकों पर अनुचित लाभ या उनके उद्यमों में हिस्सेदारी के लिए दबाव डाला जाता था। आज पंजाब सरकार सिर्फ पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए काम करती है। टाटा स्टील ने पहले ही 3,200 करोड़ रुपए के निवेश के साथ पंजाब में जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित किया है। यह भी बहुत गर्व की बात है कि सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रायडेनबर्ग, कारगिल, वर्बियो और डेनोन जैसी अग्रणी कंपनियों ने राज्य में अपना कारोबार शुरू कर दिया है।”

रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमारे युवाओं को रोजगार प्रदान करना है ताकि वे नशे की लानत से दूर रहें। खाली दिमाग शैतान का घर होता है और बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है। इसलिए पंजाब सरकार अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि हमारे युवा सम्मानजनक नौकरियों के माध्यम से एक खुशहाल भविष्य का निर्माण करें।”