भलस्वा लैंडफिल को सितंबर तक साफ करने का लक्ष्य, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिए सख्त निर्देश
नयी दिल्ली / सत्ता संदेश
New Delhi में स्थित भलस्वा लैंडफिल साइट को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री Manohar Lal Khattar ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भलस्वा में मौजूद कूड़े के पहाड़ को इस साल सितंबर तक पूरी तरह से साफ किया जाए।
मंत्री ने बृहस्पतिवार को साइट का दूसरी बार निरीक्षण करते हुए कहा कि राजधानी में कचरा प्रबंधन को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि रोजाना उत्पन्न होने वाले नए कचरे का तत्काल प्रसंस्करण किया जाए, ताकि भविष्य में कचरे का नया ढेर न बन सके।
भलस्वा लैंडफिल दिल्ली के सबसे बड़े कचरा डंप साइट्स में से एक माना जाता है, जहां वर्षों से जमा कचरे के कारण पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा है। इनमें प्रदूषण, बदबू, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और जल-निकासी की समस्याएं शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि कचरा प्रबंधन केवल सफाई का काम नहीं है, बल्कि यह शहरी नियोजन और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर कचरे के वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भलस्वा साइट पर जमा पुराने कचरे के निस्तारण के लिए विशेष परियोजना चलाई जा रही है, जिसमें बायो-माइनिंग और रीसाइक्लिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के माध्यम से कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर पुनः उपयोग योग्य सामग्री को निकाला जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी स्थान पर नया कूड़े का पहाड़ बनने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए नगर निकायों को नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे बड़े महानगरों में ठोस कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। यदि समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए भलस्वा जैसे लैंडफिल साइट्स का पुनर्विकास और वैज्ञानिक सफाई अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है।
फिलहाल सरकार ने सितंबर तक का लक्ष्य तय कर दिया है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर यह बड़ा सफाई अभियान कितना सफल हो पाता है।

